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       <title>Today SC News | Latest SC News | Breaking SC News in English | Latest SC News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का SC समाचार:Today SC News ,Latest SC News,Aaj Ka Samachar ,SC समाचार ,Breaking SC News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
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        </image><item><title>ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने मदरसा एक्ट को लेकर SC के फैसले को बताया ऐतिहासिक</title><link>https://up.inkhabar.com/states/all-india-muslim-personal-law-board-calls-scs-decision-regarding-madrassa-act-historic/</link><pubDate>April 5, 2024, 9:34 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/04/download-2024-04-05T150422.167.png</image><category>राज्य</category><excerpt>लखनऊ। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को &amp;#8216;यूपी बोर्ड ऑफ मदरसा एजुकेशन एक्ट 2004&amp;#8217; को असंवैधानिक करार देने वाले इलाहाबाद HC के 22 मार्च के फैसले पर रोक लगा दी। कोर्ट ने कहा कि इलाहाबाद HC के इस फैसले से 17 लाख छात्रों पर असर पड़ेगा। साथ ही ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ।&lt;/strong&gt; सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को &amp;#8216;यूपी बोर्ड ऑफ मदरसा एजुकेशन एक्ट 2004&amp;#8217; को असंवैधानिक करार देने वाले इलाहाबाद HC के 22 मार्च के फैसले पर रोक लगा दी। कोर्ट ने कहा कि इलाहाबाद HC के इस फैसले से 17 लाख छात्रों पर असर पड़ेगा। साथ ही SC ने यूपी सरकार को इस मामले में जवाब देने का निर्देश दिया। वहीं सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले पर ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने प्रतिक्रिया दी है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;सुप्रीम कोर्ट का फैसला ऐतिहासिक&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड यानी AIMPLB के सदस्य मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि हम इस फैसले का स्वागत करते हैं। यूपी में लगभग 17 लाख छात्र मदरसा बोर्ड के तहत शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं, इसमें हजारों शिक्षक और अन्य कर्मचारी शामिल हैं। उनके भविष्य पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न लग गया था। आज सुप्रीम कोर्ट द्वारा इस पर रोक लगाने के बाद लोगों में खुशी है। सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला ऐतिहासिक है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;इलाहाबाद HC ने बताया था असंवैधानिक&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि 22 मार्च को उत्तर प्रदेश की इलाहाबाद HC की लखनऊ बेंच ने ‘यूपी बोर्ड ऑफ मदरसा एजुकेशन एक्ट 2004’ को असंवैधानिक करार दिया था। हाई कोर्ट ने इस एक्ट को धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांत का उल्लंघन बताया। साथ ही उत्तर प्रदेश सरकार को एक स्कीम लाने का निर्देश दिया, जिसके द्वारा मदरसों में पढ़ रहे छात्रों को औपचारिक शिक्षा प्रणाली में सम्मलित किया जा सके। अंशुमान सिंह राठौड़ की याचिका पर जस्टिस विवेक चौधरी और जस्टिस सुभाष विद्यार्थी की खंडपीठ ने यह फैसला सुनाया था।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>शाही ईदगाह मामले में मुस्लिम पक्ष को झटका, इलाहबाद HC के फैसले पर SC ने रोक लगाने से किया इंकार</title><link>https://up.inkhabar.com/states/shock-to-muslim-side-in-shahi-eidgah-case-sc-refuses-to-stay-allahabad-hcs-decision/</link><pubDate>December 15, 2023, 8:22 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/12/download-2023-12-14T165758.483-300x169.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>लखनऊ। शाही ईदगाह मामले में मुस्लिम पक्ष को सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा है। दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने कृष्‍ण जन्‍मभूमि और शाही ईदगाह परिसर के सर्वे पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। मालूम हो कि इलाहाबाद हाई कोर्ट ने गुरुवार को कृष्‍ण जन्‍मभूमि और शाह...</excerpt><content>
&lt;p&gt;लखनऊ।&lt;a href=&quot;https://up.inkhabar.com/states/shri-krishna-janmabhoomi-after-gyanvapi-now-survey-of-shahi-idgah-will-be-done-approval-received-from-high-court/&quot;&gt; शाही ईदगाह &lt;/a&gt;मामले में मुस्लिम पक्ष को सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा है। दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने कृष्‍ण जन्‍मभूमि और शाही ईदगाह परिसर के सर्वे पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। मालूम हो कि इलाहाबाद हाई कोर्ट ने गुरुवार को कृष्‍ण जन्‍मभूमि और शाही ईदगाह परिसर के सर्वे की अनुमति दी थी। जिसे लेकर मथुरा ईदगाह कमिटी ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। हालांकि ईदगाह कमिटी को सुप्रीम कोर्ट से निराशा हाथ लगी है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Article 370: SC के फैसले पर अखिलेश बोले- अब कोई बात ही नहीं बनती</title><link>https://up.inkhabar.com/politics/article-370-akhilesh-said-on-scs-decision-nothing-matters-now/</link><pubDate>December 11, 2023, 1:03 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/11/download-2023-11-28T111212.038-300x169.png</image><category>राजनीति</category><excerpt>लखनऊ। जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 (Article 370) को निरस्त किए जाने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर गई थी, जिसे लेकर उच्चतम न्यायालय का ऐतिहासिक फैसला सामने आया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाना संवैधानिक...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ। &lt;/strong&gt;जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 (Article 370) को निरस्त किए जाने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर गई थी, जिसे लेकर उच्चतम न्यायालय का ऐतिहासिक फैसला सामने आया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाना संवैधानिक रूप से सही है। जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और भारत का संविधान जम्मू कश्मीर के संविधान से ऊंचा है। SC के फैसले पर समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव बयान सामने आया है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;SC के फैसले के बाद…&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इटावा में मीडिया से बात करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि आज सुप्रीम कोर्ट का फैसला आया है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद कोई बात नहीं बनती है लेकिन कुछ लोग यह समझते हैं कि जिस भावना से 370 लागू हुई थी उस भावना के पक्ष में निर्णय नहीं है। लेकिन सुप्रीम कोर्ट का फैसला आ गया है और सभी उसे मानेंगे।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;अखिलेश ने उठाये ये सवाल&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;अखिलेश यादव ने आगे कहा कि सीमाओं की सुरक्षा को लेकर अभी भी कुछ सवाल हैं। बीजेपी को देश की जनता को बताना होगा कि वह सीमाओं की सुरक्षा को लेकर और क्या ठोस निर्णय लेगी। विधानसभा के परिसीमन को लेकर सवाल उठे थे, वहां अभी भी सीटें खाली हैं। क्या बीजेपी आने वाले समय में उन खाली सीटों को भरने को लेकर कोई फैसला लेगी?&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;क्या था अनुच्छेद 370&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि अनुच्छेद 370 भारतीय संविधान प्रावधान क प्रावधान था। यह जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देता था। इस अनुच्छेद की वजह से भारतीय संविधान की उपयोगिता राज्य में सीमित हो जाती थी। इसके तहत भारत के राष्ट्रपति जरूरत पड़ने पर राज्य के किसी हिस्से में बदलाव करके संविधान लागू कर सकते थे लेकिन इसके लिए राज्य सरकार की सहमति जरूरी थी।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Article 370: सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर बोले CM योगी, SC का निर्णय अभिनंदनीय</title><link>https://up.inkhabar.com/states/article-370-cm-yogi-said-on-the-decision-of-supreme-court-scs-decision-is-welcome/</link><pubDate>December 11, 2023, 10:10 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/11/download-2023-11-09T111728.140-300x169.png</image><category>राज्य</category><excerpt>लखनऊ। जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 (Article 370) को निरस्त किए जाने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर गई थी, जिसे लेकर उच्चतम न्यायालय का ऐतिहासिक फैसला सामने आया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाना संवैधानिक...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ।&lt;/strong&gt; जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 (Article 370) को निरस्त किए जाने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर गई थी, जिसे लेकर उच्चतम न्यायालय का ऐतिहासिक फैसला सामने आया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाना संवैधानिक रूप से सही है। जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और भारत का संविधान जम्मू कश्मीर के संविधान से ऊंचा है। SC के फैसले पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी प्रतिक्रिया दी है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;SC का निर्णय अभिनंदनीय&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;सीएम योगी ने एक्स पर लिखा है कई उच्चतम न्यायालय द्वारा धारा 370 और 35 A के संबंध में दिया गया निर्णय अभिनंदनीय है। यह &amp;#8216;एक भारत-श्रेष्ठ भारत&amp;#8217; की भावना को मजबूती प्रदान करने वाला है। &amp;#8216;राष्ट्र प्रथम&amp;#8217; की भावना के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जम्मू- कश्मीर को देश की मुख्यधारा से जोड़ने वाले ऐतिहासिक कार्य के लिए 25 करोड़ प्रदेश वासियों की ओर से उनका पुनः हार्दिक आभार। निश्चित रूप से प्रधानमंत्री के यशस्वी नेतृत्व में जम्मू-कश्मीर तथा लद्दाख क्षेत्र सुशासन, विकास और समृद्धि के नए मापदंड स्थापित करेंगे।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;क्या था अनुच्छेद 370&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि अनुच्छेद 370 भारतीय संविधान प्रावधान क प्रावधान था। यह जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देता था। इस अनुच्छेद की वजह से भारतीय संविधान की उपयोगिता राज्य में सीमित हो जाती थी। इसके तहत भारत के राष्ट्रपति जरूरत पड़ने पर राज्य के किसी हिस्से में बदलाव करके संविधान लागू कर सकते थे लेकिन इसके लिए राज्य सरकार की सहमति जरूरी थी।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>माफिया अतीक-अशरफ हत्या मामले में यूपी सरकार ने SC में दाखिल किया हलफनामा</title><link>https://up.inkhabar.com/states/up-government-filed-affidavit-in-sc-in-mafia-atiq-ashraf-murder-case/</link><pubDate>September 30, 2023, 12:24 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/09/Clipboard-2023-09-21T185313.714-300x169.jpg</image><category>राज्य</category><excerpt>लखनऊ। योगी सरकार ने माफिया अतीक और अशरफ की हत्या के मामले में SC में हलफनामा दाखिल किया है। यूपी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि हत्याकांड में निष्पक्ष सुनवाई सुनिश्चित होगी। SC के निर्देशों के अनुसार हत्याकांड की जांच की जा रही है। पुलिस की ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ।&lt;/strong&gt; योगी सरकार ने माफिया अतीक और अशरफ की हत्या के मामले में SC में हलफनामा दाखिल किया है। यूपी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि हत्याकांड में निष्पक्ष सुनवाई सुनिश्चित होगी। SC के निर्देशों के अनुसार हत्याकांड की जांच की जा रही है। पुलिस की तरफ से भी कोई गलती नहीं की गई है। मालूम हो कि सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामे में यूपी सरकार ने कहा है कि पुलिस मुठभेड़ों में मारे गए लोगों की त्वरित जांच के निर्देश दिए गये। जांच पूरी निष्पक्षता से होगी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;जल्द पकड़ी जाएगी शाइस्ता परवीन&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;उधर माफिया अतीक अहमद के भाई अशरफ का साला सद्दाम के गिरफ्तार होने से पुलिस को कई अहम सुराग मिल रहे हैं। बताया जा रहा है कि सद्दाम की फरार बहन जैनब और माफिया अतीक की पत्नी शाइस्ता के बारे में भी पुलिस को जानकारी हाथ लगी है। इसे लेकर प्रयागराज पुलिस और एसटीएफ की टीमें बरेली एसटीएफ से संपर्क में हैं। जल्द ही शाइस्ता, जैनब, गुड्डू बमबाज और अरमान पुलिस की गिरफ्त में आ सकते हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;पुलिस अभिरक्षा में मारी गई थी गोली&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि 15 अप्रैल की रात को माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या प्रयागराज के कॉल्विन हॉस्पिटल के बाहर कर दी गई। हत्या के वक़्त दोनों भाई पुलिस की हिरासत में थे तभी मीडियाकर्मी बनकर आए तीन हमलावरों ने उन्हें गोलियों से भून डाला था। तीनों आरोपियों को पुलिस ने पकड़ लिया था। शूटरों की पहचान सनी सिंह, लवलेश तिवारी और अरुण मौर्य के रूप में हुई है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>ज्ञानवापी में मिले शिवलिंग की नहीं होगी कार्बन डेटिंग, अगली सुनवाई तक SC ने लगाई रोक</title><link>https://up.inkhabar.com/top-news/carbon-dating-of-shivling-found-in-gyanvapi-will-not-be-done-sc-bans-till-next-hearing/</link><pubDate>May 19, 2023, 10:35 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/05/download-2023-05-19T120448.310-300x169.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>लखनऊ। ज्ञानवापी मस्जिद में कथित शिवलिंग के साइंस्टिफिक सर्वे के खिलाफ मुस्लिम पक्ष के याचिका पर आज SC में सुनवाई हुई। इलाहाबाद HC के आदेश के खिलाफ मुस्लिम पक्ष की याचिका की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को नोटिस जारी किया।...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ।&lt;/strong&gt; ज्ञानवापी मस्जिद में कथित शिवलिंग के साइंस्टिफिक सर्वे के खिलाफ मुस्लिम पक्ष के याचिका पर आज SC में सुनवाई हुई। इलाहाबाद HC के आदेश के खिलाफ मुस्लिम पक्ष की याचिका की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को नोटिस जारी किया। इसके अलावा 12 मई के इलाहाबाद HC के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है। इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि इस मामले में बहुत संभलकर चलने की जरुरत है। पहले हाईकोर्ट के आदेश की बारीकी से जांच करनी होगी।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि ज्ञानवापी मस्जिद प्रबंधन समिति की ओर से वकील हुजेफा अहमदी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस पीएस नरसिहा और जेबी पारदीवाला की पीठ ने इस मामले में सुनवाई की।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;SC गया मुस्लिम पक्ष&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ज्ञानवापी मस्जिद में कथित शिवलिंग का वैज्ञानिक सर्वे का आदेश दिया था, जिसके बाद मस्जिद परिसर में मौजूद शिवलिंग की कार्बन डेटिंग होनी है। जबकि मुस्लिम पक्ष शिवलिंग की कार्बन डेटिंग के खिलाफ है। इस वजह से मुस्लिम पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती दी है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;जानिए मामला&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;दरअसल कोर्ट के आदेश पर ज्ञानवापी मस्जिद में सर्वे के दौरान एक ढांचा मिला था। इस ढांचे को हिंदू पक्ष शिवलिंग बता रहा है तो मुस्लिम पक्ष का कहना है कि वह फव्वारा है। इसके लिए हिंदू पक्ष के वकील विष्णु शंकर जैन ने याचिका दायर कर वैज्ञानिक सर्वेक्षण कराने की मांग की थी।&lt;/p&gt;
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