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       <title>Today Kedarnath Dham News | Latest Kedarnath Dham News | Breaking Kedarnath Dham News in English | Latest Kedarnath Dham News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का Kedarnath Dham समाचार:Today Kedarnath Dham News ,Latest Kedarnath Dham News,Aaj Ka Samachar ,Kedarnath Dham समाचार ,Breaking Kedarnath Dham News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
        <link>https://up.inkhabar.com/tag/kedarnath-dham</link>
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        </image><item><title>Kedarnath Dham: आज से भक्तों के लिए खोले गए केदारनाथ धाम के कपाट, ऐसे कर सकेंगे दर्शन</title><link>https://up.inkhabar.com/national/kedarnath-dham-the-doors-of-kedarnath-dham-have-been-opened-for-the-devotees-from-today-this-is-how-they-will-be-able-to-have-darshan/</link><pubDate>May 10, 2024, 12:43 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/05/13-1.png</image><category>देश</category><excerpt>लखनऊ। बहुत से लोग जीवन में चार धाम यात्रा करने की इच्छा रखते हैं। ऐसे में चार धाम की इच्छा रखने वाले श्रद्धालुओं के लिए अच्छी खबर है। बता दें कि आज शुक्रवार (10 मई) से भक्तों के लिए बाबा केदारनाथ (Kedarnath Dham) के कपाट खोल दिए गए हैं। आज अक्ष...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ।&lt;/strong&gt; बहुत से लोग जीवन में चार धाम यात्रा करने की इच्छा रखते हैं। ऐसे में चार धाम की इच्छा रखने वाले श्रद्धालुओं के लिए अच्छी खबर है। बता दें कि आज शुक्रवार (10 मई) से भक्तों के लिए बाबा केदारनाथ (Kedarnath Dham) के कपाट खोल दिए गए हैं। आज अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर मंदिर के कपाट खोले गए हैं। ऐसे में श्रद्धालुओं के लिए जहां केदारनाथ मंदिर और यमुनोत्री धाम मंदिर के दरवाजे सुबह 7 बजे खुले वहीं गंगोत्री मंदिर के कपाट दोपहर 12 बजकर 20 मिनट पर खोल दिए गए।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;दर्शन के लिए खास इंतजाम&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;वहीं दर्शन के लिए मंदिर समिति की तरफ से कुछ खास इंतजाम किए गए हैं। जिसके तहत मंदिर (Kedarnath Dham) के कपाट करीब 13 से 15 घंटे तक खुले रहेंगे। इसी बीच भक्त बाबा केदारनाथ के दर्शन कर सकेंगे। वहीं सुबह शिवलिंग को स्नान कराकर घी से अभिषेक करने के बाद दीयों और मंत्र जाप के साथ आरती की जाएगी। इस दौरान भक्त आरती में शामिल होने और दर्शन करने के लिए सुबह गर्भगृह में प्रवेश कर सकते हैं।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;इसके बाद दोपहर एक से दो बजे तक एक विशेष पूजा होती है जिसके बाद मंदिर के पट विश्राम के लिए बंद कर दिए जाते हैं। वहीं शाम 5 बजे मंदिर के कपाट एक बार फिर दर्शनार्थियों के लिए खोले जाते हैं। इसके बाद शाम 07:30 बजे से 08:30 बजे तक एक विशेष आरती होती है। इस दौरान भगवान शिव की पंचमुखी प्रतिमा का विधिवत श्रृंगार किया जाता है। इस समय भक्तगण केवल दूर से दर्शन ही कर सकते हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;ऐसे कराएं रजिस्ट्रेशन&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;दरअसल, केदारनाथ धाम (Kedarnath Dham) की यात्रा के लिए 15 अप्रैल 2024 से ही रजिस्ट्रेशन शुरू हो चुके हैं। हालांकि ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन 3 मई को बंद किए गए थे, लेकिन 8 मई से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की सुविधा भक्तों के लिए फिरसे शुरू कर दी गई। ऐसे में जो लोग चारधाम यात्रा के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन नहीं कर पाए हों वो हरिद्वार और ऋषिकेश पहुंचकर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। इसके अलावा यात्री हरिद्वार पहुंचने के बाद ऋषिकेश में रजिस्ट्रेशन ऑफिस व ट्रांजिट कैंप में चारों धामों की यात्रा के लिए अधिकतम तीन दिनों के लिए ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन करा सकेंगे।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;कैसे पहुंचें केदारनाथ धाम?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पैदल यात्रा&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;केदारनाथ धाम या किसी भी अन्य धाम तक पैदल यात्रा करना एक धार्मिक और अनुभव भरी यात्रा होती है। अगर आप पैदल यात्रा करने का मन बना रहे हैं तो इसके लिए आप गौरीकुंड या सोनप्रयाग से यात्रा शुरू कर सकते हैं। जिसके बाद पर्वतीय मार्ग से धाम तक पहुंच सकते हैं। यह यात्रा करीब 14 किलोमीटर की होती है।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;बस या ट्रैक्सी द्वारा&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;केदारनाथ धाम (Kedarnath Dham) पहुंचने के लिए राजमार्ग सेवा उपलब्ध है। जिसमें यात्री बस और टैक्सी द्वारा केदारनाथ धाम पहुंच सकते हैं। वहीं राजमार्ग सेवा के लिए गुप्तकाशी से या रुद्रप्रयाग से यात्रा करनी पड़ती है।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;हेलीकॉप्टर यात्रा&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;इसके अलावा यात्री आसानी से और जल्दी केदारनाथ धाम पहुंचने के लिए हेलीकॉप्टर सेवा का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके लिए हरिद्वार, देहरादून और गुप्तकाशी जैसे नजदीकी शहरों से उड़ानें उपलब्ध होती हैं जो कि केदारनाथ धाम तक पहुंचती हैं।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पालकी और घोड़ा, खच्चर की सवारी&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;वहीं भक्तों के लिए पालकी और घोड़ा खच्चर आदि की सवारी भी उपलब्ध है। यात्री इसकी सहायता से भी केदारनाथ धाम तक पहुंच कर दर्शन कर सकते हैं।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>बंद हुए केदारनाथ धाम के कपाट, अब ओंकारेश्वर मंदिर में दर्शन देंगे बाबा</title><link>https://up.inkhabar.com/states/kedarnath-dham-doors-closed-now-baba-will-give-darshan-in-omkareshwar-temple/</link><pubDate>November 15, 2023, 10:52 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/11/9-300x225.png</image><category>देश-प्रदेश</category><excerpt>Kedarnath Dham Door Closed: आज उत्तराखंड के चार धामों में से एक और भगवान महादेव के 11वें ज्योतिर्लिंग स्वरूप भगवान केदारनाथ के कपाट बंद किए गए। बता दें कि आज सुबह 8:30 बजे कपाट बंद होने का मुहूर्त था। जिसके बाद केदारनाथ धाम के कपाट शीतकाल के का...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Kedarnath Dham Door Closed:&lt;/strong&gt; आज उत्तराखंड के चार धामों में से एक और भगवान महादेव के 11वें ज्योतिर्लिंग स्वरूप भगवान केदारनाथ के कपाट बंद किए गए। बता दें कि आज सुबह 8:30 बजे कपाट बंद होने का मुहूर्त था। जिसके बाद केदारनाथ धाम के कपाट शीतकाल के कारण बंद किए गए। अब बाबा केदारनाथ 6 माह की अवधि के दौरान ओंकारेश्वर मंदिर में विराजमान रहेंगे। इस दौरान भगवान केदारनाथ की पंचमुखी डोली ने बुधवार सुबह केदारनाथ धाम से अपने शीतकालीन स्थल के लिए प्रस्थान किया। यही नहीं केदारनाथ की डोली के साथ देश-विदेश से आए हजारों श्रद्धालु भगवान केदारनाथ के दर्शन के लिए पहुंचे। वहीं भगवान केदारनाथ के कपाट तीन पहर की पूजा के बाद बंद कर दिए गए।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;बाबा के जयकारे से गूंजी केदारपुरी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बताया जा रहा है कि भगवान केदारनाथ की पंचमुखी डोली विभिन्न पड़ावों से दर्शन देते हुए शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ पहुंची। यहां शीतकाल तक भगवान विराजमान रहेंगे। वहीं इस मौके पर आर्मी की बैंड की धुन के साथ बाबा के जयकार से पूरी केदारपुरी गूंज गई। वहीं आंकड़ों के अनुसार इस साल भगवान केदारनाथ के दर्शन के लिए 20 लाख से भी ज्यादा श्रद्धालुओं ने बाबा के दर पर माथा टेका। आश्चर्य की बात यह है कि साल दर साल यह संख्या बढ़ रही है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;कई अधिकारिगण भी रहे मौजूद&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;वहीं जब बाबा केदारनाथ अपने शीतकाल स्थल के लिए रवाना हुए तो इस मौके पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु उनके दर्शन करने के लिए पहुंचे थे। यही नहीं बाबा के दर्शन के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे जो, बाबा की जयकारों के साथ-साथ भजन कीर्तन भी कर रहे थे। इस दौरान यहां श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति अध्यक्ष अजेंद्र अजय, तीर्थपुरोहित समाज के पदाधिकारी, सीईओ योगेंद्र सिंह और प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;15 नवंबर से बंद होंगे यमुनोत्री के कपाट&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इसके अलावा बताया जा रहा है कि 15 नवंबर से यमुनोत्री के कपाट भी शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। इस दौरान कपाट बंदी को लेकर मंदिर समिति की ओर से सभी प्रकार कि तैयारियां कर ली गई हैं।&lt;/p&gt;
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