<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?>
<rss version="2.0"
    xmlns:ag="http://purl.org/rss/1.0/modules/aggregation/"  
    xmlns:annotate="http://purl.org/rss/1.0/modules/annotate/" 
    xmlns:app="http://www.w3.org/2007/app"
    xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
    xmlns:company="http://purl.org/rss/1.0/modules/company"
    xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
    xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
    xmlns:dcterms="http://purl.org/dc/terms/"
    xmlns:email="http://purl.org/rss/1.0/modules/email/"
    xmlns:ev="http://purl.org/rss/1.0/modules/event/"
    xmlns:rdf="http://www.w3.org/1999/02/22-rdf-syntax-ns#"
    xmlns:rdfs="http://www.w3.org/2000/01/rdf-schema#"
    xmlns:ref="http://purl.org/rss/1.0/modules/reference/"
    xmlns:taxo="http://purl.org/rss/1.0/modules/taxonomy/"
    xmlns:atom10="http://www.w3.org/2005/Atom">
    <channel>
       <title>Today Manmohan Singh News News | Latest Manmohan Singh News News | Breaking Manmohan Singh News News in English | Latest Manmohan Singh News News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का Manmohan Singh News समाचार:Today Manmohan Singh News News ,Latest Manmohan Singh News News,Aaj Ka Samachar ,Manmohan Singh News समाचार ,Breaking Manmohan Singh News News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
        <link>https://up.inkhabar.com/tag/manmohan-singh-news</link>
        <lastBuildDate>April 8, 2026, 10:59 am</lastBuildDate>
        <copyright>UP Inkhabar</copyright>
        <generator>UP Inkhabar</generator>
        <language>hi</language>
        <image>
            <url>https://up.inkhabar.com/wp-content/themes/inkhabar/images/inkhbar-logo.png</url>
            <title>UP Inkhabar</title>
            <link>https://up.inkhabar.com/</link>
            <description>Feed provided by UP Inkhabar.</description>
        </image><item><title>मनमोहन सिंह की सरकार से जुड़ी देश के लिए वो 10 बड़े फैसले, जानें यहां</title><link>https://up.inkhabar.com/politics/those-10-big-decisions-for-the-country-related-to-manmohan-singhs-government-know-here/</link><pubDate>December 27, 2024, 6:44 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/12/download-3-2.png</image><category>राजनीति</category><excerpt>लखनऊ: पूर्व प्रधानमंत्री और आर्थिक सुधारों के जनक डॉ. मनमोहन सिंह अब हमारे बीच नहीं रहे। गुरुवार रात 9.51 बजे दिल्ली के एम्स में उनका निधन हो गया। उन्होंने आरबीआई गवर्नर से लेकर प्रधानमंत्री तक का सफर तय किया. आर्थिक सुधारों की दिशा में उन्होंन...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ:&lt;/strong&gt; पूर्व प्रधानमंत्री और आर्थिक सुधारों के जनक डॉ. मनमोहन सिंह अब हमारे बीच नहीं रहे। गुरुवार रात 9.51 बजे दिल्ली के एम्स में उनका निधन हो गया। उन्होंने आरबीआई गवर्नर से लेकर प्रधानमंत्री तक का सफर तय किया. आर्थिक सुधारों की दिशा में उन्होंने जीएसटी, गरीबों को रसोई गैस की खरीद पर सब्सिडी, नरेगा, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, आरटीआई जैसे कई महत्वपूर्ण कदम उठाए, जिनका असर देश की अर्थव्यवस्था पर आज भी दिख रहा है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;कई क्रांतिकारी कदम उठाए&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि डॉ. मनमोहन सिंह 1991 से लेकर 1996 तक देश के वित्त मंत्री रहे। इसके बाद वो 2004 से 2014 तक प्रधानमंत्री की पद पर रहे. इससे पहले वह आरबीआई के गवर्नर भी रह चुके हैं। उन्होंने भारत की आर्थिक संरचना को मजबूत और उदार बनाने के लिए कई क्रांतिकारी कदम उठाए। उनके नेतृत्व में भारत ने वैश्विक अर्थव्यवस्था में अपनी पहचान बनाई। तो आइए जानते हैं उनके 10 बड़े आर्थिक सुधारों के बारे में.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;एफडीआई में वृद्धि&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;डॉ. मनमोहन सिंह ने अपने कार्यकाल के दौरान विभिन्न क्षेत्रों (खुदरा, विमानन, दूरसंचार, बीमा) में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की सीमा बढ़ाई। इससे विदेशी कंपनियों का निवेश बढ़ा, जिससे रोजगार के नए अवसर पैदा हुए और तकनीकी प्रगति हुई।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;आर्थिक स्थिति बेहतर&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;वित्त मंत्री रहते हुए डॉ. मनमोहन सिंह ने 1991 में आर्थिक उदारीकरण, निजीकरण और वैश्वीकरण (एलपीजी) की नीति लागू की। औद्योगिक लाइसेंस राज समाप्त हुआ, विदेशी निवेश के दरवाजे खुले और भारतीय अर्थव्यवस्था वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार हुई।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;2005 में नरेगा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;डॉ. मनमोहन सिंह ने वर्ष 2005 में नरेगा लागू किया, जो ग्रामीण भारत में रोजगार की गारंटी देने वाला कार्यक्रम है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबी कम करने और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने में मदद मिली।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;पेट्रोल-डीजल की कीमतों में डिरेगुलेशन&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;डॉ. मनमोहन सिंह ने 2010 में पेट्रोल की कीमतों को बाजार से जोड़ने और डीजल की कीमतों में चरणबद्ध बढ़ोतरी की नीति अपनाई। नतीजा यह हुआ कि सब्सिडी का बोझ कम हुआ और तेल कंपनियों की वित्तीय स्थिति में सुधार हुआ.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;जीएसटी की नींव&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;डॉ. मनमोहन सिंह ने जीएसटी की नींव रखी, इसकी अवधारणा को आगे बढ़ाया और विभिन्न करों को एकीकृत करने की दिशा में काम किया। हालाँकि, यह कर प्रणाली बाद में वर्ष 2017 में लागू हुई। कर प्रणाली को सरल और पारदर्शी बनाया गया।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;डॉ. मनमोहन सिंह ने राजमार्ग, बंदरगाह और रेलवे जैसी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को प्रोत्साहित किया। इससे लॉजिस्टिक लागत कम हुई और आर्थिक विकास को बढ़ावा मिला।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;बैंकिंग सेक्टर में काम&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;डॉ. मनमोहन सिंह ने बैंकों में एनपीए की समस्या को कम करने के लिए मजबूत नीतियां बनाईं। ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय समावेशन बढ़ाने के लिए बैंकों को ग्रामीण शाखाएँ खोलने के लिए प्रोत्साहित किया गया।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;आईटी और सॉफ्टवेयर क्षेत्र को मजबूत&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;डॉ. मनमोहन सिंह ने आईटी और सॉफ्टवेयर क्षेत्र को मजबूत करने के लिए नीतियां बनाईं, जिससे भारत एक वैश्विक आईटी केंद्र बन गया। यह क्षेत्र भारत के लिए निर्यात और रोजगार का एक प्रमुख स्रोत बन गया।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;चीनी उद्योग को नियंत्रण मुक्त किया&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;वर्ष 2013 में ही डॉ. मनमोहन सिंह ने चीनी उद्योग को नियंत्रण मुक्त कर दिया और कोयला आवंटन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए नीतियां बनाईं। इससे संबंधित क्षेत्रों में निवेश बढ़ा और उत्पादन में सुधार हुआ.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना लागू की&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;डॉ. मनमोहन सिंह ने गरीबों को रियायती दरों पर खाद्यान्न उपलब्ध कराने के लिए वर्ष 2013 में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना लागू की। खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित होने के साथ-साथ कुपोषण की समस्या भी कम हुई।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>दीक्षांत समारोह में शामिल होने वाराणसी पहुंचे थे मनमोहन सिंह, जहां गंगा आरती को एक टक निहारते रहे</title><link>https://up.inkhabar.com/top-news/manmohan-singh-had-reached-varanasi-to-attend-the-convocation-ceremony-where-he-kept-staring-at-the-ganga-aarti/</link><pubDate>December 27, 2024, 6:04 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/12/download-1-2-300x168.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>लखनऊ: देश के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के निधन की खबर के बाद राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई. विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोग देश के लिए डॉ. मनमोहन सिंह के अतुलनीय योगदान को याद कर रहे हैं और उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि दे रहे है...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ: &lt;/strong&gt;देश के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के निधन की खबर के बाद राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई. विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोग देश के लिए डॉ. मनमोहन सिंह के अतुलनीय योगदान को याद कर रहे हैं और उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि दे रहे हैं. इस बीच एक ऐसी किस्सा जो पूर्व पीएम की वाराणसी से जुड़ी हुई है, जिसे हम अभी नीचे लिखी गई खबर में जानेंगे।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;कांग्रेस के कार्यकर्ता भावुक&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;कल रात उनके निधन की खबर मिलते ही कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ता भावुक हो गये और उन्होंने वरिष्ठ कांग्रेस नेता डॉ. मनमोहन सिंह को श्रद्धांजलि देते हुए अगले दिन के सभी कार्यक्रम रद्द कर दिये. केंद्र सरकार की ओर से 7 दिनों के राजकीय शोक की घोषणा की गई है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;पूर्व पीएम को याद करते हुए राघवेंद्र चौबे ने कहा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;पूर्व पीएम को याद करते हुए कांग्रेस महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने कहा कि भारत के पूर्व प्रधानमंत्री और महान अर्थशास्त्री डॉ. मनमोहन सिंह के निधन से हम सभी कांग्रेस कार्यकर्ता बेहद आहत हैं. हमने अपना मार्गदर्शक खो दिया, 2008 में डॉ. मनमोहन सिंह अपने परिवार के साथ वाराणसी आए थे।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;काशी हिंदू विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह का जिक्र&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;उन्होंने आगे बताया इस दौरान वो काशी हिंदू विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में शामिल हुए थे. जहां उन्होंने दीक्षांत समारोह में उपस्थित लोगों के बीच आधे घंटे से अधिक समय तक संबोधन दिया। इस दौरान उन्होंने परिसर में मौजूद छात्रों को एक नई प्रेरणा दी. इसके अलावा उन्होंने काशी में अलग-अलग जगहों पर आयोजित कार्यक्रमों में भी हिस्सा लिया.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;आर्थिक संकट से बाहर निकालने में अहम योगदान&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि पूर्व पीएम साल 2008 में वाराणसी पहुंचे, जहां उन्होंने अपने फैमली के साथ बाबा काशी विश्वनाथ का दर्शन व पूजन किया था। इसके साथ-साथ गंगा आरती में शामिल हुए. आरती देख कर वो काफी भाव विभोर हो उठे थे. आरती को एक नजर से निहारते रहे। आखिरकार जब उनकी मृत्यु की खबर काशी वालों को लगी तो लोग कहने लगे कि 90 के दशक में मनमोहन सिंह बतौर वित्तमंत्री रहते हुए देश को आर्थिक संकट से बाहर निकाला था.&lt;/p&gt;
</content></item></channel></rss>