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       <title>Today method of worship News | Latest method of worship News | Breaking method of worship News in English | Latest method of worship News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का method of worship समाचार:Today method of worship News ,Latest method of worship News,Aaj Ka Samachar ,method of worship समाचार ,Breaking method of worship News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
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        </image><item><title>Utpanna Ekadashi: आज है उत्पन्ना एकादशी, जानें शुभ मुहूर्त और पूजा विधि</title><link>https://up.inkhabar.com/festival/utpanna-ekadashi-today-is-utpanna-ekadashi-know-the-auspicious-time-and-method-of-worship/</link><pubDate>November 26, 2024, 7:37 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/11/iut.webp</image><category>त्योहार</category><excerpt>लखनऊ। आज है उत्पन्ना एकादशी का व्रत। इस दिन व्रत करने से सभी मनोकामनाओं की पूर्ति होती है। इस दिन भगवान विष्णु की विधि-विधान से पूजा की जाती है। जो लोग एकादशी व्रत करना शुरु करना चाहते हैं, वे उत्पन्ना एकादशी से इसकी शुरुआत कर सकते हैं, क्योंकि...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ।&lt;/strong&gt; आज है उत्पन्ना एकादशी का व्रत। इस दिन व्रत करने से सभी मनोकामनाओं की पूर्ति होती है। इस दिन भगवान विष्णु की विधि-विधान से पूजा की जाती है। जो लोग एकादशी व्रत करना शुरु करना चाहते हैं, वे उत्पन्ना एकादशी से इसकी शुरुआत कर सकते हैं, क्योंकि इसी दिन देवी एकादशी जन्मी थी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;एकादशी का शुभ मुहूर्त&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इस दिन विष्णु भगवान की विधिपूर्वक पूजा करने से भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं। साथ ही तुलसी माता की आराधना का भी खास महत्व होता है। पंचांग के मुताबिक मार्गशीर्ष मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि 26 नवंबर को रात 01:1 मिनट पर आरंभ होगी। इस तिथि की समाप्ति 27 नवंबर को रात 03: 47 मिनट पर होगी। अतः 26 नवंबर को उत्पन्ना एकादशी का व्रत किया जाएगा। उत्पन्ना एकादशी व्रत का पारण समय 27 नवंबर को अपराह्न 1:12 बजे से शुरु होगा। जो अपराह्न 3:18 बजे समाप्त हो जाएगा। उत्पन्ना एकादशी में पूजा का शुभ मुहूर्त 26 नवंबर को प्रातः 11:47 बजे से 12:29 बजे तक रहेगा।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;उत्पन्ना की पूजा विधि&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;सुबह स्नान करके साफ कपड़े पहने। इसके बाद पूजा स्थल की अच्छे से सफाई करें। इसके पश्चात भगवान विष्णु की प्रतिमा को स्थापित करें। इसके बाद गंगाजल से भगवान विष्णु का जलाभिषेक करें। इसके बाद भगवान को पीले वस्त्र चढ़ाने चाहिए। भगवान विष्णु को फूल, अक्षत, फल और तुलसी के पत्ते चढ़ाने चाहिए। इसके बाद भगवान विष्णु की प्रतिमा के सामने दीप जलाकर मंत्रों का उच्चारण करें। इसके बाद भगवान विष्णु को मीठे का भोग लगाकर आरती करें। व्रत रखने वालों को दिनभर उपवास का पालन करना चाहिए, लेकिन इस दिन नियमित मात्रा में फलों का आहार करना चाहिए। रात में भगवान विष्णु के भजन-कीर्तन करें।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Goverdhan Puja: आज है गोवर्धन पूजा, जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व</title><link>https://up.inkhabar.com/festival/goverdhan-puja-today-is-govardhan-puja-know-the-auspicious-time-method-of-worship-and-importance/</link><pubDate>November 2, 2024, 7:27 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/11/GIO-300x169.webp</image><category>त्योहार</category><excerpt>लखनऊ। आज पूरे भारत में धूमधाम से गोवर्धन पूजा मनाई जा रही है। गोवर्धन पूजा को अन्नकूट के नाम से भी जाना जाता है। गोवर्धन पूजा का संबंध द्वापर युग से है। यह त्योहार भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित है। यह त्योहार प्रकृति और मानव के बीच संबंध को दर्शात...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ।&lt;/strong&gt; आज पूरे भारत में धूमधाम से गोवर्धन पूजा मनाई जा रही है। गोवर्धन पूजा को अन्नकूट के नाम से भी जाना जाता है। गोवर्धन पूजा का संबंध द्वापर युग से है। यह त्योहार भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित है। यह त्योहार प्रकृति और मानव के बीच संबंध को दर्शाता है। गोवर्धन पूजा खास तौर पर वृंदावन,मथुरा, गोकुल और बरसाना में मनाई जाती है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;पूजा का शुभ मुहूर्त&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;गोवर्धन पूजा का पर्व दिवाली के बाद मनाई जाती है, लेकिन इस बार 2 दिन दिवाली होने के कारण गोवर्धन पूजा 02 नवंबर को मनाई जा रही है। गोवर्धन पूजा के मौके पर घरों में अन्नकूट का भोग लगाया जाता है। इस साल गोवर्धन पूजा का शुभ मुहूर्त 02 अक्तूबर को दोपहर 03: 22 मिनट से लेकर शाम 05: 34 मिनट तक का है। इस शुभ मुहूर्त में गोवर्धन पूजा करना बहुत ही शुभ है। गोवर्धन पूजा प्रातःकाल मुहूर्त : 06:34 से 08:46 तक है। वहीं गोवर्धन पूजा सायंकाल मुहूर्त :15:22 से 17:34 तक का है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;पूजा का महत्व&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक हर साल कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि पर गोवर्धन की पूजा करने से आर्थिक परेशानी दूर होती हैं। इसके अतिरिक्त धन-धान्य, संतान और सौभाग्य की प्रप्ति होती है। इस दिन जो भी भक्त भगवान गिरिराज की विधि-विधान से पूजा करते है तो उसके घर में सुख समृद्धि बनी रहती है और गिरिराज महाराज जो भगवान श्री कृष्ण का ही स्वरूप हैं, उनका आशीर्वाद पूरे परिवार पर बना रहता है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;पूजा विधि&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;गोवर्धन पूजा पर गाय, भगवान कृष्ण और गोवर्धन पर्वत की खास तौर पर पूजा की जाती है। गोवर्धन पूजा करने के लिए आप सबसे पहले घर के आंगन में गाय के गोबर से श्री कृष्ण की चित्र बनाए। इसके बाद चावल, रोली, बताशे, खीर, जल, केसर, दूध, पान, फूल और दीया जलाकर गोवर्धन भगवान की पूजा करें। इसके बाद अपने परिवार समेत श्रीकृष्ण स्वरुप गोवर्धन की सात बार परिक्रमा करें। मान्यता है कि इस दिन विधि विधान गोवर्धन भगवान की पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती है। वहीं गायों को गुड़ व चावल खिलाने से भगवान श्री कृष्ण की कृपा बनी रहती है।&lt;/p&gt;
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