लखनऊ। यूपी के प्रयागराज में एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है। मऊआइमा में एक बुजुर्ग को अस्पताल में मृत घोषित करने के डेढ़ घंटे बाद वह जिंदा हो गया। डॉक्टरों द्वारा मृत घोषित किए जाने के कुछ ही घंटों के बाद मृतक की सांस चलने लगी और […]
लखनऊ। यूपी के प्रयागराज में एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है। मऊआइमा में एक बुजुर्ग को अस्पताल में मृत घोषित करने के डेढ़ घंटे बाद वह जिंदा हो गया। डॉक्टरों द्वारा मृत घोषित किए जाने के कुछ ही घंटों के बाद मृतक की सांस चलने लगी और वह उठकर बैठ गया। लोग बहुत घबराए। बाद में इसे चमत्कार मानकर खुशी से भर गए।
पूरे इलाके में बस इसी घटना की चर्चा ही है। मऊआइमा क्षेत्र के कटरा दयाराम बागी के स्थानीय निवासी 60 साल रामलखन शनिवार को घर के बगल में बैठे थे। घर के बगल में बैठकर पड़ोसियों से बातचीत कर रहे थे। तभी अचानक से वह अचानक जमीन पर गिर गए। जिसकी सूचना तुरंत घरवालों को दी गई। जिसके बाद घर में कोहराम छा गया। जिससे घरवालों का रो-रोकर बुरा हाल है। पड़ोसियों के कहने पर रामलखन को अस्पताल ले गया। जहां डॉक्टरों ने इलाज के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
परिवार के लोगों ने डॉक्टरों से ऑक्सीजन मास्क लगाने का दबाव बनाया। जिसके डेढ़ घंटे बाद बुजुर्ग की सांस चलने लगी। फिर वह बेड पर उठकर बैठ गए। इस पर परिवार के लोगों के साथ ही अस्पताल के कर्मचारी भी हैरान रह गए, क्योंकि सबने उम्मीद छोड़ दी थी। रामलखन को मरा हुआ मान लिया गया था। मौत के बाद जीवित होने की खबर फैलने पर अब रामलखन को देखने के लिए दूर-दूर से रिश्तेदार यहां पहुंच रहे हैं। रामलखन मजदूरी करके अपने परिवार का पेट पालते है।
परिवार में रामलखन, उनकी पत्नी जगरानी और दो बेटे मुन्नालाल और बेनी प्रसाद रहते हैं। मृत घोषित करने के बाद जीवन मिलने पर रामलखन लोगों को अपने जिंदा होने के किस्से सुना रहे हैं। उनकी बड़ी बहू आशा देवी का कहना है कि यह ईश्वरीय कृपा है। मौत की खबर सुनकर बेटियां और बहनें घर आ गई थी। मृत बताने के डेढ़ घंटे बाद जीवित होना ईश्वर की कृपा है।