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       <title>Today shardiya navratri 2024 News | Latest shardiya navratri 2024 News | Breaking shardiya navratri 2024 News in English | Latest shardiya navratri 2024 News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का shardiya navratri 2024 समाचार:Today shardiya navratri 2024 News ,Latest shardiya navratri 2024 News,Aaj Ka Samachar ,shardiya navratri 2024 समाचार ,Breaking shardiya navratri 2024 News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
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        </image><item><title>Kanya Pujan: आज करें कन्या पूजन, भूलकर भी उपहार में न दें ये वस्तु अन्यथा माता हो जाएंगी नाराज</title><link>https://up.inkhabar.com/festival/kanya-pujan-%e0%a4%86%e0%a4%9c-%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%aa%e0%a5%82%e0%a4%9c%e0%a4%a8-%e0%a4%ad%e0%a5%82%e0%a4%b2%e0%a4%95%e0%a4%b0/</link><pubDate>October 11, 2024, 3:42 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/10/download-77.png</image><category>त्योहार</category><excerpt>लखनऊ: आज शारदीय नवरात्रि का नौवां दिन है, जिसमें मां दुर्गा के 9वें रूप मां सिद्धरात्रि की पूजा की जाएगी. लेकिन क्या आपको पता है नवरात्रि का व्रत और माता रानी की पूजा का पूर्ण फल की प्राप्ती कब होती है, तो चलिए जानते है, बता दें कि जब आप छोटी-छ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ: &lt;/strong&gt;आज शारदीय नवरात्रि का नौवां दिन है, जिसमें मां दुर्गा के 9वें रूप मां सिद्धरात्रि की पूजा की जाएगी. लेकिन क्या आपको पता है नवरात्रि का व्रत और माता रानी की पूजा का पूर्ण फल की प्राप्ती कब होती है, तो चलिए जानते है, बता दें कि जब आप छोटी-छोटी कन्याओं को देवी का रूप मानकर उनका विधि पूर्वक पूजन करते हैं. आपको नवरात्रि में की गई माता रानी की सेवा का पूर्ण फल मिलता है। कन्या पूजन को कंजक भी कहा जाता है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;आज कन्या पूजन करना बेहद शुभ&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;नवरात्रि के दौरान, भक्त अष्टमी और नवमी तिथि पर कुंवारी लड़कियों की पूजा करते हैं, जो आज 11 अक्टूबर को है। आज अष्टमी-नवमी दोनों तिथि एक ही दिन है. इसलिए आज 11 अक्टूबर, शुक्रवार को अष्टमी और नवमी के दिन कन्या पूजन करना शुभ माना गया है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;2 से 10 साल की कन्या माता के सामान&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;कन्या पूजन के दौरान लोग 2-10 साल की छोटी बच्चियों को मां दुर्गा का रूप मानते हैं और उन्हें आदरपूर्वक अपने घर बुलाते हैं, उनके पैर धोते हैं, उन्हें पूड़ी, चना, हलवा और नारियल खिलाते हैं, उपहार देते हैं और उन्हें विदा करते हैं। आशीर्वाद का। ऐसा माना जाता है कि कन्या पूजन से मां दुर्गा बहुत प्रसन्न होती हैं और घर में सुख-समृद्धि आती है।&lt;/p&gt;



&lt;figure class=&quot;wp-block-image size-full is-resized&quot;&gt;&lt;img loading=&quot;lazy&quot; decoding=&quot;async&quot; width=&quot;300&quot; height=&quot;168&quot; src=&quot;https://up.inkhabar.com/wp-content/uploads/2024/10/image-4.png&quot; alt=&quot;&quot; class=&quot;wp-image-18701&quot; style=&quot;width:662px;height:auto&quot; srcset=&quot;https://up.inkhabar.com/wp-content/uploads/2024/10/image-4.png 300w, https://up.inkhabar.com/wp-content/uploads/2024/10/image-4-150x84.png 150w&quot; sizes=&quot;auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px&quot; /&gt;&lt;/figure&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;कन्या पूजन में रखें इन बातों का ध्यान&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;लेकिन ध्यान रखें कि कन्या पूजन के दौरान ऐसी कोई गलती न करें जिससे देवी मां नाराज हो जाएं। कन्या पूजा पर लोग लड़कियों को कई तरह के उपहार देते हैं, जो बहुत अच्छी बात है। लेकिन जाने-अनजाने में कोई भी ऐसा उपहार न दें जिससे माता रानी की नाराजगी का सामना करना पड़े। इसलिए जानिए लड़कियों को उपहार में क्या नहीं देना चाहिए-&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;कंजक को उपहार के तौर पर इन चीजों को न दें&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;कन्या पूजन में कन्याओं को स्टील या प्लास्टिक से बनी वस्तुएं उपहार में न दें क्योंकि हिंदू धर्म में पूजा के लिए इन धातुओं को शुभ नहीं माना गया है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;इसके अलावा कन्याओं को कांच की चीजें या नुकीली चीजें देने से बचें।&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;कन्या पूजन के बाद कन्याओं को कभी भी काले कपड़े या काला रूमाल आदि न दें। इसके स्थान पर आप लाल रंग की चुनरी या लाल वस्त्र उपहार में दे सकते हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;br&gt;&lt;strong&gt;इन गलतियों से भी बचें&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;घर आकर सीधे कन्याओं को भोजन कराने की बजाय पहले उनके पैर धोएं, तिलक लगाएं और फिर आसन पर बिठाएं।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;कन्याओं को लहसुन-प्याज वाली चीजें खिलाने की बजाय हलवा, पूरी, चना और नारियल ही खिलाएं। छोटी कन्याओं को उतना ही खाना खिलाएं जितना वे सम्मानपूर्वक खा सकें।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;कन्याओं को बिना पैर छुए विदा न करें, इससे मां दुर्गा नाराज होती हैं।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;लड़कियों को विदा करने के तुरंत बाद घर की सफाई न करें।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>श्री दुर्गा सप्तशती पाठ के 13 अध्यायों में छिपा है जीवन का रहस्य, तीसरा व चौथा बेहद खास</title><link>https://up.inkhabar.com/festival/the-secret-of-life-is-hidden-in-13-chapters-of-shri-durga-saptshati-path-the-third-and-fourth-are-very-special/</link><pubDate>October 5, 2024, 11:19 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/10/download-13-1-300x168.png</image><category>त्योहार</category><excerpt>पटना: हिंदू धर्म में नवरात्रि को प्रमुख त्योहार माना गया है. शारदीय नवरात्रि की शुरुआत गुरुवार, 3 अक्टूबर से हो चुकी है, जो शनिवार 12 अक्टूबर को विजयादशमी के साथ समाप्त होगी. ऐसे में नवरात्रि के दौरान जान लें कुछ खास बातें। नवरात्रि में मां दुर...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना&lt;/strong&gt;: हिंदू धर्म में नवरात्रि को प्रमुख त्योहार माना गया है. शारदीय नवरात्रि की शुरुआत गुरुवार, 3 अक्टूबर से हो चुकी है, जो शनिवार 12 अक्टूबर को विजयादशमी के साथ समाप्त होगी. ऐसे में नवरात्रि के दौरान जान लें कुछ खास बातें। नवरात्रि में मां दुर्गा सप्तशती का पाठ करने से क्या लाभ होता है आदि सबकुछ जानेंगे इस आर्टिकल में।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;दुर्गा सप्तशती का पाठ करना अति लाभकारी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;नवरात्रि के दौरान श्री दुर्गा सप्तशती का पाठ अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दुर्गा सप्तशती को शतचंडी, नवचंडी या चंडी पाठ के नाम से भी जाना जाता है। रामायण में भगवान राम ने भी लंका पर आक्रमण करने से पहले इस चंडी पाठ का आयोजन किया था, जिसे आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से नवमी तिथि तक शारदीय नवरात्रि के रूप में मनाया जाता है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सभी अध्याय से मिलता है अलग-अलग लाभ&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;दुर्गा सप्तशती के सभी 13 अध्यायों का अपना एक अलग ही महत्व है. यदि इसका पाठ श्रद्धापूर्वक किया जाए तो फल बहुत जल्दी प्राप्त होता है, लेकिन लोभ से किया गया पाठ कोई फल नहीं देता। दुर्गा सप्तशती के प्रत्येक अध्याय का क्या फल है और दुर्गा सप्तशती के पाठ का क्या अलौकिक महत्व है। आज यहां हम दुर्गा सप्तशती पाठ के बारे में सभी आवश्यक और महत्वपूर्ण बात जानेंगे.&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;अध्याय 1-&lt;/strong&gt; इसके पाठ को करने से सभी तरह की चिंता से मुक्ति मिलती हैं और शत्रु का भी डर हमारे अंदर से दूर हो जाता है. इतना ही नहीं, दुर्गा सप्तशती के प्रथम अध्याय का पाठ करने से शत्रुओं का नाश होता है। यह पाठ सभी प्रकार की चिंताओं को दूर करने, मानसिक विकारों से उत्पन्न बाधाओं को दूर करने, मन को सही दिशा में लगाने और खोई हुई चेतना को वापस लाने में जबरदस्त प्रभाव दिखाता है।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;अध्याय 2&lt;/strong&gt;&amp;#8211; इसका पाठ करने से किसी भी प्रकार के विवाद या वाद-विवाद में, मकान या जमीन पर कब्जा कर लेने वाले प्रबल शत्रु के विरुद्ध विजय प्राप्त होती है। कोर्ट-कचहरी, लड़ाई-झगड़े आदि में विजय पाने के लिए यह पाठ बहुत उपयोगी है। लेकिन झूठ बोलने वालों और गलत काम करने वालों को इससे कोई लाभ नहीं मिलता।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;अध्याय 3-&lt;/strong&gt; तृतीय अध्याय के पाठ से युद्ध व कोर्ट-कचहरी में विजय मिलती है तथा शत्रुओं से मुक्ति मिलती है। शत्रुओं से मुक्ति पाने के लिए यदि आपके अकारण ही शत्रु हो रहे हैं और आप यह पता नहीं लगा पा रहे हैं कि ऐसा कौन कर रहा है तो यह पाठ उपयुक्त है।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;अध्याय 4-&lt;/strong&gt; इस अध्याय को पढ़ने से धन-संपत्ति, सुंदर जीवनसाथी और मां की भक्ति प्राप्त होती है। भक्ति, शक्ति और तत्वज्ञान के लिए यह पाठ उन लोगों के लिए फलदायी है जो साधना में लगे हैं और समाज के हित के लिए साधना को चेतना देना चाहते हैं।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;अध्याय 5- &lt;/strong&gt;इस अध्याय को पढ़ने से भक्ति मिलती है और भय, बुरे स्वप्न और भूत-प्रेत से मुक्ति मिलती है। भक्ति, शक्ति और दर्शन के लिए जो लोग जीवन से परेशान हैं और सोचते हैं कि हर मंदिर और दरगाह पर जाने के बाद भी उन्हें कुछ नहीं मिला, उन्हें इस अध्याय को नियमित रूप से पढ़ना चाहिए।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;अध्याय 6- &lt;/strong&gt;इस अध्याय को पढ़ने से सभी बाधाएं दूर हो जाती हैं और सभी मनोवांछित फल प्राप्त होते हैं। यदि भय, शंका, बाधाएं हों, राहु बहुत खराब हो, केतु पीड़ित हो, तंत्र, जादू, भूत-प्रेत आदि का भय हो तो यह अध्याय अवश्य पढ़ना चाहिए।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;अध्याय 7-&lt;/strong&gt; इस अध्याय को पढ़ने से मन की सभी इच्छाएं या कोई विशेष गुप्त इच्छा पूरी हो जाती है। आप सच्चे मन से जो भी कामना करें और किसी को नुकसान न पहुंचाएं, यह अध्याय हर इच्छा को पूरा करने में कारगर है।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;अध्याय 8-&lt;/strong&gt; इस अध्याय को पढ़ने से धन लाभ के साथ-साथ वशीकरण भी प्रबल होता है। मिलन और वशीकरण के लिए यह अध्याय बहुत कारगर माना जाता है। हालांकि गलत इरादे से किया गया वशीकरण आपको बुरे परिणाम भी दे सकता है। इसके तहत वशीकरण केवल अच्छे के लिए ही किया जाना चाहिए।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;अध्याय 9-&lt;/strong&gt; इस अध्याय के पाठ से खोई हुई वस्तु को खोजने में सफलता मिलती है। धन-संपत्ति की प्राप्ति होती है। खोई हुई सामान ढूंढने, हर प्रकार की इच्छा पूरी करने तथा पुत्र प्राप्ति आदि के लिए यह पाठ कई लोगों के लिए घर से बाहर जाने या खो जाने के बाद वापस आने का साधन बन जाता है।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;अध्याय 10-&lt;/strong&gt; इस अध्याय को पढ़ने से गुम हुए व्यक्ति को ढूंढने में सफलता मिलती है। संतान प्राप्ति की शक्ति और सुख की प्राप्ति होती है। गुम हुए व्यक्ति को ढूंढने के लिए, हर मनोकामना पूरी करने के लिए, पुत्र प्राप्ति के लिए, अच्छे पुत्र की कामना करने वालों के लिए या गलत रास्ते पर जा रहे बच्चों को सही रास्ते पर लाने के लिए यह अध्याय बहुत फलदायी है।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;अध्याय 11- &lt;/strong&gt;ग्यारहवें अध्याय का पाठ करने से सभी प्रकार की चिंताओं से मुक्ति मिलती है, व्यापार में सफलता मिलती है और सुख-संपत्ति की प्राप्ति होती है। व्यापार में सुख-संपत्ति प्राप्त करने के लिए। यदि आपको व्यापार में घाटा हो रहा है, पैसा टिकता नहीं है या बेकार की चीजों पर बर्बाद हो रहा है, तो यह पाठ आपके जीवन को बदल सकता है।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;अध्याय 12-&lt;/strong&gt; इस अध्याय को पढ़ने से रोगों से मुक्ति, निर्भयता और समाज में सम्मान मिलता है। मान-सम्मान और लाभ मिलता है। सम्मान जीवन का एक हिस्सा है। अगर कोई आप पर इसका आरोप लगाता है, तो यह अध्याय अवश्य पढ़ना चाहिए।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;अध्याय 13-&lt;/strong&gt; इस अध्याय को पढ़ने से देवी की भक्ति प्राप्त होती है तथा सभी इच्छित वस्तुएं प्राप्त होती हैं। भक्ति प्राप्ति के लिए पूर्ण भक्ति हेतु साधना के बाद इस अध्याय को पढ़ना चाहिए।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Navratri: व्रत में इन चीजों के सेवन से टूट सकता है व्रत, आइए जानते है</title><link>https://up.inkhabar.com/festival/navratri-consumption-of-these-things-can-break-the-fast-lets-know/</link><pubDate>October 3, 2024, 6:02 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/10/ETY-2-300x169.webp</image><category>त्योहार</category><excerpt>लखनऊ। शारदीय नवरात्र में मां दुर्गा के 9 स्वरूपों की विधि-विधान से पूजा की जाती है। नवरात्रि के 9 दिन मां दुर्गा के अलग-अलग रूपों को समर्पित है। पंचांग के मुताबिक इस साल शारदीय नवरात्र की शुरुआत 03 अक्टूबर यानी आज से हो गई है। वहीं, इसका समापन ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ।&lt;/strong&gt; शारदीय नवरात्र में मां दुर्गा के 9 स्वरूपों की विधि-विधान से पूजा की जाती है। नवरात्रि के 9 दिन मां दुर्गा के अलग-अलग रूपों को समर्पित है। पंचांग के मुताबिक इस साल शारदीय नवरात्र की शुरुआत 03 अक्टूबर यानी आज से हो गई है। वहीं, इसका समापन 11 अक्टूबर को होगा।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;व्रत में खाने वाली चीजें&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;धार्मिक मान्यता है कि शारदीय नवरात्रों में व्रत में खान-पान में नियमों का पालन न करने से शुभ फल की प्राप्ति नहीं होती है। ऐसे में आइए इस लेख में जानते हैं कि शारदीय नवरात्र व्रत में किन चीजों का सेवन कर सकते हैं और किन चीजों से परहेज करना चाहिए?&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt; इन्हीं चीजों का करें सेवन&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;शारदीय नवरात्रि में सुबह मां दुर्गा की पूजा-अर्चना कर व्रत रखें। पूरे दिन फल खा सकते है। इसके अलावा समा के चावलों से खीर या खिचड़ी बनाकर खा सकते है।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;समा के चावलों के अलावा साबूदाने से बने भोजन का भी सेवन कर सकते है।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;अपने व्रत की थाली में साबूदाने से बने भोजन के अलावा आलू से बने चिप्स और आलू की सब्जी प्रसाद के रूप में ग्रहण कर सकते है।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;व्रत में व्रत के पूरा होने पर कुट्टू के आटे से बनी रोटी और दूध या दही को भी व्रत की थाली में शामिल कर सकते है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;इन चीजों से करें परहेज&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;शारदीय नवरात्रों में प्याज और लहसून के खाने से परहेज करना चाहिए।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;व्रत के भोजन में साधारण की बजाय सेंधा नमक का इस्तेमाल करना चाहिए।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;इन नवरात्रों में भूलकर भी मांस या मदिरा का सेवन नहीं करना चाहिए।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>सीएम योगी का नवरात्रि को लेकर बड़ा फैसला, 9 दिनों तक बंद रहेगी नॉन वेज की दुकान</title><link>https://up.inkhabar.com/top-news/cm-yogis-big-decision-regarding-navratri-non-veg-shops-will-remain-closed-for-9-days/</link><pubDate>October 2, 2024, 2:06 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/10/download-21-300x168.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>लखनऊ:&amp;nbsp; उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी अयोध्या में शारदीय नवरात्रि के त्योहार को देखते हुए बड़ा फैसला लिया गया है. प्रशासन ने अयोध्या भर में 9 दिन यानी 12 अक्टूबर तक मांस मछली की बिक्री पर लगाम लगा दी है.&amp;nbsp; इस दौरान नॉन वेज की सभी दुकानें...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ:&lt;/strong&gt;&amp;nbsp; उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी अयोध्या में शारदीय नवरात्रि के त्योहार को देखते हुए बड़ा फैसला लिया गया है. प्रशासन ने अयोध्या भर में 9 दिन यानी 12 अक्टूबर तक मांस मछली की बिक्री पर लगाम लगा दी है.&amp;nbsp; इस दौरान नॉन वेज की सभी दुकानें बंद रहेगी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;पूरी नवरात्रि बंद रहेगी दुकान&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि यह आदेश खाद्य विभाग के सहायक आयुक्त ने जारी किया है. शारदीय नवरात्रि की शुरुआत गुरुवार (3 अक्टूबर 2024) से शुरू हो रहा है। इसे देखते हुए डीसी ने इन पवित्र दिनों में नॉन वेज की दुकानों को बंद करने का फैसला सुनाया है. इसका पालन नहीं करने पर कानूनी कार्रवाई भी की जायेगी.&lt;/p&gt;



&lt;figure class=&quot;wp-block-image size-full&quot;&gt;&lt;img loading=&quot;lazy&quot; decoding=&quot;async&quot; width=&quot;911&quot; height=&quot;527&quot; src=&quot;https://up.inkhabar.com/wp-content/uploads/2024/10/image.png&quot; alt=&quot;&quot; class=&quot;wp-image-18339&quot; srcset=&quot;https://up.inkhabar.com/wp-content/uploads/2024/10/image.png 911w, https://up.inkhabar.com/wp-content/uploads/2024/10/image-300x174.png 300w, https://up.inkhabar.com/wp-content/uploads/2024/10/image-768x444.png 768w, https://up.inkhabar.com/wp-content/uploads/2024/10/image-150x87.png 150w, https://up.inkhabar.com/wp-content/uploads/2024/10/image-696x403.png 696w&quot; sizes=&quot;auto, (max-width: 911px) 100vw, 911px&quot; /&gt;&lt;/figure&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;श्रद्धालु की आस्था को देखते हुए लिया गया निर्णय&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;देश के कोने-कोने से लाखों श्रद्धालु भगवान राम के दर्शन के लिए राम नगरी अयोध्या पहुंचते हैं। नवरात्र मेले को देखते हुए खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत पूरे जिला क्षेत्र में 3 अक्टूबर से रात 12 बजे तक मांस, मछली और अंडे की खरीद-बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है. इस फैसले का उल्लंघन करने पर भारतीय दण्ड संहिता की धारा 188 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;मैहर में भी पूरी तरह रहेगा मांस मछली पर रोक&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;दूसरी तरफ मध्य प्रदेश के मैहर नगर क्षेत्र में शारदीय नवरात्रि के त्योहार को देखते हुए एक बड़ा फैसला लिया गया है. प्रशासन ने मैहर भर में 9 दिन यानी 12 अक्टूबर तक मांस मछली की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दी है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;मैहर SDM ने जारी किया आदेश&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि यह आदेश मैहर एसडीएम ने जारी किया है. शारदीय नवरात्रि का पावन पर्व गुरुवार (3 अक्टूबर 2024) से शुरू हो रहा है। इसे देखते हुए एसडीएम ने यह निर्णय लिया है। इसका पालन नहीं करने पर कानूनी कार्रवाई भी की जायेगी.&lt;/p&gt;
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