लखनऊ। आखिरकार आज सदन में महिला आरक्षण बिल पेश हो गया। कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने लोकसभा में महिला आरक्षण बिल पेश किया। इसके तहत महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा। बता दें कि नये संसद भवन में केंद्र सरकार ने पहला बिल पेश किया। जिसे ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ नाम दिया गया। इस […]
लखनऊ। आखिरकार आज सदन में महिला आरक्षण बिल पेश हो गया। कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने लोकसभा में महिला आरक्षण बिल पेश किया। इसके तहत महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा। बता दें कि नये संसद भवन में केंद्र सरकार ने पहला बिल पेश किया। जिसे ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ नाम दिया गया। इस बिल से लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं को 33 प्रतिशत सीटें मिलने का प्रावधान है। वहीं इस बिल पर प्रदेश के नेताओं ने अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दी है।
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने महिला आरक्षण बिल पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महिला सशक्तिकरण के लिए लगातार काम कर रहे थे। यह महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम है।
आज भारत की हर महिला इस बिल के पेश होने से बहुत खुश है। यह प्रधानमंत्री मोदी की दुर्गामी सोच का परिचायक है। इसकी सबसे अच्छी बात ये है कि यह लोकसभा और विधानसभा दोनों जगहों पर लागू होगी।
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि महिला आरक्षण लैंगिक न्याय और सामाजिक न्याय का संतुलन होना चाहिए। इसमें पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक, आदिवासी (PDA) की महिलाओं का आरक्षण निश्चित प्रतिशत रूप में स्पष्ट होना चाहिए। मालूम हो कि इससे पहले बसपा प्रमुख मायावती ने इस बिल पर अपना रुख स्पष्ट किया था।
सपा सांसद रामगोपाल यादव ने कहा कि संसद में पहले भी बिल पेश किया गया था, राज्यसभा में पास भी हो गया था, अब उसे वापस लिया जाएगा। ये अब लाया गया है, ये 2029 से पहले लागू नहीं होगा। हम तो इसका समर्थन कर रहे हैं। मैं जानता हूं सदन में जो बहुमत प्राप्त लोग हैं वे एंटी-OBC हैं। वे OBC महिलाओं को आरक्षण नहीं देंगे
बसपा प्रमुख मायावती ने कहा कि उम्मीद है कि इस बार यह बिल पास हो जायेगा जो कि लंबे समय से टलता आ रहा है। अगर महिलाओं को 50 फीसद आरक्षण दिया जाता है तो पार्टी उसका समर्थन करेगी। BSP प्रमुख ने कहा कि उन्होंने महिला आरक्षण बिल को हमेशा समर्थन दिया है।
केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि पीएम मोदी वर्षों से महिलाओं के इस राजनीतिक संघर्ष को अपना संकल्प बनाकर सिद्धि तक ले जाने वाले हैं। आज ‘नारी शक्ति वंदन’ बिल जो लोकसभा में पेश हुआ वो हमारी महिला शक्ति हमारे राष्ट्र की नेतृत्व शक्ति बने उसको परिभाषित करेगा
केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने इस बिल पर कहा कि हमारी सरकार महिला नेतृत्व विकास की बात करती है। सिर्फ महिलाओं का सशक्तिकरण हो यह हमारी सोच नहीं होनी चाहिए लेकिन महिलाएं आगे बढ़कर कैसे नेतृत्व कर देश के विकास में कैसे भागीदार बनें यह भी जरूरी है। महिलाएं निर्वाचित प्रतिनिधि के रूप में पहुंचे और देश हित में जो फैसले होते हैं, कानून बनते हैं, उन चर्चाओं में योगदान दें और अपना अनुभव साझा करें।