<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?>
<rss version="2.0"
    xmlns:ag="http://purl.org/rss/1.0/modules/aggregation/"  
    xmlns:annotate="http://purl.org/rss/1.0/modules/annotate/" 
    xmlns:app="http://www.w3.org/2007/app"
    xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
    xmlns:company="http://purl.org/rss/1.0/modules/company"
    xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
    xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
    xmlns:dcterms="http://purl.org/dc/terms/"
    xmlns:email="http://purl.org/rss/1.0/modules/email/"
    xmlns:ev="http://purl.org/rss/1.0/modules/event/"
    xmlns:rdf="http://www.w3.org/1999/02/22-rdf-syntax-ns#"
    xmlns:rdfs="http://www.w3.org/2000/01/rdf-schema#"
    xmlns:ref="http://purl.org/rss/1.0/modules/reference/"
    xmlns:taxo="http://purl.org/rss/1.0/modules/taxonomy/"
    xmlns:atom10="http://www.w3.org/2005/Atom">
    <channel>
       <title>Today Vinayak chaturthi 2024 News | Latest Vinayak chaturthi 2024 News | Breaking Vinayak chaturthi 2024 News in English | Latest Vinayak chaturthi 2024 News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का Vinayak chaturthi 2024 समाचार:Today Vinayak chaturthi 2024 News ,Latest Vinayak chaturthi 2024 News,Aaj Ka Samachar ,Vinayak chaturthi 2024 समाचार ,Breaking Vinayak chaturthi 2024 News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
        <link>https://up.inkhabar.com/tag/vinayak-chaturthi-2024</link>
        <lastBuildDate>November 8, 2026, 8:54 am</lastBuildDate>
        <copyright>UP Inkhabar</copyright>
        <generator>UP Inkhabar</generator>
        <language>hi</language>
        <image>
            <url>https://up.inkhabar.com/wp-content/themes/inkhabar/images/inkhbar-logo.png</url>
            <title>UP Inkhabar</title>
            <link>https://up.inkhabar.com/</link>
            <description>Feed provided by UP Inkhabar.</description>
        </image><item><title>Vinayak Chaturthi: आज है विनायक चतुर्थी, जाने शुभ मुहूर्त और पूजा विधि</title><link>https://up.inkhabar.com/festival/vinayak-chaturthi-today-is-vinayak-chaturthi-know-the-auspicious-time-and-method-of-worship/</link><pubDate>November 5, 2024, 6:52 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/11/chh-1.webp</image><category>त्योहार</category><excerpt>लखनऊ। विनायक चतुर्थी इस साल 5 नवंबर यानी आज मनाई जा रही है। विनायक चतुर्थी कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है, जिसमें भगवान गणेश की विधि-विधान से पूजा की जाती है। गणेश जी को विघ्नहर्ता भी कहा जाता है। जो भक्तों की सभी कठ...</excerpt><content>
&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ।&lt;/strong&gt; विनायक चतुर्थी इस साल 5 नवंबर यानी आज मनाई जा रही है। विनायक चतुर्थी कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है, जिसमें भगवान गणेश की विधि-विधान से पूजा की जाती है। गणेश जी को विघ्नहर्ता भी कहा जाता है। जो भक्तों की सभी कठिनाइयों को दूर करते हैं। साथ ही अपने भक्तों को ज्ञान का आशीर्वाद प्रदान करते हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;नई शुरूआत के लिए शुभ&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;विनायक चतुर्थी को किसी भी नई शुरुआत के लिए बहुत शुभ माना जाता है, इसलिए इस दिन अनेक लोग गणेश पूजा के जरिए अपने नए काम की शुरूआत करते हैं। आइए जानते हैं गणेश चतुर्थी का शुभ मुहूर्त और पूजा विधि?&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;चतुर्थी का शुभ मुहूर्त&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;पंचांग के मुताबिक कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि 4 नवंबर को रात 11. 24 से शुरू होगी, जो 5 नवंबर को रात 12. 16 मिनट पर समाप्त होगी। उदयातिथि के मुताबिक विनायक चतुर्थी का व्रत 5 नवंबर, मंगलवार को किया जाएगा। जो भक्त 5 नवंबर को विनायक चतुर्थी का उपवास करेंगे, उन्हें पूजा के लिए 2 घंटे 11 मिनट का शुभ मुहूर्त मिलेगा। उस दिन विनायक चतुर्थी की पूजा का सही समय सुबह 10. 59 मिनट से दोपहर 1. 10 मिनट तक रहेगा। इस अवधि में गणपति बप्पा की विधि-विधान से पूजा की जाती है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;पूजा की विधि&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;इस दिन सुबह जल्दी उठकर देवी-देवताओं का ध्यान करें। सुबह सभी काम निपटाने के बाद स्नान करें। साथ ही मंदिर की साफ-सफाई करें। सूर्य देव को जल चढ़ाए। गणेश प्रतिमा की स्थापना करने के बाद उनकी विधिपूर्वक पूजा करें। गणेश जी को फूल, धूप अर्पित करें। प्रतिमा के सामने घी का दीप जलाएं। इसके बाद गणेश जी के मंत्रों का जाप करें। गणेश जी अपनी मनोकामनाएं की पूर्ति का आर्शीवाद मांगे। भगवान गणेश को मोदक और मिठाई का भोग लगाए। भोग लगाने के बाद प्रसाद का बांटे।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Vaishakh Vinayak Chaturthi: इस दिन है वैशाख की विनायक चतुर्थी, जानें पूजा का शुभ मुहूर्त और विधि</title><link>https://up.inkhabar.com/festival/vaishakh-vinayak-chaturthi-this-day-is-vinayak-chaturthi-of-vaishakh-know-the-auspicious-time-and-method-of-worship/</link><pubDate>May 8, 2024, 8:34 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/05/5-4-300x169.png</image><category>त्योहार</category><excerpt>लखनऊ। हिंदू धर्म में की किसी भी पूजा-पद्धति की शुरुआत सर्वप्रथम गणेश जी की पूजा से होती है। यही वजह है कि गणेश जी की पूजा के बिना कोई भी पूजा पूर्ण नहीं मानी जाती। ऐसा माना जाता है कि गणेश जी बुद्धि, विद्या, रिद्धि-सिद्धि के दाता है और उनकी पूज...</excerpt><content>
&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ। &lt;/strong&gt;हिंदू धर्म में की किसी भी पूजा-पद्धति की शुरुआत सर्वप्रथम गणेश जी की पूजा से होती है। यही वजह है कि गणेश जी की पूजा के बिना कोई भी पूजा पूर्ण नहीं मानी जाती। ऐसा माना जाता है कि गणेश जी बुद्धि, विद्या, रिद्धि-सिद्धि के दाता है और उनकी पूजा करने से सारे कष्ट से मुक्ति मिलती है। ऐसे में गणपति जी को प्रसन्न करने के लिए विनायक चतुर्थी (Vaishakh Vinayak Chaturthi) व्रत करना चाहिए।&lt;/p&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;हर माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को विनायक चतुर्थी होती है। गणपति जी की पूजा के लिए ये व्रत बहुत ही फलदायी माना गया है। ऐसे में आइए जानते हैं वैशाख विनायक चतुर्थी 2024 की तारीख, पूजा मुहूर्त के बारे में।&lt;/p&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;&lt;strong&gt;वैशाख विनायक चतुर्थी 2024 की तारीख&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;इस बार वैशाख माह में विनायक चतुर्थी (Vaishakh Vinayak Chaturthi) 11 मई 2024, दिन शनिवार को है। इस दिन गणपति जी की पूजा करने वालों को ज्ञान, सुख और सृमद्धि की प्राप्त होती है। साथ ही ये भी माना जाता है कि विनायक चतुर्थी पर चंद्रमा की पूजा नहीं करनी चाहिए, इससे कलंक लगता है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;वैशाख विनायक चतुर्थी 2024 पर शुभ मुहूर्त&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;पंचांग के मुताबिक वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि 11 मई 2024, दिन शनिवार को प्रात: 02 बजकर 50 मिनट से शुरू हो जाएगी। जो कि 12 मई 2024, दिन रविवार को प्रात: 02 बजकर 03 मिनट, पर संपन्न होगी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;पूजा का समय&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;विनायक चतुर्थी पर सुबह 10.57 से दोपहर 01.39 (12 मई 2024) तक पूजा का शुभ समय है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;विनायक चतुर्थी की पूजा विधि&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;विनायक चतुर्थी के दिन प्रातः स्नान करने के बाद शुभ मुहूर्त में तांबे, मिट्टी की गणेश प्रतिमा लें। अब एक कोरे कलश में जल भरकर उसके मुंह पर लाल वस्त्र बांधकर उसके ऊपर गणेश जी को विराजमान कर दें। इसके बाद गणेश जी को सिंदूर और दूर्वा अर्पित कर 21 लडडुओं का भोग लगाएं। इनमें से 5 लड्डू गणेश जी को अर्पित करके शेष लड्डू जरुरतमंदों में बांट दें। अब गणेश चतुर्थी की कथा, गणेश चालीसा का पाठ करें। परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करें और आरती के बाद शाम को फिर से पूजा के बाद व्रत पारण करें।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;चंद्र को अर्घ्य न दें&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;दरअसल, पौराणिक कथाओं की मानें तो जब गणपति को गज का मुख लगाया गया था तो चंद्र देव ने उनके शरीर की बनावट पर उपहास किया। चांद को अपने सौंदर्य पर बहुत अभिमान था। इस तरह के व्यवहार से गणपति बप्पा को उनपर बहुत क्रोध आया और उन्होंने चंद्रमा को श्राप दिया कि तुम्हारा रंग काला पड़ जाएगा और जो गणेश चतुर्थी पर तुम्हारे दर्शन करेगा उस पर झूठ का कलंक लगेगा। हालांकि, अपनी भूल का एहसास होने पर चंद्र देव ने गणपति जी से माफी तो मांगी लेकिन श्राप वापस नहीं हो सका।&lt;/p&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;&lt;strong&gt;Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है। किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
</content></item></channel></rss>