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       <title>Today Varanasi court News | Latest Varanasi court News | Breaking Varanasi court News in English | Latest Varanasi court News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का Varanasi court समाचार:Today Varanasi court News ,Latest Varanasi court News,Aaj Ka Samachar ,Varanasi court समाचार ,Breaking Varanasi court News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
        <link>https://up.inkhabar.com/tag/varanasi-court</link>
        <lastBuildDate>April 4, 2026, 3:55 am</lastBuildDate>
        <copyright>UP Inkhabar</copyright>
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        </image><item><title>Gyanvapi Masjid Case: ज्ञानवापी मामले में सुनवाई आज, हिंदू पक्ष ने दी दलीलें</title><link>https://up.inkhabar.com/top-news/gyanvapi-masjid-case-hearing-in-gyanvapi-case-today-hindu-side-gave-arguments/</link><pubDate>November 21, 2023, 6:42 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/11/3-1.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>लखनऊ। वाराणसी कोर्ट में मंगलवार (21 नवंबर) को ज्ञानवापी परिसर स्थित व्यास जी के तहखाने को जिलाधिकारी को सौंपने के मामले में सुनवाई की जाएगी। हालांकि, कोर्ट ने इससे पहले 8 नवंबर को मामले की पूरी सुनवाई करते हुए इसके फैसले को सुरक्षित रखा था। इस ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ।&lt;/strong&gt; वाराणसी कोर्ट में मंगलवार (21 नवंबर) को ज्ञानवापी परिसर स्थित व्यास जी के तहखाने को जिलाधिकारी को सौंपने के मामले में सुनवाई की जाएगी। हालांकि, कोर्ट ने इससे पहले 8 नवंबर को मामले की पूरी सुनवाई करते हुए इसके फैसले को सुरक्षित रखा था। इस दौरान अधिवक्ता विजय शंकर रस्तोगी ने भी प्रार्थना पत्र देते हुए खुद को पक्षकार बनाए जाने के लिए कहा था। जिसके बाद कोर्ट ने उन्हें अपना पक्ष रखने के लिए कहा था।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सोमवार को होनी थी सुनवाई&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;दरअसल, इस मामले की सुनवाई सोमवार (20 नवंबर) को की जानी थी, लेकिन कोर्ट में अधिवक्ता आतुल गोस्वामी के निधन के कारण इसे टाल दिया था। जिसके बाद जिला जज ने सुनवाई के लिए 21 नवंबर की अगली तारीख तय की थी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;आज हो सकता है फैसला&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इस दौरान हिन्दू पक्ष के अधिवक्ता मदन मोहन यादव ने बताया कि ज्ञानवापी परिसर स्थित व्यासजी के तहखाने को जिलाधिकारी को सौंपने के मामले में कचहरी में शोक की वजह से सोमवार की सुनवाई नहीं हो पाई। इसी कारण जिला जज ए के विश्वेश ने सुनवाई के लिए 21 नवंबर की तारीख तय की। इसके साथ ही मदन मोहन यादव ने बताया कि ज्ञानवापी परिसर स्थित व्यास जी के तहखाने को जिलाधिकारी को सौंपने के मामले में 8 नवंबर को सुनवाई पूरी करते हुए 18 नवंबर के लिए फैसला सुरक्षित रखा गया था। यही नहीं उन्होंने बताया कि अधिवक्ता विजय शंकर रस्तोगी ने एक प्रार्थना पत्र देते हुए जिला जज ए के विश्वेश से खुद को इस मामले में पक्षकार बनाए जाने और उन्हें सुनने की अपील की थी। जिस पर अदालत ने उन्हें अपना पक्ष रखने की मंजूरी दे दी थी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;जानिए पूरा मामला&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;गौरतलब है कि हिन्दू पक्ष की ओर से व्यासजी के तहखाने की चाबी डीएम को सौंपने की मांग की गई है। हिन्दू पक्ष का ऐसा कहना है कि अगर ऐसा नहीं किया गया तो अंजुमन इंतजामिया कमेटी इस तहखाने पर कब्जा कर लेगी। इसे लेकर याचिकाकर्ता शैलेंद्र कुमार पाठक का कहना है कि व्यासजी का तहखाना सालों से उनके परिवार के कब्जे में रहा। वहीं 1993 के बाद प्रदेश सरकार के आदेश पर तहखाने की ओर बैरिकेडिंग कर दी गई, लेकिन अभी भी तहखाने का दरवाजा खुला हुआ है। ऐसे में इस पर कभी भी कब्जा किया जा सकता है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>उत्तर प्रदेश: ज्ञानवापी परिसर में एएसआई सर्वे जारी</title><link>https://up.inkhabar.com/states/uttar-pradesh-asi-survey-continues-in-gyanvapi-campus/</link><pubDate>July 24, 2023, 2:31 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/07/download-92-300x169.png</image><category>राज्य</category><excerpt>लखनऊ। उत्तर प्रदेश में ज्ञानवापी परिसर मामले को लेकर सर्वे जारी है. इस बीच मुस्लिम पक्ष SC से जल्द सुनवाई की मांग करेगा। 24 जुलाई यानी आज सुबह 10:30 बजे CJI के बेंच के सामने मुस्लिम पक्ष सुनवाई की मांग रखेगा। जानकारी के अनुसार ज्ञानवापी परिसर क...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ।&lt;/strong&gt; उत्तर प्रदेश में ज्ञानवापी परिसर मामले को लेकर सर्वे जारी है. इस बीच मुस्लिम पक्ष SC से जल्द सुनवाई की मांग करेगा। 24 जुलाई यानी आज सुबह 10:30 बजे CJI के बेंच के सामने मुस्लिम पक्ष सुनवाई की मांग रखेगा। जानकारी के अनुसार ज्ञानवापी परिसर के ASI सर्वे के आदेश पर रोक लगाने की मांग की जाएगी। बता दें, वाराणसी कोर्ट ने 21 जुलाई को ASI सर्वे का दिया था साथ ही याचिका में इलाहबाद हाई कोर्ट के फैसले को भी चुनौती दी गई. हाई कोर्ट के इस फैसले को मुस्लिम पक्ष ने चुनौती दी है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;ASI सर्वे हुआ शुरू&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;आपको बता दें कि यूपी के वाराणसी की ज्ञानवापी मज्जिद परिसर का ASI सर्वे शुरू हो गया है. ASI की टीम ने सुबह 7 बजे ज्ञानवापी परिसर पहुंचकर प्रतिक्रिया शुरू कर दी है. ASI को 4 अगस्त तक सर्वे की रिपोर्ट वाराणसी की जिला अदालत को सौंपनी है. जिला जज एके विश्वेश ने शुक्रवार को मस्जिद परिसर का वैज्ञानिक सर्वे करने का आदेश दिया था. वहीं दूसरी तरफ मुस्लिम पक्ष ने इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;ASI की 32 टीम मौजूद&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इस वक्त अर्कोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया की टीम सभी उपकरणों के साथ वाराणसी पहुंच चुकी है. ASI की टीम में 32 सदस्य हैं. इसके अलावा 4 वकील भी मौजूद हैं. यानी सभी पक्षों के एक-एक वकील ज्ञानवापी परिसर में मौजूद हैं.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;क्या थी घटना ?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;दरअसल 2021 अगस्त में पांच महिलाओं ने वाराणसी के सिविल जज के सामने एक वाद दायर किया था. इसमें उन्होंने ज्ञानवापी मज्जिद के पास में बने श्रृंगार गौरी मंदिर में रोजाना पूजा और दर्शन करने की अनुमति देने की मांगी थी.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;शिवलिंग मिलने का दावा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;जानकारी के मुताबिक महिलाओं की याचिका पर जज रवि कुमार दिवाकर ने मस्जिद परिसर का अधिवक्ता सर्वे करने का आदेश दिया था. दावा किया गया था कि मस्जिद के वजूखाने में शिवलिंग है. जबकि, मुस्लिम पक्ष का कहना था कि वो शिवलिंग नहीं, बल्कि फव्वारा है जो हर मस्जिद में मौजूद होता है. मुस्लिम पक्ष के इस बयान के बावजूद हिन्दू पक्ष ने विवादित स्थल को सील कराने की मांग की थी. जिसके बाद कोर्ट ने इसे सील करने का आदेश दिया था. सुप्रीम कोर्ट के आदेश देने के बाद मुस्लिम पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था.&lt;/p&gt;
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