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       <title>Today UP Government News | Latest UP Government News | Breaking UP Government News in English | Latest UP Government News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का UP Government समाचार:Today UP Government News ,Latest UP Government News,Aaj Ka Samachar ,UP Government समाचार ,Breaking UP Government News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
        <link>https://up.inkhabar.com/tag/up-government</link>
        <lastBuildDate>June 2, 2026, 7:33 pm</lastBuildDate>
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        </image><item><title>अखिलेश यादव को सीएम योगी पर हमला, मुआवजा न देने के लिए आंकड़े छिपा रही सरकार</title><link>https://up.inkhabar.com/politics/akhilesh-yadav-attacks-cm-yogi-says-government-is-hiding-data-to-avoid-paying-compensation/</link><pubDate>January 31, 2025, 8:00 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2025/01/cm-1.webp</image><category>राजनीति</category><excerpt>लखनऊ। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने शुक्रवार को यूपी सरकार से महाकुंभ में प्रभावित श्रद्धालुओं को जरूरत की चीजें मुहैया कराने को कहा है। अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार हादसे में प्रभावित लोगों को चिकित्सा सेवा, भोजन और कपड़े उपलब्ध कराए...</excerpt><content>
&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ।&lt;/strong&gt; समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने शुक्रवार को यूपी सरकार से महाकुंभ में प्रभावित श्रद्धालुओं को जरूरत की चीजें मुहैया कराने को कहा है। अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार हादसे में प्रभावित लोगों को चिकित्सा सेवा, भोजन और कपड़े उपलब्ध कराए। अखिलेश ने यह टिप्पणी ऐसे समय पर की है,जब महाकुंभ में इतना बड़ा हादसा हो गया।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;मृतकों की संख्या छिपा रही सरकार&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;जब महाकुंभ के संगम क्षेत्र में लाखों श्रद्धालुओं के संगम नोज में स्नान करने की होड़ में भगदड़ मचने से 30 लोगों की जान चली गई। वहीं 60 अन्य घायल भी हो गए। अखिलेश ने यह भी कहा कि हादसों की सच्चाई, आंकड़े छिपाना, साक्ष्य छिपाना है, एक अपराध है। उन्होंने कहा कि यूपी सरकार और सीएम नैतिक रूप से जा चुके हैं, राजनीतिक रूप से भी, सरकार मृतकों की संख्या छिपा रही है ताकि आर्थिक सहायता ना देनी पड़े, प्रदेश सरकार सारी जानकारी छिपा रही है। सरकार चाहती है कि जनता का ध्यान भटके, हादसे के पीछे कोई साजिश नहीं है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;हादसा केवल सरकार की नाकामी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;हादसा केवल सरकार की नाकामी है, साधु संत भी यही कह रहे हैं। वहीं, महाकुंभ में व्यवस्थाओं के संबंध में राज्य सरकार को सुझाव देते हुए अखिलेश यादव ने एक्स पर पोस्ट किया। सपा सुप्रीमो ने अपने पोस्ट में कहा कि &amp;#8220;भोजन और पानी के लिए दिन-रात विभिन्न स्थानों पर ढाबे खोलने और भंडारे आयोजित करने की अपील की जानी चाहिए।&amp;#8221;उन्होंने उसी पोस्ट में कहा, &amp;#8220;स्वयंसेवकों के दोपहिया वाहनों के जरिए दूरदराज के क्षेत्रों में फंसे लोगों तक राज्य भर से चिकित्सा और पैरामेडिकल कर्मचारियों को पहुंचाने की व्यवस्था की जानी चाहिए।&amp;#8221;&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;रास्ते में फंसे लोगों को कंबल दें&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;अखिलेश यादव ने कहा कि &amp;#8220;महाकुंभ के आसपास और पूरे प्रदेश में मीलों तक फंसे वाहनों को पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति करानी चाहिए। दवा की दुकानों को दिन-रात खुला रहने दिया जाए।&amp;#8221; अखिलेश ने मांग की है कि &amp;#8220;ठंड के बीच रास्ते में फंसे लोगों को कपड़े और कंबल दिए जाने चाहिए ताकि वह ठंड से बचें।&amp;#8221;&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Breaking : महाकुंभ में यूपी कैबिनेट बैठक खत्म, सीएम योगी का बड़ा ऐलान, 3 जिलों में बनेंगे मेडिकल कॉलेज</title><link>https://up.inkhabar.com/top-news/breaking-up-cabinet-meeting-ends-in-mahakumbh-big-announcement-by-cm-yogi-medical-colleges-will-be-built-in-3-districts/</link><pubDate>January 22, 2025, 8:32 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2025/01/download-29-1-300x225.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>लखनऊ: यूपी कैबिनेट बैठक खत्म हो चुकी है। इसके बाद सीएम योगी ने कई प्रस्तावों को लेकर बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि आज यहां कई मुद्दों पर चर्चा हुई. उन मुद्दों पर राज्य के विकास से संबंधित नीतिगत निर्णयों पर चर्चा की गई। हमने नीति 2024 के तह...</excerpt><content>
&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ:&lt;/strong&gt; यूपी कैबिनेट बैठक खत्म हो चुकी है। इसके बाद सीएम योगी ने कई प्रस्तावों को लेकर बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि आज यहां कई मुद्दों पर चर्चा हुई. उन मुद्दों पर राज्य के विकास से संबंधित नीतिगत निर्णयों पर चर्चा की गई। हमने नीति 2024 के तहत 2018 में उत्तर प्रदेश की एयरोस्पेस और रक्षा से संबंधित नीति बनाई थी। इस नीति को 5 साल पूरे हो गए हैं, अब इसे नए सिरे से बनाने की व्यवस्था की गई है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;मंत्रियों को मिलेगा गिफ्ट&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;यूपी सरकार की कैबिनेट बैठक में शामिल होने वाले मंत्रियों को कुंभ संगम की तस्वीर वाली थाली और कलश दिया जाएगा. मुख्यमंत्री कार्यालय ने बताया कि आज तीर्थ नगरी प्रयागराज के त्रिवेणी संकुल में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद की बैठक हुई. कुंभ-2019 के बाद दूसरी बार उत्तर प्रदेश कैबिनेट की ऐतिहासिक बैठक संगमनगरी में हुई है. बैठक में प्रदेश की प्रगति और जनकल्याण के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिये गये हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;केशव प्रसाद मौर्य ने लिखा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने लिखा- महाकुंभ मेला क्षेत्र स्थित परेड ग्राउंड में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में उत्तर प्रदेश सरकार की कैबिनेट बैठक में भाग लिया. कुंभ-2019 के बाद दूसरी बार महाकुंभ-2025 के संगम मेला क्षेत्र में ऐतिहासिक कैबिनेट बैठक हुई.&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>सीएम योगी ने अधिकारियों के साथ की अहम बैठक, नए आपराधिक कानूनों को लेकर दी गाइडलाइन</title><link>https://up.inkhabar.com/top-news/cm-yogi-held-an-important-meeting-with-officials-gave-guidelines-regarding-new-criminal-laws/</link><pubDate>December 21, 2024, 8:30 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/12/download-2024-12-21T140002.066-300x225.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए मार्च 2025 तक सभी पुलिसकर्मियों का प्रशिक्षण पूरा करने का निर्देश दिया है। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी ने शुक्रवार को अपने आवा...</excerpt><content>
&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ: &lt;/strong&gt;उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए मार्च 2025 तक सभी पुलिसकर्मियों का प्रशिक्षण पूरा करने का निर्देश दिया है। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी ने शुक्रवार को अपने आवास पर एक उच्च स्तरीय बैठक में जुलाई 2024 से लागू होने वाले तीन नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी कार्यान्वयन की समीक्षा की.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;मार्च 2025 तक पूरा करें ट्रेनिंग&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;सीएम योगी ने तीन नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पुलिसकर्मियों का प्रशिक्षण मार्च 2025 तक पूरा करने के निर्देश दिए हैं. इसके साथ ही उन्होंने अधिकारियों से नए कानूनों के क्रियान्वयन के लिए जल्द से जल्द उपयोगी उपकरण खरीदने को भी कहा है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;पुलिसकर्मियों को दिया जा चुका है ट्रेनिंग&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;मुख्यमंत्री ने नये कानूनों के बारे में व्यापक जनजागरूकता फैलाने की बात भी की है. बैठक में अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि तीनों नये कानूनों के संबंध में राज्य के सभी आईपीएस, पीपीएस और प्रभारी निरीक्षकों, थाना प्रभारियों और तकनीकी कर्मियों को शत-प्रतिशत प्रशिक्षित किया जा चुका है. वहीं, 99 फीसदी इंस्पेक्टर, 95 फीसदी सब इंस्पेक्टर और 74 फीसदी हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल को ट्रेनिंग दी जा चुकी है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;महाकुंभ में लगेगा प्रदर्शनी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रयागराज में आयोजित होने वाले महाकुंभ-25 में 40 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है. ऐसे में नए कानूनों के प्रचार-प्रसार के लिए वहां प्रदर्शनी लगाई जानी चाहिए. 1 जुलाई से तीन नए कानून (भारतीय न्यायिक संहिता 2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 और भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023) लागू हो गए हैं।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>यूपी मदरसा एक्ट पर योगी सरकार का बड़ा फैसला, मदरसों से नहीं मिलेगा कामिल-फाजिल का सर्टिफिकेट!</title><link>https://up.inkhabar.com/uncategorized/yogi-governments-big-decision-on-up-madarsa-act-kamil-fazil-certificates-will-not-be-available-from-madrassas/</link><pubDate>December 5, 2024, 8:57 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/12/download-9-1-300x225.png</image><category>Uncategorized</category><excerpt>लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मदरसा अधिनियम 2004 में संशोधन करने का बड़ा फैसला सुनाया है। इसके तहत, मदरसों में 12वीं कक्षा के बाद दी जाने वाली कामिल (ग्रेजुएशन) और फाजिल (पोस्ट ग्रेजुएशन) की डिग्री को अधिनियम के दायरे से बा...</excerpt><content>
&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ: &lt;/strong&gt;उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मदरसा अधिनियम 2004 में संशोधन करने का बड़ा फैसला सुनाया है। इसके तहत, मदरसों में 12वीं कक्षा के बाद दी जाने वाली कामिल (ग्रेजुएशन) और फाजिल (पोस्ट ग्रेजुएशन) की डिग्री को अधिनियम के दायरे से बाहर कर दिया जाएगा. जो मदरसे 12वीं कक्षा से आगे कामिल और फाजिल सर्टिफिकेट देंगे, उन्हें मान्यता नहीं दी जाएगी. इसको लेकर सरकार की ओर से प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले को पलटते हुए मदरसा शिक्षा परिषद अधिनियम की संवैधानिक वैधता को बरकरार रखा था। हाई कोर्ट ने इस एक्ट को असंवैधानिक करार दिया था, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने पलट दिया और कहा कि मदरसा एक्ट के सभी प्रावधान संविधान के मूल ढांचे का उल्लंघन नहीं करते हैं. सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी साफ कर दिया कि मदरसों में मदरसा एक्ट और नियम केवल 12वीं कक्षा तक ही सीमित रहेंगे. इससे आगे कामिल और फाजिल सर्टिफिकेट देने वाले मदरसों को मान्यता नहीं दी जाएगी, क्योंकि उच्च शिक्षा यूजीसी एक्ट के तहत संचालित होती है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;योगी सरकार तैयार कर रही है प्रस्ताव&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;कोर्ट के आदेश से साफ है कि मदरसों से फाजिल और कामिल की डिग्रियां नहीं दी जा सकेंगी, ये डिग्रियां अब सिर्फ यूनिवर्सिटीज द्वारा ही मान्यता प्राप्त हो सकेंगी. जिसके बाद अब यूपी सरकार की ओर से भी इसकी तैयारी शुरू हो गई है. सरकार की ओर से एक प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है, जिसके बाद जल्द ही मदरसा एक्ट में संशोधन किया जा सकता है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;यूपी मदरसा अधिनियम 2004 के अनुसार&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;वहीं यूपी मदरसा अधिनियम 2004 के अनुसार, मदरसा बोर्ड मुंशी, मौलवी, आलिम, कामिल और फाजिल पाठ्यक्रमों के लिए परीक्षा आयोजित करता है. इसी आधार पर 2016 में यूपी के गैर सरकारी अरबी और फारसी मदरसों के लिए मान्यता और प्रशासनिक सेवाओं से जुड़ी नियमावली भी तैयार की गई थी. मदरसा एक्ट में संशोधन के बाद अब मदरसों में केवल 12वीं कक्षा तक ही शिक्षा की अनुमति होगी और उच्च शिक्षा की डिग्री केवल विश्वविद्यालयों से ही मिलेगी।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>SC: सरकारी बाबुओं की पत्नी को अध्यक्ष बनाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने योगी सरकार से पूछा सवाल</title><link>https://up.inkhabar.com/top-news/sc-supreme-court-asked-yogi-government-a-question-about-making-wife-of-government-officials-as-president/</link><pubDate>December 3, 2024, 8:35 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/12/yog-300x169.webp</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>लखनऊ। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को यूपी सरकार को टॉप नौकरशाहों की पत्नियों को समिति के अध्यक्ष पदों पर नियुक्ति को लेकर बेहद अहम निर्देश दिया है। कोर्ट ने इस मामले को लेकर आपत्ति जताई है। आपत्ति जताते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यूपी के जिला मजिस...</excerpt><content>
&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ।&lt;/strong&gt; सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को यूपी सरकार को टॉप नौकरशाहों की पत्नियों को समिति के अध्यक्ष पदों पर नियुक्ति को लेकर बेहद अहम निर्देश दिया है। कोर्ट ने इस मामले को लेकर आपत्ति जताई है। आपत्ति जताते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यूपी के जिला मजिस्ट्रेट, सचिवों, जिलाधिकारियों और कई अन्य नौकरशाहों की पत्नियां सहकारी समितियों के अध्यक्ष पद पर कार्यरत हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;उपनियमों के तहत ऐसा करना जरूरी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;सोसाइटी रजिस्ट्रेशन अधिनियम के उपनियमों के तहत ऐसा करना जरूरी है। कोर्ट ने राज्य सरकार को नियमों में संशोधन करने का निर्देश जारी किया। निर्देश देते हुए कहा कि औपनिवेशक मानसिकता को दर्शाने वाली प्रथा को समाप्त करना चाहिए। जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस उज्जल भुईयां की बेंच इस मामले पर सुनवाई कर रही थी। यह मामला बुलंदशहर की 1957 से कार्यरत जिला महिला समिति के विवाद से जुड़ा है, जिसमें समिति को सरकार की ओर से पट्टे पर दी गई।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;हार्टकोर्ट ने सुनवाई से मना किया&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;जमीन के लिए बुलंदशहर के कार्यवाहक डीएम की पत्नी को अध्यक्ष बनाया जाना जरूरी था क्योंकि सोसाइटी पंजीकरण अधिनियम के उपनियमों में ऐसा प्रावधान है। समिति ने नियमों में संशोधन किया, जिसे पहले उप-रजिस्टरार ने रद्द कर दिया और फिर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भी समिति की याचिका पर सुनवाई करने से मना कर दिया। अब समिति ने आखिर में सुप्रीम कोर्ट का रुख किया।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;इन नियमों पर सुप्रीम कोर्ट की नाराजगी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;सुप्रीम कोर्ट ने इन नियमों को लेकर नाराजगी जताई है। सुप्रीम कोर्ट ने 6 मई को भी बुलंदशहर के जिलाधिकारी की पत्नी को जिले में रजिस्ट्रर सोसाइटी की अध्यक्ष के रूप में काम करने के लिए अनिवार्य करने वाले अजीबो गरीब नियम को स्वीकृति देने पर राज्य सरकार की खिंचाई की। इसे राज्य की सभी महिलाओं के लिए अपमानजनक करार दिया। कोर्ट ने कहा था, &amp;#8216;चाहे वह रेड क्रॉस सोसाइटी हो या बाल कल्याण समिति, हर जगह जिलाधिकारी की पत्नी को ही अध्यक्ष बनाया जाता हैं। ऐसा क्यों होना चाहिए?&amp;#8217;&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Policy: सड़क हादसों में घायलों की जान बचाने के लिए योगी सरकार की पहल, शुरू की गोल्डन ऑवर पॉलिसी</title><link>https://up.inkhabar.com/politics/policy-yogi-governments-initiative-to-save-the-lives-of-those-injured-in-road-accidents-started-golden-hour-policy/</link><pubDate>November 22, 2024, 8:30 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/11/Clipboard-1-300x169.jpg</image><category>राजनीति</category><excerpt>लखनऊ। यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने राज्य के हित में कई बड़े कदम उठाए हैं। प्रदेश सरकार ने लोगों के हित में एक बड़ी पहल की है। सड़क हादसों में घायलों को समय पर इलाज और उनकी जान बचाने के लिए गोल्डन ऑवर पॉलिसी लागू की हैं। घायलों की मदद के लिए आ...</excerpt><content>
&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ।&lt;/strong&gt; यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने राज्य के हित में कई बड़े कदम उठाए हैं। प्रदेश सरकार ने लोगों के हित में एक बड़ी पहल की है। सड़क हादसों में घायलों को समय पर इलाज और उनकी जान बचाने के लिए गोल्डन ऑवर पॉलिसी लागू की हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;घायलों की मदद के लिए आगे आएंगे&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;इस पॉलीसी के तहत हादसे के पहले 1 घंटे के भीतर एक 1.50 का मुफ्त इलाज कराया जाएगा। घायल व्यक्ति को 7-10 तक मुफ्त इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया जाएगा। यह योजना सड़क सुरक्षा और घायलों की जिंदगी बचाने में महत्वपूर्ण है। यह पहल मोटर वाहन अधिनियम 2019 का एक अहम हिस्सा है। &amp;#8216;गोल्डन ऑवर&amp;#8217; शब्द सड़क हादसे के बाद पहले उस एक घंटे की अहमियत को बताते हुए कहा कि घायल को तुरंत इलाज देना बहुत जरूरी होता है। यह योजना तभी सफल होगी, जब लोग हादसों में घायलों की मदद के लिए आगे आएंगे।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;हाईवे के हादसों के लिए खास नंबर&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;हादसे की स्थिति में समय पर मदद और सरकार की इस सुविधा का लाभ उठाना घायलों की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। अगर आप के सामने सड़क हादसे में कोई व्यक्ति घायल है, तो उसकी तुरंत सहायता करनी चाहिए। 1033 हेल्पलाइन नंबर इसकी घायल की जानकारी दे सकते हैं। नेशनल हाईवे पर होने वाले हादसों के लिए नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने खास हेल्पलाइन नंबर 1033 जारी किए हैं।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Breaking: सुप्रीम कोर्ट में आजम खान की ट्रांसफर याचिका पर टली सुनवाई, भैंस-बकरी समेत अन्य आरोपों में दर्ज FIR</title><link>https://up.inkhabar.com/top-news/breaking-hearing-on-azam-khans-transfer-petition-postponed-in-supreme-court/</link><pubDate>October 21, 2024, 5:34 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/10/download-63-300x225.png</image><category>क्राइम</category><excerpt>लखनऊ: सपा नेता आजम खान (Azam Khan) की ओर से दायर ट्रांसफर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में आज सोमवार को सुनवाई टल गई है. आजम खान ने अपनी याचिका में उत्तर प्रदेश में लंबित सभी मामलों की सुनवाई राज्य के बाहर करने की मांग की है. उनका मानना ​​है कि यूपी...</excerpt><content>
&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ:&lt;/strong&gt; सपा नेता आजम खान (Azam Khan) की ओर से दायर ट्रांसफर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में आज सोमवार को सुनवाई टल गई है. आजम खान ने अपनी याचिका में उत्तर प्रदेश में लंबित सभी मामलों की सुनवाई राज्य के बाहर करने की मांग की है. उनका मानना ​​है कि यूपी में उनके खिलाफ इतने मामले दर्ज हैं कि उन्हें यहां निष्पक्ष न्याय मिलने की संभावना नहीं है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;इन मामलों में दर्ज हैं केस&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;गौरतलब है कि आजम खान के खिलाफ 2019 और 2020 में 90 से ज्यादा मामले दर्ज किए गए थे. (Azam Khan) इनमें से कम से कम 35 मामले अभी भी लंबित हैं. आजम खान के वकील के मुताबिक, इन मुकदमों में भैंस चोरी, बकरी चोरी, 5 हजार रुपये की लूट, बर्तन चोरी, पायल चोरी जैसे आरोप हैं.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सीतापुर जेल में बंद हैं आजम खान&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;आजम पर आरोप है कि अनाथालय में रहने वाले लोगों के घर तोड़ दिए गए और उनके घरों से भैंस, बकरियां और कई अन्य चीजें लूट ली गईं. सपा नेता को पिछले साल फर्जी जन्म प्रमाण पत्र मामले में दोषी ठहराया गया था और जेल भेज दिया गया था। (Azam Khan) वह फिलहाल सीतापुर जेल में हैं।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Maha Kumbh: महाकुंभ की सुरक्षा को लेकर बड़ा फैसला, शराब और मांसहारी भोजन का सेवन करने वाले पुलिसकर्मी की एंट्री बैन</title><link>https://up.inkhabar.com/top-news/maha-kumbh-big-decision-regarding-the-security-of-maha-kumbh-entry-of-policemen-who-consume-alcohol-and-non-vegetarian-food-is-banned/</link><pubDate>October 9, 2024, 4:30 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/10/ijuh-300x169.webp</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>लखनऊ। प्रयागराज महाकुंभ मेले में शराब पीने वाले और मांसहारी भोजन का सेवन करने वाले पुलिसकर्मियों को तैनात नहीं किया जाएगा। डीजीपी मुख्यालय ने सभी कमिश्नरेट और रेंज से प्रयागराज भेजे जाने वाले पुलिस कर्मियों के संबंध में इस बात का खास ध्यान रखने...</excerpt><content>
&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ।&lt;/strong&gt; प्रयागराज महाकुंभ मेले में शराब पीने वाले और मांसहारी भोजन का सेवन करने वाले पुलिसकर्मियों को तैनात नहीं किया जाएगा। डीजीपी मुख्यालय ने सभी कमिश्नरेट और रेंज से प्रयागराज भेजे जाने वाले पुलिस कर्मियों के संबंध में इस बात का खास ध्यान रखने को कहा है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;पुलिसकर्मियों की उम्र को लेकर जारी निर्देश&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;साथ ही यह भी कहा है कि, उनकी छवि, आम शोहरत, सत्यनिष्ठा और चाल-चलन अच्छा होना चाहिए। इसके अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की आयु सीमा को लेकर भी दिशा-निर्देश जारी किए है। डीजीपी मुख्यालय में एडीजी संजय सिंघल की ओर से जारी पत्र के मुताबिक महाकुंभ मेले में भेजे जाने वाले आरक्षियों की उम्र 40 वर्ष होनी चाहिए। इसी तरह मुख्य आरक्षी की उम्र 50 साल से अधिक और उपनिरीक्षक एवं निरीक्षक की उम्र 55 वर्ष से ज्यादा नहीं होनी चाहिए।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;पुलिसकर्मियों के नाम भेजने को कहा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;ऐसे किसी भी पुलिसकर्मी को महाकुंभ मेले में तैनात किया जाए जो प्रयागराज का मूल निवासी हैं। साथ ही वह शारीरिक और मानसिक रूप से पूरी तरीके से स्वस्थ, चैतन्य और कुशल व्यवहार का होना चाहिए। उन्होंने पहले चरण में पुलिसकर्मियों की तैनाती के लिए 10 अक्तूबर, दूसरे चरण के लिए 10 नवंबर और तीसरे चरण के लिए 10 दिसंबर तक नाम भेजने को कहा है। इसके अतिरिक्त लिपिक संवर्ग और चौथी चरण के कर्मचारियों की भी तैनाती के लिए नाम भेजने के निर्देश दिए हैं।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>आज नहीं दिया प्रॉपर्टी का ब्‍योरा तो रुक जाएगी तनख्वाह, 99 फीसदी पुलिसकर्मियों ने दिया हिसाब</title><link>https://up.inkhabar.com/top-news/if-property-details-are-not-given-today-salary-will-be-stopped-99-percent-policemen-gave-details/</link><pubDate>September 30, 2024, 12:47 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/09/download-10-9-300x225.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>लखनऊ: योगी आदित्यनाथ सरकार की सख्ती के चलते यूपी पुलिस के 99 फीसदी पुलिसकर्मियों (कांस्टेबल से लेकर एएसपी स्तर तक) ने अपनी संपत्ति का ब्योरा दे दिया है. मुख्य सचिव के आदेश पर सभी कर्मचारियों से उनकी संपत्ति का ब्योरा मांगा गया है. ब्योरा देने क...</excerpt><content>
&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ:&lt;/strong&gt; योगी आदित्यनाथ सरकार की सख्ती के चलते यूपी पुलिस के 99 फीसदी पुलिसकर्मियों (कांस्टेबल से लेकर एएसपी स्तर तक) ने अपनी संपत्ति का ब्योरा दे दिया है. मुख्य सचिव के आदेश पर सभी कर्मचारियों से उनकी संपत्ति का ब्योरा मांगा गया है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;ब्योरा देने का आज अंतिम दिन&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;बता दें कि विवरण जमा करने की आज आखिरी तारीख है. जो लोग आज भी मौका चूकेंगे उनकी सैलरी रुक सकती है। पहले इसकी आखिरी तारीख 31 अगस्त थी जिसे बाद में बढ़ाकर 30 सितंबर कर दिया गया था.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;3 लाख 15 हजार पुलिसकर्मियों ने दिया ब्योरा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;यूपी पुलिस में सिपाही से लेकर एएसपी स्तर तक करीब तीन लाख 17 हजार पुलिसकर्मी हैं. इनमें से 3 लाख 15 हजार पुलिसकर्मियों ने ब्योरा दिया है. कुछ पुलिसकर्मी लंबे समय से अनुपस्थित चल रहे हैं। पुलिसकर्मियों द्वारा संपत्ति का ब्योरा देने के मामले में एडीजी तकनीकी सेवाएं नवीन अरोड़ा को नोडल अधिकारी बनाया गया था.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;आज कुछ पोलिसवाले दे सकते है संपत्ति का ब्योरा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;दूसरी तरफ, दावा किया जा रहा है कि 30 सितंबर को कुछ पुलिसकर्मियों की संपत्ति का ब्योरा जमा कर दिया जाएगा. मुख्य सचिव के आदेश के तहत संपत्ति का ब्योरा नहीं देने वाले पुलिसकर्मियों का वेतन रोक दिया जाएगा. तारीख बढ़ने तक कई पुलिसकर्मियों का वेतन भी रोक दिया गया.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;संपत्ति का विवरण न देने पर रुकेगा वेतन&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;बता दें कि UPPCL में कर्मचारियों की चल अचल संपत्ति के विवरण को लेकर निर्देश दिया गया है। UPPCL के 7572 कर्मचारियों ने अभी तक संपत्ति का विवरण नहीं दिया है। पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम में 1674 कर्मियों का विवरण अपलोड हो चुका है। वहीं मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के 3033 कर्मियों का विवरण नहीं दिया। दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के 981 कर्मियों का विवरण नहीं मिला।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;संपत्ति का ब्योरा अपलोड करने का निर्देश&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;वहीं पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम के 1669 कर्मियों का विवरण नहीं आया। केस्को कानपुर के 45 कर्मियों का संपत्ति विवरण लंबित है। UPPCL मुख्यालय के 170 कर्मियों ने विवरण नहीं दिया है। UPPCL इस मामले को लेकर एमडी पंकज कुमार ने सख्त निर्देश जारी किए हैं, जारी की गई आदेश के अनुसार आपको विवरण पोर्टल पर संपत्ति का ब्योरा अपलोड करना है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>OBC Commission: योगी सरकार का बड़ा ऐलान, राजेश वर्मा बने पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष, लिस्ट में इनका नाम भी शामिल</title><link>https://up.inkhabar.com/top-news/obc-commission-big-announcement-of-yogi-government-rajesh-verma-became-the-chairman-of-backward-classes-commission-his-name-also-included-in-the-list/</link><pubDate>August 31, 2024, 6:35 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/08/download-2-12-300x169.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>लखनऊ : उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने पिछले कई माह से खाली चल रहे यूपी राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सदस्यों के नामों का ऐलान कर दिया है। प्रदेश की योगी सरकार ने ओबीसी आयोगी में एक अध्यक्ष, 2 उपाध्यक्ष और 18 सदस्य नामित किये है...</excerpt><content>
&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ &lt;/strong&gt;: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने पिछले कई माह से खाली चल रहे यूपी राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सदस्यों के नामों का ऐलान कर दिया है। प्रदेश की योगी सरकार ने ओबीसी आयोगी में एक अध्यक्ष, 2 उपाध्यक्ष और 18 सदस्य नामित किये हैं। जिसकी लिस्ट जारी कर दी गई है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;ओबीसी आयोग का चीफ राजेश वर्मा बने&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;सीतापुर के पूर्व सांसद राजेश वर्मा को ओबीसी आयोग का चीफ बनाया गया है। उनके साथ-साथ 2 उपाध्यक्ष सोहन लाल श्रीमाली और सूर्य प्रकाश पाल को बनाया है। जबकि दो दर्जन सदस्यों को भर्ती किया गया है। इस सभी सदस्यों को एक वर्ष के लिए कार्यभार सौंपा गया है। इस सूची में भाजपा ने जिन लोगों को शामिल किया है उसके माध्यम से पिछड़ों और अति पिछड़ों को साधने की कोशिश है। वहीं सहयोगी दल के नेताओं को भी जिम्मेदारी दी है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;इनके नाम लिस्ट में शामिल&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग में राजेश वर्मा को अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं 24 सदस्य की भी नियुक्ति हुई है। जिनमें चंदौली के सतेंद्र कुमार बारी, सराहनपुर के मेलाराम पवार, मऊ के विनोद यादव, चंदौली के शिव मंगल बियार, अयोध्या से वासुदेव मौर्य, गोरखपुर से चिरंजीवी चौरसिया, झांसी कुलदीप विश्वकर्मा, लखनऊ से लक्ष्मण सिंह, सुल्तानपुर से घनश्याम चौहान, गाजीपुर से चिरंजीवी चौरसिया, गोरखपुर से जनार्दन गुप्ता का नाम शामिल हैं।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Scholarship: योगी सरकार का बड़ा निर्णय, संस्कृत के छात्रों को बढ़ाकर दी जाएगी स्कॉलरशिप</title><link>https://up.inkhabar.com/states/scholarship-big-decision-of-yogi-government-scholarship-will-be-increased-to-sanskrit-students/</link><pubDate>August 28, 2024, 3:08 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/08/qwer-4-300x169.webp</image><category>राज्य</category><excerpt>लखनऊ। यूपी की योगी सरकार ने संस्कृत को प्रोत्साहन देने के लिए संस्कृत के छात्रों की स्कॉलरशिप बढ़ाने का निर्णय लिया है। योगी कैबिनेट ने 27 अगस्त यानी आजयोगी सरकार की कैबिनेट ने 24 साल बाद संस्कृत विद्यालयों और महाविद्यालयों के विद्यार्थियों की ...</excerpt><content>
&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ।&lt;/strong&gt; यूपी की योगी सरकार ने संस्कृत को प्रोत्साहन देने के लिए संस्कृत के छात्रों की स्कॉलरशिप बढ़ाने का निर्णय लिया है। योगी कैबिनेट ने 27 अगस्त यानी आजयोगी सरकार की कैबिनेट ने 24 साल बाद संस्कृत विद्यालयों और महाविद्यालयों के विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति को बढ़ाया गया है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;संस्कृत को प्रोत्साहन देने के लिए&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;प्रदेश में स्कूलों की कक्षा 6 और 7 के लिए 50 रुपये और कक्षा 8 के लिए 75 रुपये हर महीने के हिसाब से छात्रवृत्ति संस्कृत के छात्रों को छात्रवृत्ति दी जाएगी। वहीं कक्षा 9 से 10 के लिए 100 रुपये और उत्तर मध्यम कक्षा 11 और 12 के लिए 150 रुपये की स्कॉलरशिप दी जाएगी। इंटरमीडिएट के लिए 200 रुपये प्रतिमाह की दर से छात्रवृत्ति छात्रों को मिलेगी। ग्रेजुएशन के लिए 250 रुपये प्रतिमाह की दर से स्कॉलरशिप मिलेगी। दुनिया की सबसे प्राचीन भाषाओं में से एक संस्कृत भाषा को प्रोत्साहन देने के लिए योगी कैबिनेट ने बड़ा फैसला लिया है। इस बात को लेकर योगी सरकार की लोक भवन में कैबिनेट मीटिंग हुई.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;छात्रों को वित्तीय सहायता&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;यह बैठक लगभग एक घंटे तक चली। बैठक के बाद जानकारी देते हुए कहा कि गया कि संस्कृत सभी भाषाओं की जननी है, इसलिए सरकार इस पर अपना पूरा ध्यान दे रही है। यूपी सरकार की कैबिनेट मीटिंग में संस्कृत विद्यालय और कॉलेज के बच्चों की छात्रवृत्ति बढ़ोत्तरी की गई है। कक्षा एक से ग्रेजुएशन तक कक्षाओं में 50,100,150,200, 250 रुपये मासिक छात्रवृत्ति देने की घोषणा की गई है। इसमें आय वर्ग के बंधन को भी समाप्त कर दिया गया है। सरकार के इस फैसले से संस्कृत शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा और छात्रों को वित्तीय सहायता भी मिलेगी।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Recruitment: यूपी में सिपाही भर्ती परीक्षा की सुरक्षा के लिए ड्रोन से की जाएगी निगरानी, सीएम योगी ने दिए निर्देश</title><link>https://up.inkhabar.com/desh-pradesh/recruitment-drones-will-be-monitored-for-the-security-of-constable-recruitment-exam-in-up-cm-yogi-gave-instructions/</link><pubDate>August 22, 2024, 8:55 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/08/FBN-300x169.webp</image><category>देश-प्रदेश</category><excerpt>लखनऊ। यूपी पुलिस भर्ती की परीक्षा के लिए सिर्फ उत्तर प्रदेश से ही नहीं, बल्कि 27 अन्य राज्यों व आठ केंद्र शासित प्रदेशों के 6,30,481 अभ्यर्थी परीक्षा में अपनी किस्मत आजमाने आएंगे। यूपी पुलिस का परीक्षा का पेपर लीक होने की वजह से दोबारा परीक्षा ...</excerpt><content>
&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ।&lt;/strong&gt; यूपी पुलिस भर्ती की परीक्षा के लिए सिर्फ उत्तर प्रदेश से ही नहीं, बल्कि 27 अन्य राज्यों व आठ केंद्र शासित प्रदेशों के 6,30,481 अभ्यर्थी परीक्षा में अपनी किस्मत आजमाने आएंगे। यूपी पुलिस का परीक्षा का पेपर लीक होने की वजह से दोबारा परीक्षा आयोजित कराई गई है। दूसरी बार परीक्षा आयोजित होने पर सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए है। सीएम योग के निर्देश पर एग्जाम सेंटरों के आसपास की निगरानी ड्रोन कैमरों से की जाएगी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सीसीटीवी कैमरों की जांच करें&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;23, 24, 25, 30 व 31 अगस्त को प्रदेश के 67 जिलों में पुलिस भर्ती के पेपर होने है। परीक्षा में सुरक्षा प्रबंधों में तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। यूपी सरकार इस बार किसी भी तरीके का रिस्क नहीं लेना चाहती। डीजीपी प्रशांत कुमार ने परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विस्तृत निर्देश दिए हैं। बड़े शहरों में यातायात व्यवस्था दुरुस्त रखने भी खास ध्यान दिया जा रहा है। डीजीपी का कहना है कि परीक्षा केंद्रों के आवागमन मार्ग पर स्थित सीसीटीवी कैमरों की जांच की जाए कि वह चल रहे है या नहीं। यदि आवश्यकता हो तो नए सीसीटीवी कैमरे भी लगवाएं जाएं। एग्जाम सेंटर और उसके आस-पास की जगह पर ड्रोन से निगरानी की जाए।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;देशभर से अभ्यर्थी परीक्षा देंगे&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;सिपाही भर्ती परीक्षा में कुल 48,17,441 अभ्यर्थिय कई राज्यों और केंद्र प्रशासित प्रदेशों से पेपर देने यहां आएंगे है। जिनमे उत्तर प्रदेश के बाद सर्वाधिक 2,67,296 अभ्यर्थी बिहार से आएंगे। उत्तर प्रदेश परीक्षा में मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली समेत देशभर से अभ्यर्थी परीक्षा में हिस्सा लेंगे।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Transfer: यूपी में 13 आईएएस का तबादला, प्रतीक्षा कर रहे अधिकारियों को मिला मौका</title><link>https://up.inkhabar.com/states/transfer-13-ias-transferred-in-up-waiting-officers-got-a-chance/</link><pubDate>August 22, 2024, 7:51 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/08/YHKL-300x169.webp</image><category>राज्य</category><excerpt>लखनऊ। यूपी की योगी सरकार ने बुधवार की रात 13 आईएएस अधिकारियों के ट्रांसफर किए गए हैं। इस बार इंतजार कर रहे के. विजयेंद्र पांडियन और मिनिष्ती एस को बड़ी जिम्मेदारियां सौंपी गई है। जहां के.विजयेंद्र पांडियन को आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग आयुक्त एवं...</excerpt><content>
&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ।&lt;/strong&gt; यूपी की योगी सरकार ने बुधवार की रात 13 आईएएस अधिकारियों के ट्रांसफर किए गए हैं। इस बार इंतजार कर रहे के. विजयेंद्र पांडियन और मिनिष्ती एस को बड़ी जिम्मेदारियां सौंपी गई है। जहां के.विजयेंद्र पांडियन को आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग आयुक्त एवं निदेशक, हथकरघा एवं वस्त्र उद्योग, राज्य वस्त्र निगम लिमिटेड, प्रबंध निदेशक, स्टेट स्पिनिंग कंपनी लिमिटेड और प्रबंध निदेशक, यूपी वित्त निगम लिमिटेड की जिम्मेदारियां सौंपी गई है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;मिनिष्मती बहनी वित्त विभाग की सचिव&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;वहीं मिनिष्मती एस को वित्त विभाग का सचिव की जिम्मेदारी दी गई है। राज्य सरकार ने ग्रेटर नोएडा की अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग को राज्य शासन की नियुक्ति एवं कार्मिक विभाग का खास सचिव बनाया गया है। इसके अतिरिक्त आगरा विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष और संभागीय खाद्य नियंत्रक, अनिता यादव को इंतजार में रखा गया है। आगरा विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी एम. अरून्मोली को दी गई है। जो अभी के समय में गोंडा की मुख्य विकास अधिकारी है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;कुंभ की खास कार्यधिकारी आकांक्षा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;यूपी सरकार ने कुम्भ मेला प्राधिकरण के खास कार्यधिकारी की जिम्मेदारी आकांक्षा राणा को सौंपी गई है। वहीं इस समय अलीगढ़ की मुख्य विकास अधिकारी और अलीगढ़ एवं संभागीय खाद्य नियंत्रक की का कार्यभार संभाल रही है। बहराइच की मुख्य विकास अधिकारी राम्या आर को उत्तर प्रदेश शासन के अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग का खास सचिव बनाया गया है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>UP News : लोक भवन में CM योगी की अध्यक्षता में हुई बैठक, नई स्थानांतरण नीति को मिली मंजूरी</title><link>https://up.inkhabar.com/top-news/up-news-meeting-held-under-the-chairmanship-of-cm-yogi-at-lok-bhawan-new-transfer-policy-approved/</link><pubDate>June 11, 2024, 10:15 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/06/download-6-4-300x180.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>लखनऊ : लोकसभा चुनाव समाप्त होते ही प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ अपने एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। इस बीच CM योगी ने आज मंगलवार, 11 जून को लोक भवन में कैबिनेट बैठक 2024-25 के लिए नई स्थानांतरण नीति को मंजूरी दे दी है। इस नीति के माध्यम से समू...</excerpt><content>
&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ :&lt;/strong&gt; लोकसभा चुनाव समाप्त होते ही प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ अपने एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। इस बीच CM योगी ने आज मंगलवार, 11 जून को लोक भवन में कैबिनेट बैठक 2024-25 के लिए नई स्थानांतरण नीति को मंजूरी दे दी है। इस नीति के माध्यम से समूह क और ख के उन अधिकारियों का तबादला किया जाएगा, जिन्होंने जनपद में 3 वर्ष और मंडल में 7 वर्ष पुरे किए हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;पुराने अधिकारियों का तबादला&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;वहीं समूह ग और घ में सबसे पुराने अधिकारियों का तबादला किया जा सकेगा । समूह क और ख के अधिकारियों के तबादला के लिए अधिकतम 20 फीसदी तो वहीं समूह ग और घ के लिए अधिकतम 10 फीसदी की समय सीमा रखी गई है। इस तबादले नीति के माध्यम से सभी स्थानांतरण आने वाले 30 जून तक किए जाने हैं। मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक हुई, जिसमें कुल 42 प्रस्ताव रखे गए थे, उनमे से 41 प्रस्तावों पर मुहर लगी है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;1 जुलाई और 1 जनवरी से मिलेगा लाभ&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;बता दें कि योगी मंत्रालय ने राज्य के लाखों सरकारी कर्मचारियों को बड़ी सौगात दी है। इसके मुताबिक अब 30 जून और 31 दिसंबर को सेवानिवृत्त होने वाले सभी सरकारी कर्मचारियों को 1 जुलाई और 1 जनवरी से प्रस्तावित वेतन बढ़ने का लाभ मिलेगा। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि अभी तक जो व्यवस्था थी उसके मुताबिक 30 जून और 31 दिसंबर को सेवानिवृत्त होने वाले सरकारी कर्मचारियों को 1 जुलाई या 1 जनवरी को प्रस्तावित वेतन वृद्धि का लाभ नहीं मिल पाता था। हालांकि अब मंत्रालय ने इसकी मंजूरी पर हामी भर दी है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;यूनिवर्सिटी के नामों में भी किया गया संशोधन&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;इस निर्णय से कर्मचारियों को वेतन वृद्धि का लाभ उनकी पेंशन और ग्रेचुयुटी भी मिलेगा। साथ ही उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के बाद ज्यूडिशियल कर्मचारियों को पहले ही इसका लाभ मिल चुका है और अब सरकारी कर्मचारी भी इसका लाभ उठा सकते हैं। इसके साथ योगी सरकार ने राज्य के 5 यूनिवर्सिटी के नामों में भी मामूली संशोधन किया है। स्वीकृत प्रस्ताव के मुताबिक इन यूनिवर्सिटी के नाम से प्रदेश शब्द को हटाया गया है।&lt;/p&gt;
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