लखनऊ। हाल ही में ओम प्रकाश राजभर ने एनडीए का दामन थामा है। जानकारी के मुताबिक भर और राजभर जाति को ओबीसी से एसटी ( अनुसूचित जनजाति) में शामिल करने की कवायद योगी सरकार की तरफ से शुरू कर दी गयी है। इसे लेकर योगी सरकार ने प्रदेश के कई जिलों में सर्वे कराया है। […]
लखनऊ। हाल ही में ओम प्रकाश राजभर ने एनडीए का दामन थामा है। जानकारी के मुताबिक भर और राजभर जाति को ओबीसी से एसटी ( अनुसूचित जनजाति) में शामिल करने की कवायद योगी सरकार की तरफ से शुरू कर दी गयी है। इसे लेकर योगी सरकार ने प्रदेश के कई जिलों में सर्वे कराया है। जिसके बाद अब राजभर समाज को अनुसूचित जनजाति में शामिल करने के लिए केंद्र के पास प्रस्ताव भेजा है। बताया जा रहा है कि यह ओपी राजभर का असर है।
मालूम हो कि समाजवादी पार्टी के साथ मिलकर विधानसभा चुनाव लड़ने वाले ओपी राजभर हाल ही में NDA में शामिल हुए हैं। इसे पहले जब 2017 में सीएम योगी की पहली सरकार में कैबिनेट मंत्री बनाये गए थे। हालांकि बाद में उन्हें मंत्रिमंडल से निकाल दिया गया था। पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान अखिलेश यादव की पार्टी सपा के साथ आ गए थे। वहीं अब लोकसभा चुनाव के बाद दोबारा से बीजेपी की तरफ हो गए हैं। हाल ही में उन्होंने दिल्ली में गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकत की थी और NDA में जाने का ऐलान किया था।
NDA में जाने के बाद ओपी राजभर ने यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की थी। जिसमें उन्होंने राजभर को अनुसूचित जनजाति में शामिल करने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजने का पत्र सीएम योगी को सौंपा था। सीएम योगी से मुलाकात के बाद राजभर ने कहा कि मुख्यमंत्री ने उनकी मांग मान ली है।