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       <title>Today Maha Kumbh Mela 2025 News | Latest Maha Kumbh Mela 2025 News | Breaking Maha Kumbh Mela 2025 News in English | Latest Maha Kumbh Mela 2025 News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का Maha Kumbh Mela 2025 समाचार:Today Maha Kumbh Mela 2025 News ,Latest Maha Kumbh Mela 2025 News,Aaj Ka Samachar ,Maha Kumbh Mela 2025 समाचार ,Breaking Maha Kumbh Mela 2025 News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
        <link>https://up.inkhabar.com/tag/maha-kumbh-mela-2025</link>
        <lastBuildDate>April 22, 2026, 1:30 pm</lastBuildDate>
        <copyright>UP Inkhabar</copyright>
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            <title>UP Inkhabar</title>
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        </image><item><title>महाकुंभ पहुंचे सीएम नायब सिंह सैनी, त्रिवेणी संगम में लगाई पवित्र डुबकी</title><link>https://up.inkhabar.com/top-news/cm-naib-singh-saini-reached-maha-kumbh-took-a-holy-dip-in-triveni-sangam/</link><pubDate>February 6, 2025, 8:48 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2025/02/Clipboard-6.jpg</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>लखनऊ। प्रयागराज महाकुंभ का आज 25वां दिन है। 13 जनवरी से अब तक 40 करोड़ लोग संगम में डुबकी लगा चुके हैं। हरियाणा के CM नायब सिंह सैनी पवित्र डुबकी लगाने के लिए प्रयागराज पहुंचे हैं। दोपहर होते-होते संगम जाने वाले सभी रास्ते श्रद्धालुओं से भर गए। ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ। &lt;/strong&gt;प्रयागराज महाकुंभ का आज 25वां दिन है। 13 जनवरी से अब तक 40 करोड़ लोग संगम में डुबकी लगा चुके हैं। हरियाणा के CM नायब सिंह सैनी पवित्र डुबकी लगाने के लिए प्रयागराज पहुंचे हैं। दोपहर होते-होते संगम जाने वाले सभी रास्ते श्रद्धालुओं से भर गए। अब आसपास के जिले और प्रयागराज शहर के लोग महाकुंभ पहुंचने लगे हैं। जिस वजह से सड़कों पर भार जाम लग गया है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;गाडियों की वजह से लगा लंबा जाम&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;मेले के आस-पास जो भी पार्किंग बनाई गई है, वह सभी गाड़ियों से खचाखच भर गई है। सारी गाड़ियों को वापस किया जा रहा है। यही कारण है कि हर तरफ लंबा जाम लगा है। कानपुर रोड, सुलेम सराय में एक साइड की रोड गाड़ियों से बिल्कुल भर चुकी है। मेले में आज पास वाली गाड़ी और बाइक को एंट्री दी जा रही है। गाड़ी पार्क कर संगम घाट तक पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को लगभग 3 किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ रहा है। मेले के अंदर बैरिकेडिंग को हटा दिया हैं। भीड़ अब एक से ज्यादा रास्तों से अलग-अलग घाटों तक पहुंच रही है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;रेत पर बनाया सैंड आर्ट&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;केंद्रीय मंत्री श्रीपद नाइक ने संगम में पवित्र डुबकी लगाई। स्नान के बाद श्रीपद नाइक ने कहा कि यह आयोजन भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा की दिव्यता को दर्शाता है। इस स्तर का आयोजन करना एक बड़ी चुनौती थी, लेकिन योगी सरकार ने इसे पूरी तरह सफल बनाया है। काशी विद्यापीठ के छात्र रूपेश ने महाकुंभ क्षेत्र में रेती पर सैंड आर्ट तैयार किया है। जिसमें उन्होंने शेषनाग और भगवान शिव के अमृत पीते हुए दर्शाया है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt; 3 कि.मी चलना होगा पैदल&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;मेले में आज पास वाली गाड़ी और बाइक को एंट्री मिल गई है। गाड़ियों को मेले से ठीक पहले वाली पार्किंग में पार्क कराया जा रहा है। जैसे जो व्यक्ति लखनऊ की ओर से आ रहे हैं, वह सिविल लाइंस और सीएमपी तक अपने वाहन तक ले जा रहे हैं। गाड़ी पार्क कर संगम घाट तक पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को लगभग 3 किलोमीटर पैदल चलना होगा।&lt;/p&gt;



&lt;figure class=&quot;wp-block-embed is-type-rich is-provider-twitter wp-block-embed-twitter&quot;&gt;&lt;div class=&quot;wp-block-embed__wrapper&quot;&gt;
&lt;blockquote class=&quot;twitter-tweet&quot; data-width=&quot;500&quot; data-dnt=&quot;true&quot;&gt;&lt;p lang=&quot;hi&quot; dir=&quot;ltr&quot;&gt;&lt;a href=&quot;https://twitter.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc%5Etfw&quot;&gt;#WATCH&lt;/a&gt; | Uttar Pradesh: Haryana CM Nayab Singh Saini reaches Prayagraj Airport to visit the &lt;a href=&quot;https://twitter.com/hashtag/MahaKumbh2025?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc%5Etfw&quot;&gt;#MahaKumbh2025&lt;/a&gt; &lt;a href=&quot;https://t.co/UyifzahKab&quot;&gt;pic.twitter.com/UyifzahKab&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href=&quot;https://twitter.com/ANI/status/1887388598271373470?ref_src=twsrc%5Etfw&quot;&gt;February 6, 2025&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt;&lt;script async src=&quot;https://platform.twitter.com/widgets.js&quot; charset=&quot;utf-8&quot;&gt;&lt;/script&gt;
&lt;/div&gt;&lt;/figure&gt;
</content></item><item><title>महाकुंभ में भीषण आग, मची अफरातफरी, कई टेंट जलकर हुआ राख</title><link>https://up.inkhabar.com/top-news/huge-fire-in-mahakumbh-chaos-created-many-tents-burnt-to-ashes/</link><pubDate>January 19, 2025, 11:34 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2025/01/download-24-1-300x169.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>लखनऊ: महाकुंभ क्षेत्र में भीषण आग लगने की खबर सामने आई है। आग लगने से अफरा तफरी का माहौल बना हुआ है। इस दौरान कई टेंट और सामान जलकर राख हो गए. बताया जा रहा है कि महाकुंभनगर के सेक्टर 19 में शार्ट सर्किट होने के कारण आग लगी है. इस बीच सिलेंडर फट...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ&lt;/strong&gt;: महाकुंभ क्षेत्र में भीषण आग लगने की खबर सामने आई है। आग लगने से अफरा तफरी का माहौल बना हुआ है। इस दौरान कई टेंट और सामान जलकर राख हो गए. बताया जा रहा है कि महाकुंभनगर के सेक्टर 19 में शार्ट सर्किट होने के कारण आग लगी है. इस बीच सिलेंडर फटने की भी खबर है. मेला क्षेत्र में आग इतनी भीषण है कि दूर से ही दिखाई दे रही है. इससे मेले में अफरा-तफरी का माहौल है. पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं. दमकल की कई गाड़ियां भी आग बुझाने में जुटी हुई हैं. फिलहाल किसी के घायल होने की कोई सूचना नहीं है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सीएम योगी ने ल‍िया संज्ञान&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;महाकुंभ में आग लगने की घटना पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी संज्ञान लिया है. उन्होंने राहत एवं बचाव के निर्देश दिये हैं. मेला अधिकारी विजय किरण भी मौके पर पहुंच गए हैं।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>महाकुंभ में कल मकर संक्रांति पर कब होगा शाही स्नान, यहां देखें सबकुछ</title><link>https://up.inkhabar.com/festival/when-will-the-royal-bath-take-place-tomorrow-on-makar-sankranti-in-maha-kumbh-see-everything-here/</link><pubDate>January 13, 2025, 12:20 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2025/01/download-27-1-300x168.png</image><category>त्योहार</category><excerpt>लखनऊ : महाकुंभ 2025 का महाआगाज आज सोमवार 13 जनवरी से हो चुका है। ऐसे में यह भव्य मेला 45 दिनों तक चलेगा। इस दौरान सात शाही स्नान यानी अमृत स्नान होगी। कल यानी 14 जनवरी मकर संक्रांति के दिन शाही स्नान होगा। इसमें तमाम अखाड़ें शामिल होंगे। इस शाही...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ : &lt;/strong&gt;महाकुंभ 2025 का महाआगाज आज सोमवार 13 जनवरी से हो चुका है। ऐसे में यह भव्य मेला 45 दिनों तक चलेगा। इस दौरान सात शाही स्नान यानी अमृत स्नान होगी। कल यानी 14 जनवरी मकर संक्रांति के दिन शाही स्नान होगा। इसमें तमाम अखाड़ें शामिल होंगे। इस शाही स्नान में अखाड़ों के संत, महंत और नागा साधू संगम में डुबकी लगाते हैं। प्रत्येक अखाड़े का स्नान समय पहले से तय होता है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;देखें शाही स्नान का समय&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि 14 जनवरी यानी मकर संक्रांति पर होने वाले पहले शाही स्नान की समय सारिणी सामने आ गई है। शाही स्नान सुबह 6.15 बजे शुरू होकर दोपहर 3.40 बजे खत्म होगा। पूरी समय सारिणी यहां देखें-&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सन्यासी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;ol class=&quot;wp-block-list&quot;&gt;
&lt;li&gt;श्री पंचायती अखाङा महानिर्वाणी एवं श्री शंभू पंचायती अटल अखाङा – 06:15 बजे&lt;/li&gt;



&lt;li&gt;श्री तपोनिधि पंचायती श्री निरंजनी अखाङा, एवं श्री पंचायती अखाङा आनन्द – 07:05 बजे&lt;/li&gt;



&lt;li&gt;श्री पंचदशनाम जूना अखाङा एवं श्रीपंचदशनाम आवाहन अखाङा तथा श्री पंचाग्नि अखाङा – 08:00 बजे&lt;/li&gt;
&lt;/ol&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;बैरागी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;ol class=&quot;wp-block-list&quot;&gt;
&lt;li&gt;अखिल भारतीय श्री पंच निर्मोही अनी अखाङा – 10:40 बजे&lt;/li&gt;



&lt;li&gt;अखिल भारतीय श्री पंच दिगम्बर अनी अखाङा – 11:20 बजे&lt;/li&gt;



&lt;li&gt;अखिल भारतीय श्री पंच निर्वाणी अनी अखाङा – 12:20 बजे&lt;/li&gt;
&lt;/ol&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;उदासीन&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;ol class=&quot;wp-block-list&quot;&gt;
&lt;li&gt;श्री पंचायती नया उदासीन अखाङा – 13:15 बजे&lt;/li&gt;



&lt;li&gt;श्री पंचायती अखाङा, बङा उदासीन, निर्वाण – 14:20 बजे&lt;/li&gt;



&lt;li&gt;श्री पंचायती निर्मल अखाङा – 15:40 बजे&lt;/li&gt;
&lt;/ol&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;आज पहले दिन करोड़ों लोगों ने किया स्नान&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि 13 जनवरी यानी पौष पूर्णिमा के स्नान के दिन प्रयागराज के संगम घाट पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। यहां श्रद्धालुओं ने स्नान किया और महाकुंभ में हिस्सा लिया। सोमवार दोपहर 3 बजे तक करीब 1 करोड़ श्रद्धालुओं ने महाकुंभ 2025 की शुरुआत में संगम क्षेत्र में पवित्र डुबकी लगाई।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Maha Kumbh: महाकुंभ मेले की शुरूआत, करोड़ों की संख्या में पहुंच रहे श्रद्धालु, संगम में करेंगे स्नान</title><link>https://up.inkhabar.com/desh-pradesh/maha-kumbh-mela-begins-millions-of-devotees-arriving-will-take-bath-in-sangam/</link><pubDate>January 13, 2025, 3:21 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2025/01/qw4r6-300x169.webp</image><category>देश-प्रदेश</category><excerpt>लखनऊ। तीर्थराज प्रयागराज में त्रिवेणी संगम के तट पर सनातन आस्था के महापर्व महाकुंभ 2025 की शुरुआत आज से आरंभ हो गई है। पौष पूर्णिमा के स्नान के साथ महाकुंभ मेले में कल्पवास की भी शुरूआत हो गई है। 2025 के इस महाकुंभ में 40 से 45 करोड़ श्रद्धालुओ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ। &lt;/strong&gt;तीर्थराज प्रयागराज में त्रिवेणी संगम के तट पर सनातन आस्था के महापर्व महाकुंभ 2025 की शुरुआत आज से आरंभ हो गई है। पौष पूर्णिमा के स्नान के साथ महाकुंभ मेले में कल्पवास की भी शुरूआत हो गई है। 2025 के इस महाकुंभ में 40 से 45 करोड़ श्रद्धालुओं के महाकुंभ में पहुंचने की संभावना है, जो गंगा, यमुना और सरस्वती के पवित्र संगम में स्नान करेंगे।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;महाकुंभ में कल्पवास करना&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इसके साथ ही लाखों की संख्या में श्रद्धालु संगम तट पर महाकुंभ की प्राचीन परंपरा कल्पवास का निर्वहन करेंगे। पौराणिक मान्यता के मुताबिक श्रद्धालु एक माह तक नियमपूर्वक संगम तट पर कल्पवास करेंगे। इसके लिए सीएम योगी के नेतृत्व में प्रयागराज मेला प्राधिकरण ने खास इंतजाम किए हैं। महाकुंभ सनातन आस्था का सबसे बड़े आयोजन होने के साथ बहुत सी सनातन परंपराओं का भी निर्वहन किया जा रहा है। जिसमें से महाकुंभ की एक महत्वपूर्ण परंपरा है संगम तट पर कल्पवास करना।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;गंगा स्नान कर जाप करते है&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;शास्त्रीय मान्यता के मुताबिक कल्पवास, पौष पूर्णिमा की से शुरू होकर माघ पूर्णिमा तक पूरे एक महीने तक चलता है। इस महाकुंभ में कल्पवास 13 जनवरी से शुरू होकर 12 फरवरी तक संगम तट पर किया जाएगा। शास्त्रों के मुताबिक कल्पवास में श्रद्धालु संकल्पपूर्वक, नियमपूर्वक एक माह तक संगम तट पर निवास करते हैं। कल्पवास के दौरान श्रद्धालु तीनों काल गंगा स्नान कर, जाप करना, ध्यान,पूजन और सत्संग करते हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सभी इंतजाम किए है&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;महाकुंभ 2025 में लगभग 10 लाख श्रद्धालुओं के कल्पवास करने की संभावना है। महाकुंभ की खास परंपरा कल्पवास का निर्वहन करने के लिए प्रयागराज मेला प्राधिकरण ने सीएम योगी की प्रेरणा से सभी जरूरी इंतजाम किए हैं।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Mahakumbh 2025: कल से महाकुंभ की शुरुआत, चार दिनों तक गाड़ियों की एंट्री पर रोक, जानें सबकुछ यहां</title><link>https://up.inkhabar.com/top-news/mahakumbh-2025-maha-kumbh-begins-tomorrow-entry-of-vehicles-banned-for-four-days-know-everything-here/</link><pubDate>January 12, 2025, 9:04 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2025/01/download-9-1-300x168.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>लखनऊ: महाकुंभ 2025 की शुरुआत कल यानी 13 जनवरी से होने जा रही है। इस दौरान सामाजिक तत्वों के मंसूबों को नाकाम करने के लिए योगी सरकार की तरफ से खास इंतजाम किया गया हैं। महाकुंभ को लेकर भारत ही नहीं बल्कि पड़ोसी देश नेपाल में भी उत्साह चरम पर है। ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ&lt;/strong&gt;: महाकुंभ 2025 की शुरुआत कल यानी 13 जनवरी से होने जा रही है। इस दौरान सामाजिक तत्वों के मंसूबों को नाकाम करने के लिए योगी सरकार की तरफ से खास इंतजाम किया गया हैं। महाकुंभ को लेकर भारत ही नहीं बल्कि पड़ोसी देश नेपाल में भी उत्साह चरम पर है। महराजगंज जिले के सोनौली बॉर्डर से प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में नेपाल से श्रद्धालु गंगा, यमुना और सरस्वती के संगम में डुबकी लगाने के लिए प्रयागराज के लिए रवाना हो रहे हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;हर परिस्थिति से निपटने के लिए सरकार तैयार&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;महाकुंभ मेले में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। शहर में 278 पॉइंट पर दो हजार सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है। शहर के प्रमुख प्रवेश गेटों और 12 मुख्य स्थानों पर सुरक्षा बैरिकेड्स लगाए गए हैं। इसके साथ ही निगरानी के लिए ड्रोन और सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। महाकुंभ में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, यह सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने यातायात प्रबंधन और आपातकालीन सेवाओं के लिए विशेष योजना बनाई है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;ई-रिक्शा का किराया 10 रुपये&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;महाकुंभ मेले की सुरक्षा के तहत पुलिस संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों पर कड़ी नजर रख रही है। पंटून पुलों और मुख्य मार्गों पर चेकिंग अभियान तेज कर दिया गया है। प्रयागराज महाकुंभ में आज से चार दिनों तक वाहनों को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी और ऑटो तथा ई-रिक्शा का किराया 10 रुपये प्रति व्यक्ति प्रति किलोमीटर तय किया गया है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;डीजीपी प्रशांत कुमार के हाथों में कमान&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;डीजीपी प्रशांत कुमार का बयान सामने आया है जिसमें उन्होंने कहा है कि महाकुंभ के लिए अभेद्य सुरक्षा घेरा बनाया गया है. श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं. प्रयागराज को जोड़ने वाले सात मार्गों पर सुरक्षा घेरा बनाया गया है. वहीं प्रयागराज में प्रवेश के लिए 7 मुख्य मार्ग हैं, बस और निजी वाहनों से आने वाले लोग इन मार्गों से संगम पहुंच सकेंगे। यहां कुल 6 शाही स्नान होते हैं जिनमें मकर संक्रांति से लेकर बसंत पंचमी जैसे पर्व शामिल हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;संगम वाले रास्तों को किया गया सील&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए संगम की ओर जाने वाले रास्तों को पूरी तरह सील कर दिया गया है। साथ ही, जिन लोगों के पास वाहन हैं, उन्हें ही अंदर जाने दिया जाएगा और बाकी वाहनों को मेला क्षेत्र से बाहर निकाला जा रहा है। श्रद्धालु लगातार संगम क्षेत्र की ओर बढ़ना शुरू कर दिए हैं।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Mahakumbh 2025: दुनिया के सबसे बड़े मेले &amp;#8216;कुंभ&amp;#8217; में जाने, रुकने और शाही स्नान की तारीखें यहां एक क्लिक में जानें</title><link>https://up.inkhabar.com/festival/mahakumbh-2025-know-the-dates-of-visiting-staying-and-royal-bath-in-the-worlds-largest-fair-kumbh-in-one-click-here/</link><pubDate>December 17, 2024, 11:10 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/12/download-84-300x225.png</image><category>त्योहार</category><excerpt>लखनऊ: सनातन धर्म में महाकुंभ मेले का अपना एक अलग ही महत्व है. महाकुंभ मेले का आयोजन 12 साल में एक बार किया है. यह संगम प्रयागराज, हरिद्वार, उज्जैन या नासिक में आयोजित किया जाता है। वर्ष 2025 में संगमनगरी प्रयागराज में महाकुंभ मेले का आयोजन होने...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ:&lt;/strong&gt; सनातन धर्म में महाकुंभ मेले का अपना एक अलग ही महत्व है. महाकुंभ मेले का आयोजन 12 साल में एक बार किया है. यह संगम प्रयागराज, हरिद्वार, उज्जैन या नासिक में आयोजित किया जाता है। वर्ष 2025 में संगमनगरी प्रयागराज में महाकुंभ मेले का आयोजन होने जा रहा है, जो 13 जनवरी पौष पूर्णिमा से 26 फरवरी महाशिवरात्रि तक चलेगा। महाकुंभ मेला अपनी विशिष्टता और भव्यता के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;विदेशी भी पहुंचेंगे मेले में&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि साल 2025 में संगमनगरी प्रयागराज&amp;nbsp; में लगने वाले महाकुंभ मेले में देश ही नहीं बल्कि अन्य देशों से भी साधु संत और श्रद्धालु पहुंचेंगे. साथ ही देसी-विदेशी पर्यटक भी मेले का दीदार करने पहुंचेंगे. कुंभ मेले में शाही स्नान का विशेष महत्व होता है. इस दिन अखाड़ों के साधु-संत सज-धज कर संगम में स्नान करते हैं और उसके बाद श्रद्धालु डुबकी लगाते हैं. ऐसे में आइए जानते हैं कि साल 2025 में प्रयागराज में लगने वाले धर्म और संस्कृति के सबसे बड़े मेले महाकुंभ के बारे में पूरी जानकारी कहां से मिलेगी…&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;ऑफिशियल वेबसाइट&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;महाकुंभ 2025 की सारी जानकारी ऑफिशियल वेबसाइट https://kumbh.gov.in/से मिल सकती है. इस वेबसाइट पर सबकुछ बताया गया है कि संगमनगरी प्रयागराज कैसे पहुंच सकते हैं. यहां ठहरने की क्या व्यवस्था होगी और मेले में पर्यटकों के लिए क्या-क्या सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसके अलावा, कोई भी व्यक्ति प्रयागराज में पर्यटन स्थलों, पर्यटक गाइड, स्नान तिथियों के बारे में सारी जानकारी प्राप्त कर सकता है। इस वेबसाइट की मदद से आप अपने ठहरने की बुकिंग भी कर सकते हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;महाकुंभ 2025 में शाही स्नान&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;मकर संक्रांति से माघी पूर्णिमा तक महाकुंभ मेले के दौरान संगम में स्नान करना पवित्र माना जाता है। इसके अलावा महाकुंभ 2025 में स्नान की कुछ तिथियां महत्वपूर्ण हैं. ऐसा माना जाता है कि गंगा, यमुना और सरस्वती के पवित्र जल में स्नान करने से न केवल शरीर बल्कि मन की अशुद्धियां भी दूर हो जाती हैं। यही कारण है कि महाकुंभ मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालु संगम पर स्नान करने आते हैं। इसके अलावा कुछ भक्त पूरे एक महीने तक गंगा तट पर कल्पवास करते हैं और हर दिन तीन बार गंगा में स्नान करते हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;महाकुंभ का ऐतिहासिक महत्व&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;प्राचीन हिंदू पौराणिक कथाओं में महाकुंभ के बारे में बताया गया है। यह आत्म-बोध, शुद्धि और आध्यात्मिक ज्ञान की शाश्वत खोज की एक प्रतीकात्मक यात्रा के रूप में कार्य करता है। इस समय यहां आने वाले लोग सांसारिक विषयों से परे जाकर आत्मशुद्धि में लीन हो जाते हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;महाकुंभ में स्नान का महत्व&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;महाकुंभ मेले के दौरान पवित्र नदियों में स्नान करना बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि कुंभ के दौरान नदी में स्नान करने से व्यक्ति को जीवन भर के पापों से मुक्ति मिल जाती है। प्रयागराज में लगने वाले महाकुंभ मेले में स्नान का महत्व और भी बढ़ जाता है. यहां पवित्र मानी जाने वाली तीन नदियों गंगा, यमुना और सरस्वती का संगम है। इसीलिए महाकुंभ में डुबकी लगाने का बहुत महत्व है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;कल्पवास करने का महत्व&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;प्रयागराज महाकुंभ में कल्पवास करने वाले श्रद्धालु प्रतिदिन तीन बार स्नान करते हैं। इसके अलावा शाही स्नान का भी आयोजन किया जाता है जिसमें बड़ी संख्या में साधु-संत स्नान करने आते हैं। साधु-संतों के साथ ही देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालु और पर्यटक संगम में स्नान कर अपने पापों का नाश करते हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;महाकुंभ-2025 में स्नान की तारीखें&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इस बार प्रयागराज में आयोजित हो रहे महाकुंभ मेले में स्नान पौष पूर्णिमा यानी 13 जनवरी को होगा. महाकुंभ 2025 में तीन शाही स्नान होंगे. पहला शाही स्नान 14 जनवरी को मकर संक्रांति पर होगा.&amp;nbsp; दूसरा शाही स्नान 29 जनवरी को मौनी अमावस्या पर होगा और आखिरी शाही स्नान 3 फरवरी को बसंत पंचमी पर होगा. इसके अलावा आखिरी स्नान 4 फरवरी यानी अचला सप्तमी, 12 फरवरी यानी माघ पूर्णिमा और 26 फरवरी यानी महाशिवरात्रि को होगा.&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Maha Kumbh Mela: महाकुंभ मेले में पहुंचे एनवायरमेंट बाबा, श्रद्धालुओं के देंगे तोहफा</title><link>https://up.inkhabar.com/desh-pradesh/maha-kumbh-mela-environment-baba-reached-maha-kumbh-mela-will-give-gifts-to-the-devotees/</link><pubDate>December 16, 2024, 12:10 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/12/we6-300x169.webp</image><category>देश-प्रदेश</category><excerpt>लखनऊ। प्रयागराज में जनवरी में महाकुंभ2025 मेला लगने जा रहा है। 13 जनवरी 2025 से लगने वाले दुनिया के सबसे बड़े आध्यात्मिक मेले में अब कई नामी बाबा पहुंचना शुरू हो गया है। ये बाबा मेले में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बनेंगे। वहीं...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ।&lt;/strong&gt; प्रयागराज में जनवरी में महाकुंभ2025 मेला लगने जा रहा है। 13 जनवरी 2025 से लगने वाले दुनिया के सबसे बड़े आध्यात्मिक मेले में अब कई नामी बाबा पहुंचना शुरू हो गया है। ये बाबा मेले में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बनेंगे। वहीं हाथों में सोने का कंगन और हीरे से जड़ी घड़ी पहनने वाले पर्यावरण बाबा मेले में पहुंच गए हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;विदेशों से भी आएंगे श्रद्धालु&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;महामंडलेश्वर अवधूत बाबा का असली नाम अरुण गिरी महाराज है, लेकिन इन्हें एनवायरमेंट बाबा यानी पर्यावरण बाबा के नाम से जाना जाता है। जो अब तक देश भर में एक करोड़ पेड़-पौधे लगा चुके हैं। यह बाबा सभी को पर्यावरण के प्रति जागरूक करते हैं। यही वजह है कि इस बार कुंभ में बाबा अपने श्रद्धालुओं को पर्यावरण के प्रति जागरूक करने के साथ ही उनके पास आने वाले श्रद्धालुओं को गिफ्ट के तौर पर पौधे देंगे। संगम की रेती पर आयोजित होने वाले इस कुंभ में देश ही नहीं बल्कि विदेश से श्रद्धालु आएंगे।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;साधुओं के अखाड़े का आना शुरू&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;12 साल में होने वाले धार्मिक आयोजन को “ग्रीन कुंभ” का स्वरूप दिया जा रहा है। कुंभ मेला 2025 की शुरुआत भले ही 13 जनवरी से होगी, लेकिन साधुओं का अखाड़े में आने का सिलसिला अभी से शुरू हो गया है। साथ ही अखाड़े ने छावनी प्रवेश भी आरंभ कर दिया है। वही अखाड़े की शान महामंडलेश्वर और तरह-तरह के साधु संत का आगमन भी जारी है। इन्हीं साधु संतो में शामिल महामंडलेश्वर अरुणगिरी महाराज भी है। महामंडलेश्वर अपने शरीर पर सोने से जड़े हुए आभूषण पहने दिखते हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;कई कीमती अंगूठिया है&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;एनवायरमेंट बाबा सोने की माला, अंगूठी और हीरे से जड़ी घड़ी पहने दिखेंगे। एक नजर देखने से ऐसा लगता है कि एनवायरमेंट बाबा ही गोल्डन बाबा हैं। प्रयागराज में जनवरी 2025 से कुंभ मेला लग रहा है। अरुण गिरी महाराज, पायलट बाबा के शिष्य हैं। ये बाबा हर समय गहने पहने रहते हैं। 10 तरह के रतन से जुड़ी कीमती अंगूठियां हमेशा इनके हाथों में रहती है। साथ ही यह अपने साथ चांदी का एक धर्म दंड रखते हैं। इनके हाथ में सोने के कई कड़े और बाजूबंद हैं। स्फटिक और क्रिस्टल की कीमती मलाई भी धारण करते हैं।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>इस बार प्रयागराज में कौन सा कुंभ लगने जा रहा, पौष पूर्णिमा से होगी शुरुआत</title><link>https://up.inkhabar.com/desh-pradesh/which-kumbh-is-going-to-be-held-in-prayagraj-this-time-it-will-start-from-paush-purnima/</link><pubDate>December 3, 2024, 3:39 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/12/download-13-300x200.png</image><category>देश-प्रदेश</category><excerpt>लखनऊ: भारतीय संस्कृति और सनातन धर्म में कुम्भ मेले का विशेष महत्व है। कुम्भ मेले को भारतीय संस्कृति की विरासत के रूप में देखा जाता है। दरअसल, भारत में चार स्थानों पर कुंभ का आयोजन होता है। जिसमें प्रयागराज (उत्तर प्रदेश), हरिद्वार (उत्तराखंड), ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ: &lt;/strong&gt;भारतीय संस्कृति और सनातन धर्म में कुम्भ मेले का विशेष महत्व है। कुम्भ मेले को भारतीय संस्कृति की विरासत के रूप में देखा जाता है। दरअसल, भारत में चार स्थानों पर कुंभ का आयोजन होता है। जिसमें प्रयागराज (उत्तर प्रदेश), हरिद्वार (उत्तराखंड), उज्जैन (मध्य प्रदेश) और नासिक (महाराष्ट्र) शामिल हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;कुंभ कई प्रकार के होते हैं&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;पौराणिक मान्यता है कि इन चार स्थानों पर कुंभ मेले का आयोजन होता है। दरअसल, कुंभ कई प्रकार के होते हैं। जिसमें कुंभ, अर्ध कुंभ, पूर्ण कुंभ और महाकुंभ होता है। 2025 में प्रयागराज में कुंभ का आयोजन होने जा रहा है. लेकिन ये कौन सा कुंभ है, इसे हम इस आर्टिकल में जानेंगे।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;हर 3 साल में कुंभ का आयोजन&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;कुम्भ मेले को भारतीय संस्कृति की विरासत के रूप में देखा जाता है। दरअसल, कुंभ हर 3 साल में लगता है। भारत में चार स्थानों पर कुंभ का आयोजन होता है। जिसमें प्रयागराज (उत्तर प्रदेश), हरिद्वार (उत्तराखंड), उज्जैन (मध्य प्रदेश) और नासिक (महाराष्ट्र) शामिल हैं। पौराणिक मान्यता है कि इन चार स्थानों पर कुंभ मेले का आयोजन होता है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;अर्ध कुंभ और महाकुंभ&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;अर्ध कुंभ मेला 6 साल में एक बार हरिद्वार और प्रयागराज के तट पर लगता है। जबकि पूर्ण कुम्भ मेले का आयोजन 12 वर्ष में एक बार होता है, जो कि प्रयागराज में आयोजित होता है। 12 कुंभ मेलों के पूरा होने के बाद महाकुंभ मेले का आयोजन किया जाता है। इससे पहले साल 2013 में प्रयाराज में महाकुंभ का आयोजन हुआ था.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;पौष पूर्णिमा से शुरू होगा कुंभ&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;हिंदू कैलेंडर के मुताबिक कुंभ साल 2025 में पौष पूर्णिमा से शुरू होने जा रहा है. यानी 13 जनवरी 2025 से इसकी शुरुआत होगी. 26 फरवरी 2025 को महाशिवरात्री के साथ इसका समापन होगा. यानी ये कुंभ 45 दिन तक चलने वाला है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;144 साल में लगता है महाकुंभ&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;हालांकि पूर्ण कुंभ को महाकुंभ भी कहा जाता है। लेकिन सबसे बड़ा महाकुंभ हर 144 साल में होता है, जिसका आयोजन सिर्फ प्रयागराज में होता है। साल 2013 में 144 साल बाद प्रयागराज में महाकुंभ का आयोजन हुआ था. 12 साल बाद इस बार 2025 में प्रयागराज में पूर्ण कुंभ का आयोजन होने जा रहा है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;हरिद्वार में कब लगता है कुंभ&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;ऐसा माना जाता है कि जब बृहस्पति कुंभ राशि में और सूर्य मेष राशि में प्रवेश करते हैं, तब हरिद्वार में कुंभ का आयोजन होता है।&amp;nbsp; जब बृहस्पति, सूर्य और चंद्रमा मेष राशि में मकर राशि में प्रवेश करते हैं, तो अमावस्या के दिन प्रयागराज में कुंभ का आयोजन होता है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;नासिक में कब लगता है कुंभ&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इसके अलावा जब बृहस्पति सिंह राशि में प्रवेश करते हैं, तो गोदावरी के तट पर नासिक में कुंभ का आयोजन होता है। जबकि बृहस्पति के सिंह राशि में और सूर्य के मेष राशि में प्रवेश करने पर उज्जैन में कुंभ का आयोजन होता है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;क्यों है कुंभ का शाही स्नान फेमस&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;कुंभ मेले के आयोजन की कहानी समुद्र मंथन से जुड़ी है। समुद्र मंथन के दौरान अमृत तो प्राप्त हुआ, लेकिन इस अमृत कलश के लिए देवताओं और राक्षसों के बीच 12 दिनों तक संघर्ष चला। ये 12 दिन पृथ्वी पर 12 वर्ष माने जाते हैं। संघर्ष के दौरान 12 स्थानों पर अमृत की बूंदें गिरीं, जिनमें से चार बूंदें पृथ्वी पर गिरीं। जिन्हें आज हम प्रयागराज, उज्जैन, हरिद्वार और नासिक के नाम से जानते हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;इन नदियों का जल अमृत समान&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;प्रयागराज, उज्जैन, हरिद्वार और नासिक में कुंभ मेले का आयोजन किया जाता है और इस दौरान नदियों का जल अमृत के समान माना जाता है। यही कारण है कि कुंभ के दौरान नदी में स्नान करने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है। प्रयागराज तीन नदियों गंगा, यमुना और सरस्वती का संगम है, इसलिए इसका विशेष महत्व माना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि स्नान करने से पापों से मुक्ति मिलती है और मोक्ष की प्राप्ति होती है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Maha Kumbh Mela: प्रयागराज जाएंगे सीएम योगी, नगर निगम कार्यालय का करेंगे लोकार्पण</title><link>https://up.inkhabar.com/desh-pradesh/maha-kumbh-mela-cm-yogi-will-go-to-prayagraj-will-inaugurate-the-municipal-corporation-office/</link><pubDate>November 26, 2024, 8:53 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/11/9ी5-300x169.webp</image><category>देश-प्रदेश</category><excerpt>लखनऊ। महाकुम्भ 2025 को लेकर प्रयागराज में तैयारियां जोरों-शोरों से की जा रही हैं। सीएम योगी के दिव्य और भव्य कुम्भ के विजन के मुताबिक एक ओर संगम क्षेत्र में करोड़ों श्रद्धालुओं और कल्पवासियों के लिए महाकुम्भ नगरी बन रही है तो, वहीं दूसरी ओर नगर...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ। &lt;/strong&gt;महाकुम्भ 2025 को लेकर प्रयागराज में तैयारियां जोरों-शोरों से की जा रही हैं। सीएम योगी के दिव्य और भव्य कुम्भ के विजन के मुताबिक एक ओर संगम क्षेत्र में करोड़ों श्रद्धालुओं और कल्पवासियों के लिए महाकुम्भ नगरी बन रही है तो, वहीं दूसरी ओर नगर निगम, प्रयागराज शहर के सुंदर बनाने के लिए काम किया जा रहा है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;27 नवंबर प्रयागराज आएंगे योगी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;महाकुम्भ के इन्हीं निर्माण कार्यों का निरीक्षण करने सीएम योगी 27 नवंबर को प्रयागराज आएंगे। इसी क्रम में सीएम योगी प्रयागराज नगर निगम की नवनिर्मित कंट्रोल रूम बिल्डिंग का लोकापर्ण करेंगे। इस बिल्डिंग से नगर निगम सॉलिड वेस्ट, ग्रीवांस कंट्रोल रूम और प्रयागराज स्मार्ट सिटी ऑफिस का संचालन करेंगे। विश्व के सबसे बड़े मानवीय समागम महाकुम्भ का आयोजन प्रयागराज में किया जा रहा। सीएम योगी के विजन मुताबिक महाकुम्भ को दिव्य-भव्य और स्वच्छ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;कंट्रोल रूम की बिल्डिंग का निर्माण&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इस दिशा में प्रयागराज में कई निर्माण कार्य और सौंदर्यीकरण के प्रयास किए जा रहे हैं। प्रयागराज नगर निगम में नये कंट्रोल रूम की बिल्डिंग का निर्माण किया गया है। Maha Kumbh Mela: प्रयागराज जाएंगे सीएम योगी, नगर निगम कार्यालय का लोकार्पण करेंगे। उन्होंने बताया कि इस बिल्डिंग से सॉलिड वेस्ट कंट्रोल रूम, पब्लिक ग्रीवांस कंट्रोल रूम और प्रयागराज स्मार्ट सिटी के आफिस का संचालन कार्य किया जाएगा।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;/p&gt;
</content></item></channel></rss>