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       <title>Today Ratan Tata News | Latest Ratan Tata News | Breaking Ratan Tata News in English | Latest Ratan Tata News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का Ratan Tata समाचार:Today Ratan Tata News ,Latest Ratan Tata News,Aaj Ka Samachar ,Ratan Tata समाचार ,Breaking Ratan Tata News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
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        </image><item><title>Ratan Tata Death: कौन है शांतनु नायडू?, हमेशा रतन टाटा के साथ रहने वाले</title><link>https://up.inkhabar.com/national/ratan-tata-death-who-is-shantanu-naidu-who-always-stayed-with-ratan-tata/</link><pubDate>October 10, 2024, 12:28 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/10/रपंमनल.webp</image><category>देश</category><excerpt>लखनऊ। देश के दिग्गज बिजनेस मैन रतन टाटा ने देर रात मुंबई के एक अस्पताल में आखिरी सांस ली। रतन टाटा के निधन की खबरों ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया। देश की कई बड़ी हस्तियों और उद्योगपतियों ने रतन टाटा के निधन पर शोक जताया है। रतन टाटा के पार्थिव ...</excerpt><content>
&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ।&lt;/strong&gt; देश के दिग्गज बिजनेस मैन रतन टाटा ने देर रात मुंबई के एक अस्पताल में आखिरी सांस ली। रतन टाटा के निधन की खबरों ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया। देश की कई बड़ी हस्तियों और उद्योगपतियों ने रतन टाटा के निधन पर शोक जताया है। रतन टाटा के पार्थिव शरीर को अंतिम विदाई देने के लिए मुंबई के नेशनल सेंटर फॉर परफॉर्मिंग आर्टस हॉल में रखा गया।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;अंतिम यात्रा में आगे दिखे शांतनु&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;रतन टाटा के पार्थिव शरीर को हॉल तक ले जाते वक्त सबसे आगे शांतनु नायडू दिखाई दिए। अंतिम यात्रा में शांतनु बाइक से आगे-आगे चल रहे थे। शांतनु ने सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर रतन टाटा के निधन पर शोक जताया। भारत के चेयरमैन रतन टाटा का 86 की उम्र में निधन हो गया। वह कई दिनों से बीमार थे। 31 साल के शांतनु मुंबई के निवासी है। शांतनु ने रतन टाटा को  काफी प्रभावित किया था।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सबसे युवा असिस्टेंट&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;शांतनु टाटा ट्रस्ट के सबसे युवा असिस्टेंट है। वह पहली बार साल 2014 में रतन टाटा से मिले थे। जब शांतनु ने रात के समय सड़क दुर्घटनाओं के अवारा कुत्तों की सुरक्षा के लिए सुरक्षा कॉलर तैयार किया था। इसके बाद ही रतन टाटा ने शांतनु को अपनी टीम में रख लिया था। पिछले 10 सालों में शांतनु रतन टाटा के सबसे नजदीकी और भरोसेमंद दोस्त माने जाते थे।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>रतन टाटा ने देश के लिए किए हजारों ऐसे काम जो ताउम्र रहेगा लोगों के अंदर जिंदा, देखें उनके 5 बेस्ट काम</title><link>https://up.inkhabar.com/top-news/ratan-tata-did-thousands-of-such-works-for-the-country-which-will-remain-alive-in-the-minds-of-people-throughout-his-life-see-his-5-best-works/</link><pubDate>October 10, 2024, 1:54 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/10/download-59-300x168.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>लखनऊ: दिग्गज उद्योगपति रतन टाटा अब हमारे बीच नहीं रहे, 86 साल की उम्र में उन्होंने अंतिम अंतिम सांस लिया। रतन टाटा का नाम भारतीय इतिहास में सुनहरे अक्षरों में लिखा जाएगा। भारत में जब भी उद्योगपतियों का जिक्र होता है. रतन टाटा का नाम सबसे पहले ल...</excerpt><content>
&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ: &lt;/strong&gt;दिग्गज उद्योगपति रतन टाटा अब हमारे बीच नहीं रहे, 86 साल की उम्र में उन्होंने अंतिम अंतिम सांस लिया। रतन टाटा का नाम भारतीय इतिहास में सुनहरे अक्षरों में लिखा जाएगा। भारत में जब भी उद्योगपतियों का जिक्र होता है. रतन टाटा का नाम सबसे पहले लिया जाएगा. उन्होंने अपने जीवन की सार्थक यात्रा में कई ऐतिहासिक कार्य किये।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;पूरी दुनिया के लिए एक मिसाल है रतन टाटा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;दरअसल, रतन टाटा को भारतीय उद्योग जगत का जनक भी कहा जाता है। उन्होंने अपने व्यक्तित्व से लोगों को प्रभावित किया. रतन टाटा ने इस दुनिया को कई अनमोल तोहफे दिये. उनका योगदान आज भारत समेत पूरी दुनिया के लिए एक मिसाल है। दरअसल, राष्ट्र निर्माण में रतन टाटा का अतुलनीय योगदान है, जिसे भुलाया नहीं जा सकता। लेकिन उनमें से कुछ ऐसे भी हैं जिन्होंने समय के क्षितिज पर अपनी अमिट छाप छोड़ी है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;कोविड के दौरान चला था टाटा ट्रस्ट&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;बता दें कि जिस वक्त पूरी दुनिया कोरोना जैसी महामारी से जूझ रही थी, भारत भी स्वास्थ्य संकट से जूझ रहा था. संकट की इस घड़ी में रतन टाटा आगे आए और देश को 500 करोड़ रुपये की मदद दी. उन्होंने एक्स (x) पर लिखा था, कोविड-19 हमारे सामने आने वाली सबसे कठिन चुनौतियों में से एक है. टाटा ट्रस्ट और टाटा समूह की कंपनियां अतीत में भी देश की जरूरतों के लिए आगे आईं हैं. इस समय आवश्यकता अधिक है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;स्वभाव से थे बेहद सौम्य&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;रतन टाटा अपने सौम्य स्वभाव और उदार हृदय के लिए जाने जाते थे। उन्हें कुत्तों से बहुत प्यार था. अभी कुछ दिन पहले ही उन्होंने कुत्तों के लिए एक अस्पताल खोला है. अस्पताल खोलते समय उन्होंने कहा था कि मैं कुत्तों को अपने परिवार का हिस्सा मानता हूं.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;जानवरों से था अधिक प्रेम&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;रतन टाटा ने आगे कहा था कि मैंने अपने जीवन में कई पालतू जानवर पाल रखे हैं। इस वजह से मुझे अस्पताल का महत्व पता है.&amp;#8217; नवी मुंबई में उनके द्वारा बनाया गया अस्पताल 5 मंजिला है, जिसमें एक साथ 200 पालतू जानवरों का इलाज किया जा सकता है। इसे 165 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया है। रतन टाटा का कुत्तों के प्रति प्रेम इस बात से भी समझा जा सकता है कि एक बार वह मिनेसोटा यूनिवर्सिटी में एक कुत्ते को लेकर गए थे। जहां कुत्ते का जॉइंट रिप्लेसमेंट किया गया.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;अपनी ब्रांड को लेकर बेहद पॉपुलर हैं टाटा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;टाटा ग्रुप पहले बड़ी गाड़ियों के निर्माण के लिए ही जाना जाता था। लेकिन 1998 में रतन टाटा ने छोटी गाड़ियों की दुनिया में कदम रखने का फैसला किया और उन्होंने टाटा इंडिका को बाजार में लॉन्च किया। टाटा इंडिका पूरी तरह से स्वदेशी कार थी। जिसे लोगों ने खूब पसंद किया और इसने बिक्री के सारे रिकॉर्ड तोड़ते हुए बाजार में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया। करीब एक दशक बाद टाटा ने एक और प्रयोग किया और 2008 में नैनो कार बाजार में उतारी, जिसकी कीमत 1 लाख रुपये से भी कम थी.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;ऐसी है टाटा मोटर्स की कहानी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;कहते हैं अगर आप ठान लें तो कोई भी लक्ष्य बड़ा नहीं होता, टाटा इंडिका की हालत इतनी खराब हो रही थी कि साल 1999 में टाटा ने इसे बेचने का फैसला किया। जुनूनी रतन टाटा के लिए यह एक बड़ा झटका था। वह अपनी कार कंपनी बिल फोर्ड को भी बेचना चाहते थे।&lt;/p&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;लेकिन बिल फोर्ड ने व्यंग्य करते हुए कहा कि जब उन्हें यात्री कार बनाने का कोई अनुभव नहीं था तो फिर उन्होंने यह बचकानी हरकत क्यों की? इससे उन्हें ठेस पहुंची और उन्होंने कंपनी बेचने से इनकार कर दिया. एक दशक बाद समय बदला और फोर्ड मोटर्स की हालत खराब हो गई। जिसके कारण फोर्ड को बेचना पड़ा और रतन टाटा ने इसे खरीद लिया।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;लोगों के दिमाग में पहला नाम TCS&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;जब लोग भारत में सॉफ्टवेयर कंपनियों का जिक्र करते हैं तो उनके दिमाग में सबसे पहला नाम टीसीएस का आता है। टीसीएस दुनिया की सबसे बड़ी सूचना प्रौद्योगिकी और बिजनेस प्रोसेस आउटसोर्सिंग सेवा कंपनियों में से एक है। जिसने प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देने के साथ-साथ बड़े पैमाने पर रोजगार भी पैदा किया है।&lt;/p&gt;
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