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       <title>Today Kumbh Mela 2025 News | Latest Kumbh Mela 2025 News | Breaking Kumbh Mela 2025 News in English | Latest Kumbh Mela 2025 News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का Kumbh Mela 2025 समाचार:Today Kumbh Mela 2025 News ,Latest Kumbh Mela 2025 News,Aaj Ka Samachar ,Kumbh Mela 2025 समाचार ,Breaking Kumbh Mela 2025 News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
        <link>https://up.inkhabar.com/tag/kumbh-mela-2025</link>
        <lastBuildDate>May 18, 2026, 7:43 am</lastBuildDate>
        <copyright>UP Inkhabar</copyright>
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            <title>UP Inkhabar</title>
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        </image><item><title>अखाड़ा परिषद का नया बयान, 11 बजे के बाद करेंगे अमृत स्नान, राहुल गांधी ने हादसे पर जताई निराशा</title><link>https://up.inkhabar.com/politics/new-statement-of-akhada-parishad-will-take-amrit-snan-after-11-oclock-rahul-gandhi-expressed-disappointment-over-the-accident/</link><pubDate>January 29, 2025, 5:40 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2025/01/maha-1-1.webp</image><category>राजनीति</category><excerpt>लखनऊ। संगम पर भगदड़ मचने के बाद स्थिति बेकाबू हो गई। जिससे अव्यस्था पैदा हो गई। मौनी अमावस्या पर भारी भीड़ और भगदड़ की घटना के चलते सभी अखाड़ों ने अमृत स्नान न करने का ऐलान किया था, क्योंकि उनके वहां जाने से हालात और बिगड़ सकते है। यह ऐलान अखाड...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ।&lt;/strong&gt; संगम पर भगदड़ मचने के बाद स्थिति बेकाबू हो गई। जिससे अव्यस्था पैदा हो गई। मौनी अमावस्या पर भारी भीड़ और भगदड़ की घटना के चलते सभी अखाड़ों ने अमृत स्नान न करने का ऐलान किया था, क्योंकि उनके वहां जाने से हालात और बिगड़ सकते है। यह ऐलान अखाड़ा परिषद अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्र गिरी ने निरंजन छावनी से किया।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;अखाड़े करेंगे शाही स्नान&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;लेकिन अब अखाड़ों ने फैसला लिया है कि हालात सामान्य होते ही सभी अखाड़े अमृत स्नान कर सकते हैं। सीएम योगी ने कहा कि पहले आम जनता स्नान करेगी। बाद में सभी अखाड़े स्नान करेंगे। तीनों शंकराच्यों के एक साथ स्नान करने की तैयारी हैं। तीनों शंकराचार्य द्वारका पीठ के स्वामी सदानंद सरस्वती, श्रृंगेरी मठ के विधु शेखर भारती और ज्योतिषपीठ के स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती एक साथ सेक्टर 22 से संगम में स्नान के लिए सुबह 11 बजे रवाना होंगे।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;राहुल गांधी ने व्यक्त किया दुख&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इससे पहले अखाड़ा परिषद अध्यक्ष के ऐलान के बाद महानिर्वाणी अखाड़ा अपना जुलूस बीच रास्ते से ही वापस लेकर छावनी लौट गया। वहीं जूना अखाड़े ने भी अपना जुलूस छावनी में वापस बुला लिया। हादसे की सूचना मिलने के बाद अंजलि अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश्वर कैलाशनंद गिरि भी छावनी के साथ पहुंचे। भगदड़ हादसे के बाद कई नेता ट्वीट कर अपना दुख जता रहे हैं। इस बीच लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने पोस्ट शेयर कर अपना दुख व्यक्त किया हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;प्रभावित परिवारों की मदद करें&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि &amp;#8220;प्रयागराज महाकुंभ में भगदड़ के कारण कई लोगों की मौत और घायल होने की खबर बेहद दुखद है। मैं शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। इस दुखद घटना के लिए कुप्रबंधन और प्रशासन का आम श्रद्धालुओं के बजाय वीआईपी मूवमेंट पर खास ध्यान जिम्मेदार है। मैं कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं से अनुरोध करता हूं कि वे प्रभावित परिवारों की मदद करें।&amp;#8221;&lt;/p&gt;



&lt;figure class=&quot;wp-block-embed is-type-rich is-provider-twitter wp-block-embed-twitter&quot;&gt;&lt;div class=&quot;wp-block-embed__wrapper&quot;&gt;
&lt;blockquote class=&quot;twitter-tweet&quot; data-width=&quot;500&quot; data-dnt=&quot;true&quot;&gt;&lt;p lang=&quot;en&quot; dir=&quot;ltr&quot;&gt;Lok Sabha LoP and Congress MP Rahul Gandhi tweets, &amp;quot;The news of several people being killed and many being injured due to stampede at Prayagraj Mahakumbh is extremely sad. I express my deepest condolences to the bereaved families and hope for the speedy recovery of the injured.… &lt;a href=&quot;https://t.co/blgfGlCWFB&quot;&gt;pic.twitter.com/blgfGlCWFB&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href=&quot;https://twitter.com/ANI/status/1884461871585189987?ref_src=twsrc%5Etfw&quot;&gt;January 29, 2025&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt;&lt;script async src=&quot;https://platform.twitter.com/widgets.js&quot; charset=&quot;utf-8&quot;&gt;&lt;/script&gt;
&lt;/div&gt;&lt;/figure&gt;
</content></item><item><title>महाकुंभ में मिलेगी लोगों को फ्री कॉल्स और डेटा की सुविधा, करना होगा बस ये काम</title><link>https://up.inkhabar.com/desh-pradesh/people-will-get-free-calls-and-data-facility-in-maha-kumbh-just-have-to-do-this-work/</link><pubDate>January 17, 2025, 3:52 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2025/01/bsml-300x169.webp</image><category>देश-प्रदेश</category><excerpt>लखनऊ। यूपी के प्रयागराज में महाकुंभ का आगाज हो चुका है। 26 फरवरी तक चलने वाले इस महापर्व में करोड़ों श्रद्धालु हिस्सा लेने के लिए प्रयागराज पहुंचे है। इतनी बड़ी संख्या को देखते हुए मेला परिसर में कई तरह के खास इंतजाम किए गए है। इसी क्रम में श्र...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ।&lt;/strong&gt; यूपी के प्रयागराज में महाकुंभ का आगाज हो चुका है। 26 फरवरी तक चलने वाले इस महापर्व में करोड़ों श्रद्धालु हिस्सा लेने के लिए प्रयागराज पहुंचे है। इतनी बड़ी संख्या को देखते हुए मेला परिसर में कई तरह के खास इंतजाम किए गए है। इसी क्रम में श्रद्धालुओं को अपनों से जोड़े रखने के लिए सरकारी टेलीकॉम कंपनी BSNL ने भी श्रद्धालुओं को खुशखबरी है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;श्रद्धालुओं को देगी खास सुविधा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;टेलीकॉम कंपनी बीएसएनएल मेले में जाने वाले सभी श्रद्धालुओं को फ्री में कॉल्स, डेटा और SMS की सुविधा देगी। BSNL ने बताया है कि उसने मेला परिसर में 50 बेस ट्रांसीवर स्टेशन(BTS) स्थापित किए हैं। BTS मोबाइल डिवाइस को नेटवर्क से जोड़ने का काम करते है। इनके जरिये BSNL लोगों को डिजिटल सेवा का फायदा उठाने का मौका दे रही है। दरअसल, BSNL कंपनी कुंभ मेला के लिए एक खास सुविधा लेकर आई है। इसमें इच्छुक श्रद्धालु फ्री वॉइस, डेटा और SMS स्पॉन्सर कर सकते हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;लोगों को नाम वाले SMS भेजे जाएंगे&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इसके बदले कंपनी मेला परिसर में आए सभी लोगों को उनके नाम वाले SMS भेजेगी। BSNL ने इस सर्विस के तहत 4 तरह की स्पॉन्सशिप निकाली है। अगर कोई व्यक्ति 1 BTS में श्रद्धालुओं के लिए फ्री डेटा, कॉल और SMS स्पॉन्सर करना चाहता है तो उसे 10,000 रुपये देने होंगे। इसी तरह 5 BTS के लिए यह रकम 40,000, 30 BTS के लिए 90,000 और 50 BTS के लिए 2.5 लाख रुपये की रकम चुकानी पड़ेगी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;व्यक्तियों को करना होगा स्पॉन्सर&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इसके बाद सर्विस के हिसाब से स्पॉन्सर व्यक्ति की जानकारी देते हुए संबंधित BTS में मौजूद सभी लोगों के पास कंपनी की ओर से SMS भेजे जाएंगे। इस सर्विस के तहत श्रद्धालु बिना कोई पैसा दिए कुंभ मेले से अपनों के साथ जुड़े रहने के लिए फ्री में SMS, डेटा और कॉलिंग सुविधा पा सकते हैं।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>महाकुंभ में सुबह से अब तक 60 लाख से अधिक लोगों ने लगाई डुबकी, ये कलाकर देंगे प्रस्तुति</title><link>https://up.inkhabar.com/top-news/more-than-60-lakh-people-have-taken-a-dip-in-maha-kumbh-since-morning-these-artists-will-perform/</link><pubDate>January 13, 2025, 5:41 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2025/01/download-13-1-300x169.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>लखनऊ: प्रयागराज महाकुंभ की शुरुआत आज से हो गई है। सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ महाकुंभ में पहुंच रही है। इस दौरान सुबह से अभी तक करीबन 60 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने संगम में डुबकी लगाई हैं। इसकी जानकारी यूपी के DGP प्रशांत कुमार ने खुद दी...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ:&lt;/strong&gt; प्रयागराज महाकुंभ की शुरुआत आज से हो गई है। सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ महाकुंभ में पहुंच रही है। इस दौरान सुबह से अभी तक करीबन 60 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने संगम में डुबकी लगाई हैं। इसकी जानकारी यूपी के DGP प्रशांत कुमार ने खुद दी हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;डीजीपी ने साझा की जानकारी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;डीजीपी प्रशांत कुमार ने कहा कि अब तक करीब 60 लाख लोग पवित्र डुबकी लगा चुके हैं। इस बार यह आस्था और आधुनिकता का संगम है। हमने पारंपरिक पुलिस व्यवस्था से इतर तकनीक का यथासंभव उपयोग कर श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मुहैया कराई हैं। आज पुष्प वर्षा भी होगी। सब कुछ सुचारू और निर्बाध चल रहा है। इस बार कुंभ को भव्य, दिव्य, डिजिटल और सुरक्षित बनाने के लिए सभी इंतजाम किए जा रहे हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;ये दिग्गज कलाकार देंगे प्रस्तुति&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;महाकुंभ के दौरान प्रयागराज में मशहूर गायक कैलाश खेर, शंकर महादेवन, कविता कृष्णमूर्ति और कई अन्य बड़े कलाकार प्रस्तुति देंगे। संस्कृति मंत्रालय ने भारत की कला, संस्कृति और विरासत के संगम का जश्न मनाने के लिए कुंभ मेला क्षेत्र में एक जीवंत सांस्कृतिक स्थल &amp;#8211; &amp;#8216;कलाग्राम&amp;#8217; स्थापित किया है। मंत्रालय ने कहा कि 4,000 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला यह स्थल भारत की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं और उन्नत संगठनात्मक क्षमताओं के सामंजस्यपूर्ण मिश्रण को दर्शाता है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;40 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के लिए व्यवस्था&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि प्रयागराज में दिव्य और भव्य महाकुंभ मेला शुरू हो चुका है। आज से शुरू होकर 26 फरवरी तक चलने वाले महाकुंभ में इस बार 40 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है। तीर्थ नगरी प्रयागराज में पहले दिन से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने लगी है। वैसे तो कुंभ के प्रत्येक दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना रहती है, लेकिन शाही स्नान के दिन यह भीड़ कई गुना बढ़ सकती है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Keys: महाकुंभ नगरी पहुंचे चाबी वाले बाबा, अंहकारों का तोड़ेंगे ताला</title><link>https://up.inkhabar.com/desh-pradesh/keys-baba-with-the-keys-reaches-mahakumbh-city-will-break-the-lock-of-egos/</link><pubDate>December 30, 2024, 8:45 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/12/chabhi-300x169.webp</image><category>देश-प्रदेश</category><excerpt>लखनऊ। संगम की रेती पर तैयार कुंभ नगरी में इस समय साधु-संतों का रहस्यमयी संसार दिखाई दे रहा है। कुंभ में पहुंचे हर बाबा की कोई न कोई खास कहानी है। कोई हाथ योगी वाले बाबा, कोई ई-रिक्शा वाले बाबा, कोई जानवर वाले बाबा तो कोई घोड़े वाले बाबा के नाम ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ।&lt;/strong&gt; संगम की रेती पर तैयार कुंभ नगरी में इस समय साधु-संतों का रहस्यमयी संसार दिखाई दे रहा है। कुंभ में पहुंचे हर बाबा की कोई न कोई खास कहानी है। कोई हाथ योगी वाले बाबा, कोई ई-रिक्शा वाले बाबा, कोई जानवर वाले बाबा तो कोई घोड़े वाले बाबा के नाम से मशहूर हैं। इस क्रम में एक चाबी वाले बाबा भी हैं, जो अपने एक हाथ में 20 किलो की लोहे की चाबी लेकर महाकुंभ पहुंचे हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;चाबी के पीछे का रहस्य&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इस भारी-भरकम चाबी के पीछे की कहानी भी रहस्यमयी है। लोग इन्हें रहस्यमयी चाबी वाले बाबा के नाम से पहचानते हैं। बाबा के पास एक रथ है, जिसमें चाबी ही चाबी भरी होती हैं। बाबा की हर एक चाबी के पीछे एक कहानी होती है। 50 साल के चाबी वाले बाबा की खासियत ये है कि वह पूरे देश में पैदल अपने रथ को हाथों से खींचकर यात्रा करते रहते है। वे नए युग की कल्पना को लोगों तक पहुंच रहे हैं। चाबी वाले बाबा का असली नाम हरिश्चंद्र विश्वकर्मा है। वो यूपी के रायबरेली के निवासी हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;बचपन से ही अध्यात्म से जुड़े&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;वे कहते हैं कि हरिश्चंद्र विश्वकर्मा का बचपन से ही अध्यात्म से जुड़ाव था। घरवालों के डर से वे कुछ बोल नहीं पाते थे, लेकिन जब वह 16 साल के हुए तो उन्होंने समाज में फैली बुराइयों और नफरत से लड़ने का फैसला लिया और घर से निकल गए। 16 साल की उम्र में ही उन्होंने ठान लिया था कि वह अधात्म को अपनाएंगे। हरिश्चंद्र विश्वकर्मा कबीरपंथी विचारधारा के हैं, इसलिए लोग उन्हें कबीरा बाबा पुकारते थे। अयोध्या से यात्रा कर चाबी वाले बाबा अब प्रयागराज कुंभ नगरी में पहुंचे हैं। कबीरा बाबा कई साल से अपने साथ भारी-भरकम चाबी लिए हुए हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;यात्रा के तौर पर बनाते हैं चाबी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;उस चाबी के साथ ही उन्होंने पूरे देश की पदयात्रा की हैं। अपनी यात्रा और अध्यात्म के बारे में कबीरा बाबा कहते हैं कि लोगों के मन में बसे अहंकार का ताला वे अपनी इस बड़ी सी चाबी से खोलते हैं। वह लोगों के अहंकार को चूर-चूर कर उन्हें एक नया रास्ता दिखाते हैं। अब बाबा के पास कई तरह की चाबियां मौजूद हैं। बाबा खुद ही अपने हाथों से चाबी बना देते हैं, जहां भी जाते हैं, यादगार के तौर पर चाबी का निर्माण कर लेते हैं।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Mahakumbh 2025: दुनिया के सबसे बड़े मेले &amp;#8216;कुंभ&amp;#8217; में जाने, रुकने और शाही स्नान की तारीखें यहां एक क्लिक में जानें</title><link>https://up.inkhabar.com/festival/mahakumbh-2025-know-the-dates-of-visiting-staying-and-royal-bath-in-the-worlds-largest-fair-kumbh-in-one-click-here/</link><pubDate>December 17, 2024, 11:10 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/12/download-84-300x225.png</image><category>त्योहार</category><excerpt>लखनऊ: सनातन धर्म में महाकुंभ मेले का अपना एक अलग ही महत्व है. महाकुंभ मेले का आयोजन 12 साल में एक बार किया है. यह संगम प्रयागराज, हरिद्वार, उज्जैन या नासिक में आयोजित किया जाता है। वर्ष 2025 में संगमनगरी प्रयागराज में महाकुंभ मेले का आयोजन होने...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ:&lt;/strong&gt; सनातन धर्म में महाकुंभ मेले का अपना एक अलग ही महत्व है. महाकुंभ मेले का आयोजन 12 साल में एक बार किया है. यह संगम प्रयागराज, हरिद्वार, उज्जैन या नासिक में आयोजित किया जाता है। वर्ष 2025 में संगमनगरी प्रयागराज में महाकुंभ मेले का आयोजन होने जा रहा है, जो 13 जनवरी पौष पूर्णिमा से 26 फरवरी महाशिवरात्रि तक चलेगा। महाकुंभ मेला अपनी विशिष्टता और भव्यता के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;विदेशी भी पहुंचेंगे मेले में&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि साल 2025 में संगमनगरी प्रयागराज&amp;nbsp; में लगने वाले महाकुंभ मेले में देश ही नहीं बल्कि अन्य देशों से भी साधु संत और श्रद्धालु पहुंचेंगे. साथ ही देसी-विदेशी पर्यटक भी मेले का दीदार करने पहुंचेंगे. कुंभ मेले में शाही स्नान का विशेष महत्व होता है. इस दिन अखाड़ों के साधु-संत सज-धज कर संगम में स्नान करते हैं और उसके बाद श्रद्धालु डुबकी लगाते हैं. ऐसे में आइए जानते हैं कि साल 2025 में प्रयागराज में लगने वाले धर्म और संस्कृति के सबसे बड़े मेले महाकुंभ के बारे में पूरी जानकारी कहां से मिलेगी…&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;ऑफिशियल वेबसाइट&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;महाकुंभ 2025 की सारी जानकारी ऑफिशियल वेबसाइट https://kumbh.gov.in/से मिल सकती है. इस वेबसाइट पर सबकुछ बताया गया है कि संगमनगरी प्रयागराज कैसे पहुंच सकते हैं. यहां ठहरने की क्या व्यवस्था होगी और मेले में पर्यटकों के लिए क्या-क्या सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसके अलावा, कोई भी व्यक्ति प्रयागराज में पर्यटन स्थलों, पर्यटक गाइड, स्नान तिथियों के बारे में सारी जानकारी प्राप्त कर सकता है। इस वेबसाइट की मदद से आप अपने ठहरने की बुकिंग भी कर सकते हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;महाकुंभ 2025 में शाही स्नान&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;मकर संक्रांति से माघी पूर्णिमा तक महाकुंभ मेले के दौरान संगम में स्नान करना पवित्र माना जाता है। इसके अलावा महाकुंभ 2025 में स्नान की कुछ तिथियां महत्वपूर्ण हैं. ऐसा माना जाता है कि गंगा, यमुना और सरस्वती के पवित्र जल में स्नान करने से न केवल शरीर बल्कि मन की अशुद्धियां भी दूर हो जाती हैं। यही कारण है कि महाकुंभ मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालु संगम पर स्नान करने आते हैं। इसके अलावा कुछ भक्त पूरे एक महीने तक गंगा तट पर कल्पवास करते हैं और हर दिन तीन बार गंगा में स्नान करते हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;महाकुंभ का ऐतिहासिक महत्व&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;प्राचीन हिंदू पौराणिक कथाओं में महाकुंभ के बारे में बताया गया है। यह आत्म-बोध, शुद्धि और आध्यात्मिक ज्ञान की शाश्वत खोज की एक प्रतीकात्मक यात्रा के रूप में कार्य करता है। इस समय यहां आने वाले लोग सांसारिक विषयों से परे जाकर आत्मशुद्धि में लीन हो जाते हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;महाकुंभ में स्नान का महत्व&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;महाकुंभ मेले के दौरान पवित्र नदियों में स्नान करना बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि कुंभ के दौरान नदी में स्नान करने से व्यक्ति को जीवन भर के पापों से मुक्ति मिल जाती है। प्रयागराज में लगने वाले महाकुंभ मेले में स्नान का महत्व और भी बढ़ जाता है. यहां पवित्र मानी जाने वाली तीन नदियों गंगा, यमुना और सरस्वती का संगम है। इसीलिए महाकुंभ में डुबकी लगाने का बहुत महत्व है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;कल्पवास करने का महत्व&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;प्रयागराज महाकुंभ में कल्पवास करने वाले श्रद्धालु प्रतिदिन तीन बार स्नान करते हैं। इसके अलावा शाही स्नान का भी आयोजन किया जाता है जिसमें बड़ी संख्या में साधु-संत स्नान करने आते हैं। साधु-संतों के साथ ही देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालु और पर्यटक संगम में स्नान कर अपने पापों का नाश करते हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;महाकुंभ-2025 में स्नान की तारीखें&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इस बार प्रयागराज में आयोजित हो रहे महाकुंभ मेले में स्नान पौष पूर्णिमा यानी 13 जनवरी को होगा. महाकुंभ 2025 में तीन शाही स्नान होंगे. पहला शाही स्नान 14 जनवरी को मकर संक्रांति पर होगा.&amp;nbsp; दूसरा शाही स्नान 29 जनवरी को मौनी अमावस्या पर होगा और आखिरी शाही स्नान 3 फरवरी को बसंत पंचमी पर होगा. इसके अलावा आखिरी स्नान 4 फरवरी यानी अचला सप्तमी, 12 फरवरी यानी माघ पूर्णिमा और 26 फरवरी यानी महाशिवरात्रि को होगा.&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>इस बार प्रयागराज में कौन सा कुंभ लगने जा रहा, पौष पूर्णिमा से होगी शुरुआत</title><link>https://up.inkhabar.com/desh-pradesh/which-kumbh-is-going-to-be-held-in-prayagraj-this-time-it-will-start-from-paush-purnima/</link><pubDate>December 3, 2024, 3:39 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/12/download-13-300x200.png</image><category>देश-प्रदेश</category><excerpt>लखनऊ: भारतीय संस्कृति और सनातन धर्म में कुम्भ मेले का विशेष महत्व है। कुम्भ मेले को भारतीय संस्कृति की विरासत के रूप में देखा जाता है। दरअसल, भारत में चार स्थानों पर कुंभ का आयोजन होता है। जिसमें प्रयागराज (उत्तर प्रदेश), हरिद्वार (उत्तराखंड), ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ: &lt;/strong&gt;भारतीय संस्कृति और सनातन धर्म में कुम्भ मेले का विशेष महत्व है। कुम्भ मेले को भारतीय संस्कृति की विरासत के रूप में देखा जाता है। दरअसल, भारत में चार स्थानों पर कुंभ का आयोजन होता है। जिसमें प्रयागराज (उत्तर प्रदेश), हरिद्वार (उत्तराखंड), उज्जैन (मध्य प्रदेश) और नासिक (महाराष्ट्र) शामिल हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;कुंभ कई प्रकार के होते हैं&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;पौराणिक मान्यता है कि इन चार स्थानों पर कुंभ मेले का आयोजन होता है। दरअसल, कुंभ कई प्रकार के होते हैं। जिसमें कुंभ, अर्ध कुंभ, पूर्ण कुंभ और महाकुंभ होता है। 2025 में प्रयागराज में कुंभ का आयोजन होने जा रहा है. लेकिन ये कौन सा कुंभ है, इसे हम इस आर्टिकल में जानेंगे।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;हर 3 साल में कुंभ का आयोजन&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;कुम्भ मेले को भारतीय संस्कृति की विरासत के रूप में देखा जाता है। दरअसल, कुंभ हर 3 साल में लगता है। भारत में चार स्थानों पर कुंभ का आयोजन होता है। जिसमें प्रयागराज (उत्तर प्रदेश), हरिद्वार (उत्तराखंड), उज्जैन (मध्य प्रदेश) और नासिक (महाराष्ट्र) शामिल हैं। पौराणिक मान्यता है कि इन चार स्थानों पर कुंभ मेले का आयोजन होता है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;अर्ध कुंभ और महाकुंभ&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;अर्ध कुंभ मेला 6 साल में एक बार हरिद्वार और प्रयागराज के तट पर लगता है। जबकि पूर्ण कुम्भ मेले का आयोजन 12 वर्ष में एक बार होता है, जो कि प्रयागराज में आयोजित होता है। 12 कुंभ मेलों के पूरा होने के बाद महाकुंभ मेले का आयोजन किया जाता है। इससे पहले साल 2013 में प्रयाराज में महाकुंभ का आयोजन हुआ था.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;पौष पूर्णिमा से शुरू होगा कुंभ&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;हिंदू कैलेंडर के मुताबिक कुंभ साल 2025 में पौष पूर्णिमा से शुरू होने जा रहा है. यानी 13 जनवरी 2025 से इसकी शुरुआत होगी. 26 फरवरी 2025 को महाशिवरात्री के साथ इसका समापन होगा. यानी ये कुंभ 45 दिन तक चलने वाला है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;144 साल में लगता है महाकुंभ&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;हालांकि पूर्ण कुंभ को महाकुंभ भी कहा जाता है। लेकिन सबसे बड़ा महाकुंभ हर 144 साल में होता है, जिसका आयोजन सिर्फ प्रयागराज में होता है। साल 2013 में 144 साल बाद प्रयागराज में महाकुंभ का आयोजन हुआ था. 12 साल बाद इस बार 2025 में प्रयागराज में पूर्ण कुंभ का आयोजन होने जा रहा है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;हरिद्वार में कब लगता है कुंभ&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;ऐसा माना जाता है कि जब बृहस्पति कुंभ राशि में और सूर्य मेष राशि में प्रवेश करते हैं, तब हरिद्वार में कुंभ का आयोजन होता है।&amp;nbsp; जब बृहस्पति, सूर्य और चंद्रमा मेष राशि में मकर राशि में प्रवेश करते हैं, तो अमावस्या के दिन प्रयागराज में कुंभ का आयोजन होता है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;नासिक में कब लगता है कुंभ&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इसके अलावा जब बृहस्पति सिंह राशि में प्रवेश करते हैं, तो गोदावरी के तट पर नासिक में कुंभ का आयोजन होता है। जबकि बृहस्पति के सिंह राशि में और सूर्य के मेष राशि में प्रवेश करने पर उज्जैन में कुंभ का आयोजन होता है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;क्यों है कुंभ का शाही स्नान फेमस&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;कुंभ मेले के आयोजन की कहानी समुद्र मंथन से जुड़ी है। समुद्र मंथन के दौरान अमृत तो प्राप्त हुआ, लेकिन इस अमृत कलश के लिए देवताओं और राक्षसों के बीच 12 दिनों तक संघर्ष चला। ये 12 दिन पृथ्वी पर 12 वर्ष माने जाते हैं। संघर्ष के दौरान 12 स्थानों पर अमृत की बूंदें गिरीं, जिनमें से चार बूंदें पृथ्वी पर गिरीं। जिन्हें आज हम प्रयागराज, उज्जैन, हरिद्वार और नासिक के नाम से जानते हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;इन नदियों का जल अमृत समान&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;प्रयागराज, उज्जैन, हरिद्वार और नासिक में कुंभ मेले का आयोजन किया जाता है और इस दौरान नदियों का जल अमृत के समान माना जाता है। यही कारण है कि कुंभ के दौरान नदी में स्नान करने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है। प्रयागराज तीन नदियों गंगा, यमुना और सरस्वती का संगम है, इसलिए इसका विशेष महत्व माना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि स्नान करने से पापों से मुक्ति मिलती है और मोक्ष की प्राप्ति होती है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Maha Kumbh 2025: महाकुंभ जाने से पहले कुछ जरुरी बातों का रखें ध्यान, नहीं होगी किसी तरह की परेशानी</title><link>https://up.inkhabar.com/desh-pradesh/maha-kumbh-2025-%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%95%e0%a5%81%e0%a4%82%e0%a4%ad-%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%aa%e0%a4%b9%e0%a4%b2%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a5%81maha-kumb/</link><pubDate>December 1, 2024, 10:45 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/12/download-43-300x183.png</image><category>देश-प्रदेश</category><excerpt>लखनऊ: प्रयागराज में महाकुंभ की तैयारियां जोरों शोरों से चल रही है। बता दें कि महाकुंभ का आयोजन हर 12 साल में एक बार होता है। यहां सिर्फ भारत से ही नहीं बल्कि दुनिया भर से लोग आते हैं। महाकुंभ का आयोजन बड़े पैमाने पर किया जाता है. चूंकि यहां लाख...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ: &lt;/strong&gt;प्रयागराज में महाकुंभ की तैयारियां जोरों शोरों से चल रही है। बता दें कि महाकुंभ का आयोजन हर 12 साल में एक बार होता है। यहां सिर्फ भारत से ही नहीं बल्कि दुनिया भर से लोग आते हैं। महाकुंभ का आयोजन बड़े पैमाने पर किया जाता है. चूंकि यहां लाखों-करोड़ों लोग आते हैं. इसलिए यहां जाने से पहले कुछ प्लानिंग करना बहुत जरूरी है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;जाने से पहले कुछ बातों का रखे ध्यान&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;आपकी यात्रा में किसी भी तरह की परेशानी से बचने के लिए कुछ बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी है। अगर आप भी जनवरी में शुरू होने वाले कुंभ मेले में जाने की तैयारी कर रहे हैं तो यह लेख आपके लिए है। यहां हम आपको उन चीजों के बारे में बताने जा रहे हैं जो आपके सफर के लिए जरूरी हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;अपने साथ रखें कुछ खास दस्तावेज़&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;कहीं भी जाने से पहले महत्वपूर्ण दस्तावेज़ पहले से ही व्यवस्थित कर लें। इससे आखिरी वक्त पर हड़बड़ाहट की स्थिति नहीं बनेगी. अगर आप महाकुंभ में जा रहे हैं तो पहले से अपना रजिस्ट्रेशन करा लें। आप ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह से रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। इसके अलावा आपको आधार कार्ड, वोटर आईडी या पासपोर्ट जैसे जरूरी दस्तावेज भी अपने पास रखने चाहिए।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;वहां रहने की व्यवस्था कर लें&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;कुंभ मेले में जाने से पहले अपने रहने की व्यवस्था कर लें. अपने साथ कम से कम सामान ले जाने का प्रयास करें। रहने के लिए ऐसी जगह चुनें जो ज्यादा दूर न हो।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;साथ में रखें कुछ कैश&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;यात्रा के दौरान अपने पास कुछ नकदी जरूर रखें. कई बार नेटवर्क ठीक से काम नहीं करते. ऐसे में आपका समय बर्बाद हो सकता है. नकदी रखने से खाने-पीने का सामान खरीदने में आसानी होगी. सावधान रहें कि बहुत अधिक नकदी न रखें। नकदी के साथ-साथ अपने एटीएम कार्ड का भी ख्याल रखें।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;कन्फर्म टिकट बुक करवाएं&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;यहां और भी लोग आ सकते हैं. ऐसे में आपको पहले से ही कन्फर्म ट्रेन टिकट बुक कर लेना चाहिए। जिन तिथियों में आपको स्नान करना है, उन तिथियों को जांच कर बुकिंग का काम पूरा कर लें. इससे आप आने-जाने में होने वाली परेशानी से बच जाएंगे।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>महाकुंभ 2025 का &amp;#8216;लोगो&amp;#8217; हुआ जारी, सीएम योगी ने साधु-संतों को लेकर दे दिया बड़ा बयान</title><link>https://up.inkhabar.com/top-news/logo-of-mahakumbh-2025-released-cm-yogi-gave-a-big-statement-regarding-sages-and-saints/</link><pubDate>October 6, 2024, 9:51 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/10/download-27-1-300x169.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>लखनऊ: प्रयागराज पहुंचे यूपी के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने महाकुंभ मेला 2025 के लोगो का अनावरण किया. सीएम योगी ने कहा कि आज महाकुंभ 2025 का लोगो जारी किया गया है. मेले के लोगो को हर प्रमुख स्थान पर प्रदर्शित करना होगा। इसके लिए हम पूरी तरह से तैया...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ: &lt;/strong&gt;प्रयागराज पहुंचे यूपी के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने महाकुंभ मेला 2025 के लोगो का अनावरण किया. सीएम योगी ने कहा कि आज महाकुंभ 2025 का लोगो जारी किया गया है. मेले के लोगो को हर प्रमुख स्थान पर प्रदर्शित करना होगा। इसके लिए हम पूरी तरह से तैयार हैं.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;बैठक में सीएम योगी ने कही ये बात&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;सीएम योगी ने अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के साधु-संतों के साथ बैठक की. इस बैठक में सीएम योगी ने कहा कि यह सनातनियों का सबसे बड़ा मेला है, 2025 के महाकुंभ को दिव्य और भव्य बनाने के लिए सरकार ने अपनी कार्ययोजना शुरू कर दी है. अगर आप अयोध्या और काशी जाते हैं तो आपको नई अयोध्या और नई काशी देखने को मिलती है। सीएम योगी ने कहा कि हम 14 लाख गायों की सेवा कर रहे हैं, सभी संतों से आग्रह है कि एक गौशाला जरूर बनाएं.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;2019 के मुकाबले 2025 में महाकुंभ होगा बेहतर&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;सीएम योगी ने कहा कि 2019 के मुकाबले 2025 में महाकुंभ के लिए बेहतर इंतजाम होंगे. इसके साथ ही पेशवाई और शाही स्नान को लेकर सीएम योगी ने कहा कि गुलामी के प्रतीक नाम हमारी परंपरा के खिलाफ हैं. ऐसे नाम बदले जाने चाहिए, उन्होंने कहा कि सरकार यूपी में 700 से ज्यादा मंदिरों का जीर्णोद्धार कर रही है. उन्होंने यह भी कहा कि लेटे हुए हनुमान जी का गलियारा बनाया जा रहा है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;साधु-संतों से सीएम योगी ने की अपील&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;महाकुंभ को लेकर सीएम योगी ने साधु-संतों से अपील की है कि वे नकारात्मक चीजों से बचें और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ें. सीएम योगी ने संतों को आश्वासन दिया कि महाकुंभ के दौरान गंगा का अविरल और शुद्ध जल उपलब्ध रहेगा.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;मेला के दौरान अलर्ट रहेंगे अधिकारी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;गंगा में गिरने वाले सभी खुले नालों को टेप किया जाएगा और केवल शोधित जल ही गंगा में गिरेगा। सभी अधिकारी आपकी सेवा में रहेंगे, सरकार महाकुंभ की व्यवस्था सुनिश्चित करेगी। मैं महाकुंभ के स्थाई निर्माण कार्यों के लिए बैठक करने जा रहा हूं। संतों की गरिमा व सम्मान के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी।&lt;/p&gt;
</content></item></channel></rss>