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       <title>Today kaisarganj News | Latest kaisarganj News | Breaking kaisarganj News in English | Latest kaisarganj News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का kaisarganj समाचार:Today kaisarganj News ,Latest kaisarganj News,Aaj Ka Samachar ,kaisarganj समाचार ,Breaking kaisarganj News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
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        </image><item><title>इस सीट पर भाजपा ने रोके कदम… BSP-SP भी चुप; बृजभूषण शरण ने टिकट न मिलने पर तोड़ी चुप्पी</title><link>https://up.inkhabar.com/top-news/bjp-stopped-its-steps-on-this-seat-bsp-sp-also-silent-brij-bhushan-sharan-broke-his-silence-on-not-getting-ticket/</link><pubDate>April 23, 2024, 6:38 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/04/download-89.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>लखनऊ। लोकसभा चुनाव के पहले फेज की वोटिंग संपन्न हुई दूसरे फेज की तैयारी के लिए पार्टियां तैयारिया कर रही है। वहीं इन सब के बीच सरयू की लहरों से जवां कैसरगंज संसदीय क्षेत्र की आंखें थक गईं हैं। सियासत में कभी हनक रखने वाले क्षेत्र के मैदान में स...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ&lt;/strong&gt;। लोकसभा चुनाव के पहले फेज की वोटिंग संपन्न हुई दूसरे फेज की तैयारी के लिए पार्टियां तैयारिया कर रही है। वहीं इन सब के बीच सरयू की लहरों से जवां कैसरगंज संसदीय क्षेत्र की आंखें थक गईं हैं। सियासत में कभी हनक रखने वाले क्षेत्र के मैदान में सूनापन सबको अखर रहा है। नेताओं के कद की पहचान बढ़ाने वाला रण खाली है। न रंग है और न ही रौनक। बस कयास है। कौतूहल है। किस्से हैं और करामात की उम्मीद भी। नहीं है तो बस कोलाहल।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;पांचवे फेज में होगा चुनाव&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;वक्त की मार और चुनावी समीकरण की साध देखिए कि यहां के लिए दलों को लड़ाके ही खोजे नहीं मिल रहे। हर बार जारी होने वाली सूची में दावेदार तय होने की चर्चा होती है, लेकिन हाथ लगता है इंतजार। टिकट के इस दांव से दबदबे का दम ही घुटने लगा है। भाजपा ने तो मानों कदम ही रोक रखे हैं, लेकिन SPA व BSP को भी कुछ सूझ नहीं रहा, जबकि तीनों दलों में लड़ाके दस्तक दे चुके हैं। पर ठौर नहीं मिल रही है। कैसरगंज का मैदान अभी टिकट के दांव में ही उलझा हुआ है। बता दे कि कैसरगंज लोकसभा सीट पर 20 मई को लोकसभा चुनाव के पांचवें चरण में मतदान होगा, जहां पर बीजेपी ने अी तक अपने कैंडिडेट का ऐलान नहीं किया है&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;बाढ़ का दंश, दावेदारों का सूखा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;ऐसा पहली बार हो रहा है कि पार्टियों के हाथ रुके हुए हैं। अब तो कैसरगंज के माझा से लेकर उपरहर क्षेत्रों में इसकी चर्चाएं शुरू हो गईं हैं। हर साल बाढ़ का दंश झेलने वाले क्षेत्र में दावेदारों के सूखे से बेचैनी बढ़ गई है। रामगढ़ गांव के शिवाकांत कहते हैं कि यहां अब पार्टियों की देरी खल रही है। हर क्षेत्र में प्रत्याशी तय हैं और प्रचार हो रहा है। यहां तो कोई पूछने वाला ही नहीं है। भौरीगंज के ओमप्रकाश कहते हैं कि जिसे भी देना हो टिकट दे देना चाहिए था। इस तरह हर बार कोई नाम न आना अच्छा नहीं लगता। कम से कम यहां भी लोग संपर्क करते। दावेदार तय न होने से सियासी माहौल बन ही नहीं रहा। पूरे क्षेत्र में अजीब सा सन्नाटा है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;BJP का तो ठीक, सपा-बसपा की लाचारी क्यों&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;मतदाता इस बात को लेकर भी चौंके रहे हैं कि BJP में विपरीत परिस्थितियां हो सकती हैं, जिससे देरी हो रही है। SPA व BSP आखिर क्यों चुप्पी साधे हैं। इन दोनों पार्टियों की आखिर क्या मजबूरी है। यह बात गले नहीं उतर रही है कि पहले BJP से प्रत्याशी तय हो तो अन्य दल फैसला लेंगे।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;BJP की प्लानिंग अलग&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;कैसरगंज का समीकरण ऐसा है कि BJP से प्रत्याशी तय होने के बाद ही अन्य दलों की राह आसान होगी। सपा के एक नेता कहते हैं कि यहां प्रत्याशी का चयन स्थानीय समीकरण के लिहाज से होना है। 2009 के पहले की स्थितियां दूसरी होती थीं, उस समय बाराबंकी का क्षेत्र जुड़ा था। ऐसे में सपा बेनी प्रसाद वर्मा पर दांव चलती थी।&lt;br&gt;2009 के बाद तरबगंज, कटरा, करनैलगंज व पयागपुर जुड़ जाने से नया समीकरण बना है। ऐसे में भाजपा की चाल से ही पार्टी प्रत्याशी तय करेगी। भाजपा ने क्षत्रिय दिया तो सपा ब्राह्मण प्रत्याशी उतारेगी। बसपा के बारे में भी चर्चा है कि वह भी भाजपा व सपा के कदमों पर निगाह टिकाए है। फिलहाल प्रत्याशी तय न होने से चुनावी माहौल से उल्लास नदारद है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;विधायकों ने भी साध रखी है चुप्पी, कुछ बोलते ही नहीं बन रहा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;कैसरगंज संसदीय क्षेत्र में पांच विधानसभाएं हैं, जिनमें चार विधायक बीजेपी व एक सपा की है। इससे कुछ बोलते नहीं बन रहा। टिकट में देरी पर हाईकमान की दुहाई देकर लोगों को आश्वासन की घुट्टी दे रहे हैं। भाजपा के तो दो विधायकों का नाम ही दावेदारों में चल रहा है, जिससे वह अलग ही धर्मसंकट में फंसे हैं। ऐसे में वह भी चाहते हैं कि जल्दी टिकट घोषित हो जाए तो उनको राहत मिले। यही हाल भाजपा व सपा के जिम्मेदार नेताओं का भी है। जनता के बीच जाने पर हो रहे टिकट के सवाल को पार्टी की नीतियों और उपलब्धियों के बहाने टरका रहे हैं।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;प्रमुख राजनीतिक दलों का वोट प्रतिशत&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;वर्ष चुनाव भाजपा सपा बसपा कांग्रेस&lt;br&gt;2009 लोस 21.3 34.7 21.9 12.9&lt;br&gt;2014 लोस 40.4 32.2 15.5 6.1&lt;br&gt;2019 लोस 60 नहीं लड़े 33 3.8&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;बृजभूषण शरण सिंह बोले&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;कैसरगंज से BJP सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने टिकट न मिलने का ठीकरा मीडिया पर फोड़ा है। उनका कहना है कि मीडिया की वजह से उन्हें अब तक टिकट नहीं मिला। उन्होंने कहा- हम भाजपा से बड़े नहीं हैं। टिकट के सवाल पर बोले- हो सकता है कि इसके पीछे BJP की कोई रणनीति हो।वह सोमवार को मनकापुर राजघराने के कुंवर विक्रम सिंह के निधन पर शोक जताने मंगल भवन पहुंचे थे। सांसद ने कुंवर विक्रम के परिजनों से मुलाकात की। इसके बाद मीडिया से मुखातिब हुए। कहा कि टिकट मिलना न मिलना हमारी चिंता नहीं है। उन्होंने कहा कि मैंने कभी मजहब के आधार पर राजनीति नहीं की। सन 1989 में समाजवादी पार्टी की सरकार थी। मुलायम सिंह उस वक्त CM थे। अयोध्या में विवादित ढांचा विध्वंस होने पर सबसे पहले मुझे गिरफ्तार किया गया था। सीबीआई ने भी सबसे पहले अरेस्ट किया था। लेकिन इन सबके बावजूद जब तक मुलायम सिंह यादव जिंदा रहे उनसे अच्छे संबंध रहे। हर बात राजनीति से जोड़कर नहीं देखनी चाहिए। टिकट के सवाल पर कहा कि यह हमारी चिंता है, आपकी नहीं। राहुल गांधी व अखिलेश यादव पर बोलने से सांसद बचते नजर आए।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;गौरतलब है कैसरगंज सीट उस समय चर्चा में आई जब यहां से सांसद और भारतीय कुश्ती संघ के तत्कालीन अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह पर महिला पहलवानों ने शोषण करने के आरोप लगाए. दुष्कर्म के मामले में बृजभूषण शरण सिंह सुर्खियों में आए थे। महिला पहलवानों द्वारा लगाए आरोपों का ये मामला कोर्ट में चल रहा है. यही कारण है कि BJP इस सीट पर कैंडिडेट करने से बच रही है.&lt;/p&gt;
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