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RO-ARO पेपर लीक के केस में एक और आरोपी गिरफ्तार, यूपी STF ने पूछताछ के बाद हिरासत में लिया

लखनऊ। यूपी एसटीएफ द्वारा आरओ-एआरओ (RO-ARO) परीक्षा पेपर लीक मामले में गिरोह के एक और सदस्य को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। जानकारी के अनुसार, एसटीएफ ने 4 अप्रैल को उसे पूछताछ के लिए मुख्यालय बुलाया था, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। वहीं इस मामले में अरुण कुमार सिंह और सौरभ शुक्ला […]

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Another accused arrested in RO-ARO paper leak case, detained by UP STF after interrogation
  • April 5, 2024 2:54 pm Asia/KolkataIST, Updated 12 months ago

लखनऊ। यूपी एसटीएफ द्वारा आरओ-एआरओ (RO-ARO) परीक्षा पेपर लीक मामले में गिरोह के एक और सदस्य को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। जानकारी के अनुसार, एसटीएफ ने 4 अप्रैल को उसे पूछताछ के लिए मुख्यालय बुलाया था, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। वहीं इस मामले में अरुण कुमार सिंह और सौरभ शुक्ला को भी पुलिस ने 15 मार्च को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।

25 लाख में बेचा था पेपर

आरोपियों ने पूछताछ में समीक्षा अधिकारी/सहायक समीक्षा अधिकारी (RO-ARO) परीक्षा पेपर लीक कराने का मास्टरमाइंड राजीव नयन मिश्र को बताया है। बता दें कि राजीव नयन मिश्र को 2 अप्रैल 2024 को नोएडा एसटीएफ द्वारा गिरफ्तार किया गया था। आरोपी राजीव नयन मिश्रा उर्फ राहुल मिश्रा से पूछताछ के बाद अमित सिंह को पूछताछ के लिए एसटीएफ मुख्यालय बुलाया गया था। राजीव नयन ने यह भी बताया था कि उसने 25 लाख में समीक्षा अधिकारी/सहायक समीक्षा अधिकारी का पेपर डा. शरद सिंह को बेचा था।

15 लाख प्रति परीक्षार्थी की डील

वहीं अमित सिंह ने इस पूछताछ में बताया कि वह गोमतीनगर में कॉमर्स की कोचिंग चलाता था। इसी दौरान दीपक दुबे बलिया के जरिए उसका संपर्क प्रयागराज के राजीव नयन उर्फ राहुल मिश्रा से हुआ। अमित सिंह ने राजीव नयन को टीजीटी परीक्षा-2020/21 का पेपर पढ़ाने के लिए रुपये 20 लाख दिए थे। जिसके बाद से कई भर्ती परीक्षाओं में राजीव नयन को कैण्डिडेट उपलब्ध करा चुका है। राजीव नयन ने पुलिस भर्ती व आरओ/एआरओ भर्ती परीक्षा 2023 में पेपर आउट कराने के लिए कहा था और साथ ही अमित सिंह से अभ्यर्थियों की व्यवस्था करने के लिए भी बोला था।

राजीव नयन ने जानकारी दी कि सभी अभ्यर्थियों को लखनऊ और प्रयागराज में पेपर का उत्तर पढ़ाया जाएगा। उक्त परीक्षा के पेपर के बदले डा. शरद सिंह से 15 लाख रुपये प्रति अभ्यर्थी लेना तय हुआ था। ऐसे में 11 फरवरी को हुई प्रारंभिक परीक्षा (RO-ARO) के पहले प्रति अभ्यर्थी 2 लाख रुपये देना तय हुआ था। जबकि शेष पैसा काम होने के बाद देना था। जिसके बाद सभी लड़कों को राजीव नयन मिश्र के नैनी प्रयागराज स्थित आरोग्यम हॉस्पिटल ले जाकर पेपर पढ़वाया गया।

बताया जा रहा है कि इस आरोग्यम हॉस्पिटल का मालिक राजीव नयन ही है। इसके अलावा बाकी लड़कों के लिए राहुल ने बताया था कि डा. शरद सिंह से सम्पर्क करें। जिसके बाद डा. शरद ने अपनी वरना कार व अन्य गाड़ियों में पलासियो मॉल के पास अभ्यर्थियों को बैठाकर करीब 02 घंटे तक पेपर पढ़ाया व लड़कों को परीक्षा केंद्र तक भी पहुंचाया था। उसने लगभग 40 अभ्यर्थियों की व्यवस्था की थी, जिन्हें राजीव नयन उर्फ राहुल मिश्रा के खास सहयोगी पुष्कर पांडेय बस से रीवा लेकर गया।

इसके बाद 16 फरवरी को शिव शक्ति रिसार्ट में सभी अभ्यर्थियों को पेपर पढ़वाया गया था। इसी दिन राजीव नयन उर्फ राहुल मिश्रा के पैसा मांगने पर अमित सिंह ने अपने चचेरे भाई विजय प्रताप सिंह पुत्र अमरेश बहादुर सिंह निवासी पांडे चौरा, वैस पुरवा थाना करनैलगंज गोण्डा से बात करके तत्काल जरूरत बताकर 5 लाख रुपये राजीव नयन उर्फ राहुल मिश्र के खाते में ट्रांसफर करा दिए।

पहले भी जेल जा चुका है अमित

अमित सिंह ने जिस खाते में पैसे ट्रांसफर करने की जानकारी दी थी उसकी पुष्टि की गई है। अमित सिंह से पूछताछ एवं प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर समीक्षा अधिकारी/सहायक समीक्षा अधिकारी (प्रारम्भिक) परीक्षा 2023 एवं पुलिस भर्ती परीक्षा-2023 का पेपर लीक कराने और परीक्षा की गोपनीयता भंग करने के आरोप में शाम 4 बजे हिरासत में ले लिया गया। अमित सिंह इससे पहले भी जनवरी 2023 में सीटेट परीक्षा पेपर आउट कराने के मामले में थाना कंकरखेड़ा मेरठ से जेल गया था।


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