<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?>
<rss version="2.0"
    xmlns:ag="http://purl.org/rss/1.0/modules/aggregation/"  
    xmlns:annotate="http://purl.org/rss/1.0/modules/annotate/" 
    xmlns:app="http://www.w3.org/2007/app"
    xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
    xmlns:company="http://purl.org/rss/1.0/modules/company"
    xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
    xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
    xmlns:dcterms="http://purl.org/dc/terms/"
    xmlns:email="http://purl.org/rss/1.0/modules/email/"
    xmlns:ev="http://purl.org/rss/1.0/modules/event/"
    xmlns:rdf="http://www.w3.org/1999/02/22-rdf-syntax-ns#"
    xmlns:rdfs="http://www.w3.org/2000/01/rdf-schema#"
    xmlns:ref="http://purl.org/rss/1.0/modules/reference/"
    xmlns:taxo="http://purl.org/rss/1.0/modules/taxonomy/"
    xmlns:atom10="http://www.w3.org/2005/Atom">
    <channel>
       <title>Today lifestyle News | Latest lifestyle News | Breaking lifestyle News in English | Latest lifestyle News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का lifestyle समाचार:Today lifestyle News ,Latest lifestyle News,Aaj Ka Samachar ,lifestyle समाचार ,Breaking lifestyle News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
        <link>https://up.inkhabar.com/tag/lifestyle</link>
        <lastBuildDate>May 5, 2026, 12:19 am</lastBuildDate>
        <copyright>UP Inkhabar</copyright>
        <generator>UP Inkhabar</generator>
        <language>hi</language>
        <image>
            <url>https://up.inkhabar.com/wp-content/themes/inkhabar/images/inkhbar-logo.png</url>
            <title>UP Inkhabar</title>
            <link>https://up.inkhabar.com/</link>
            <description>Feed provided by UP Inkhabar.</description>
        </image><item><title>प्रदूषण ने किया दिल्ली को बीमार, इन चीजों का सेवन करके रहे तंदुरुस्त</title><link>https://up.inkhabar.com/desh-pradesh/pollution-made-delhi-sick-stay-healthy-by-consuming-these-things/</link><pubDate>November 20, 2024, 6:26 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/11/kgn.webp</image><category>देश-प्रदेश</category><excerpt>लखनऊ। दिल्ली में प्रदूषण के कारण लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर देखने को मिल रहा है। लोग प्रदूषण के प्रभाव को कम करने के लिए अपनी डाइट में बदलाव करके विशेष सावधानियां अपना रहे हैं। सर गंगा राम अस्पताल के मेडिसिन विभाग के डॉक्टर बिभु आनंद ने...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ। &lt;/strong&gt;दिल्ली में प्रदूषण के कारण लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर देखने को मिल रहा है। लोग प्रदूषण के प्रभाव को कम करने के लिए अपनी डाइट में बदलाव करके विशेष सावधानियां अपना रहे हैं। सर गंगा राम अस्पताल के मेडिसिन विभाग के डॉक्टर बिभु आनंद ने लोगों को प्रदूषण से बचाव के लिए कई महत्वपूर्ण उपाय बताएं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;ठोस कदम उठाना जरूरी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;डॉक्टर बिभु आनंद ने कहा कि प्रदूषण की समस्या इतनी बढ़ गई है कि हम इसे पूरी तरह से समाप्त नहीं कर सकते हैं लेकिन हम इसके प्रभाव को कम करने के लिए कुछ जरूरी कदम उठा सकते हैं। दिल्ली जैसे शहर में प्रदूषण का स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है। इसमें सुधार के लिए सरकार के सख्त नियमों के साथ-साथ व्यक्तिगत तौर पर भी हम कई उपाय को शामिल का सकते हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सही समय पर भोजन जरूरी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;उन्होंने लोगों को सलाह दी कि प्रदूषण से बचने के लिए सबसे जरूरी है आप अपनी डाइट और दिनचर्या पर ख़ास ध्यान दें। संतुलित आहार अपनाएं। सही समय पर भोजन करें। प्रदूषण से बचने के लिए आवश्यक सावधानियां अपनाकर लोग अपने स्वास्थ्य को बेहतर बना सकते हैं। बैलेंस्ड डाइट, सही टाइमिंग और अच्छी तरह से पका हुआ खाना भी बहुत हद तक प्रदूषण के प्रभाव को कम करने में मदद पहुंचाता है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;इन चीजों को करें शामिल&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;डॉक्टर आनंद ने खानपान की अहमियत बताते हुए कहा कि संतुलित आहार सबसे अहम है। हमें अपनी डाइट में सभी पोषक तत्वों को शामिल करना होगा। इसमें प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट्स,विटामिन्स, फैट्स, मिनरल्स और एंटीऑक्सिडेंट्स प्रचार मात्रा में शामिल हो। प्रदूषण मुख्य तौर पर फेफड़ों पर गहरा प्रभाव छोड़ता है। ऐसे में हमें ऐसी चीजें खानी चाहिए, जिससे हमारे शरीर में एंटीऑक्सीडेंट बने। खासकर सिट्रस फ्रूट्स जैसे कि नारंगी, आंवला, नींबू, और मौसमी। इन फलों में विटामिन सी और विटामिन ई भरपूर होते हैं। फिर यह शरीर को फ्री रेडिकल्स से बचाते हैं।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Health Tips: इस तरह मनाएंगे दिवाली, तो हवा नहीं होगी जहरीली</title><link>https://up.inkhabar.com/states/health-tips-if-you-celebrate-diwali-like-this-the-air-will-not-be-poisonous/</link><pubDate>November 7, 2023, 11:30 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/11/download-9-300x225.png</image><category>राज्य</category><excerpt>लखनऊ। देश भर में त्योहारों की धूम मची है। ऐसे में दीपावली में महज कुछ दिन ही बचे हैं और इससे पहले वायु प्रदूषण का प्रकोप बढ़ते ही जा रहा है। वहीं सभी लोग दीपावली की तैयारियों में जुटे हुए हैं। बता दें कि हिंदू धर्म के मुताबिक दीपावली को विशेष म...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ।&lt;/strong&gt; देश भर में त्योहारों की धूम मची है। ऐसे में दीपावली में महज कुछ दिन ही बचे हैं और इससे पहले वायु प्रदूषण का प्रकोप बढ़ते ही जा रहा है। वहीं सभी लोग दीपावली की तैयारियों में जुटे हुए हैं। बता दें कि हिंदू धर्म के मुताबिक दीपावली को विशेष महत्व दिया जाता है। दीपावली पर मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा अर्चना भी की जाती है। 12 नवंबर को इस साल दिवाली मनाई जाएगी। दीपावली पर अपने घरों को लोग दियों से सजाते हैं। इस मौके पर तरह-तरह के पकवान भी बनाते हैं। वहीं मौजूदा समय की बात करें तो दीपावली पर सभी के घरों में दीपावली पार्टी का आयोजन भी किया जाता है। इस दिन कई लोग पटाखे जलाना और आतिशबाजी करना पसंद करते हैं लेकिन पटाखे को जलाने से और अधिक प्रदूषण बढ़ जाता है। इसे देखते हुए हम आपको कुछ ऐसे टिप्स और जानकारी देंगे जिन्हें आप अपना कर दीपावली पर आतिशबाजी कर सकते हैं और वायु प्रदूषण को भी ध्यान में रख सकते हैं, तो आईए जानते हैं कैसे?&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;ग्रीन आतिशबाजी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;दीपावली के दिन अधिकांश लोग पटाखे जलाना अधिक पसंद करते हैं। वहीं पटाखों से जहरीली धुआं बाहर निकलता है जो वायु को और ज्यादा दूषित कर देता है। इसलिए इसको देखते हुए हम लोगों को ग्रीन आतिशबाजी का विकल्प चुनना चाहिए। बता दें कि ग्रीन पटाखे जलाने से कम धुआं निकलता है और शोर भी बहुत कम होता है। हम अपने पर्यावरण का ख्याल ग्रीन पटाखे जलाकर ही रख सकते है। इसके साथ ही दीपावली का जमकर आनंद भी ले सकते हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;ध्वनि प्रदूषण से बचाव&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;दीपावली के मौके पर अधिकतर पटाखे की आवाज 100 डेसीबल से ज्यादा होती है, जो हार्ट पेशेंट और बीमार व्यक्तियों के कानों के लिए अधिक हानिकारक साबित होता है। इसलिए हमें ध्वनि प्रदूषण फैलाने से बचना होगा। अगर आप आतिशबाजी के शौकीन हैं तो आपको ग्रीन पटाखे खरीदने चाहिए। इस तरह के उपाय से हम अपने आसपास के लोगों का ख्याल रख सकते हैं और अपना व्रत और त्योहार का आनंद भी ले सकते हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;देर रात तक आतिशबाजी न करें&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;आपको बता दें कि दीपावली खुशियों का त्यौहार है। इस मौके पर खुशियां और प्यार बांटे, पटाखा का इस्तेमाल अगर करते भी हैं तो ग्रीन पटाखा का विकल्प चुने। आतिशबाजी करने के लिए समय निर्धारित करें, देर रात तक पटाखे जलाने से बचे। इसके साथ बच्चे, बुजुर्ग और बीमार लोगों को ध्यान में रखते हुए ग्रीन आतिशबाजी का विकल्प चुने। अगर आप ऐसा करते हैं तो आप अपने साथ-साथ अपने आसपास और पड़ोस का भी ख्याल रख सकते हैं और दीपावली बहुत धूमधाम से मना सकते हैं।&lt;/p&gt;
</content></item></channel></rss>