लखनऊ। आपने सुना होगा कि बड़ी-बड़ी सोसाइटी में ड्राइवर, पर्सनल ट्रैनर जैसी कई नौकरियां निकलती हैं। जिन्हें पाने के लिए कई लोग इच्छुक होते है क्योंकि इनमें मेहनत कम और पैसा ज्यादा होता है। आज हम आपको ऐसी नौकरी के बारे में बताने जा रहे हैं जिसे सुनकर आप सोच में पड़ जाएंगे कि क्या […]
लखनऊ। आपने सुना होगा कि बड़ी-बड़ी सोसाइटी में ड्राइवर, पर्सनल ट्रैनर जैसी कई नौकरियां निकलती हैं। जिन्हें पाने के लिए कई लोग इच्छुक होते है क्योंकि इनमें मेहनत कम और पैसा ज्यादा होता है। आज हम आपको ऐसी नौकरी के बारे में बताने जा रहे हैं जिसे सुनकर आप सोच में पड़ जाएंगे कि क्या ये भी नौकरी हो सकती है।
कोई आपसे कहे कि आपको किसी सोसाइटी में सुबह और शाम डॉगी को सिर्फ वॉक कराना है जिसके लिए आपको 7 हजार रुपये महीने मिलेंगे तो आप क्या सोचेंगे? लेकिन ये सच है कि ये एक तरह की नौकरी है जो तेजी से ग्रूम हो रही है। हाई राइज सोसाइटियों में डॉगी को घुमाने और डॉगी की सफाई करने वाले व्यक्ति को प्रति महीने 1,000-1,500 रुपये तनख्वाह के रूप में दिए जाते हैं। कबूतरों के जाल बनाने वाले को (तीन बालकनियों के लिए) मासिक तनख्वाह 12,000 रुपये दी जा रही है।
वहीं गाड़ी साफ करने और बाहर के एरिया को साफ करने वालों की डिमांड भी तेजी से बढ़ी है। कुछ समय पहले तक सोसाइटियों में बच्चों की देखभाल करने वाले, घर की सफाई करने वालों की काफी मांग थी। फिर इसके बाद घर तक सामान पहुंचाने वालों की तलाश की जाने लगी। अब इस तरह के कामों के लिए अमीरों को लोगों की जरूरत होती है। एक और काम है जिसके बारे में जानकर आप हैरान हो जाएंगे। ये काम है बॉल को ढूंढना।। गोल्फ कोर्स के मैदान में गेंद खो जाने पर उसे ढूंढकर निकालना।
मलेशिया, चीन और अमेरिका जैसे देशों में तो ये चलन काफी पहले से है, लेकिन अब भारत में भी इसकी मांग तेजी से बढ़ती जा रही है। अमीर लोग गोल्फ कोर्स के मैदान में आते हैं और अपने साथ एक बॉल सर्चर भी रखते हैं जो उनके शॉट के बाद गेंद को ढूंढने का काम करते हैं। उन्हें इस काम के लिए अच्छी खासी कीमत दी जाती है। वहीं, चीन में तो एक नया वर्ग उभरा है जिसे ‘पेई पास’ या ‘चढ़ाई साथी’ कहते हैं।
चढ़ाई साथी फिट और एथलेटिक युवा होते हैं जो बाहरी पर्यटकों को पहाड़ पर चढ़ाने का काम करते हैं। उन्हें पहाड़ों पर चढ़ने के लिए मार्गदर्शन और शारीरिक समर्थन देते हैं। एक चढ़ाई साथी को प्रत्येक यात्रा के लिए 50-70 डॉलर दिए जाते हैं।