लखनऊ। लोकसभा और राज्यसभा में बिल पास होने के बाद अब वक्फ बोर्ड के ऑडिट की तैयारी होगी। यूपी सरकार में राज्य मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने वक्फ बोर्ड में 1 हजार करोड़ से ज्यादा के गबन होने की शंका जताई है। उन्होंने कहा कि वक्फ संपत्ति को लेकर जल्दी ही ऑडिट किया जाएगा। ऑडिट […]
लखनऊ। लोकसभा और राज्यसभा में बिल पास होने के बाद अब वक्फ बोर्ड के ऑडिट की तैयारी होगी। यूपी सरकार में राज्य मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने वक्फ बोर्ड में 1 हजार करोड़ से ज्यादा के गबन होने की शंका जताई है। उन्होंने कहा कि वक्फ संपत्ति को लेकर जल्दी ही ऑडिट किया जाएगा। ऑडिट की प्रक्रिया कब शुरू होगी इसको लेकर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है।
मीडिया से बातचीत में अंसानी ने बताया कि पीएम मोदी के नेतृत्व में बदलते भारत की दिशा में वक्फ संशोधन बिल एक अहम कदम है। यह किसी सरकार की ओर से पहली बार किया गया कोई नया संशोधन नहीं है। 1954, 1995 और साल 2013 में भी ऐसे संशोधन किए गए हैं। मुसलमानों को यह नहीं सोचना चाहिए कि ऐसा पहली बार हो रहा है। कई लोग वक्फ बोर्ड को धार्मिक निकाय मानते हैं। वहीं यह प्रशासनिक निकाय है। वक्फ बोर्ड का गठन राज्य सरकार की ओर से अलग-अलग जिलों में किया जाता है, जिसका काम कलेक्टर के पास होता है। इस बिल में कुछ नया नहीं है।
उन्होंने आगे किहा कि हमारा ध्यान सभी नियमों को लागू करना है। उनमें से अधिकांश पहले से भी मौजूद रहे हैं। ऑडिट का भी प्रावधान था लेकिन ऐसा नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि 1.25 लाख वक्फ संपत्तियों की कीमत अनुमानित 1.25 लाख करोड़ रुपए है, जिसके जरिए हर साल 1200 करोड़ रुपए का टैक्स आना चाहिए। हालांकि अभी तक केवल वक्फ बोर्ड केवल 150 करोड़ रुपए का राजस्व बना है। इसमें लगभग 1100 करोड़ का फर्क है। यह पैसा आखिर कहां जा रहा है।
अंसारी ने आगे कहा कि यह लड़ाई खास बनाम आम मुसलमान की है। जो लोग बिल का विरोध कर रहे हैं, उनमें उनका निजी स्वार्थ छिपा है। उन्होंने पिछड़े मुसलमानों के कल्याण से कोई लेना-देना नहीं है। वक्फ बोर्ड की सबसे ज्यादा संपत्ति यूपी में है। यूपी के इन शहरों में है सबसे ज्यादा वक्फ बोर्ड की संपत्ति। सहारनपुर में 4 हजार 851, बाराबंकी 4 हजार 927, बिजनौर- 4 हजार 697, सीतापुर – 4 हजार 204, बलरामपुर- 4 हजार 248, जौनपुर – 4 हजार 135, सीतापुर – 4 हजार 204, मुजफ्फरनगर- 3 हजार 606, बुलंदशहर- 3 हजार 313, बरेली- 3 हजार 944, मुरादाबाद- 3 हजार 295।