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       <title>Today labour day 2024 News | Latest labour day 2024 News | Breaking labour day 2024 News in English | Latest labour day 2024 News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का labour day 2024 समाचार:Today labour day 2024 News ,Latest labour day 2024 News,Aaj Ka Samachar ,labour day 2024 समाचार ,Breaking labour day 2024 News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
        <link>https://up.inkhabar.com/tag/labour-day-2024</link>
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        </image><item><title>Labour Day 2024: आज मजदूर दिवस, जानें क्यों मनाया जाता है 1 मई को लेबर डे</title><link>https://up.inkhabar.com/top-news/labor-day-2024-today-is-labor-day-know-why-labor-day-is-celebrated-on-1st-may/</link><pubDate>May 1, 2024, 2:20 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/05/download.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>लखनऊ: दुनिया भर में 1 मई को लेबर डे यानी मजदूर दिवस मनाया जाता है। आज बुधवार को लगभग देशों में मई दिवस मनाया जा रहा है। इस दिन को लेबर डे, मई दिवस, श्रमिक दिवस और मजदूर दिवस भी कहा जाता है। (Labour Day 2024) आज का दिन मजदूरों को समर्पित है। मजद...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ:&lt;/strong&gt; दुनिया भर में 1 मई को लेबर डे यानी मजदूर दिवस मनाया जाता है। आज बुधवार को लगभग देशों में मई दिवस मनाया जा रहा है। इस दिन को लेबर डे, मई दिवस, श्रमिक दिवस और मजदूर दिवस भी कहा जाता है। (Labour Day 2024) आज का दिन मजदूरों को समर्पित है। मजदूर दिवस पर भारत समेत अन्य देशों में मजदूरों की सफलताओं और देश के विकास में उनके भागीदारी को सेल्यूट किया जाता है। इस दिवस को श्रमिकों के सम्मान, एकता और उनके हक के समर्थन में सेलिब्रेट किया जाता है। आज दुनिया के कई देशों में मजदूर दिवस के मौके पर छुट्टी है। (Labour Day 2024) बता दें कि मजदूर दिवस के मौके पर मजदूर संगठनों से जुड़े लोग रैली और सभा का आयोजन भी करते हैं। इस दौरान मजदूरों के अधिकारों के लिए आवाज उठाया जाता है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;जानें मजदूर दिवस से जुड़ी कुछ खास बातें&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;ol class=&quot;wp-block-list&quot;&gt;
&lt;li&gt;&lt;strong&gt;कब और क्यों हुई इसकी शुरुआत&lt;/strong&gt;&lt;/li&gt;
&lt;/ol&gt;



&lt;p&gt;अंतरराष्ट्रीय लेबर डे की शुरुआत 1 मई 1886 को अमेरिका में एक आंदोलन से हुई। इस आंदोलन के दौरान अमेरिका में काम कर रहे हैं श्रमिकों ने मजदूरी करने का समय 8 घंटे निर्धारित करने को लेकर रोड पर उतरे थे। 1 मई 1886 की बात है जब अमेरिकी श्रमिकों ने 15-15 घंटे रोजाना काम कराए जाने के विरोध में सड़कों पर उतरकर आंदोलन किए थे। इस दौरान अमेरिका में हिंसात्मक दौर से मजदूरों को गुजरना पड़ा था। अपने आवाज को उठाने के दौरान कई मजदूरों को पुलिस ने गोलियों से भूना, तो कई मजदूरों की मौत गोली खाने से हुई तो कई घायल भी हुए। बताया जाता है कि आंदोलन में 100 से अधिक मजदूर घायल हो गए। हालांकि 1989 में अंतरराष्ट्रीय समाजवादी सम्मेलन की दूसरी मीटिंग में श्रमिकों के लिए एक प्रस्ताव पारित किया गया, जिसमें यह घोषणा की गई की 1 मई को अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस के रूप में मनाया जाएगा। इस दिवस पर सभी श्रमिकों का अवकाश निर्धारित किया गया। इसी दिन से भारत समेत दुनिया के तमाम देशों में वर्किंग आवर 8 घंटे निर्धारित किए गए। तभी से काम के लिए 8 घंटे का सिलसिला जारी है।&lt;/p&gt;



&lt;ol class=&quot;wp-block-list&quot; start=&quot;2&quot;&gt;
&lt;li&gt;&lt;strong&gt;भारत में लेबर डे की शुरुआत कब हुई?&lt;/strong&gt;&lt;/li&gt;
&lt;/ol&gt;



&lt;p&gt;भारत में 1 मई 1923, वह दिन रहा जब से देश भर में इस दिन को लेबर डे के रूप में मनाया जाता रहा है। इसकी शुरुआत चेन्नई में हुई। बता दें कि भारत जैसे देश में लेबर डे की शुरुआत मजदूर किसान पार्टी ऑफ हिंदुस्तान ने 1 मई 1923 को मद्रास में की थी। उस दौरान पहली बार लाल रंग का झंडा श्रमिक दिवस के प्रतीक के तौर पर उपयोग किया गया था। भारत में श्रमिक आंदोलन की एक शुरुआत वामपंथी व सोशलिस्ट पार्टियां भी की। इस दौरान दुनियाभर में मजदूर एक साथ मिलकर अपने खिलाफ हो रहे अत्याचार व शोषण को लेकर आवाज उठा रहे थे।&lt;/p&gt;



&lt;ol class=&quot;wp-block-list&quot; start=&quot;3&quot;&gt;
&lt;li&gt;आज यानी लेबर डे के दिन दुनिया के श्रमिकों के अनिश्चित कार्य शैली के समय में बदलाव किया गया था। 8 घंटे का समय निर्धारित किया गया, तब से यह सिलसिला आज तक जारी है। आज के दिन मजदूर संगठन बड़ी-बड़ी रैलियां वह सभा आयोजित करते हैं। हालांकि कई देशों में आज का दिन खास तौर पर मजदूरों को समर्पित होता है। इनके लिए कई कल्याणकारी घोषणाएं की जाती है। इस दौरान प्रचार-प्रसार के माध्यमों से श्रमिक जागृत के लिए कार्यक्रम प्रसारित किए जाते हैं।&lt;/li&gt;



&lt;li&gt;भारत में मजदूर दिवस को अंतरराष्ट्रीय लेबर डे, श्रमिक दिवस, मई दिवस, इंटरनेशनल वर्कर डे, वर्कर डे और कामगार दिन भी कहा जाता है। इस दिन भारत में भी श्रमिकों के लिए आज का दिन समर्पित होता है और इन्हें आज छुट्टी भी मिलती है।&lt;/li&gt;



&lt;li&gt;बता दें कि 1 मई वह दिन है जब महाराष्ट्र और गुजरात का जन्म हुआ था। यानी आज 1 मई को गुजरात और महाराष्ट्र अपना जन्म दिवस भी मना रहा है। भारत के आजादी के दौरान यह दोनों राज्य बॉम्बे प्रदेश का पार्ट था। ऐसे में गुजरात में आज के दिन को गुजरात दिवस के रूप में मनाया जाता है और महाराष्ट्र में आज का दिन लोग महाराष्ट्र दिवस के रूप में मनाते हैं।&lt;/li&gt;
&lt;/ol&gt;
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