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       <title>Today Kumbh 2025 News | Latest Kumbh 2025 News | Breaking Kumbh 2025 News in English | Latest Kumbh 2025 News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का Kumbh 2025 समाचार:Today Kumbh 2025 News ,Latest Kumbh 2025 News,Aaj Ka Samachar ,Kumbh 2025 समाचार ,Breaking Kumbh 2025 News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
        <link>https://up.inkhabar.com/tag/kumbh-2025</link>
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        </image><item><title>Mahakumbh 2025: दुनिया के सबसे बड़े मेले &amp;#8216;कुंभ&amp;#8217; में जाने, रुकने और शाही स्नान की तारीखें यहां एक क्लिक में जानें</title><link>https://up.inkhabar.com/festival/mahakumbh-2025-know-the-dates-of-visiting-staying-and-royal-bath-in-the-worlds-largest-fair-kumbh-in-one-click-here/</link><pubDate>December 17, 2024, 11:10 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/12/download-84.png</image><category>त्योहार</category><excerpt>लखनऊ: सनातन धर्म में महाकुंभ मेले का अपना एक अलग ही महत्व है. महाकुंभ मेले का आयोजन 12 साल में एक बार किया है. यह संगम प्रयागराज, हरिद्वार, उज्जैन या नासिक में आयोजित किया जाता है। वर्ष 2025 में संगमनगरी प्रयागराज में महाकुंभ मेले का आयोजन होने...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ:&lt;/strong&gt; सनातन धर्म में महाकुंभ मेले का अपना एक अलग ही महत्व है. महाकुंभ मेले का आयोजन 12 साल में एक बार किया है. यह संगम प्रयागराज, हरिद्वार, उज्जैन या नासिक में आयोजित किया जाता है। वर्ष 2025 में संगमनगरी प्रयागराज में महाकुंभ मेले का आयोजन होने जा रहा है, जो 13 जनवरी पौष पूर्णिमा से 26 फरवरी महाशिवरात्रि तक चलेगा। महाकुंभ मेला अपनी विशिष्टता और भव्यता के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;विदेशी भी पहुंचेंगे मेले में&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि साल 2025 में संगमनगरी प्रयागराज&amp;nbsp; में लगने वाले महाकुंभ मेले में देश ही नहीं बल्कि अन्य देशों से भी साधु संत और श्रद्धालु पहुंचेंगे. साथ ही देसी-विदेशी पर्यटक भी मेले का दीदार करने पहुंचेंगे. कुंभ मेले में शाही स्नान का विशेष महत्व होता है. इस दिन अखाड़ों के साधु-संत सज-धज कर संगम में स्नान करते हैं और उसके बाद श्रद्धालु डुबकी लगाते हैं. ऐसे में आइए जानते हैं कि साल 2025 में प्रयागराज में लगने वाले धर्म और संस्कृति के सबसे बड़े मेले महाकुंभ के बारे में पूरी जानकारी कहां से मिलेगी…&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;ऑफिशियल वेबसाइट&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;महाकुंभ 2025 की सारी जानकारी ऑफिशियल वेबसाइट https://kumbh.gov.in/से मिल सकती है. इस वेबसाइट पर सबकुछ बताया गया है कि संगमनगरी प्रयागराज कैसे पहुंच सकते हैं. यहां ठहरने की क्या व्यवस्था होगी और मेले में पर्यटकों के लिए क्या-क्या सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसके अलावा, कोई भी व्यक्ति प्रयागराज में पर्यटन स्थलों, पर्यटक गाइड, स्नान तिथियों के बारे में सारी जानकारी प्राप्त कर सकता है। इस वेबसाइट की मदद से आप अपने ठहरने की बुकिंग भी कर सकते हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;महाकुंभ 2025 में शाही स्नान&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;मकर संक्रांति से माघी पूर्णिमा तक महाकुंभ मेले के दौरान संगम में स्नान करना पवित्र माना जाता है। इसके अलावा महाकुंभ 2025 में स्नान की कुछ तिथियां महत्वपूर्ण हैं. ऐसा माना जाता है कि गंगा, यमुना और सरस्वती के पवित्र जल में स्नान करने से न केवल शरीर बल्कि मन की अशुद्धियां भी दूर हो जाती हैं। यही कारण है कि महाकुंभ मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालु संगम पर स्नान करने आते हैं। इसके अलावा कुछ भक्त पूरे एक महीने तक गंगा तट पर कल्पवास करते हैं और हर दिन तीन बार गंगा में स्नान करते हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;महाकुंभ का ऐतिहासिक महत्व&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;प्राचीन हिंदू पौराणिक कथाओं में महाकुंभ के बारे में बताया गया है। यह आत्म-बोध, शुद्धि और आध्यात्मिक ज्ञान की शाश्वत खोज की एक प्रतीकात्मक यात्रा के रूप में कार्य करता है। इस समय यहां आने वाले लोग सांसारिक विषयों से परे जाकर आत्मशुद्धि में लीन हो जाते हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;महाकुंभ में स्नान का महत्व&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;महाकुंभ मेले के दौरान पवित्र नदियों में स्नान करना बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि कुंभ के दौरान नदी में स्नान करने से व्यक्ति को जीवन भर के पापों से मुक्ति मिल जाती है। प्रयागराज में लगने वाले महाकुंभ मेले में स्नान का महत्व और भी बढ़ जाता है. यहां पवित्र मानी जाने वाली तीन नदियों गंगा, यमुना और सरस्वती का संगम है। इसीलिए महाकुंभ में डुबकी लगाने का बहुत महत्व है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;कल्पवास करने का महत्व&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;प्रयागराज महाकुंभ में कल्पवास करने वाले श्रद्धालु प्रतिदिन तीन बार स्नान करते हैं। इसके अलावा शाही स्नान का भी आयोजन किया जाता है जिसमें बड़ी संख्या में साधु-संत स्नान करने आते हैं। साधु-संतों के साथ ही देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालु और पर्यटक संगम में स्नान कर अपने पापों का नाश करते हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;महाकुंभ-2025 में स्नान की तारीखें&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इस बार प्रयागराज में आयोजित हो रहे महाकुंभ मेले में स्नान पौष पूर्णिमा यानी 13 जनवरी को होगा. महाकुंभ 2025 में तीन शाही स्नान होंगे. पहला शाही स्नान 14 जनवरी को मकर संक्रांति पर होगा.&amp;nbsp; दूसरा शाही स्नान 29 जनवरी को मौनी अमावस्या पर होगा और आखिरी शाही स्नान 3 फरवरी को बसंत पंचमी पर होगा. इसके अलावा आखिरी स्नान 4 फरवरी यानी अचला सप्तमी, 12 फरवरी यानी माघ पूर्णिमा और 26 फरवरी यानी महाशिवरात्रि को होगा.&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>इस बार प्रयागराज में कौन सा कुंभ लगने जा रहा, पौष पूर्णिमा से होगी शुरुआत</title><link>https://up.inkhabar.com/desh-pradesh/which-kumbh-is-going-to-be-held-in-prayagraj-this-time-it-will-start-from-paush-purnima/</link><pubDate>December 3, 2024, 3:39 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/12/download-13-300x200.png</image><category>देश-प्रदेश</category><excerpt>लखनऊ: भारतीय संस्कृति और सनातन धर्म में कुम्भ मेले का विशेष महत्व है। कुम्भ मेले को भारतीय संस्कृति की विरासत के रूप में देखा जाता है। दरअसल, भारत में चार स्थानों पर कुंभ का आयोजन होता है। जिसमें प्रयागराज (उत्तर प्रदेश), हरिद्वार (उत्तराखंड), ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ: &lt;/strong&gt;भारतीय संस्कृति और सनातन धर्म में कुम्भ मेले का विशेष महत्व है। कुम्भ मेले को भारतीय संस्कृति की विरासत के रूप में देखा जाता है। दरअसल, भारत में चार स्थानों पर कुंभ का आयोजन होता है। जिसमें प्रयागराज (उत्तर प्रदेश), हरिद्वार (उत्तराखंड), उज्जैन (मध्य प्रदेश) और नासिक (महाराष्ट्र) शामिल हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;कुंभ कई प्रकार के होते हैं&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;पौराणिक मान्यता है कि इन चार स्थानों पर कुंभ मेले का आयोजन होता है। दरअसल, कुंभ कई प्रकार के होते हैं। जिसमें कुंभ, अर्ध कुंभ, पूर्ण कुंभ और महाकुंभ होता है। 2025 में प्रयागराज में कुंभ का आयोजन होने जा रहा है. लेकिन ये कौन सा कुंभ है, इसे हम इस आर्टिकल में जानेंगे।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;हर 3 साल में कुंभ का आयोजन&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;कुम्भ मेले को भारतीय संस्कृति की विरासत के रूप में देखा जाता है। दरअसल, कुंभ हर 3 साल में लगता है। भारत में चार स्थानों पर कुंभ का आयोजन होता है। जिसमें प्रयागराज (उत्तर प्रदेश), हरिद्वार (उत्तराखंड), उज्जैन (मध्य प्रदेश) और नासिक (महाराष्ट्र) शामिल हैं। पौराणिक मान्यता है कि इन चार स्थानों पर कुंभ मेले का आयोजन होता है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;अर्ध कुंभ और महाकुंभ&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;अर्ध कुंभ मेला 6 साल में एक बार हरिद्वार और प्रयागराज के तट पर लगता है। जबकि पूर्ण कुम्भ मेले का आयोजन 12 वर्ष में एक बार होता है, जो कि प्रयागराज में आयोजित होता है। 12 कुंभ मेलों के पूरा होने के बाद महाकुंभ मेले का आयोजन किया जाता है। इससे पहले साल 2013 में प्रयाराज में महाकुंभ का आयोजन हुआ था.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;पौष पूर्णिमा से शुरू होगा कुंभ&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;हिंदू कैलेंडर के मुताबिक कुंभ साल 2025 में पौष पूर्णिमा से शुरू होने जा रहा है. यानी 13 जनवरी 2025 से इसकी शुरुआत होगी. 26 फरवरी 2025 को महाशिवरात्री के साथ इसका समापन होगा. यानी ये कुंभ 45 दिन तक चलने वाला है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;144 साल में लगता है महाकुंभ&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;हालांकि पूर्ण कुंभ को महाकुंभ भी कहा जाता है। लेकिन सबसे बड़ा महाकुंभ हर 144 साल में होता है, जिसका आयोजन सिर्फ प्रयागराज में होता है। साल 2013 में 144 साल बाद प्रयागराज में महाकुंभ का आयोजन हुआ था. 12 साल बाद इस बार 2025 में प्रयागराज में पूर्ण कुंभ का आयोजन होने जा रहा है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;हरिद्वार में कब लगता है कुंभ&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;ऐसा माना जाता है कि जब बृहस्पति कुंभ राशि में और सूर्य मेष राशि में प्रवेश करते हैं, तब हरिद्वार में कुंभ का आयोजन होता है।&amp;nbsp; जब बृहस्पति, सूर्य और चंद्रमा मेष राशि में मकर राशि में प्रवेश करते हैं, तो अमावस्या के दिन प्रयागराज में कुंभ का आयोजन होता है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;नासिक में कब लगता है कुंभ&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इसके अलावा जब बृहस्पति सिंह राशि में प्रवेश करते हैं, तो गोदावरी के तट पर नासिक में कुंभ का आयोजन होता है। जबकि बृहस्पति के सिंह राशि में और सूर्य के मेष राशि में प्रवेश करने पर उज्जैन में कुंभ का आयोजन होता है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;क्यों है कुंभ का शाही स्नान फेमस&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;कुंभ मेले के आयोजन की कहानी समुद्र मंथन से जुड़ी है। समुद्र मंथन के दौरान अमृत तो प्राप्त हुआ, लेकिन इस अमृत कलश के लिए देवताओं और राक्षसों के बीच 12 दिनों तक संघर्ष चला। ये 12 दिन पृथ्वी पर 12 वर्ष माने जाते हैं। संघर्ष के दौरान 12 स्थानों पर अमृत की बूंदें गिरीं, जिनमें से चार बूंदें पृथ्वी पर गिरीं। जिन्हें आज हम प्रयागराज, उज्जैन, हरिद्वार और नासिक के नाम से जानते हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;इन नदियों का जल अमृत समान&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;प्रयागराज, उज्जैन, हरिद्वार और नासिक में कुंभ मेले का आयोजन किया जाता है और इस दौरान नदियों का जल अमृत के समान माना जाता है। यही कारण है कि कुंभ के दौरान नदी में स्नान करने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है। प्रयागराज तीन नदियों गंगा, यमुना और सरस्वती का संगम है, इसलिए इसका विशेष महत्व माना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि स्नान करने से पापों से मुक्ति मिलती है और मोक्ष की प्राप्ति होती है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Maha Kumbh Mela: प्रयागराज जाएंगे सीएम योगी, नगर निगम कार्यालय का करेंगे लोकार्पण</title><link>https://up.inkhabar.com/desh-pradesh/maha-kumbh-mela-cm-yogi-will-go-to-prayagraj-will-inaugurate-the-municipal-corporation-office/</link><pubDate>November 26, 2024, 8:53 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/11/9ी5-300x169.webp</image><category>देश-प्रदेश</category><excerpt>लखनऊ। महाकुम्भ 2025 को लेकर प्रयागराज में तैयारियां जोरों-शोरों से की जा रही हैं। सीएम योगी के दिव्य और भव्य कुम्भ के विजन के मुताबिक एक ओर संगम क्षेत्र में करोड़ों श्रद्धालुओं और कल्पवासियों के लिए महाकुम्भ नगरी बन रही है तो, वहीं दूसरी ओर नगर...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ। &lt;/strong&gt;महाकुम्भ 2025 को लेकर प्रयागराज में तैयारियां जोरों-शोरों से की जा रही हैं। सीएम योगी के दिव्य और भव्य कुम्भ के विजन के मुताबिक एक ओर संगम क्षेत्र में करोड़ों श्रद्धालुओं और कल्पवासियों के लिए महाकुम्भ नगरी बन रही है तो, वहीं दूसरी ओर नगर निगम, प्रयागराज शहर के सुंदर बनाने के लिए काम किया जा रहा है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;27 नवंबर प्रयागराज आएंगे योगी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;महाकुम्भ के इन्हीं निर्माण कार्यों का निरीक्षण करने सीएम योगी 27 नवंबर को प्रयागराज आएंगे। इसी क्रम में सीएम योगी प्रयागराज नगर निगम की नवनिर्मित कंट्रोल रूम बिल्डिंग का लोकापर्ण करेंगे। इस बिल्डिंग से नगर निगम सॉलिड वेस्ट, ग्रीवांस कंट्रोल रूम और प्रयागराज स्मार्ट सिटी ऑफिस का संचालन करेंगे। विश्व के सबसे बड़े मानवीय समागम महाकुम्भ का आयोजन प्रयागराज में किया जा रहा। सीएम योगी के विजन मुताबिक महाकुम्भ को दिव्य-भव्य और स्वच्छ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;कंट्रोल रूम की बिल्डिंग का निर्माण&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इस दिशा में प्रयागराज में कई निर्माण कार्य और सौंदर्यीकरण के प्रयास किए जा रहे हैं। प्रयागराज नगर निगम में नये कंट्रोल रूम की बिल्डिंग का निर्माण किया गया है। Maha Kumbh Mela: प्रयागराज जाएंगे सीएम योगी, नगर निगम कार्यालय का लोकार्पण करेंगे। उन्होंने बताया कि इस बिल्डिंग से सॉलिड वेस्ट कंट्रोल रूम, पब्लिक ग्रीवांस कंट्रोल रूम और प्रयागराज स्मार्ट सिटी के आफिस का संचालन कार्य किया जाएगा।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;/p&gt;
</content></item></channel></rss>