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       <title>Today gyanvapi News | Latest gyanvapi News | Breaking gyanvapi News in English | Latest gyanvapi News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का gyanvapi समाचार:Today gyanvapi News ,Latest gyanvapi News,Aaj Ka Samachar ,gyanvapi समाचार ,Breaking gyanvapi News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
        <link>https://up.inkhabar.com/tag/gyanvapi</link>
        <lastBuildDate>April 4, 2026, 3:52 am</lastBuildDate>
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        </image><item><title>ज्ञानवापी तहखाने में 31 साल बाद हुई पूजा, देर रात हुआ शंखनाद, देखिए तस्वीरें</title><link>https://up.inkhabar.com/states/worship-took-place-in-gyanvapi-basement-after-31-years-conch-shell-was-blown-late-at-night-see-pictures/</link><pubDate>February 1, 2024, 6:07 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/02/download-2024-02-01T113632.621.png</image><category>राज्य</category><excerpt>लखनऊ। वाराणसी जिला अदालत ने ज्ञानवापी परिसर में स्थिति व्यास जी के तहखाने में हिंदुओं को पूजा पाठ करने का अधिकार दिया। जिसके बाद बुधवार देर रात कमिश्नर ने बैरिकेडिंग हटाकर यहां पर पूजा कराई। 1 फरवरी को 31 साल बाद ज्ञानवापी परिसर में पूजा-अर्चना...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ। &lt;/strong&gt;वाराणसी जिला अदालत ने ज्ञानवापी परिसर में स्थिति व्यास जी के तहखाने में हिंदुओं को पूजा पाठ करने का अधिकार दिया। जिसके बाद बुधवार देर रात कमिश्नर ने बैरिकेडिंग हटाकर यहां पर पूजा कराई। 1 फरवरी को 31 साल बाद ज्ञानवापी परिसर में पूजा-अर्चना शुरू हुई। तड़के ही लोग बड़ी संख्या में ज्ञानवापी के व्यास तहखाने में पूजा करने के लिए पहुंचे हुए हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;पूजा को लेकर उमड़ी भीड़&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इस मामले को लेकर डीएम ने कहा कि जिला कोर्ट के आदेश का अनुपालन किया गया है। विश्वनाथ मंदिर के मुख्य पुजारी ओम प्रकाश मिश्रा व राम लला की प्राण-प्रतिष्ठा का शुभ मुहूर्त निकालने वाले गणेश्वर द्रविड़ ने व्यास जी तहखाने में पूजा-पाठ कराई है। तहखाने में पूजा-पाठ का अधिकार काशी विश्वनाथ ट्रस्ट को सौंप दिया गया है। वहीं लोगों की भीड़ को देखते हुए कड़े प्रशासनिक सुरक्षा के घेरे में पूजा कराई जा रही है।&lt;/p&gt;



&lt;figure class=&quot;wp-block-image size-full&quot;&gt;&lt;img loading=&quot;lazy&quot; decoding=&quot;async&quot; width=&quot;790&quot; height=&quot;444&quot; src=&quot;https://up.inkhabar.com/wp-content/uploads/2024/02/download-2024-02-01T112639.299.png&quot; alt=&quot;&quot; class=&quot;wp-image-10164&quot; srcset=&quot;https://up.inkhabar.com/wp-content/uploads/2024/02/download-2024-02-01T112639.299.png 790w, https://up.inkhabar.com/wp-content/uploads/2024/02/download-2024-02-01T112639.299-300x169.png 300w, https://up.inkhabar.com/wp-content/uploads/2024/02/download-2024-02-01T112639.299-768x432.png 768w, https://up.inkhabar.com/wp-content/uploads/2024/02/download-2024-02-01T112639.299-150x84.png 150w, https://up.inkhabar.com/wp-content/uploads/2024/02/download-2024-02-01T112639.299-696x391.png 696w&quot; sizes=&quot;auto, (max-width: 790px) 100vw, 790px&quot; /&gt;&lt;/figure&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;बदला गया साइन बोर्ड&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इधर कुछ युवकों ने रात में ज्ञानवापी की तरफ जाने वाले मार्ग पर साइन बोर्ड को ज्ञानवापी मंदिर मार्ग लिख दिया है। जिसकी तस्वीरें भी वायरल हो रही है। बता दें कि बुधवार को वाराणसी जिला कोर्ट के जज डॉ. अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए हिंदुओं को व्यासजी के तहखाने में पूजा करने का अधिकार दिया। पिछले 31 सालों यानी कि 1993 से तहखाने में पूजा-पाठ बंद था।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Gyanvapi: ASI ने सर्वे रिपोर्ट दाखिल करने के लिए 3 हफ्ते का मांगा समय,आज आएगा फैसला</title><link>https://up.inkhabar.com/states/gyanvapi-asi-asked-for-3-weeks-time-to-file-survey-report-decision-will-come-today/</link><pubDate>November 29, 2023, 9:49 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/11/3-1-300x225.png</image><category>राज्य</category><excerpt>लखनऊ। ज्ञानवापी मस्जिद परिसर की वैज्ञानिक सर्वेक्षण रिपोर्ट 28 नवंबर को वाराणसी के जिला न्यायालय में पेश होनी थी। हालांकि एक बार फिर से एएसआई की टीम ने सर्वे रिपोर्ट को पेश करने के लिए तीन हफ्ते का समय मांगा है। जिस पर जिला अदालत में 29 नवंबर य...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ।&lt;/strong&gt; ज्ञानवापी मस्जिद परिसर की वैज्ञानिक सर्वेक्षण रिपोर्ट 28 नवंबर को वाराणसी के जिला न्यायालय में पेश होनी थी। हालांकि एक बार फिर से एएसआई की टीम ने सर्वे रिपोर्ट को पेश करने के लिए तीन हफ्ते का समय मांगा है। जिस पर जिला अदालत में 29 नवंबर यानी आज सुनवाई होनी है। दरअसल एक अधिवक्ता के निधन की वजह से मंगलवार को सुनवाई नहीं हो पाई थी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;तीसरी बार अतिरिक्त समय की मांग&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;मालूम हो कि 100 दिनों के सर्वेक्षण रिपोर्ट की समय सीमा समाप्त हो गई है। अदालत द्वारा रिपोर्ट दाखिल करने की जो समय-सीमा तय की थी उसकी मियाद पूरी हो गई। पिछली सुनवाई के दौरान एएसआई को दस दिनों का और समय दिया गया था। मंगलवार को एएसआई ने तीसरी बार अतिरिक्त समय की मांग की है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;इस वजह से हुई देरी&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण को 17 नवंबर तक रिपोर्ट देना था लेकिन उसकी तरफ से प्रार्थना पत्र देकर 15 दिनों का अतिरिक्त मांगा गया। एएसआई ने प्रार्थना पत्र में कहा कि ज्ञानवापी में हुए सर्वे की रिपोर्ट अभी तैयार नहीं हुई है। सर्वे में इस्तेमाल किए गए अत्याधुनिक ग्राउंड पेनिट्रेटिंग रडार यानी जीपीआर तकनीक के आंकड़ों को रिपोर्ट में शामिल करने में समय लग रहा।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;मस्जिद पक्ष ने जताई थी आपत्ति&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;वहीं इस मामले में मस्जिद पक्ष ने आपत्ति जताते हुए कहा था कि एएसआई को पहले ही रिपोर्ट देने के लिए पर्याप्त समय मिल चुका है इसलिए और वक्त देना ठीक नहीं है। न्यायालय के आदेश पर एएसआई की टीम ने पूरे ज्ञानवापी परिसर का वैज्ञानिक विधि से सर्वे किया हालांकि सुप्रीम कोर्ट द्वारा सील किये गए वुज़ू खाने को छोड़ दिया गया। बता दें कि इससे पहले एएसआई ने आर्कियोलॉजिस्ट सर्वे, फोटोग्राफर व अन्य तकनीकी विशेषज्ञों के उपलब्ध डेटा का विश्‍लेषण करके रिपोर्ट तैयार कर उसे दाखिल करने के लिए 15 दिन का समय मांगा था।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>आज ज्ञानवापी सर्वे का तीसरा दिन, दीवार पर मूर्ति मिलने का दावा</title><link>https://up.inkhabar.com/states/today-is-the-third-day-of-gyanvapi-survey-claims-to-have-found-idol-on-the-wall/</link><pubDate>August 6, 2023, 5:22 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/07/download-92-300x169.png</image><category>राज्य</category><excerpt>लखनऊ। उत्तर प्रदेश के वाराणसी में ज्ञानवापी मस्जिद परिसर का सर्वे लगातार जारी है. आज सर्वे का तीसरा दिन है. सर्वे के लिए 42 लोगों की टीम ज्ञानवापी परिसर में पहुंच चुकी है. जानकारी के अनुसार यह टीम 4 अलग -अलग हिस्सों में बंटकर सर्वे करेंगी। बताय...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ। &lt;/strong&gt;उत्तर प्रदेश के वाराणसी में ज्ञानवापी मस्जिद परिसर का सर्वे लगातार जारी है. आज सर्वे का तीसरा दिन है. सर्वे के लिए 42 लोगों की टीम ज्ञानवापी परिसर में पहुंच चुकी है. जानकारी के अनुसार यह टीम 4 अलग -अलग हिस्सों में बंटकर सर्वे करेंगी। बताया जा रहा है कि आज का सर्वे बाकी के दिनों से अलग होगा।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;आज ज्ञानवापी सर्वे का तीसरा दिन&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;आपको बता दें कि वाराणसी की ज्ञानवापी मस्जिद में एएसआई का सर्वे जारी है. आज एएसआई टीम मशीनों का इस्तेमाल करने वाली है और यही वजह है कि आज का सर्वे काफी अलग होने वाला है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सर्वे में मुस्लिम पक्ष के शामिल होने की उम्मीद&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें, सर्वे में मुस्लिम पक्ष के शामिल रहने की संभावना है वो इसलिए क्योंकि शनिवार के सर्वे में भी मुस्लिम पक्ष शामिल हुआ था. जबकि शुक्रवार को सर्वे के पहले दिन मुस्लिम पक्ष की ओर से कोई भी सामने नहीं आया था.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सीता साहू ने मूर्ति मिलने का किया था दावा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;कल सर्वे के बाद हिंदू पक्ष की ओर से याचिका दायर करने वाली महिला सीता साहू ने एक मूर्ति मिलने का दावा किया है. सीता साहू की मानें तो मूर्ति किसकी है, यह जांच की जा रही है. साहू ने कहा है कि मूर्ति में जो आकृति है, वह आधी पशु और आधी मानव की है. दावा किया जा रहा है कि सर्वे के डर से मुस्लिम पक्ष ने कुछ मूर्तियां इसमें छिपा दी हैं. हिंदू पक्ष चाहता है कि मलबा हटाया जाए.बताया जा रहा है कि हिंदू पक्ष की तरफ से आज सिर्फ वकीलों को ही अंदर जाने की इजाजत दी गई है.महिला याचिकाकर्ता ज्ञानवापी परिसर नहीं जाएंगी. वहीं, मुस्लिम पक्ष की तरफ से आज सिर्फ एक वकील रहेंगे. हिंदू पक्ष के सोहन लाल का दावा है कि अगर तहखाना खुला तो कई बड़े प्रमाण मिल सकते हैं, जबकि रेखा पाठक ने भी सीता साहू की बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि पश्चिमी दीवार पर आधा मानव और आधा पशु वाली आकृति मिली है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;किस तरह का होगा सर्वे&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;शनिवार को ASI के सर्वे का दूसरा दिन था जांच करीब 7 घंटे तक चला. इस दिन स्वस्तिक, त्रिशूल जैसे चिन्हो की वीडियोग्राफी कराई गई. वहीं मंगलवार को बिना खुदाई के जमीन के नीचे सर्वे को अंजाम देने के लिए ग्राउंड पेनेट्रेटिंग रडार का उपयोग किया जाएगा।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>उत्तर प्रदेश: ज्ञानवापी में आदि विश्वेश्वर की पूजा को लेकर आज सुनवाई, अदालत के फैसले का इंतजार</title><link>https://up.inkhabar.com/states/uttar-pradesh-hearing-today-regarding-the-worship-of-adi-vishweshwar-in-gyanvapi-waiting-for-the-courts-decision/</link><pubDate>August 5, 2023, 3:28 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/08/ज्ञानवापी-मामला-300x169.png</image><category>राज्य</category><excerpt>लखनऊ। ज्ञानवापी परिसर में आदि विश्वेश्वर की पूजा के लिए मामले को लेकर शनिवार को सिविल जज सीनियर डिवीजन शिखा यादव की अदालत में होगी। सावन में अधिमास के कारण पूजा की अनुमति जरुरी बताई गई है. पूजा मामले में आज सुनवाई आपको बता दें कि ज्ञानवापी में ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ। &lt;/strong&gt;ज्ञानवापी परिसर में आदि विश्वेश्वर की पूजा के लिए मामले को लेकर शनिवार को सिविल जज सीनियर डिवीजन शिखा यादव की अदालत में होगी। सावन में अधिमास के कारण पूजा की अनुमति जरुरी बताई गई है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;पूजा मामले में आज सुनवाई&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;आपको बता दें कि ज्ञानवापी में आदि विश्वेश्वर की पूजा करने के मामले में शनिवार यानी आज सुनवाई होगी। जानकारी के अनुसार यह वाद ज्योतिष पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के शिष्य व आदि विश्वेश्वर डोली रथ यात्रा के राष्ट्रीय प्रभारी शैलेन्द्र योगिराज सरकार की ओर से दाखिल किया गया है. बता दें, इसमें स्टेट ऑफ उत्तर प्रदेश और अन्य को पक्षकार बनाया गया है. सावन में अधिमास की वजह से पूजा की अनुमति को आवश्यक बताया गया है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;वाद में क्या कहा गया ?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;अधिवक्ता के माध्यम से वाद में कहा गया कि हिन्दू धर्म के लोग सावन के अधिमास में मिट्टी का पार्थिव शिवलिंग बनाकर पूजा करते हैं. उसमे कहा गया कि ज्ञानवापी परिसर में साक्षात शिवलिंग प्रकट हुआ है. शिवलिंग की पूजा जरूरी है. ज्ञानवापी परिसर में प्रकट हुए आदि विश्वेश्वर की पूजा-अर्चना का अधिकार दिया जाना चाहिए।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;डॉ द्विवेदी ने पूजा की कही थी बात&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;वादी के अधिवक्ता डॉ, एसके द्विवेदी ने बुधवार को कहा था कि अधिमास में पूजा-अर्चना का अधिकार मिलाना चाहिए। वहीं शासकीय अधिवक्ता महेंद्र पांडेय ने सरकार की ओर से इसका विरोध किया था. जिसके बाद कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद पक्षकारों को नोटिस देने की समय सीमा में छूट देने के अनुरोध को स्वीकार किया था, साथ ही वाद को मूलवाद के रूप में पंजीकृत कर सुनवाई के लिए 5 अगस्त की तिथि तय की थी.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;आपत्ति दाखिल करेगा कमेटी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;शुक्रवार को जिला जज डॉ अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत में ज्ञानवापी परिसर को सुरक्षित और अंजुमन इंतेजामिया मस्जिद कमेटी के पदाधिकारियों के प्रवेश प्रतिबंधित करने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई हुई थी. इसी बीच अंजुमन इंतेजामिया मस्जिद कमेटी ने आपत्ति दाखिल करने के लिए समय मांगा। जिसके बाद अदालत ने मामले की सुनवाई के लिए 9 अगस्त तिथि तय कर दी.&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>उत्तर प्रदेश: वाराणसी में हाई अलर्ट, ज्ञानवापी में ASI द्वारा सर्वे जारी</title><link>https://up.inkhabar.com/states/uttar-pradesh-high-alert-in-varanasi-survey-continues-by-asi-in-gyanvapi/</link><pubDate>August 4, 2023, 4:19 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/08/download-16-300x169.png</image><category>राज्य</category><excerpt>लखनऊ। वाराणसी के ज्ञानवापी स्थित सील वजूखाने को छोड़कर आज सुबह 7 बजे से एससआई की टीम सर्वे कर रही है. जानकारी के अनुसार ज्ञानवापी में एसएसआई की टीम बिना मशीनों के प्रयोग से ही पूरे परिसर का नक्शा शीट पर उतारा. वहीं, मुस्लिम पक्ष की यचिका पर आज ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ। &lt;/strong&gt;वाराणसी के ज्ञानवापी स्थित सील वजूखाने को छोड़कर आज सुबह 7 बजे से एससआई की टीम सर्वे कर रही है. जानकारी के अनुसार ज्ञानवापी में एसएसआई की टीम बिना मशीनों के प्रयोग से ही पूरे परिसर का नक्शा शीट पर उतारा. वहीं, मुस्लिम पक्ष की यचिका पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;ASI की टीम ज्ञानवापी में&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;आपको बता दें, वाराणसी के ज्ञानवापी स्थित सील वजूखाने को छोड़कर अन्य क्षेत्रों का सर्वे भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की टीम आज सर्वे कर रही है. जानकारी के अनुसार एसएसआई की 64 टीम में से 34 लोग आज ज्ञानवापी परिसर में सर्वे कर रहे हैं. कड़ी सुरक्षा के बीच परिसर का वैज्ञानिक सर्वेक्षण किया जा रहा है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;पूरे परिसर का उतारा नक्शा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;वाराणसी के ज्ञानवापी परिसर का का सर्वे जारी है. एसएसआई टीम ने पूरे परिसर का नक्शा शीट पर उतार लिया है. हिंदू पक्षकर सीता ने कहा कि सर्वे से सच्चाई सामने आएगी। वहीं हिंदू पक्ष के वकील सुभाष नंदन ने कहा कि सर्वे पर हमें विश्वास है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;गोदौलिया से चौक तक बैरिकेडिंग&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;सुरक्षा की दृष्टि से गोदौलिया से चौक तक जगह-जगह बैरिकेडिंग लगाई गई है. दर्शनार्थिओं को केवल दोनों तरफ से दर्शन के लिए बैरिकेडिंग से जाने की अनुमति है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;गुरुवार को हुई जांच&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;हाई कोर्ट के आदेश के बाद ही जिला और पुलिस प्रशासन ने गुरुवार को एसएसआई के सहयोग और सुरक्षा की जरुरी तैयारियां पूरी कर ली हैं. जिले की पुलिस और प्रशासनिक महकमा हाई अलर्ट पर है. वहीं सोशल मीडिया की निगरानी की जा रही है. जिलाधिकारी एस राजलिंगम ने कहा कि अदालत के आदेश का पालन कराया जाएगा। एएसआई टीम का सर्वे में हर तरह का सहयोग दिया जाएगा।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;पुलिस ने लिया सुरक्षा का जायजा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;एसएसआई ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के बाद जिले की पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से संपर्क किया। एसएसआई की टीम वाराणसी में मौजूद है. इस टीम में राजधानी लखनऊ, आगरा, दिल्ली, प्रयागराज पटना समेत कई शहरों के विशेषज्ञ को शामिल किया गया है.&lt;br&gt;पुलिस आयुक्त ने इसी मामले में गुरुवार को ज्ञानवापी परिसर की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा भी लिया। करीब तीन घंटे तक पुलिस आयुक्त ने सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता रखने की रणनीति बनाई।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;10 दिन रुका रहा सर्वे का काम&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;24 जुलाई की सुबह एसएसआई की 43 सदस्यीय टीम के साथ ज्ञानवापी में लगभग साढ़े पांच घंटे तक सर्वे किया था। दोपहर 12:30 बजे सर्वे ऊपर रोक लगाने सम्बंधित सुप्रीम कोर्ट का आदेश आया. उस दिन से आज तक 10 सुप्रीम कोर्ट और फिर इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश से ज्ञानवापी में सर्वे का काम रुका रहा.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;4 अगस्त तक रिपोर्ट देने को कहा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;जिला जज डॉ. अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत ने ज्ञानवापी की मौजूदा संरचना को नुकसान पहुंचाए बिना एसएसआई को 4 अगस्त तक रिपोर्ट देने को कहा था. रिपोर्ट में एसएसआई को ये बताना था कि क्या मंदिर को ध्वस्त कर उसके ढांचा के ऊपर मस्जिद बनाई गई है? मगर मामला सुप्रीम और हाईकोर्ट में जा पहुंचा। अब हाईकोर्ट ने सर्वे पर मुहर लगा दी है. मामले की सुनवाई शुक्रवार को भी जिला जज की अदालत में होनी है.&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>उत्तर प्रदेश: ज्ञानवापी परिसर में एएसआई सर्वे जारी</title><link>https://up.inkhabar.com/states/uttar-pradesh-asi-survey-continues-in-gyanvapi-campus/</link><pubDate>July 24, 2023, 2:31 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/07/download-92-300x169.png</image><category>राज्य</category><excerpt>लखनऊ। उत्तर प्रदेश में ज्ञानवापी परिसर मामले को लेकर सर्वे जारी है. इस बीच मुस्लिम पक्ष SC से जल्द सुनवाई की मांग करेगा। 24 जुलाई यानी आज सुबह 10:30 बजे CJI के बेंच के सामने मुस्लिम पक्ष सुनवाई की मांग रखेगा। जानकारी के अनुसार ज्ञानवापी परिसर क...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ।&lt;/strong&gt; उत्तर प्रदेश में ज्ञानवापी परिसर मामले को लेकर सर्वे जारी है. इस बीच मुस्लिम पक्ष SC से जल्द सुनवाई की मांग करेगा। 24 जुलाई यानी आज सुबह 10:30 बजे CJI के बेंच के सामने मुस्लिम पक्ष सुनवाई की मांग रखेगा। जानकारी के अनुसार ज्ञानवापी परिसर के ASI सर्वे के आदेश पर रोक लगाने की मांग की जाएगी। बता दें, वाराणसी कोर्ट ने 21 जुलाई को ASI सर्वे का दिया था साथ ही याचिका में इलाहबाद हाई कोर्ट के फैसले को भी चुनौती दी गई. हाई कोर्ट के इस फैसले को मुस्लिम पक्ष ने चुनौती दी है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;ASI सर्वे हुआ शुरू&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;आपको बता दें कि यूपी के वाराणसी की ज्ञानवापी मज्जिद परिसर का ASI सर्वे शुरू हो गया है. ASI की टीम ने सुबह 7 बजे ज्ञानवापी परिसर पहुंचकर प्रतिक्रिया शुरू कर दी है. ASI को 4 अगस्त तक सर्वे की रिपोर्ट वाराणसी की जिला अदालत को सौंपनी है. जिला जज एके विश्वेश ने शुक्रवार को मस्जिद परिसर का वैज्ञानिक सर्वे करने का आदेश दिया था. वहीं दूसरी तरफ मुस्लिम पक्ष ने इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;ASI की 32 टीम मौजूद&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इस वक्त अर्कोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया की टीम सभी उपकरणों के साथ वाराणसी पहुंच चुकी है. ASI की टीम में 32 सदस्य हैं. इसके अलावा 4 वकील भी मौजूद हैं. यानी सभी पक्षों के एक-एक वकील ज्ञानवापी परिसर में मौजूद हैं.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;क्या थी घटना ?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;दरअसल 2021 अगस्त में पांच महिलाओं ने वाराणसी के सिविल जज के सामने एक वाद दायर किया था. इसमें उन्होंने ज्ञानवापी मज्जिद के पास में बने श्रृंगार गौरी मंदिर में रोजाना पूजा और दर्शन करने की अनुमति देने की मांगी थी.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;शिवलिंग मिलने का दावा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;जानकारी के मुताबिक महिलाओं की याचिका पर जज रवि कुमार दिवाकर ने मस्जिद परिसर का अधिवक्ता सर्वे करने का आदेश दिया था. दावा किया गया था कि मस्जिद के वजूखाने में शिवलिंग है. जबकि, मुस्लिम पक्ष का कहना था कि वो शिवलिंग नहीं, बल्कि फव्वारा है जो हर मस्जिद में मौजूद होता है. मुस्लिम पक्ष के इस बयान के बावजूद हिन्दू पक्ष ने विवादित स्थल को सील कराने की मांग की थी. जिसके बाद कोर्ट ने इसे सील करने का आदेश दिया था. सुप्रीम कोर्ट के आदेश देने के बाद मुस्लिम पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था.&lt;/p&gt;
</content></item></channel></rss>