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       <title>Today Maha Kumbh 2025 News | Latest Maha Kumbh 2025 News | Breaking Maha Kumbh 2025 News in English | Latest Maha Kumbh 2025 News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का Maha Kumbh 2025 समाचार:Today Maha Kumbh 2025 News ,Latest Maha Kumbh 2025 News,Aaj Ka Samachar ,Maha Kumbh 2025 समाचार ,Breaking Maha Kumbh 2025 News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
        <link>https://up.inkhabar.com/tag/maha-kumbh-2025</link>
        <lastBuildDate>May 17, 2026, 2:36 pm</lastBuildDate>
        <copyright>UP Inkhabar</copyright>
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            <title>UP Inkhabar</title>
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        </image><item><title>महाकुंभ में मौनी अमावस्या के दिन उमड़ा जनसैलाब, इस मुहूर्त में करें स्नान</title><link>https://up.inkhabar.com/desh-pradesh/on-the-day-of-mauni-amavasya-a-huge-crowd-gathered-in-maha-kumbh-take-a-bath-at-this-auspicious-time/</link><pubDate>January 29, 2025, 3:32 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2025/01/jansailab.webp</image><category>देश-प्रदेश</category><excerpt>लखनऊ। विश्व के सबसे बड़े सांस्कृतिक समागम महाकुंभ के दूसरे अमृत स्नान जारी है। मौनी अमावस्या पर अमृत स्नान करने के लिए एक दिन पहले ही जन सैलाब उमड़ पड़ा। मौनी अमावस्या पर बुधवार को लगभग 10 करोड़ श्रद्धालुओं के स्नान करने की संभावना है। अमावस्या क...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ।&lt;/strong&gt; विश्व के सबसे बड़े सांस्कृतिक समागम महाकुंभ के दूसरे अमृत स्नान जारी है। मौनी अमावस्या पर अमृत स्नान करने के लिए एक दिन पहले ही जन सैलाब उमड़ पड़ा। मौनी अमावस्या पर बुधवार को लगभग 10 करोड़ श्रद्धालुओं के स्नान करने की संभावना है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;अमावस्या का शुभ मुहूर्त&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;मौनी अमावस्या के एक दिन पहले मंगलवार को पावन त्रिवेणी तट पर आस्था का ऐसा जनसमुद्र उमड़ा कि भक्ति भाव की लहरों से सारे बंध टूट गए। एक दिन पहले ही लगभग पांच करोड़ श्रद्धालुओं ने पावन संगम में स्नान किया। थल, जल, नभ से कड़ी निगरानी के बीच मौनी अमावस्या के पहले दिन रात लोग डूबकी लगाते रहे। मौनी अमावस्या का योग मंगलवार देर शाम 7 बजकर दस मिनट से ही शुरू हो गया। ज्योतिषविद पंडित देवेंद्र प्रसाद त्रिपाठी के मुताबिक बुधवार शाम 6.27 बजे तक अमावस्या रहेगी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;श्रद्धालु संगम मार्ग तक जा सकेंगे&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;उन्होंने बताया कि यह अमृत योग है। चंद्रमा और सूर्य मकर राशि में और बृहस्पति जब वृष राशि में प्रवेश करते हैं तो यह पूर्ण योग बनता है। ज्योतिषविद ने बताया कि ब्रह्म मुहूर्त का स्नान सुबह 4 बजे से ही शुरू हो गया। अखाड़ों का अमृत स्नान भी सुबह 5 बजे से शुरू हो जाएगा और देर शाम तक चलेगा। महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं/स्नानार्थियों को जीटी जवाहर से प्रवेश कर काली सड़क आकर काली रैम्प से होते हुए संगम अपर मार्ग से संगम तक जा सकेंगे।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;हनुमान मंदिर के दर्शन कर सकेंगे&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;संगम क्षेत्र से अक्षयवट मार्ग होते हुए इन्टर लॉकिंग वापसी मार्ग त्रिवेणी मार्ग होते हुए अपने गंतव्य को वापस जा सकेंगे। जवाहरलाल नेहरू मार्ग काली सड़क और निकास मार्ग त्रिवेणी मार्ग प्रस्तावित है। आज प्रमुख स्नान पर्व के दिन में अक्षयवट दर्शन के लिए बंद रहेगा, लेकिन लेटे हनुमान मंदिर का शिखर दर्शन कर सकेंगे।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>मौनी अमावस्या के लिए 154 खास मेला गाड़ी, ट्रेनों के साथ बस में कर सकेंगे यात्रा</title><link>https://up.inkhabar.com/desh-pradesh/154-special-fair-vehicles-for-mauni-amavasya-you-can-travel-in-buses-along-with-trains/</link><pubDate>January 28, 2025, 5:39 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2025/01/TRAIN-300x169.webp</image><category>देश-प्रदेश</category><excerpt>लखनऊ। कल यानी 29 जनवरी को मौनी अमावस्या है, जिसके लिए काफी बड़ी संख्या में श्रद्धालु संगम में डूबकी लगाने के लिए महाकुंभ पहुंच रहा है। पूर्वोत्तर रेलवे ने मौनी अमावस्या पर्व के अवसर पर 28 से 31 जनवरी तक प्रयागराज क्षेत्र के लिए 154 मेला खास गाड...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ।&lt;/strong&gt; कल यानी 29 जनवरी को मौनी अमावस्या है, जिसके लिए काफी बड़ी संख्या में श्रद्धालु संगम में डूबकी लगाने के लिए महाकुंभ पहुंच रहा है। पूर्वोत्तर रेलवे ने मौनी अमावस्या पर्व के अवसर पर 28 से 31 जनवरी तक प्रयागराज क्षेत्र के लिए 154 मेला खास गाड़ियां चलाई जाएंगी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;इन जिलों से चलेंगी ट्रेन&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;यह बनारस, गोरखपुर, भटनी, अयोध्या धाम, छपरा, दोहरीघाट, आजमगढ़ दोहरीघाट और गोमीती नगर स्टेशन से प्रयागारज रामबाग और झूसी के लिए चलाई जाएंगी। इसमें 28 जनवरी को 23 और वापसी यात्रा के लिए 21 स्पेशल ट्रेने चलाई जाएंगी। 29 जनवरी को कुल 23 और वापसी यात्रा के लिए भी 24 गाड़ियां चलाई जाएंगी। 31 जनवरी को कुल 7 और वापसी यात्रा के लिए भी टोटल 14 गाड़ियां चलाई जाएंगी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;शटल बसों में यात्रा मुफ्त&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;वहीं मौनी अमावस्या पर संगम स्नान करने आ रहे लोगों को 28 से 30 जनवरी तक शटल बसों में किराया नहीं देना होगा। शटल बसें 28 से 30 जनवरी तक के लिए फ्री होंगी। अगर शहरों में 13 रूटों पर शटल बसों का संचालन होगा। सभी अस्थाई बस अड्डों और हवाई अड्डों से शटल बसों को संचालित किया जाएगा। 40-45 शटल बसें प्रयागराज स्टेशन और सूबेदारगंज रेलवे स्टेशन के पास रिजर्व रखी गई है। सूबेदारगंज रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक से 40 ब से यात्रियों के लिए मुहैया कराई जाएंगी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;30 शटल बसों का संचालन&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;वहीं प्लेटफार्म नंबर 6 से 30 शटल बसों का संचालित किया जाएगा। वहीं 80 बसे डीएफसी मैदान पर आरक्षित रखी गई है। जरूरत पड़ने पर यहां से भी बसों को लोगों के लिए संचालित किया जाएगा।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>महाप्रसाद सेवा किचन में सपा सुप्रीमों अखिलेश ने बनाया भोजन, खुद खाया श्रद्धालुओं को खिलाया</title><link>https://up.inkhabar.com/desh-pradesh/sp-supremo-akhilesh-cooked-food-in-mahaprasad-seva-kitchen-ate-it-himself-and-fed-it-to-the-devotees/</link><pubDate>January 27, 2025, 7:39 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2025/01/सुप्रीम-300x169.webp</image><category>देश-प्रदेश</category><excerpt>लखनऊ। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने महाकुंभ के संगम में डुबकी लगाई। साथ ही पूजा-अर्चना भी की। इसके बाद अखिलेश यादव महाकुंभ के इस्कॉन शिविर भी गए। जहां अखिलेश यादव ने सेक्टर-19 में अडाणी और इस्कॉन...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ।&lt;/strong&gt; उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने महाकुंभ के संगम में डुबकी लगाई। साथ ही पूजा-अर्चना भी की। इसके बाद अखिलेश यादव महाकुंभ के इस्कॉन शिविर भी गए। जहां अखिलेश यादव ने सेक्टर-19 में अडाणी और इस्कॉन के सहयोग से चल रहे महाप्रसाद सेवा किचन में महाप्रसाद तैयार किया।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सेवा किचन का जायजा लिया&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;अखिलेश यादव ने महाप्रसाद सेवा किचन का जायजा लिया। अखिलेश यादव के प्रसाद बनाने की खबरे तेजी से वायरल हो रही है। इस्कॉन के किचन में हर दिन एक लाख श्रद्धालुओं के लिए महाप्रसाद तैयार किया जाता है। अखिलेश यादव ने स्वयं अपने हाथों से महाप्रसाद बनाया। साथ ही सेवा में भी भाग लिया। सपा सुप्रीमों ने लोगों को खाना खिलाने के साथ ही खुद भी प्रसाद ग्रहण किया। महाकुंभ में मौजूद श्रद्धालुओं ने अदाणी ग्रुप और इस्कॉन की इस पहल की खूब तारीफ की हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सोशल मीडिया पर शेयर की तस्वीरें&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;अडानी और इस्कॉन के महाप्रसाद शिविर में अखिलेश यादव के महाप्रसाद बनाने की खबर चर्चा का विषय बन गई है। बता दें कि महाकुम्भ की आलोचना को लेकर अखिलेश अडानी और इस्कॉन के महाप्रसाद शिविर में अखिलेश यादव के महाप्रसाद बनाने की खबर अब तेजी से वायरल हो रही है। अखिलेश यादव ने महाप्रसाद बनाने की तस्वीरे सोशल मीडिया पर भी शेयर की है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>महाकुंभ में संगम स्नान करने पहुंचे अखिलेश यादव, इंडिया गठबंधन को दिया संदेश</title><link>https://up.inkhabar.com/top-news/akhilesh-yadav-arrived-to-take-sangam-bath-in-mahakumbh-gave-message-to-india-alliance/</link><pubDate>January 26, 2025, 8:24 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2025/01/AKHIL-2-300x169.webp</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>लखनऊ। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आज प्रयागराज महाकुंभ पहुंचे हैं, जहां वो संगम में स्नान करेंगे। अखिलेश यादव पहले ऐसे विपक्ष के नेता हैं जो महाकुंभ पहुंचे हैं। सपा अध्यक्ष ने संगम में स्नान करके न केवल भारतीय जनता पार्टी के हमलों...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ।&lt;/strong&gt; समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आज प्रयागराज महाकुंभ पहुंचे हैं, जहां वो संगम में स्नान करेंगे। अखिलेश यादव पहले ऐसे विपक्ष के नेता हैं जो महाकुंभ पहुंचे हैं। सपा अध्यक्ष ने संगम में स्नान करके न केवल भारतीय जनता पार्टी के हमलों का जवाब दिया है बल्कि विपक्षी दलों के इंडिया गठबंधन को भी संदेश दिया है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;महाकुंभ में स्नान करने के लिए पहुंचे&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;अखिलेश यादव इंडिया गठबंधन की ओर से पहले ऐसे बड़े नेता है जो आज महाकुंभ में स्नान करने के लिए पहुंची है। अभी तक उनके कद का कोई बड़ा विपक्ष का नेता महाकुंभ नहीं पहुंचा है। ऐसे अखिलेश यादव के महाकुंभ में आने बीजेपी के साथ-साथ विपक्षीं दल भी अचंभे में हैं। सपा मुखिया अखिलेश यादव ने सॉफ्ट हिन्दुत्व और बहुसंख्यक भावनाओं का ख्याल रखने का मैसेज देने का प्रयास किया है। सपा अध्यक्ष के बाद अब अन्य विपक्षी दलों पर भी सबकी नजरें टिकी हुई हैं कि क्या वो भी महाकुंभ में स्नान करने आएंगे।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;कांग्रेस नेता खुलकर अपनी बात कही&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इनमें खासतौर से कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को लेकर ज्यादा क़यास लगाए जा रहे हैं। बीते दिनों राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के भी प्रयागराज आने की चर्चा जोरो पर थी। माना जा रहा है कि दोनों नेता फरवरी के पहले सप्ताह में प्रयागराज आ सकते है। हालांकि अभी तक इस पर कांग्रेस पार्टी की ओर से कोई अधिकारिक बयान सामने नहीं आया है और न ही किसी कांग्रेस के नेता ने इस पर खुलकर अपनी बात कही है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;राम मंदिर समारोह में नहीं हुए शामिल&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि इससे पहले अखिलेश यादव को अयोध्या में भव्य राम मंदिर के उद्घाटन समारोह में शामिल होने का भी न्योता दिया गया था, लेकिन सपा अध्यक्ष उसमें शामिल नहीं हुए। यहीं नहीं जब यूपी विधानसभा अध्यक्ष सभी विधायकों को राम मंदिर के दर्शन कराने के लिए लेकर गए थे तभी भी सपा विधायकों ने इसमें शामिल होने से इंकार कर दिया।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Breaking News: महाकुंभ पहुंचे अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी</title><link>https://up.inkhabar.com/top-news/breaking-news-adani-group-chairman-gautam-adani-arrives-at-maha-kumbh/</link><pubDate>January 21, 2025, 6:02 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2025/01/ADAMI-300x169.webp</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>लखनऊ। यूपी के प्रयागराज जिले में महाकुंभ का आगाज हो चुका है। देश विदेश से करोड़ों की संख्या में श्रद्धालु त्रिवेणी संगम में डुबकी लगाने के लिए प्रयागराज पहुंच रहे हैं। यह आस्था और अधात्म सा सबसे बड़ा पावन पर्व है। ऐसे में देश के बड़े बिजनेसमैन ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ।&lt;/strong&gt; यूपी के प्रयागराज जिले में महाकुंभ का आगाज हो चुका है। देश विदेश से करोड़ों की संख्या में श्रद्धालु त्रिवेणी संगम में डुबकी लगाने के लिए प्रयागराज पहुंच रहे हैं। यह आस्था और अधात्म सा सबसे बड़ा पावन पर्व है। ऐसे में देश के बड़े बिजनेसमैन और अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी महाकुंभ मेले में पहुंचे हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;गौतम अडाणी संगम मे करेंगे स्नान&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;ऐसे में देश के बड़े बिजनेसमैन और अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी महाकुंभ मेले में पहुंचे हैं। बता दें कि इससे पहले इंफोसिस ग्रुप के संस्थापनक नारायण मूर्ति की पत्नी और राज्यसभा सांसद सुधा मूर्ति पहले ही महाकुंभ मेले में पहुंच चुकी हैं। सुधा मूर्ति परेड मैदान में पर्यटन विभाग द्वारा बनाए गए महाराजा टेंट में रूकी हैं। बता दें कि महाकुंभ में अब तक 8 करोड़ 30 लाख से ज्यादा श्रद्धालु संगम स्नान कर चुके हैं। बता दें कि गौतम अडानी महाकुंभ के त्रिवेणी संगम में डुबकी लगाएंगे।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;महाप्रसाद भोजन में लेंगे हिस्सा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इसके बाद वह पूजा अर्चना करेंगे। जिसके बाद वह बड़े हनुमान मंदिर के दर्शन करेंगे। इसके अतिरिक्त वह 50 लाख लोगों को महाप्रसाद भोजन कराने में भी हिस्सा लेंगे, जिसे वह अपने हाथों से वितरित करेंगे। बता दें कि अडानी ग्रुप इस्कॉन और गीता प्रेस के साथ मिलकर महाकुंभ में लगातार निशुल्क प्रसाद और भोजन की व्यवस्था करा रहा है, जिसका लाभ लाखों लोगों को मिल रहा हैं। ऐसे में आज गौतम अडानी प्रयागराज पहुंचे हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;महाकुंभ मेला का करेंगे भ्रमण&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि गौतम अडानी आज इस्कॉन पंडाल में चल रहे भंडारा में अपनी सेवा देंगे। अडानी इस दौरान त्रिवेणी में पूजा अर्चना करने के बाद बड़े हनुमानजी के दर्शन करेंगे। इसके अतिरिक्त गौतम अडानी महाकुंभ मेला का भ्रमण भी करेंगे।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>महाकुंभ मेले में पैसे की टेंशन खत्म, योगी सरकार ने कर दी है फ्री रहने की व्यवस्था</title><link>https://up.inkhabar.com/desh-pradesh/tensions-over-money-in-maha-kumbh-mela-are-over-yogi-government-has-made-arrangements-for-free-accommodation/</link><pubDate>January 14, 2025, 11:37 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2025/01/download-39-1-300x200.png</image><category>देश-प्रदेश</category><excerpt>लखनऊ : आज मकर संक्रांति के दिन से महाकुंभ की पहली अमृत स्नान की शुरुआत हो गई है. अमृत स्नान पर त्रिवेणी घाट पर आस्था की डुबकी लगाने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु संगम पहुंच रहे हैं. महाकुंभ में सबसे पहले नागा साधु अमृत में स्नान करते हैं और ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ : &lt;/strong&gt;आज मकर संक्रांति के दिन से महाकुंभ की पहली अमृत स्नान की शुरुआत हो गई है. अमृत स्नान पर त्रिवेणी घाट पर आस्था की डुबकी लगाने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु संगम पहुंच रहे हैं. महाकुंभ में सबसे पहले नागा साधु अमृत में स्नान करते हैं और बाद में अन्य भक्तों को स्नान करने की अनुमति दी जाती है. महाकुंभ के महापर्व में हर बार अलग-अलग मठों से अलग-अलग लोग और संत आते हैं.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;फ्री में रहने की व्यवस्था&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;महाकुंभ का आयोजन हर 12 साल में एक बार होता है और इसकी मान्यता सभी कुंभ मेलों में सबसे ज्यादा है. यह 13 जनवरी से 26 फरवरी 2025 तक चलेगा. ऐसे में इस पवित्र मेले में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु आते हैं. इस दौरान प्रयागराज में होटल काफी महंगे हो जाते हैं, जो कई श्रद्धालुओं के बजट से बाहर हो जाते हैं. लेकिन महाकुंभ के पावन मेले में कई स्थानों पर निःशुल्क आवास की व्यवस्था की गई है. ऐसे में अगर आप भी प्रयागराज महाकुंभ मेले में फ्री में रुकना चाहते हैं तो इन जगहों पर रुक सकते हैं.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;पिंक शेल्टर होम&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;महाकुंभ मेले में महिलाएं अपने परिवार के साथ या अकेले भी जाती हैं. ऐसे में महिलाओं की सुरक्षा और आवास के लिए यहां पिंक शेल्टर होम बनाए गए हैं. जिन्हें पिंक शेल्टर होम कहा जाता है. आप यहां मुफ्त में रह सकते हैं. ठंड के मौसम में आश्रय गृह में बिस्तरों के साथ-साथ कंबल भी उपलब्ध हैं. अगल सोसाइटी की महिलाएं एक साथ इकट्ठी होकर महाकुंभ जा रही हैं तो यहां स्टे करना भी एक बेहतर ऑप्शन है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;रैन बसेरों में भी ठहर सकते हैं आप&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;प्रयागराज में महाकुंभ के दौरान लोगों के लिए रैन बसेरे बनाए गए हैं. जहां आप फ्री में रह सकते हैं. अगर आप प्रयागराज में महाकुंभ के दौरान ठहरने के लिए मुफ्त जगह की तलाश में हैं तो आप इन रैन बसेरों में भी रुक सकते हैं. यहां सोने के लिए बिस्तर और कंबल भी उपलब्ध कराया जाएगा. रैन बसेरों में तंबू बनाये जाते हैं, जिसके अंदर कई श्रद्धालु एक साथ निःशुल्क रह सकते हैं।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>कौन हैं IAS विजय आनंद जिन्हे नियुक्त किया महाकुंभ मेला अधिकारी, जानें यहां</title><link>https://up.inkhabar.com/top-news/who-is-ias-vijay-anand-who-has-been-appointed-as-maha-kumbh-mela-officer-know-here/</link><pubDate>January 13, 2025, 6:44 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2025/01/download-16-300x168.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>लखनऊ: आज से महाकुंभ शुरू हो चुका है। पहले ही दिन लाखों की संख्या में लोग संगम में पवित्र स्नान कर रहे हैं. जानकारी है कि अभी तक 80 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने संगम में डुबकी लगाई हैं। वहीं इस भव्य व पवित्र महाकुंभ की पूरी जिम्मेदारी योगी सरकार क...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ:&lt;/strong&gt; आज से महाकुंभ शुरू हो चुका है। पहले ही दिन लाखों की संख्या में लोग संगम में पवित्र स्नान कर रहे हैं. जानकारी है कि अभी तक 80 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने संगम में डुबकी लगाई हैं। वहीं इस भव्य व पवित्र महाकुंभ की पूरी जिम्मेदारी योगी सरकार के ऊपर हैं। अगर बात करें IAS विजय किरण आनंद की, जिन्हें महाकुंभ की अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है तो आइए बताते हैं आपकों कौन है यें.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;नए जिले की जिम्मेदारी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;महाकुंभ मेले के लिए विशेष रूप से बनाए गए नए जिले के पहले डीएम के रूप में उनकी नियुक्ति ऐतिहासिक है। अब कई लोगों के मन में यह सवाल जरूर आया होगा कि इतने वरिष्ठ अधिकारी होने के बावजूद उन्हें महाकुंभ 2025 की व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी क्यों दी गई है। विजय आनंद 2009 बैच के यूपी कैडर के आईएएस अधिकारी हैं। उन्होंने CA की पढ़ाई की है। उनका जन्म बेंगलुरु में हुआ है। हालांकि उन्होंने यूपी में कई अहम पदों पर काम किया है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;इस वजह से मिली जिम्मेदारी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि IAS विजय आनंद की पहली पोस्टिंग यूपी के बागपत में SDM के रूप में हुई थी, जिसके बाद उन्होंने बाराबंकी में SDO और गोरखपुर जैसे खास जिलों में जिलाधिकारी का पद संभाला है। विजय किरण आनंद को उनके पिछले अनुभव के आधार पर महाकुंभ 2025 की जिम्मेदारी दी गई है। वर्ष 2017 के माघ मेला और वर्ष 2019 के अर्धकुंभ में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। आयोजनों में उनकी नेतृत्व क्षमता और कुशलता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें मेलाधिकारी नियुक्त किया है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;इन कार्यों का हैं अनुभव&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;आईएएस विजय किरण आनंद की शिक्षा और प्रशासनिक अनुभव उन्हें एक काबिल अधिकारी बनाते हैं। वे उत्तर प्रदेश सरकार में स्कूल शिक्षा महानिदेशक, बेसिक शिक्षा के विशेष सचिव और मिड-डे मील योजना के निदेशक जैसे महत्वपूर्ण पदों पर काम कर चुके हैं। महाकुंभ 2025 का आयोजन 13 जनवरी से शुरू होगा और इसे ऐतिहासिक और भव्य बनाने के लिए तैयारियां जोरों पर हैं। विजय किरण आनंद के नेतृत्व में हर छोटी-बड़ी व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उनके अनुभव और कुशल प्रबंधन से इस आयोजन के सफल होने की पूरी उम्मीद है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सीएम योगी ने जताया भरोसा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विजय किरण आनंद पर भरोसा जताते हुए प्रयागराज में होने वाले इस ऐतिहासिक आयोजन की जिम्मेदारी उन्हें सौंपी है। उनके नेतृत्व में महाकुंभ मेला 2025 न केवल धार्मिक, बल्कि सांस्कृतिक और प्रशासनिक दृष्टि से भी भव्य और यादगार होने की उम्मीद है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Maha Kumbh: महाकुंभ मेले की शुरूआत, करोड़ों की संख्या में पहुंच रहे श्रद्धालु, संगम में करेंगे स्नान</title><link>https://up.inkhabar.com/desh-pradesh/maha-kumbh-mela-begins-millions-of-devotees-arriving-will-take-bath-in-sangam/</link><pubDate>January 13, 2025, 3:21 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2025/01/qw4r6-300x169.webp</image><category>देश-प्रदेश</category><excerpt>लखनऊ। तीर्थराज प्रयागराज में त्रिवेणी संगम के तट पर सनातन आस्था के महापर्व महाकुंभ 2025 की शुरुआत आज से आरंभ हो गई है। पौष पूर्णिमा के स्नान के साथ महाकुंभ मेले में कल्पवास की भी शुरूआत हो गई है। 2025 के इस महाकुंभ में 40 से 45 करोड़ श्रद्धालुओ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ। &lt;/strong&gt;तीर्थराज प्रयागराज में त्रिवेणी संगम के तट पर सनातन आस्था के महापर्व महाकुंभ 2025 की शुरुआत आज से आरंभ हो गई है। पौष पूर्णिमा के स्नान के साथ महाकुंभ मेले में कल्पवास की भी शुरूआत हो गई है। 2025 के इस महाकुंभ में 40 से 45 करोड़ श्रद्धालुओं के महाकुंभ में पहुंचने की संभावना है, जो गंगा, यमुना और सरस्वती के पवित्र संगम में स्नान करेंगे।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;महाकुंभ में कल्पवास करना&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इसके साथ ही लाखों की संख्या में श्रद्धालु संगम तट पर महाकुंभ की प्राचीन परंपरा कल्पवास का निर्वहन करेंगे। पौराणिक मान्यता के मुताबिक श्रद्धालु एक माह तक नियमपूर्वक संगम तट पर कल्पवास करेंगे। इसके लिए सीएम योगी के नेतृत्व में प्रयागराज मेला प्राधिकरण ने खास इंतजाम किए हैं। महाकुंभ सनातन आस्था का सबसे बड़े आयोजन होने के साथ बहुत सी सनातन परंपराओं का भी निर्वहन किया जा रहा है। जिसमें से महाकुंभ की एक महत्वपूर्ण परंपरा है संगम तट पर कल्पवास करना।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;गंगा स्नान कर जाप करते है&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;शास्त्रीय मान्यता के मुताबिक कल्पवास, पौष पूर्णिमा की से शुरू होकर माघ पूर्णिमा तक पूरे एक महीने तक चलता है। इस महाकुंभ में कल्पवास 13 जनवरी से शुरू होकर 12 फरवरी तक संगम तट पर किया जाएगा। शास्त्रों के मुताबिक कल्पवास में श्रद्धालु संकल्पपूर्वक, नियमपूर्वक एक माह तक संगम तट पर निवास करते हैं। कल्पवास के दौरान श्रद्धालु तीनों काल गंगा स्नान कर, जाप करना, ध्यान,पूजन और सत्संग करते हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सभी इंतजाम किए है&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;महाकुंभ 2025 में लगभग 10 लाख श्रद्धालुओं के कल्पवास करने की संभावना है। महाकुंभ की खास परंपरा कल्पवास का निर्वहन करने के लिए प्रयागराज मेला प्राधिकरण ने सीएम योगी की प्रेरणा से सभी जरूरी इंतजाम किए हैं।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>नॉनवेज खाने वालों की खैर नहीं, महाकुंभ को लेकर रेलवे रखेगी ट्रेनों पर खास नजर</title><link>https://up.inkhabar.com/top-news/non-vegetarians-will-be-in-trouble-railways-will-keep-a-special-eye-on-trains-for-maha-kumbh/</link><pubDate>January 12, 2025, 7:29 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2025/01/download-3-3-300x168.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>लखनऊ: महाकुंभ की शुरुआत कल यानी 13 जनवरी से हो रही है। इसको लेकर शासन-प्रशासन बड़े पैमाने पर तैयारियां कर रहा है। इसी क्रम में प्रयागराज के बाद वाराणसी में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए सभी व्यवस्थाएं चाक-चौबंद की जा रही ह...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ: &lt;/strong&gt;महाकुंभ की शुरुआत कल यानी 13 जनवरी से हो रही है। इसको लेकर शासन-प्रशासन बड़े पैमाने पर तैयारियां कर रहा है। इसी क्रम में प्रयागराज के बाद वाराणसी में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए सभी व्यवस्थाएं चाक-चौबंद की जा रही हैं। इसकी सबसे ज्यादा जिम्मेदारी वाराणसी के रेलवे और पुलिस प्रशासन पर होगी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;मांसाहारी भोजन पर रोक&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इस संबंध में, वाराणसी रेलवे स्टेशन और स्टेशन से गुजरने वाली ट्रेनों में मांसाहारी भोजन की बिक्री पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रयागराज महाकुंभ के लिए जाने वाले श्रद्धालु भी बड़ी संख्या में काशी पहुंचेंगे। इस दौरान उनकी धार्मिक यात्रा और आयोजन में सहायता के लिए रेलवे विभाग की ओर से पूरी तैयारियां की गई हैं। महाकुंभ की पवित्रता को ध्यान में रखते हुए वाराणसी रेलवे स्टेशनों पर स्थित सभी कैंटीनों, दुकानों और खान-पान के स्थानों पर मांसाहारी भोजन पर पूर्णतः प्रतिबंध रहेगा।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;वाराणसी से गुजरने वाली ट्रेनों पर खास नजर&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इसके अलावा कुंभ को ध्यान में रखते हुए वाराणसी से रवाना होने वाली किसी भी ट्रेन में मांसाहारी भोजन नहीं बनाया जाएगा। वाराणसी रेल विभाग द्वारा स्टेशनों और ट्रेनों में बनने वाले भोजन के सैंपल भी लिए जा रहे हैं। वाराणसी के रेलवे विभाग का साफ कहना है कि पहले भी यहां मांसाहारी भोजन नहीं पकाया जाता था, लेकिन महाकुंभ के दौरान इन क्षेत्रों में मांसाहारी भोजन पकाने और बेचने पर विशेष प्रतिबंध रहेगा।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>चंद्रशेखर के निष्पापी वाले बयान पर सियासत गर्म, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि पाप नहीं किया तो हमें दर्शन दें</title><link>https://up.inkhabar.com/politics/politics-heated-up-on-chandrashekhars-statement-of-being-sinless-swami-avimukteshwaranand-said-that-if-he-has-not-committed-any-sin-then-give-him-darshan/</link><pubDate>January 11, 2025, 9:18 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2025/01/4ा76-300x169.webp</image><category>राजनीति</category><excerpt>लखनऊ। 13 जनवरी से शुरू हो रहे महाकुंभ को लेकर नगीना सीट से सांसद चंद्रशेखर आजाद के बयान पर सियासत गरमा गई है। कई हिन्दू संगठनों ने उनके बयान का विरोध किया है। इस बीच ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की प्रतक्रिया भी साम...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ। &lt;/strong&gt;13 जनवरी से शुरू हो रहे महाकुंभ को लेकर नगीना सीट से सांसद चंद्रशेखर आजाद के बयान पर सियासत गरमा गई है। कई हिन्दू संगठनों ने उनके बयान का विरोध किया है। इस बीच ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की प्रतक्रिया भी सामने आई है। चंद्रशेखर के बयान पर उन्होंने कहा कि अगर वो स्वयं को निष्पापी समझते हैं तो वो हमें भी अपने दर्शन दें। उनके बारे में शोध होना चाहिए।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;निष्पापी है तो हमें दर्शन दें&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने महाकुंभ को लेकर नगीना सांसद के बयान पर जवाब देते हुए कहा कि &amp;#8220;कुंभ में जो आया वो पापी और जो नहीं आया वो पुण्यआत्मा है। निश्चित रूप से हम यहां आए हैं कि अगर जाने- अनजाने में कोई पाप हुआ है तो यहां आकर खत्म हो जाएं। अगर वे खुद को निष्पापी समझते हैं तो वे हमें भी अपने दर्शन दें। उनके बारे में तो शोध करना चाहिए। उनके बारे में चर्चा होनी चाहिए।&amp;#8221; शंकराचार्य ने इस दौरान राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा की पहली वर्षगांठ पर भी प्रतिक्रिया सामने आई है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;अभी मंदिर की प्रतिष्ठा नहीं हुई&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;प्राण प्रतिष्ठा की वर्षगांठ पर उन्होंने कहा कि धर्म की दृष्टि से अभी मंदिर की प्रतिष्ठा नहीं हुई है। अभी आयोजन की वार्षिकी मनाई जा रही है। जिन लोगों ने आयोजन किया था वही लोग वार्षिकी भी मना रहे हैं। दरअसल चंद्रशेखर आजाद से जब महाकुंभ की तैयारियों को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि कुंभ मेले में वहीं लोग जाएंगे, जिन्होंने पापा किए हैं। उन्हीं लोगों को वहां जाना चाहिए. लेकिन, क्या कोई ये बताता है कि कोई कब पाप करता हैं?&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;बयान पर मिली तीखी प्रतिक्रिया&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इतना ही नहीं उन्होंने योगी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश में जंगलराज की स्थिति बन चुकी है। मुख्यमंत्री का तानाशाही रवैया तेजी से बढ़ रहा है। आजाद के महाकुंभ को लेकर दिए बयान पर तमाम सियासी दलों और हिन्दू संगठनों की तरफ से तीखी प्रतिक्रिया सामने आ रही है। बीजेपी समेत तमाम हिन्दू संगठन और साधु-संतों ने उनके बयान पर आपत्ति जताई है। यूपी के मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने तो उनकी तुलना कौवे से कर दी।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>महाकुंभ में मिठास घोल रहे रबड़ी वाले बाबा, श्रद्धालुओं का लग रहा ताता</title><link>https://up.inkhabar.com/desh-pradesh/rabdi-baba-is-adding-sweetness-to-the-maha-kumbh-devotees-are-feeling-the-presence-of-baba/</link><pubDate>January 11, 2025, 7:12 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2025/01/Cguy-300x169.webp</image><category>देश-प्रदेश</category><excerpt>लखनऊ। प्रयागराज में 13 जनवरी से शुरू होने वाले भव्य महाकुंभ की तैयारियां पूरी हो चुकी है। महाकुंभ की दिव्य छठा देखने को मिल रही है। महाकुंभ में पहले ही तमाम साधु-संतों और अखाड़ों के तपस्वियों का पहुंचना शुरू हो गया है, जिसमें कई रंग देखने को मि...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ।&lt;/strong&gt; प्रयागराज में 13 जनवरी से शुरू होने वाले भव्य महाकुंभ की तैयारियां पूरी हो चुकी है। महाकुंभ की दिव्य छठा देखने को मिल रही है। महाकुंभ में पहले ही तमाम साधु-संतों और अखाड़ों के तपस्वियों का पहुंचना शुरू हो गया है, जिसमें कई रंग देखने को मिल रहा है। महाकुंभ में आने वाले कई संत अपने हठयोग और अनोखी तपस्या को लेकर चर्चा में है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;रबड़ी बाबा के नाम से फेमस&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इन्हीं में से एक है रबड़ी वाले बाबा। श्री महंत देव गिरि महाराज लोगों को खिलाने के लिए जाने जाते हैं। वो महाकुंभ में आने वाले लोगों को रबड़ी बनाकर उसका स्वाद चखा रहे है, जिसकी वजह से लोग उन्हें रबड़ी वाले बाबा भी कहकर बुलाते हैं। श्री महंत देव गिरि महाराज जिन्हें लोग रबड़ी वाले बाबा के नाम से जानते है। इन दिनों कुंभ नगरी में सुर्खियां बटोर रहे है। वो दिनभर रबड़ी बनाते हैं और रोजाना हजारों लोगों को अपनी रबड़ी का स्वाद चखाते हैं। रबड़ी वाले बाबा श्री पंचायती अखाड़ा महानिर्वाण में श्रीमंहत पद पर हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;रबड़ी बनाकर खिलाना&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बाबा कई दिनों से महाकुंभ में रबड़ी बनाकर लोगों को खिला रहे हैं। उन्होंने इसे ईश्वर का आशीर्वाद बताया और कहा कि वो केवल लोगों की सेवाभाव से इस काम को कर रहे हैं। रबड़ी वाले बाबा ने कहा कि वो 9 दिसंबर से महाकुंभ में हैं। ये आयोजन छह फरवरी तक जारी रहेगा। हजारों लोग रोजाना इस रबड़ी का स्वाद चखते हैं। सुबह 8 बजे से बाबा की कढ़ाई चढ़ जाती है। उससे पहले हम अपने दिन की शुरूआत पूजा-पाठ से करते हैं, जिसके बाद रबड़ी बनाने का काम शुरू करते हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;श्रीमंहत सबसे बड़ा पद&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;कुंभ में आने वाले लोगों को रबड़ी का रसपान कराते हैं। उन्होंने कहा कि कढ़ाई चढ़ाने से पहले पूजा की जाती है। बाबा ने बताया कि हमें रबड़ी बनाने का विचार 2019 में आया था। तब से हमने डेढ़ महीना लोगों को रबड़ी खिलाई। ये इसी का आशीर्वाद है कि पहले हम नागा बाबा थे और अब पंचायती अखाड़े के श्रीमहंत है। श्री मंहत का पद अखाड़े में सबसे बड़ा पद माना जाता है।&lt;/p&gt;



&lt;figure class=&quot;wp-block-embed is-type-rich is-provider-twitter wp-block-embed-twitter&quot;&gt;&lt;div class=&quot;wp-block-embed__wrapper&quot;&gt;
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&lt;/div&gt;&lt;/figure&gt;
</content></item><item><title>मुख्यमंत्री योगी के प्रयाराज दौरे का दूसरा दिन, एफएम रेडियों चैनल का किया उद्घाटन</title><link>https://up.inkhabar.com/politics/second-day-of-chief-minister-yogis-prayraj-tour-fm-radio-channel-inaugurated/</link><pubDate>January 10, 2025, 7:51 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2025/01/Clipboard-2-300x169.jpg</image><category>राजनीति</category><excerpt>लखनऊ। सनातन परंपरा के सबसे बड़े आयोजन में अब शाही स्नान की जगह अमृत स्नान का इस्तेमाल किया जाएगा। संतों ने इस पर अपनी मुहर लगा दी है। इसकी घोषणा स्वयं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की है। मुख्यमंत्री ने कहा, भारत और चीन के बाद दुनिया की तीसरी स...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ।&lt;/strong&gt; सनातन परंपरा के सबसे बड़े आयोजन में अब शाही स्नान की जगह अमृत स्नान का इस्तेमाल किया जाएगा। संतों ने इस पर अपनी मुहर लगा दी है। इसकी घोषणा स्वयं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की है। मुख्यमंत्री ने कहा, भारत और चीन के बाद दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी आबादी आस्था के इस महासमागम की साक्षी बनेगा। मुख्यमंत्री कल से 2 दिवसीय प्रयागराज दौरे पर हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;महाकुंभ में अमृत स्नान की दी जानकारी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;आज दौरे के दूसरे दिन सीएम योगी ने एफएम रेडियो चैनल &amp;#8216;कुंभवाणी&amp;#8217; की शुरूआत की। मुख्यमंत्री गुरुवार को दोपहर लगभग 2 बजे प्रयागराज आए थे। तैयारी की समीक्षा बैठक, अखाड़ों में संतों संग वार्ता और विभिन्न निर्माण कार्यों के उद्घाटन के बाद मीडियाकर्मियों से रूबरू हुए। मुख्यमंत्री ने महाकुंभ की महत्ता के साथ भव्यता और दिव्यता की जानकारी दी। सीएम ने कहा, 45 दिनों का महापर्व 13 को पौष पूर्णिमा स्नान से शुरू होगा। छह प्रमुख स्नान होंगे। जिनमें मौनी अमावस्या, मकर संक्रांति और वसंत पंचमी के दिन अमृत स्नान होगा।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;विकास और रोजगार का आधार तैयार&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;यह शाही स्नान था, जिसे अब संतों ने अपनी मान्यता देकर अमृत स्नान कर दिया है। सीएम ने कहा कि आस्था और आधुनिकता का महापर्व विकास और रोजगार का आधार भी तैयार करेगा। इस दौरान दो लाख करोड़ रुपये का आर्थिक विकास केवल प्रयागराज में किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा, महाकुंभ में अकेले 20 से 25 लाख कल्पवासी होंगे, जो पूरे माघ महीने यहीं रहेंगे। उन्होंने कहा कि मौनी अमावस्या स्नान पर्व पर ही 8 से 10 करोड़ लोगों के अमृत स्नान करने की संभावना है। वसंत पंचमी पर भी 5-6 करोड़ लोग स्नान करेंगे।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;धर्म जाति का भेद मिटाता है&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;मकर संक्रांति के मौके पर भी स्नान करने वालों की बड़ी संख्या होगी। मुख्यमंत्री शुक्रवार को भी प्रयागराज में मौजूद हैं। जहां उन्होंने आकाशवाणी के नए एफएम रेडियो चैनल &amp;#8216;कुंभवाणी&amp;#8217; का शिलान्यास किया। इस दौरान सीएम योगी ने कहा कि महाकुंभ सनातन के गौरव का महाकुंभ है। जो लोग लोगों को जातियों में बांटना चाहते हैं, उन्हें देखना चाहिए कि कुंभ धर्म, जाति और लिंग का भेद मिटाता है। यहां दुनिया भर से आते हैं।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>&amp;#8216;वक्फ बोर्ड को समाप्त कर देना चाहिए… &amp;#8216;, साक्षी महाराज ने महाकुंभ का महामंच से किसको ललकारा?</title><link>https://up.inkhabar.com/top-news/wakf-board-should-be-abolished-whom-did-sakshi-maharaj-challenge-from-the-maha-kumbhs-grand-stage/</link><pubDate>January 10, 2025, 7:46 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2025/01/download-6-300x169.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>लखनऊ: &amp;#8221;महाकुंभ का महामंच&amp;#8221; 2025 सम्मेलन में शामिल होने साक्षी महाराज पहुंचे हुए हैं, जो बीजेपी के सदस्य हैं। उन्होंने &amp;#8221;महाकुंभ का महामंच&amp;#8221; से कई मुद्दों पर बात की हैं। उन्होंने वक्फ बोर्ड को लेकर बड़ा बयान दिया हैं। उन्होंन...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ:&lt;/strong&gt; &amp;#8221;महाकुंभ का महामंच&amp;#8221; 2025 सम्मेलन में शामिल होने साक्षी महाराज पहुंचे हुए हैं, जो बीजेपी के सदस्य हैं। उन्होंने &amp;#8221;महाकुंभ का महामंच&amp;#8221; से कई मुद्दों पर बात की हैं। उन्होंने वक्फ बोर्ड को लेकर बड़ा बयान दिया हैं। उन्होंने कहा है कि देश से वक्फ बोर्ड को समाप्त कर देना चाहिए।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;कई मुद्दों पर खुलकर बात की&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि इंडिया न्यूज़ की तरफ से प्रयागराज महाकुंभ के लिए &amp;#8221;महाकुंभ का महामंच&amp;#8221; आयोजित किया गया हैं, जिस मंच पर जाने-माने हस्तियों का जत्था पहुंच रहा है। इस बीच साधू संतों के नायक भी पहुंचे हुए हैं। इस दौरान साक्षी महाराज ने कई मुद्दों पर खुलकर बात की है। उन्होंने कहा है कि जो भी साधू संतों को छेड़ेगा उसे छोड़ेंगे नहीं। साथ ही कहा कि सनातन बोर्ड बनाया जाये और बक्फ बोर्ड को खत्म किया जाए, पीएम मोदी का नाम लेते हुए बोले कि पीएम मोदी को हल्के में नहीं लिया जाए, हिदुस्तान में रहने वाला हर मुसलमान हमारा भाई है। उन्हें घर वापसी कर लेना चाहिए। विपक्षियों ने मुसलमान को बरगलाया हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;जो भारत को छेड़ता हैं उसे हम छोड़ते नहीं है&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;साक्षी महाराज ने आगे कहा कि जो भारत को छेड़ता हैं उसे हम छोड़ते नहीं है। यह ऋषी मुनियों का देश है। सनातन का कोई डेथ ऑफ बर्थ नहीं है। सारी दुनिया में सनातन धर्म था, है और आगे भी रहेगा। अब हिन्दू जागृत हो गए हैं अपमान अब नहीं सहेंगे। इस दौरान उन्होंने कहा कि भारत भूमि में पैदा होना हमारा सौभाग्य हैं। माहौल बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है। मोदी और भारत को हल्के में न लें।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>&amp;#8216;महाकुंभ का महामंच&amp;#8217; में बोले साक्षी महाराज, कहा &amp;#8211; जब इस्लाम पैदा भी नहीं हुआ था तब से कुंभ मनाया जा रहा है</title><link>https://up.inkhabar.com/top-news/sakshi-maharaj-spoke-in-mahakumbh-ka-mahamanch-said-kumbh-is-being-celebrated-since-the-time-when-islam-was-not-even-born/</link><pubDate>January 10, 2025, 7:15 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2025/01/download-5-1-300x300.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>लखनऊ: इंडिया न्यूज़ प्रयागराज में पूरी जोश के साथ महाकुंभ को कवरेज कर रहा है। इस दौरान चैनल की तरफ से “महाकुंभ का महामंच” 2025 का आयोजन किया गया है। जहां देश-विदेश के दिग्गज संत-महात्मा के साथ-साथ राजनेता का जत्था इस मंच पर अपनी बातों को साझा कर...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ:&lt;/strong&gt; इंडिया न्यूज़ प्रयागराज में पूरी जोश के साथ महाकुंभ को कवरेज कर रहा है। इस दौरान चैनल की तरफ से “महाकुंभ का महामंच” 2025 का आयोजन किया गया है। जहां देश-विदेश के दिग्गज संत-महात्मा के साथ-साथ राजनेता का जत्था इस मंच पर अपनी बातों को साझा कर रहे हैं। इस दौरान रवीन्द्र पुरी महाराज, कल्पना पोटवारी, साक्षी महाराज, विश्वात्मा नन्द सरस्वती, आचार्य महामडलेश्वर के अलावा कई बड़े साधु संत शिरकत कर रहे हैं। इस बीच विश्वात्मानंद सरस्वती ने अपनी बात रखी हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;अटल अखाड़ा के आचार्य किसे कहा गद्दार&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;अटल अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश विश्वात्मानंद सरस्वती ने महाकुंभ का महामंच में देश में लगातार हो रहे धर्मं परिवर्तन पर कहा कि इसमें हमारे समाज वालों की भी गलती है, गद्दार लोगों ने ड्रिंक करवाकर धर्म परिवर्तन करवाया। इस दौरान अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रवीन्द्र पुरी महाराज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी के कामों की जमकर सराहना की है। इस दौरान उन्होंने भारतीय सेना में नागा साधुओं को मौका नहीं देने पर आपत्ति जताई हैं। कुंभ में गैर सनातनी लोगों की एंट्री पर रोक लगाने पर उन्होंने कहा कि हमने किसी समुदाय को टारगेट नहीं किया है। हमने उनलोगों को कहा है जो हमारी चाय में थूकते हैं, हमारे खाने-पीने की चीजों में पेशाब करते हैं। ऐसे में जोलोग लव जिहाद फैलाते हैं उन्हें एंट्री न मिले।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;इस्लाम के जन्म से पहले से शुरू हैं महाकुंभ&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;&amp;#8220;महाकुंभ का महामंच&amp;#8221; 2025 सम्मेलन में बोलते हुए साक्षी महाराज ने महाकुंभ पर कहा कि हम कुंभ तब से मनाते आ रहे हैं जब इस्लाम का जन्म भी नहीं हुआ था। इसके अलावा उन्होंने हिंदू राष्ट्र पर कहा कि भारत को बंटवारे के बाद ही हिंदू राष्ट्र बन जाना चाहिए था। उन्होंने सनातन बोर्ड के गठन की भी वकालत की।&lt;/p&gt;



&lt;figure class=&quot;wp-block-image size-large&quot;&gt;&lt;img loading=&quot;lazy&quot; decoding=&quot;async&quot; width=&quot;1024&quot; height=&quot;576&quot; src=&quot;https://up.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/01/image-25-1024x576.png&quot; alt=&quot;&quot; class=&quot;wp-image-22170&quot; srcset=&quot;https://up.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/01/image-25-1024x576.png 1024w, https://up.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/01/image-25-300x169.png 300w, https://up.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/01/image-25-768x432.png 768w, https://up.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/01/image-25-150x84.png 150w, https://up.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/01/image-25-696x392.png 696w, https://up.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/01/image-25-1068x601.png 1068w, https://up.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/01/image-25.png 1280w&quot; sizes=&quot;auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px&quot; /&gt;&lt;/figure&gt;
</content></item><item><title>प्रयागराज में आपका स्वागत है, सबसे पहले ब्रह्मा जी ने यही यज्ञ किया, आज महाकुंभ की झांकी कुछ इस तरह बयां हो रही</title><link>https://up.inkhabar.com/desh-pradesh/welcome-to-prayagraj-brahma-ji-first-performed-this-yagya-today-the-glimpse-of-maha-kumbh-is-being-described-in-this-way/</link><pubDate>January 8, 2025, 4:08 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2025/01/download-1-2-300x169.png</image><category>देश-प्रदेश</category><excerpt>लखनऊ: महाकुंभ शुरू होने में गिनती से अब कुछ दिन ही शेष हैं ऐसे में प्रयागराज की सुंदरता का वर्णन किया जाएं तो मन एकदम आध्यात्मिक तो जरूर हो जाएगा। ऐसे में चलिए आज हम प्रयागराज में लगने वाले महाकुंभ के बारे में जानते है, महाकुंभ जहां संगम की हर ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ: &lt;/strong&gt;महाकुंभ शुरू होने में गिनती से अब कुछ दिन ही शेष हैं ऐसे में प्रयागराज की सुंदरता का वर्णन किया जाएं तो मन एकदम आध्यात्मिक तो जरूर हो जाएगा। ऐसे में चलिए आज हम प्रयागराज में लगने वाले महाकुंभ के बारे में जानते है, महाकुंभ जहां संगम की हर लहर में है आस्था, जहां ब्रह्मा जी ने किया था पहला यज्ञ. जहां चरणराज के दर्शन के लिए पूरी दुनिया उत्सुक रहती है। तीर्थराज प्रयागराज को अक्षयवट, बड़े हनुमान जी, वेणीमाधव और पवित्र सरस्वती कूप जैसे तीर्थों का आशीर्वाद प्राप्त है। हर श्रद्धालु के स्वागत के लिए पवित्र प्रयागराज तैयार है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;हर गलियों में अध्यात्म माहौल&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;शहर की हर सड़क, हर मोड़ कला और संस्कृति का जीवंत कैनवास बन गया है। दीवारों पर रामायण, महाभारत और पौराणिक कथाओं के दृश्य उकेरे गए हैं, जो हर भक्त को आध्यात्मिक यात्रा पर ले जाते हैं। संगम क्षेत्र में अद्भुत मूर्तियां स्थापित की गई हैं, जो भारतीय संस्कृति के प्रतीकों और महाकुंभ की महिमा को दर्शाती हैं। पौराणिक नदी सरस्वती का रहस्यमय और पवित्र प्रवाह आज भी सरस्वती कूप में महसूस होता है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;मां सरस्वती गुणगान कर रही हैं&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;ज्ञान, संगीत और आध्यात्म की देवी मां सरस्वती जहां प्रयागराज के ज्ञान का गुणगान कर रही हैं, वहीं यहां के हर घाट का अमूल्य इतिहास है और कण-कण में भक्ति की कहानी छिपी है। दशाश्वमेध घाट भगवान शिव की महिमा का गुणगान कर रहा है, अश्वमेध यज्ञ हमें भगवान ब्रह्मा की याद दिला रहा है और भारद्वाज आश्रम भगवान राम के आदर्शों का मार्ग दिखा रहा है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;प्रयागराज जरूर पधारे&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;अगर आप प्रयागराज महाकुंभ में अखाड़ों की दुनिया का अनुभव लेना चाहते हैं तो प्रयागराज आपके आगमन का इंतजार कर रहा है। यहां आपकी मुलाकात अखाड़ों के संतों से होगी, हर अखाड़ा और उसके संत अपने आप में एक किताब हैं। दिव्यता और आध्यात्मिकता का अनुभव करें और मां गंगा के साथ ब्रह्मा, विष्णु, महेश का आशीर्वाद लें और प्रयागराज महाकुंभ का दौरा अवश्य करें।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Maha Kumbh: महाकुंभ में शामिल हुए छोटू बाबा, 32 सालों ने नहीं किया स्नान, जानें इसकी वजह</title><link>https://up.inkhabar.com/desh-pradesh/maha-kumbh-chhotu-baba-attended-maha-kumbh-did-not-take-bath-for-32-years-know-the-reason/</link><pubDate>January 1, 2025, 9:41 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2025/01/maha-300x169.webp</image><category>देश-प्रदेश</category><excerpt>लखनऊ। प्रयागराज महाकुंभ कई मायनों में अहम माना जाता है। वैसे तो हज़ारों की संख्या में नागा साधु अपनी छावनियों में दाखिल होकर धूनी रमाते महाकुंभ पहुंच रहे है, लेकिन इनमे से गंगापुरी महाराज लोगों के बीच काफी सुर्खियां बटोर रहे हैं। कोई उन्हें देखक...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ। &lt;/strong&gt;प्रयागराज महाकुंभ कई मायनों में अहम माना जाता है। वैसे तो हज़ारों की संख्या में नागा साधु अपनी छावनियों में दाखिल होकर धूनी रमाते महाकुंभ पहुंच रहे है, लेकिन इनमे से गंगापुरी महाराज लोगों के बीच काफी सुर्खियां बटोर रहे हैं। कोई उन्हें देखकर रुक जाता है, कोई उनके साथ फोटो खींचवाना चाहता है। लोग गंगापुरी महाराज को देखकर हैरान हो रहे हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt; ज्यादातर समय कैंप में बिताते हैं&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;उनके सड़क पर आते ही लोगों की भीड़ लग जाती है। लोगों के बीच घिर जाने की वजह से ही वह ज़्यादातर अपना समय कैंप में बिताते हैं या फिर गंगा के तट पर एकांत में साधना करते हैं। गंगापुरी महाराज सन्यासियों के सबसे बड़े और वैभवशाली जूना अखाड़े के नागा संत हैं। वह असम की कामाख्या पीठ से संबंधित हैं। बाकी संत महात्मा और करोड़ों श्रद्धालु महाकुंभ में मा गंगा की गोद में आस्था की डुबकी लगाने के लिए आ रहे हैं, लेकिन गंगापुरी महाराज यहां गंगा स्नान करने के लिए नहीं पहुंचे हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;टाइनी बाबा कहकर बुलाते हैं&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;गंगापुरी महाराज महाकुंभ में अपनी हाइट को लेकर भी चर्चा में बने हुए हैं। उनकी हाइट केवल तीन फिट है। यानी जितनी लंबाई किसी पांच &amp;#8211; छह साल के बच्चे की होती है। बाबा अपनी उम्र सत्तावन साल बताते हैं। कम हाइट होने की वजह से तमाम लोग उन्हें छोटू बाबा कहकर बुलाते हैं। तो वहीं कोई उन्हें टाइनी बाबा कहता है। हालांकि गंगापुरी महाराज कम हाइट को लेकर बिल्कुल भी निराश नहीं होते हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;हाइट उनकी ताकत है&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;उनका कहना है कि महज तीन फिट की ऊंचाई उनकी कमज़ोरी नहीं बल्कि ताकत को दर्शाता है। इसी के चलते लोग उन्हें पसंद भी करते हैं। उन्हें देखने के लिए महाकुंभ में लोगों की भीड़ उमड़ी हैं। गंगापुरी जी महाराज से जुड़ी एक और ख़ास बात है कि वह पिछले बत्तीस सालों से नहाए नहीं हैं। इसके पीछे उनका एक संकल्प है, जिसकी पूर्ति बत्तीस सालों में भी नहीं हो पाई है। जब उनकी संकल्पना पूरी हो जाएगी तब वह स्नान करेंगे।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Keys: महाकुंभ नगरी पहुंचे चाबी वाले बाबा, अंहकारों का तोड़ेंगे ताला</title><link>https://up.inkhabar.com/desh-pradesh/keys-baba-with-the-keys-reaches-mahakumbh-city-will-break-the-lock-of-egos/</link><pubDate>December 30, 2024, 8:45 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/12/chabhi-300x169.webp</image><category>देश-प्रदेश</category><excerpt>लखनऊ। संगम की रेती पर तैयार कुंभ नगरी में इस समय साधु-संतों का रहस्यमयी संसार दिखाई दे रहा है। कुंभ में पहुंचे हर बाबा की कोई न कोई खास कहानी है। कोई हाथ योगी वाले बाबा, कोई ई-रिक्शा वाले बाबा, कोई जानवर वाले बाबा तो कोई घोड़े वाले बाबा के नाम ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ।&lt;/strong&gt; संगम की रेती पर तैयार कुंभ नगरी में इस समय साधु-संतों का रहस्यमयी संसार दिखाई दे रहा है। कुंभ में पहुंचे हर बाबा की कोई न कोई खास कहानी है। कोई हाथ योगी वाले बाबा, कोई ई-रिक्शा वाले बाबा, कोई जानवर वाले बाबा तो कोई घोड़े वाले बाबा के नाम से मशहूर हैं। इस क्रम में एक चाबी वाले बाबा भी हैं, जो अपने एक हाथ में 20 किलो की लोहे की चाबी लेकर महाकुंभ पहुंचे हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;चाबी के पीछे का रहस्य&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इस भारी-भरकम चाबी के पीछे की कहानी भी रहस्यमयी है। लोग इन्हें रहस्यमयी चाबी वाले बाबा के नाम से पहचानते हैं। बाबा के पास एक रथ है, जिसमें चाबी ही चाबी भरी होती हैं। बाबा की हर एक चाबी के पीछे एक कहानी होती है। 50 साल के चाबी वाले बाबा की खासियत ये है कि वह पूरे देश में पैदल अपने रथ को हाथों से खींचकर यात्रा करते रहते है। वे नए युग की कल्पना को लोगों तक पहुंच रहे हैं। चाबी वाले बाबा का असली नाम हरिश्चंद्र विश्वकर्मा है। वो यूपी के रायबरेली के निवासी हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;बचपन से ही अध्यात्म से जुड़े&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;वे कहते हैं कि हरिश्चंद्र विश्वकर्मा का बचपन से ही अध्यात्म से जुड़ाव था। घरवालों के डर से वे कुछ बोल नहीं पाते थे, लेकिन जब वह 16 साल के हुए तो उन्होंने समाज में फैली बुराइयों और नफरत से लड़ने का फैसला लिया और घर से निकल गए। 16 साल की उम्र में ही उन्होंने ठान लिया था कि वह अधात्म को अपनाएंगे। हरिश्चंद्र विश्वकर्मा कबीरपंथी विचारधारा के हैं, इसलिए लोग उन्हें कबीरा बाबा पुकारते थे। अयोध्या से यात्रा कर चाबी वाले बाबा अब प्रयागराज कुंभ नगरी में पहुंचे हैं। कबीरा बाबा कई साल से अपने साथ भारी-भरकम चाबी लिए हुए हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;यात्रा के तौर पर बनाते हैं चाबी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;उस चाबी के साथ ही उन्होंने पूरे देश की पदयात्रा की हैं। अपनी यात्रा और अध्यात्म के बारे में कबीरा बाबा कहते हैं कि लोगों के मन में बसे अहंकार का ताला वे अपनी इस बड़ी सी चाबी से खोलते हैं। वह लोगों के अहंकार को चूर-चूर कर उन्हें एक नया रास्ता दिखाते हैं। अब बाबा के पास कई तरह की चाबियां मौजूद हैं। बाबा खुद ही अपने हाथों से चाबी बना देते हैं, जहां भी जाते हैं, यादगार के तौर पर चाबी का निर्माण कर लेते हैं।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Mahakumbh: महाकुंभ मे स्थापित हो रही डोम सिटी, अब हिलस्टेशन का मजा प्रयाराज में</title><link>https://up.inkhabar.com/desh-pradesh/mahakumbh-dome-city-being-established-in-mahakumbh-now-the-fun-of-hill-station-in-prayaraj/</link><pubDate>December 26, 2024, 8:23 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/12/camp-300x169.webp</image><category>देश-प्रदेश</category><excerpt>लखनऊ। संगम नगरी प्रयागराज में 13 जनवरी से शुरू हो रहे महाकुंभ मेले की तैयारी जोरो-शोरों पर है। महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालु और पर्यटकों को तंबुओं के कैंप के साथ ही डोम सिटी में रहने की सुविधा मिलेगी। डोम सिटी महाकुंभ में ही नहीं बल्कि भारत मे...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ।&lt;/strong&gt; संगम नगरी प्रयागराज में 13 जनवरी से शुरू हो रहे महाकुंभ मेले की तैयारी जोरो-शोरों पर है। महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालु और पर्यटकों को तंबुओं के कैंप के साथ ही डोम सिटी में रहने की सुविधा मिलेगी। डोम सिटी महाकुंभ में ही नहीं बल्कि भारत में पहली बार बसाई जा रही है। डोम सिटी में एक दिन का किराया है 1 लाख रुपये से ज्यादा का है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;बुंकिग को लेकर अच्छे रिस्पांस&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इसकी कुछ खासियत है जो इसे खास बनाती है। यह डोम बुलेट प्रूफ- फायर प्रूफ और पारदर्शी होता है जो इसे महंगा बनाता है। इस डोम में एक रात बिताने पर पता चल जाएगा कि फाइव स्टार होटल और आलीशान कोठियों के कमरे इसके आगे फीके है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि रिमोट का बटन दबाने से डोम की छत के पर्दे हट जाते है, जिससे रात के अंधेरे में आसमान में चमकते तारों दिखते है। माना जा रहा है कि इसकी बुकिंग को लेकर जबरदस्त रिस्पांस सामने आएंगे।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;44 डोम स्थापित किए जा रहे&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;डोम सिटी का कॉन्सेप्ट सामान्यत बर्फीले देशों में होता है। इसे इग्लू यानी गोलाकार आकार में फाइबर की सीट से तैयार किया जाता है। कड़ाके की ठंड से बचाने में काफी मदद करता है। भारत में चुनिंदा हिल स्टेशन पर ही इक्का-दुक्का डोम बनाए गए हैं। प्रयागराज महाकुंभ में एक साथ चौवालीस डोम और उनके साथ लगभग पौने दो सौ वुडन कॉटेज की अलग सिटी बसाई जा रही है। महाकुंभ क्षेत्र में डोम सिटी अरेल क्षेत्र में बसाई जा रही है। सिटी में 22 बड़े स्ट्रक्चर का निर्माण किया जा रहा है। हर स्ट्रक्चर को दो हिस्से में बांटा गया है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;राम में सितारों को देख सकते है&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;दोनों हिस्सों में जमीन से लगभग 15 फीट ऊंचाई पर डोम तैयार किए गए हैं। डोम यानी फाइबर शीट से तैयार किया गया एक ऐसा कमरा, जिसे बेडरूम और ड्राइंग रूम दोनों के तौर पर उपयोग किया जाता है। महाकुंभ में तैयार डोम को चारों तरफ रंगीन पर्दे से ढका गया है। यह पर्दे रिमोट का एक बटन दबाकर खुल जाते है। डोम की अंदरूनी छत पर भी लगे पर्दे को रिमोट से हटाकर रात के समय आसमान में चमकते तारों को देखा जा सकता है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>23 से ज्यादा शहरों से प्रयागराज के लिए मिलेगी फ्लाइट, 24 घंटे सुविधा, जानें सबकुछ</title><link>https://up.inkhabar.com/desh-pradesh/flights-will-be-available-to-prayagraj-from-more-than-23-cities-24-hours-facility-know-everything/</link><pubDate>December 25, 2024, 11:21 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/12/download-10-1-300x169.png</image><category>देश-प्रदेश</category><excerpt>लखनऊ: महाकुंभ 13 जनवरी से शुरू होगा. जहां भारत के कोने-कोने से श्रद्धालु पहुंचेंगे. महाकुंभ में 40 करोड़ लोगों के आने का अनुमान लगाया गया है. लोगों को प्रयागराज आने में कोई दिक्कत न हो, इसके लिए एयर ट्रैफिक कंट्रोल ने पहली बार रात में विमान संच...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ:&lt;/strong&gt; महाकुंभ 13 जनवरी से शुरू होगा. जहां भारत के कोने-कोने से श्रद्धालु पहुंचेंगे. महाकुंभ में 40 करोड़ लोगों के आने का अनुमान लगाया गया है. लोगों को प्रयागराज आने में कोई दिक्कत न हो, इसके लिए एयर ट्रैफिक कंट्रोल ने पहली बार रात में विमान संचालन की अनुमति दी है। इसका मतलब यह है कि अब प्रयागराज एयरपोर्ट पर 24 घंटे विमान आ-जा सकते हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;प्रयागराज में हवाई यातायात बढ़ेगा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि 10 जनवरी से प्रयागराज में हवाई यातायात बढ़ने जा रहा है। वर्तमान में दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, रायपुर, बिलासपुर, लखनऊ और भुवनेश्वर के लिए उड़ानें संचालित हो रही हैं। ऐसे में महाकुंभ को देखते हुए 23 से ज्यादा शहरों के लिए फ्लाइट संचालित करने की तैयारी की जा रही है. महाकुंभ तक दिन-रात विमानों की लैंडिंग की इजाजत दी गई है. इससे पर्यटकों को काफी सुविधा मिलने वाली है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;इन जगहों से रोज भरेगी उड़ान&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;दिल्ली, मुंबई, लखनऊ, अहमदाबाद, गुवाहाटी, जयपुर, जबलपुर, चंडीगढ़, देहरादून, बिलासपुर, पुणे, बेंगलुरु, कोलकाता, भुवनेश्वर, हैदराबाद, रायपुर, भोपाल, पटना, जम्मू, अयोध्या, गोरखपुर, नागपुर, चेन्नई, इंदौर, गोवा, अमृतसर से हर दिन उड़ान की सुविधा देने की तैयारी है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;बुकिंग शुरू&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;4 एयरलाइंस ने प्रयागराज जाने के लिए बुकिंग शुरू कर दी है. एलायंस एयर की उड़ानें कोलकाता, गुवाहाटी, दिल्ली, जयपुर, जबलपुर, भुवनेश्वर, चंडीगढ़ और देहरादून, बिलासपुर के लिए उपलब्ध होंगी। वहीं, अकासा एयर फिलहाल मुंबई के लिए सेवाएं दे रही है। महाकुंभ के दौरान इसकी उड़ानें भी बढ़ाई जानी हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;स्पाइस जेट की बुकिंग शुरू&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;स्पाइस जेट ने अहमदाबाद, मुंबई, बेंगलुरु, दिल्ली के लिए बुकिंग शुरू कर दी है। इंडिगो दिल्ली, रायपुर, लखनऊ, पुणे, अहमदाबाद, भोपाल, नागपुर, चेन्नई, बेंगलुरु, कोलकाता, भुवनेश्वर, हैदराबाद शहरों के लिए उड़ानें पेश कर रहा है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>इस बार प्रयागराज में कौन सा कुंभ लगने जा रहा, पौष पूर्णिमा से होगी शुरुआत</title><link>https://up.inkhabar.com/desh-pradesh/which-kumbh-is-going-to-be-held-in-prayagraj-this-time-it-will-start-from-paush-purnima/</link><pubDate>December 3, 2024, 3:39 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/12/download-13-300x200.png</image><category>देश-प्रदेश</category><excerpt>लखनऊ: भारतीय संस्कृति और सनातन धर्म में कुम्भ मेले का विशेष महत्व है। कुम्भ मेले को भारतीय संस्कृति की विरासत के रूप में देखा जाता है। दरअसल, भारत में चार स्थानों पर कुंभ का आयोजन होता है। जिसमें प्रयागराज (उत्तर प्रदेश), हरिद्वार (उत्तराखंड), ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ: &lt;/strong&gt;भारतीय संस्कृति और सनातन धर्म में कुम्भ मेले का विशेष महत्व है। कुम्भ मेले को भारतीय संस्कृति की विरासत के रूप में देखा जाता है। दरअसल, भारत में चार स्थानों पर कुंभ का आयोजन होता है। जिसमें प्रयागराज (उत्तर प्रदेश), हरिद्वार (उत्तराखंड), उज्जैन (मध्य प्रदेश) और नासिक (महाराष्ट्र) शामिल हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;कुंभ कई प्रकार के होते हैं&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;पौराणिक मान्यता है कि इन चार स्थानों पर कुंभ मेले का आयोजन होता है। दरअसल, कुंभ कई प्रकार के होते हैं। जिसमें कुंभ, अर्ध कुंभ, पूर्ण कुंभ और महाकुंभ होता है। 2025 में प्रयागराज में कुंभ का आयोजन होने जा रहा है. लेकिन ये कौन सा कुंभ है, इसे हम इस आर्टिकल में जानेंगे।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;हर 3 साल में कुंभ का आयोजन&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;कुम्भ मेले को भारतीय संस्कृति की विरासत के रूप में देखा जाता है। दरअसल, कुंभ हर 3 साल में लगता है। भारत में चार स्थानों पर कुंभ का आयोजन होता है। जिसमें प्रयागराज (उत्तर प्रदेश), हरिद्वार (उत्तराखंड), उज्जैन (मध्य प्रदेश) और नासिक (महाराष्ट्र) शामिल हैं। पौराणिक मान्यता है कि इन चार स्थानों पर कुंभ मेले का आयोजन होता है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;अर्ध कुंभ और महाकुंभ&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;अर्ध कुंभ मेला 6 साल में एक बार हरिद्वार और प्रयागराज के तट पर लगता है। जबकि पूर्ण कुम्भ मेले का आयोजन 12 वर्ष में एक बार होता है, जो कि प्रयागराज में आयोजित होता है। 12 कुंभ मेलों के पूरा होने के बाद महाकुंभ मेले का आयोजन किया जाता है। इससे पहले साल 2013 में प्रयाराज में महाकुंभ का आयोजन हुआ था.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;पौष पूर्णिमा से शुरू होगा कुंभ&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;हिंदू कैलेंडर के मुताबिक कुंभ साल 2025 में पौष पूर्णिमा से शुरू होने जा रहा है. यानी 13 जनवरी 2025 से इसकी शुरुआत होगी. 26 फरवरी 2025 को महाशिवरात्री के साथ इसका समापन होगा. यानी ये कुंभ 45 दिन तक चलने वाला है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;144 साल में लगता है महाकुंभ&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;हालांकि पूर्ण कुंभ को महाकुंभ भी कहा जाता है। लेकिन सबसे बड़ा महाकुंभ हर 144 साल में होता है, जिसका आयोजन सिर्फ प्रयागराज में होता है। साल 2013 में 144 साल बाद प्रयागराज में महाकुंभ का आयोजन हुआ था. 12 साल बाद इस बार 2025 में प्रयागराज में पूर्ण कुंभ का आयोजन होने जा रहा है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;हरिद्वार में कब लगता है कुंभ&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;ऐसा माना जाता है कि जब बृहस्पति कुंभ राशि में और सूर्य मेष राशि में प्रवेश करते हैं, तब हरिद्वार में कुंभ का आयोजन होता है।&amp;nbsp; जब बृहस्पति, सूर्य और चंद्रमा मेष राशि में मकर राशि में प्रवेश करते हैं, तो अमावस्या के दिन प्रयागराज में कुंभ का आयोजन होता है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;नासिक में कब लगता है कुंभ&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इसके अलावा जब बृहस्पति सिंह राशि में प्रवेश करते हैं, तो गोदावरी के तट पर नासिक में कुंभ का आयोजन होता है। जबकि बृहस्पति के सिंह राशि में और सूर्य के मेष राशि में प्रवेश करने पर उज्जैन में कुंभ का आयोजन होता है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;क्यों है कुंभ का शाही स्नान फेमस&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;कुंभ मेले के आयोजन की कहानी समुद्र मंथन से जुड़ी है। समुद्र मंथन के दौरान अमृत तो प्राप्त हुआ, लेकिन इस अमृत कलश के लिए देवताओं और राक्षसों के बीच 12 दिनों तक संघर्ष चला। ये 12 दिन पृथ्वी पर 12 वर्ष माने जाते हैं। संघर्ष के दौरान 12 स्थानों पर अमृत की बूंदें गिरीं, जिनमें से चार बूंदें पृथ्वी पर गिरीं। जिन्हें आज हम प्रयागराज, उज्जैन, हरिद्वार और नासिक के नाम से जानते हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;इन नदियों का जल अमृत समान&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;प्रयागराज, उज्जैन, हरिद्वार और नासिक में कुंभ मेले का आयोजन किया जाता है और इस दौरान नदियों का जल अमृत के समान माना जाता है। यही कारण है कि कुंभ के दौरान नदी में स्नान करने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है। प्रयागराज तीन नदियों गंगा, यमुना और सरस्वती का संगम है, इसलिए इसका विशेष महत्व माना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि स्नान करने से पापों से मुक्ति मिलती है और मोक्ष की प्राप्ति होती है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Maha Kumbh 2025: महाकुंभ जाने से पहले कुछ जरुरी बातों का रखें ध्यान, नहीं होगी किसी तरह की परेशानी</title><link>https://up.inkhabar.com/desh-pradesh/maha-kumbh-2025-%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%95%e0%a5%81%e0%a4%82%e0%a4%ad-%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%aa%e0%a4%b9%e0%a4%b2%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a5%81maha-kumb/</link><pubDate>December 1, 2024, 10:45 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/12/download-43-300x183.png</image><category>देश-प्रदेश</category><excerpt>लखनऊ: प्रयागराज में महाकुंभ की तैयारियां जोरों शोरों से चल रही है। बता दें कि महाकुंभ का आयोजन हर 12 साल में एक बार होता है। यहां सिर्फ भारत से ही नहीं बल्कि दुनिया भर से लोग आते हैं। महाकुंभ का आयोजन बड़े पैमाने पर किया जाता है. चूंकि यहां लाख...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ: &lt;/strong&gt;प्रयागराज में महाकुंभ की तैयारियां जोरों शोरों से चल रही है। बता दें कि महाकुंभ का आयोजन हर 12 साल में एक बार होता है। यहां सिर्फ भारत से ही नहीं बल्कि दुनिया भर से लोग आते हैं। महाकुंभ का आयोजन बड़े पैमाने पर किया जाता है. चूंकि यहां लाखों-करोड़ों लोग आते हैं. इसलिए यहां जाने से पहले कुछ प्लानिंग करना बहुत जरूरी है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;जाने से पहले कुछ बातों का रखे ध्यान&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;आपकी यात्रा में किसी भी तरह की परेशानी से बचने के लिए कुछ बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी है। अगर आप भी जनवरी में शुरू होने वाले कुंभ मेले में जाने की तैयारी कर रहे हैं तो यह लेख आपके लिए है। यहां हम आपको उन चीजों के बारे में बताने जा रहे हैं जो आपके सफर के लिए जरूरी हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;अपने साथ रखें कुछ खास दस्तावेज़&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;कहीं भी जाने से पहले महत्वपूर्ण दस्तावेज़ पहले से ही व्यवस्थित कर लें। इससे आखिरी वक्त पर हड़बड़ाहट की स्थिति नहीं बनेगी. अगर आप महाकुंभ में जा रहे हैं तो पहले से अपना रजिस्ट्रेशन करा लें। आप ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह से रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। इसके अलावा आपको आधार कार्ड, वोटर आईडी या पासपोर्ट जैसे जरूरी दस्तावेज भी अपने पास रखने चाहिए।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;वहां रहने की व्यवस्था कर लें&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;कुंभ मेले में जाने से पहले अपने रहने की व्यवस्था कर लें. अपने साथ कम से कम सामान ले जाने का प्रयास करें। रहने के लिए ऐसी जगह चुनें जो ज्यादा दूर न हो।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;साथ में रखें कुछ कैश&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;यात्रा के दौरान अपने पास कुछ नकदी जरूर रखें. कई बार नेटवर्क ठीक से काम नहीं करते. ऐसे में आपका समय बर्बाद हो सकता है. नकदी रखने से खाने-पीने का सामान खरीदने में आसानी होगी. सावधान रहें कि बहुत अधिक नकदी न रखें। नकदी के साथ-साथ अपने एटीएम कार्ड का भी ख्याल रखें।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;कन्फर्म टिकट बुक करवाएं&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;यहां और भी लोग आ सकते हैं. ऐसे में आपको पहले से ही कन्फर्म ट्रेन टिकट बुक कर लेना चाहिए। जिन तिथियों में आपको स्नान करना है, उन तिथियों को जांच कर बुकिंग का काम पूरा कर लें. इससे आप आने-जाने में होने वाली परेशानी से बच जाएंगे।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Maha Kumbh Mela: प्रयागराज जाएंगे सीएम योगी, नगर निगम कार्यालय का करेंगे लोकार्पण</title><link>https://up.inkhabar.com/desh-pradesh/maha-kumbh-mela-cm-yogi-will-go-to-prayagraj-will-inaugurate-the-municipal-corporation-office/</link><pubDate>November 26, 2024, 8:53 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/11/9ी5-300x169.webp</image><category>देश-प्रदेश</category><excerpt>लखनऊ। महाकुम्भ 2025 को लेकर प्रयागराज में तैयारियां जोरों-शोरों से की जा रही हैं। सीएम योगी के दिव्य और भव्य कुम्भ के विजन के मुताबिक एक ओर संगम क्षेत्र में करोड़ों श्रद्धालुओं और कल्पवासियों के लिए महाकुम्भ नगरी बन रही है तो, वहीं दूसरी ओर नगर...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ। &lt;/strong&gt;महाकुम्भ 2025 को लेकर प्रयागराज में तैयारियां जोरों-शोरों से की जा रही हैं। सीएम योगी के दिव्य और भव्य कुम्भ के विजन के मुताबिक एक ओर संगम क्षेत्र में करोड़ों श्रद्धालुओं और कल्पवासियों के लिए महाकुम्भ नगरी बन रही है तो, वहीं दूसरी ओर नगर निगम, प्रयागराज शहर के सुंदर बनाने के लिए काम किया जा रहा है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;27 नवंबर प्रयागराज आएंगे योगी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;महाकुम्भ के इन्हीं निर्माण कार्यों का निरीक्षण करने सीएम योगी 27 नवंबर को प्रयागराज आएंगे। इसी क्रम में सीएम योगी प्रयागराज नगर निगम की नवनिर्मित कंट्रोल रूम बिल्डिंग का लोकापर्ण करेंगे। इस बिल्डिंग से नगर निगम सॉलिड वेस्ट, ग्रीवांस कंट्रोल रूम और प्रयागराज स्मार्ट सिटी ऑफिस का संचालन करेंगे। विश्व के सबसे बड़े मानवीय समागम महाकुम्भ का आयोजन प्रयागराज में किया जा रहा। सीएम योगी के विजन मुताबिक महाकुम्भ को दिव्य-भव्य और स्वच्छ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;कंट्रोल रूम की बिल्डिंग का निर्माण&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इस दिशा में प्रयागराज में कई निर्माण कार्य और सौंदर्यीकरण के प्रयास किए जा रहे हैं। प्रयागराज नगर निगम में नये कंट्रोल रूम की बिल्डिंग का निर्माण किया गया है। Maha Kumbh Mela: प्रयागराज जाएंगे सीएम योगी, नगर निगम कार्यालय का लोकार्पण करेंगे। उन्होंने बताया कि इस बिल्डिंग से सॉलिड वेस्ट कंट्रोल रूम, पब्लिक ग्रीवांस कंट्रोल रूम और प्रयागराज स्मार्ट सिटी के आफिस का संचालन कार्य किया जाएगा।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;/p&gt;
</content></item></channel></rss>