लखनऊ। प्रधानमंत्री मोदी शनिवार को ग्रीस से बेंगलुरु पहुंचे और उन्होंने इसरो के वैज्ञानिकों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने इसरो के वैज्ञानिकों को संबोधित करते हुए चंद्रमा के जिस स्थान पर चंद्रयान-3 उतरा है उस जगह को शिवशक्ति प्वाइंट के नाम से जाना जाएगा। साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि हर साल 23 […]
लखनऊ। प्रधानमंत्री मोदी शनिवार को ग्रीस से बेंगलुरु पहुंचे और उन्होंने इसरो के वैज्ञानिकों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने इसरो के वैज्ञानिकों को संबोधित करते हुए चंद्रमा के जिस स्थान पर चंद्रयान-3 उतरा है उस जगह को शिवशक्ति प्वाइंट के नाम से जाना जाएगा। साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि हर साल 23 अगस्त को नेशनल स्पेस डे यानी राष्ट्रीय अंतरिक्ष डे के रूप में मनाया जाएगा। वहीं चंद्रयान के लैंडिंग प्वाइंट को शिवशक्ति प्वाइंट नाम रखे जाने पर सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य भड़क गए।
चंद्रयान 3 के मूनलैंडर के लैंडिंग स्पॉट को ‘शिवशक्ति’ नाम दिए जाने पर आपत्ति दर्ज कराते हुए स्वामी प्रसाद मौर्य ने इसे दकियानूसी करार दिया। उन्होंने कहा कि यह कदम एक दकियानूसी और वैज्ञानिकों का अपमान करने वाला है। अगर नाम रखना ही था तो इसरो के वैज्ञानिकों के नाम पर रख देते जिन्होंने विज्ञान के क्षेत्र में इतना बड़ा योगदान दिया है। साथ ही चंद्रयान-3 के प्रोजेक्ट डायरेक्टर के नाम पर भी लैंडिंग स्पॉट का नाम रखा जा सकता था लेकिन सरकार ने ऐसा नहीं किया। यह कदम वैज्ञानिकों का अपमान है।
बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस स्थान पर चंद्रयान-3 का मून लैंडर उतरा है उसे महिला वैज्ञानिकों को समर्पित करते हुए शिवशक्ति का नाम दिया है जबकि जिस जगह पर चंद्रयान-2 ने अपने पदचिह्न छोड़े हैं उस प्वाइंट को तिरंगा नाम दिया है। यह भारत द्वारा किए गए हर प्रयास के लिए एक प्रेरणा होगी। यह हमें याद दिलाता रहेगा कि कोई भी विफलता अंतिम नहीं होती है।