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       <title>Today Uttarkashi Tunnel Accident News | Latest Uttarkashi Tunnel Accident News | Breaking Uttarkashi Tunnel Accident News in English | Latest Uttarkashi Tunnel Accident News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का Uttarkashi Tunnel Accident समाचार:Today Uttarkashi Tunnel Accident News ,Latest Uttarkashi Tunnel Accident News,Aaj Ka Samachar ,Uttarkashi Tunnel Accident समाचार ,Breaking Uttarkashi Tunnel Accident News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
        <link>https://up.inkhabar.com/tag/uttarkashi-tunnel-accident</link>
        <lastBuildDate>April 22, 2026, 6:43 am</lastBuildDate>
        <copyright>UP Inkhabar</copyright>
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        </image><item><title>Uttarkashi Tunnel Rescue: उत्तरकाशी टनल से बड़ी खुशखबरी, 35-40 घंटे में बाहर निकल सकते हैं मजदूर</title><link>https://up.inkhabar.com/top-news/uttarkashi-tunnel-rescue-great-news-from-uttarkashi-tunnel-workers-can-come-out-in-35-40-hours/</link><pubDate>November 22, 2023, 5:53 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/11/1-2.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>Uttarkashi Tunnel: देश के उत्तरकाशी टनल में चल रहे रेसक्यू ऑपरेशन का आज ग्यारहवां दिन है। यहां ऑगर मशीन के जरिए टनल के अंदर ड्रिलिंग करने और पाइप डालने का काम किया जा रहा है। बता दें की शुरुआत में ऑगर मशीन से 22 मीटर तक जो 900 एमएम पाइप में डाल...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Uttarkashi Tunnel:&lt;/strong&gt; देश के उत्तरकाशी टनल में चल रहे रेसक्यू ऑपरेशन का आज ग्यारहवां दिन है। यहां ऑगर मशीन के जरिए टनल के अंदर ड्रिलिंग करने और पाइप डालने का काम किया जा रहा है। बता दें की शुरुआत में ऑगर मशीन से 22 मीटर तक जो 900 एमएम पाइप में डाले गये थे, अब उनके भीतर टेलीस्कोपिक मैथड से 800 एमएम का पाइप पुश किया जा रहा है। यही नहीं अब तक 36 मीटर पाइप पुश किया जा चुका है। ऐसे में पीएम मोदी ने बुधवार को एक बार फिर मुख्यमंत्री पुष्कर धामी को फोन करते हुए बचाव अभियान की जानकारी ली।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;टेलीस्कोपिक मैथड के जरिए कार्य&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;दरअसल, पहले भी टनल के अंदर पाइप पहुंचाने की कोशिश की गई थी। उस वक्त 22 मीटर तक 900 एमएम पाइप डाला गया था, लेकिन बीच में बड़ी चट्टान आने के कारण काम रुक गया। फिलहाल एक बार फिर से टेलीस्कोपिक मैथड के जरिए इस कार्य को आगे बढ़ाया जा रहा है। इस दौरान 900 एमएम पाइप के अंदर आगे की तरफ अब 800 एमएम का पाइप भेजा जा रहा है, ताकि ये मलबे के दबाव को सह पाए और आने वाली रूकावट को कम करे।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;रेस्क्यू को लेकर अच्छी खबर&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इस बीच बताया जा रहा है कि ऑगर मशीन के जरिए रातभर ड्रिलिंग का काम चल रहा था। वहीं इन सब के बीच एक अच्छी खबर भी सामने आई है। रेस्क्यू ऑपरेशन से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक अगर सब कुछ ठीक चलता रहा तो अगले 35-40 घंटे में ही सभी मजदूरों को बाहर निकाला जा सकेगा और इस कार्य में सफलता मिल सकेगी। इसे लेकर टनल के बाहर एंबुलेंस का भी इंतजाम किया गया है। इस दौरान 40 एंबुलेंस सुरंग के बाहर पहुंची हैं। इसके साथ ही मजदूरों से वॉकी-टॉकी के जरिए बात की जा रही है। मजदूरों की बात उनके परिजनों से भी बात कराई जा रही है ताकि उनका हौसला बना रहे।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Uttarakashi Tunnel Accident: सामने आया उत्तरकाशी टनल में फंसे मजदूरों का पहला वीडियो</title><link>https://up.inkhabar.com/top-news/uttarakashi-tunnel-accident-first-video-of-workers-trapped-in-uttarkashi-tunnel-surfaced/</link><pubDate>November 21, 2023, 6:34 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/11/1-1-300x168.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>Uttarakashi Tunnel: उत्तरकाशी में इस समय एक बड़ा रेसक्यू ऑपरेशन चल रहा है। बता दें कि उत्तरकाशी की सिलक्यारा टनल में फंसे 41 मजदूरों का पहला वीडियो मंगलवार को सामने आया है, जिसमें टनल में फंसे हुए मजदूर दिखाई दे रहे हैं। इसके लिए सुरंग के अंदर ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Uttarakashi Tunnel:&lt;/strong&gt; उत्तरकाशी में इस समय एक बड़ा रेसक्यू ऑपरेशन चल रहा है। बता दें कि उत्तरकाशी की सिलक्यारा टनल में फंसे 41 मजदूरों का पहला वीडियो मंगलवार को सामने आया है, जिसमें टनल में फंसे हुए मजदूर दिखाई दे रहे हैं। इसके लिए सुरंग के अंदर मलबे में से एक छह इंच चौड़ी पाइपलाइन डाली गई, जिसके द्वारा मजदूरों के लिए खाने में खिचड़ी और पानी भेजा गया। जिसके बाद इसी पाइप की मदद से एक कैमरा अंदर भेजा गया, जिससे यह वीडियो सामने आ सका। इस वीडियो के जरिए यह देखा जा सकता है कि ये मजदूर पिछले दस दिनों से किस हालात में हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;वॉकी-टॉकी के जरिए मजदूरों से बात&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;दरअसल, सोमवार को रेस्क्यू ऑपरेशन की टीम ने सुरंग के अंदर एक छह इंच का पाइप डाला, जिसके जरिए मजदूरों तक खाने का सामान पहुंचाया गया। इसके बाद मजदूरों कि हाल जानने के लिए उसी पाइप लाइन की सहायता से एक एंडोस्कोपिक फ्लेक्सी कैमरा भी भेजा गया। इस कैमरे के द्वारा सारे मजदूरों को देखा जा सका। यही नहीं रेस्कयू टीम ने वॉकी-टॉकी के जरिए फंसे हुए मजदूरों से बातचीत की और उनका हौसला भी बढ़ाया। इस सामने आए वीडियो में देखा जा सकता है कि सारे मजदूर एकसाथ खड़े हुए हैं। इस दौरान रेस्क्यू टीम ने कहा कि हम आपको यहां से देख सकते हैं। इसके अलावा उन्हें यह कहा गया कि वो कैमरे में लगे माइक के पास जाकर बात करें। फिलहाल राहत की बात यह है कि सभी मजदूर सुरक्षित हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;मोबाइल और चार्जर भी भेजा जाएगा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि आज सुरंग में फंसे मजदूरों के रेस्क्यू ऑपरेशन का दसवां दिन है। सोमवार को मजदूरों को खाने के लिए खिचड़ी और दाल समेत कई खाद्य सामग्रियां भेजी गई थी। इस दौरान कुक रवि रॉय ने कहा कि एक व्यक्ति के हिसाब 750 ग्राम खाना तैयार है। इसके अलावा खिचड़ी के साथ संतरे-सेब और नींबू का रस भी मजदूरों के पास भेजा गया। अब इस पाइप लाइन के जरिए मोबाइल और चार्जर भेजा जाएगा। दूसरे तरफ एनडीआरएफ, एसडीआरएफ समेत तमाम एजेंसियों के साथ रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। सुरंग के ऊपर बनी पहाड़ी के ऊपरी हिस्से में वर्टिकल ड्रिलिंग के जरिए मशीन से रास्ता बनाने का प्रयास किया जा रहा है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>उत्तरकाशी में बचाव के लिए जारी है जंग, सीएम धामी ने की समीक्षा बैठक</title><link>https://up.inkhabar.com/desh-pradesh/battle-continues-in-uttarkashi-cm-dhami-holds-review-meeting/</link><pubDate>November 14, 2023, 6:45 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/11/2-300x169.png</image><category>देश-प्रदेश</category><excerpt>Uttarkashi Tunnel Accident: उत्तराखंड में यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर निर्माणाधीन सिलक्यारा-बड़कोट सुरंग का एक हिस्स ढह गया था। बताया जा रहा है कि उसके अंदर फंसे हुए 40 श्रमिकों को बाहर निकालने के लिए बचाव अभियान चल रहा है। इस दौरान अधिकारि...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Uttarkashi Tunnel Accident:&lt;/strong&gt; उत्तराखंड में यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर निर्माणाधीन सिलक्यारा-बड़कोट सुरंग का एक हिस्स ढह गया था। बताया जा रहा है कि उसके अंदर फंसे हुए 40 श्रमिकों को बाहर निकालने के लिए बचाव अभियान चल रहा है। इस दौरान अधिकारियों का कहना है कि श्रमिकों को बाहर निकालने में संभवत: एक-दो दिन और लग सकते हैं। बता दें कि सरकार ने इस दुर्घटना की जांच करने के लिए 6 सदस्यीय विशेषज्ञ समिति का गठन किया है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;पीएम मोदी ने लिया घटना का जायजा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से फोन पर बातचीत करते हुए पूरी घटना पर जानकारी ली। यही नहीं उन्होंने केंद्र की तरफ से हर संभव मदद का भी आश्वासन दिया है। इस बीच सीएम पुष्कर सिंह धामी ने पीएम मोदी को बताया कि उन्होंने स्वयं स्थलीय निरीक्षण किया है और बचाव कार्यों पर लगातार उनकी नजर है। उन्होंने कहा कि बचाव कार्य के लिए बड़े व्यास के ह्यूम पाइप हरिद्वार और देहरादून से भेजे जाने की व्यवस्था कर दी गई है। बताया जा रहा है कि सुरंग के अंदर फंसे सभी मजदूर फिलहाल सुरक्षित हैं और जल्दी ही सभी को बाहर निकालने की कोशिशें जारी हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;केंद्रीय गृह मंत्री और रेल मंत्री ने ली जानकारी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अब तक दो बार इस बारे में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से पूरी स्थिति की जानकारी ले चुके हैं। इसके अलावा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और रेल मंत्री ने भी सीएम धामी से इस बारे में बात की है। केंद्रीय एजेंसियां और एक्सपर्ट भी मौके पर मौजूद हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;मजदूरों तक भेजा जा रहा पेयजल और खाद्द पदार्थ&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;गौरतलब है कि रविवार को हुई इस घटना के तत्काल बाद से ही फंसे श्रमिकों को ऑक्सीजन की आपूर्ति की जा रही है। इसके अलावा रविवार मध्यरात्रि के बाद मजदूरों से संपर्क स्थापित होने के बाद पाइपलाइन के माध्यम से कंप्रेसर की मदद से मजदूरों पेयजल और खाने के पैकेट भेजे जा रहे हैं।&lt;/p&gt;
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