लखनऊ। देश में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) लागू होने की घोषणा के बाद से ही यूपी में हाई अलर्ट लागू कर दिया गया। पुलिसकर्मियों की छुट्टियां रद् कर दी गईं और छुट्टी पर गए पुलिसकर्मियों को वापस बुला लिया गया है। मंगलवार को प्रदेश के डीजीपी प्रशांत कुमार ने कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था पूरी […]
लखनऊ। देश में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) लागू होने की घोषणा के बाद से ही यूपी में हाई अलर्ट लागू कर दिया गया। पुलिसकर्मियों की छुट्टियां रद् कर दी गईं और छुट्टी पर गए पुलिसकर्मियों को वापस बुला लिया गया है। मंगलवार को प्रदेश के डीजीपी प्रशांत कुमार ने कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था पूरी तरह मुस्तैद है। कहीं से भी कोई अप्रिय घटना की खबर नहीं है।
उन्होंने कहा कि हमें सीएए लागू होने की जानकारी पहले से ही थी इसलिए हम पहले से ही तैयार थे। इससे जुड़े सभी स्टेक होल्डर्स जैसे धार्मिक नेता, पीस कमेटी, डिजिटल वालंटियर्स और सिविल डिफेंस के लोगों से लगातार वार्ता चल रही थी।
नागरिकता संशोधन अधिनियम, 2019 (Citizenship Amendment Act) एक ऐसा कानून है, जिसके तहत दिसंबर 2014 से पहले तीन पड़ोसी देश बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान से भारत में आने वाले छह धार्मिक अल्पसंख्यकों (सिख, बौद्ध, हिंदू, जैन, पारसी और ईसाई) को नागरिकता दी जाएगी. नागरिकता संशोधन बिल पहली बार 2016 में लोकसभा में पेश हुआ. यहां से तो ये पास हो गया था लेकिन राज्यसभा में अटक गया था. बता दें कि इस कानून के तहत उन लोगों को अवैध प्रवासी माना गया है, जो भारत में वैध यात्रा दस्तावेज (पासपोर्ट और वीजा) के बगैर घुस आए हैं या फिर वैध दस्तावेज के साथ तो भारत आए हैं लेकिन समय बीत जाने के बाद भी वह अपने देश वापस नहीं गए हैं.