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       <title>Today Legal News News | Latest Legal News News | Breaking Legal News News in English | Latest Legal News News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का Legal News समाचार:Today Legal News News ,Latest Legal News News,Aaj Ka Samachar ,Legal News समाचार ,Breaking Legal News News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
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        </image><item><title>SC: सरकारी बाबुओं की पत्नी को अध्यक्ष बनाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने योगी सरकार से पूछा सवाल</title><link>https://up.inkhabar.com/top-news/sc-supreme-court-asked-yogi-government-a-question-about-making-wife-of-government-officials-as-president/</link><pubDate>December 3, 2024, 8:35 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/12/yog.webp</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>लखनऊ। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को यूपी सरकार को टॉप नौकरशाहों की पत्नियों को समिति के अध्यक्ष पदों पर नियुक्ति को लेकर बेहद अहम निर्देश दिया है। कोर्ट ने इस मामले को लेकर आपत्ति जताई है। आपत्ति जताते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यूपी के जिला मजिस...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ।&lt;/strong&gt; सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को यूपी सरकार को टॉप नौकरशाहों की पत्नियों को समिति के अध्यक्ष पदों पर नियुक्ति को लेकर बेहद अहम निर्देश दिया है। कोर्ट ने इस मामले को लेकर आपत्ति जताई है। आपत्ति जताते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यूपी के जिला मजिस्ट्रेट, सचिवों, जिलाधिकारियों और कई अन्य नौकरशाहों की पत्नियां सहकारी समितियों के अध्यक्ष पद पर कार्यरत हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;उपनियमों के तहत ऐसा करना जरूरी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;सोसाइटी रजिस्ट्रेशन अधिनियम के उपनियमों के तहत ऐसा करना जरूरी है। कोर्ट ने राज्य सरकार को नियमों में संशोधन करने का निर्देश जारी किया। निर्देश देते हुए कहा कि औपनिवेशक मानसिकता को दर्शाने वाली प्रथा को समाप्त करना चाहिए। जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस उज्जल भुईयां की बेंच इस मामले पर सुनवाई कर रही थी। यह मामला बुलंदशहर की 1957 से कार्यरत जिला महिला समिति के विवाद से जुड़ा है, जिसमें समिति को सरकार की ओर से पट्टे पर दी गई।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;हार्टकोर्ट ने सुनवाई से मना किया&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;जमीन के लिए बुलंदशहर के कार्यवाहक डीएम की पत्नी को अध्यक्ष बनाया जाना जरूरी था क्योंकि सोसाइटी पंजीकरण अधिनियम के उपनियमों में ऐसा प्रावधान है। समिति ने नियमों में संशोधन किया, जिसे पहले उप-रजिस्टरार ने रद्द कर दिया और फिर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भी समिति की याचिका पर सुनवाई करने से मना कर दिया। अब समिति ने आखिर में सुप्रीम कोर्ट का रुख किया।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;इन नियमों पर सुप्रीम कोर्ट की नाराजगी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;सुप्रीम कोर्ट ने इन नियमों को लेकर नाराजगी जताई है। सुप्रीम कोर्ट ने 6 मई को भी बुलंदशहर के जिलाधिकारी की पत्नी को जिले में रजिस्ट्रर सोसाइटी की अध्यक्ष के रूप में काम करने के लिए अनिवार्य करने वाले अजीबो गरीब नियम को स्वीकृति देने पर राज्य सरकार की खिंचाई की। इसे राज्य की सभी महिलाओं के लिए अपमानजनक करार दिया। कोर्ट ने कहा था, &amp;#8216;चाहे वह रेड क्रॉस सोसाइटी हो या बाल कल्याण समिति, हर जगह जिलाधिकारी की पत्नी को ही अध्यक्ष बनाया जाता हैं। ऐसा क्यों होना चाहिए?&amp;#8217;&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>&amp;#8216;लिमिट में रहो… &amp;#8216;, UP पुलिस को सुप्रीम कोर्ट की नसीहत, अनुराग दुबे से जुड़ा है मामला</title><link>https://up.inkhabar.com/top-news/stay-within-limits-supreme-courts-advice-to-up-police-case-related-to-anurag-dubey/</link><pubDate>November 28, 2024, 11:43 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/11/download-14-2-300x158.png</image><category>क्राइम</category><excerpt>लखनऊ: सुप्रीम कोर्ट ने यूपी पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं और कहा है कि यूपी पुलिस पॉवर एंजॉय कर रही है. राज्य पुलिस को संवेदनशील होने की जरूरत है. जस्टिस सूर्यकांत ने आज कोर्ट में यह टिप्पणी गैंगस्टर अनुराग दुबे की गिरफ्तारी पूर्व जमान...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ: &lt;/strong&gt;सुप्रीम कोर्ट ने यूपी पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं और कहा है कि यूपी पुलिस पॉवर एंजॉय कर रही है. राज्य पुलिस को संवेदनशील होने की जरूरत है. जस्टिस सूर्यकांत ने आज कोर्ट में यह टिप्पणी गैंगस्टर अनुराग दुबे की गिरफ्तारी पूर्व जमानत अर्जी (अग्रिम जमानत) पर सुनवाई के दौरान की।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;अनुराग दुबे पुलिस से डरे हुए हैं&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;कोर्ट ने कहा कि पुलिस ने अनुराग दुबे के खिलाफ कई मामले दर्ज किए हैं और वह जांच के लिए पुलिस के सामने पेश होने से बच रहे हैं क्योंकि उन्हें डर है कि पुलिस उनके खिलाफ नया मामला दर्ज करेगी.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;यूपी पुलिस को कोर्ट से मिला आदेश&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;कोर्ट ने यूपी पुलिस की ओर से पेश वकील से पूछा, आप कितने केस दायर करेंगे? आप अपने डीजीपी से कहें कि हम सख्त आदेश पारित कर सकते हैं. सुप्रीम कोर्ट ने अनुराग दुबे को तत्काल राहत देते हुए यूपी पुलिस को आदेश दिया है कि अग्रिम जमानत पर सुनवाई तक अनुराग दुबे को गिरफ्तार न किया जाए.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;गिरफ्तारी से पहले ले कोर्ट से इजाजत&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;सुप्रीम कोर्ट ने अनुराग दुबे को गिरफ्तारी से राहत देते हुए यूपी पुलिस को निर्देश दिया कि अगर पुलिस को लगता है कि किसी खास मामले में गिरफ्तारी जरूरी है तो उसे कोर्ट की इजाजत लेनी होगी और कारण बताना होगा. कोर्ट ने यूपी पुलिस के वकील से यह भी कहा कि अगर पुलिस अनुराग दुबे को कोर्ट की इजाजत के बिना गिरफ्तार करती है तो कोर्ट संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई करेगी.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;जानें अनुराग दुबे का पूरा मामला&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;अनुराग दुबे उर्फ ​​डब्बन के खिलाफ फर्रुखाबाद के मऊ दरवाजा थाने में धारा 84 बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज है. अनुराग के खिलाफ धोखाधड़ी, मारपीट और जालसाजी सहित कई धाराओं के तहत मामला दर्ज है. कोर्ट में अनुराग के पेश नहीं होने के कारण घर के दीवार पर हाजिरी नोटिस चिपका दिया गया है.&lt;/p&gt;
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