लखनऊ: रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद भव्य मंदिर में होने वाला पहला दीपोत्सव कई मायनों में खास होगा. न सिर्फ अयोध्या नगरी लाखों दीपों से रोशन होगी, बल्कि श्रीराम जन्मभूमि पर बनने वाले भव्य मंदिर की दिवाली भी यादगार होगी.
सरयू तट पर 25 से 28 लाख दीपक जलाएं जाएंगे
इसके लिए तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी है। इस साल जहां सरयू तट पर 25 से 28 लाख दीपक जलाकर विश्व रिकॉर्ड बनाने की योजना है, वहीं श्री राम मंदिर में विशेष प्रकार के दीपक जलाए जाएंगे. मंदिर की इमारत को दाग-धब्बों और कालिख से बचाने के लिए विशेष लैंप की व्यवस्था की गई है, जो लंबे समय तक रोशन रहेगा।
मनोहारी फूलों से दुल्हन की तरह सजेगा मंदिर
श्री राम जन्मभूमि मंदिर को आकर्षक फूलों से सजाने की भी विशेष योजना है. मंदिर परिसर को कई खंडों और उप खंडों में बांटकर सजावट की जिम्मेदारी सौंपी गई है। बिहार कैडर के स्वैच्छिक सेवानिवृत्त आईजी आशु शुक्ला को मंदिर के प्रत्येक कोने को व्यवस्थित रूप से रोशन करने, सभी प्रवेश द्वारों को तोरण से सजाने, सफाई और सजावट की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इससे भक्त सुंदर फूलों और दीपों से सजे मंदिर के दिव्य दर्शन कर सकेंगे.
बाहरी दर्शन के लिए खुला रहेगा मंदिर
दीपोत्सव की भव्यता को भक्तों के लिए अविस्मरणीय बनाने के लिए, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ने 29 अक्टूबर से 1 नवंबर तक रात 12 बजे तक मंदिर को बाहरी दर्शन के लिए खुला रखने का फैसला किया है।
भव्य सजावट का आनंद ले सकेंगे
बता दें कि गेट नंबर 4बी (लगेज स्कैनर प्वाइंट) से भक्त आधी रात तक मंदिर की भव्य सजावट का आनंद ले सकेंगे. दीपों का यह उत्सव न सिर्फ आस्था बल्कि पर्यावरण और सुंदरता का भी संदेश देगा, जिससे अयोध्या की दिवाली दुनिया में खास जगह बनाएगी।