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       <title>Today Gyanvapi mosque case News | Latest Gyanvapi mosque case News | Breaking Gyanvapi mosque case News in English | Latest Gyanvapi mosque case News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का Gyanvapi mosque case समाचार:Today Gyanvapi mosque case News ,Latest Gyanvapi mosque case News,Aaj Ka Samachar ,Gyanvapi mosque case समाचार ,Breaking Gyanvapi mosque case News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
        <link>https://up.inkhabar.com/tag/gyanvapi-mosque-case</link>
        <lastBuildDate>April 3, 2026, 11:53 pm</lastBuildDate>
        <copyright>UP Inkhabar</copyright>
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        </image><item><title>High Court: वाराणसी के विवादित मामले में आज सुनवाई, वजूखाने के सर्वेक्षण को लेकर दायर की थी याचिका</title><link>https://up.inkhabar.com/desh-pradesh/high-court-hearing-today-in-the-controversial-case-of-varanasi-a-petition-was-filed-regarding-the-survey-of-washroom/</link><pubDate>November 21, 2024, 7:43 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/11/COUR.webp</image><category>देश-प्रदेश</category><excerpt>लखनऊ। वाराणसी के विवादित ज्ञानवापी परिसर में स्थित वजूखाने का ASI सर्वेक्षण कराने की मांग को लेकर याचिका दायर की गई थी। दायर याचिका पर आज सुनवाई होनी है। इलाहाबाद हाईकोर्ट दोपहर 2 बजे इस मामले की सुनवाई करेगा। इस याचिका में आर्कियोलॉजिकल सर्वे ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ।&lt;/strong&gt; वाराणसी के विवादित ज्ञानवापी परिसर में स्थित वजूखाने का ASI सर्वेक्षण कराने की मांग को लेकर याचिका दायर की गई थी। दायर याचिका पर आज सुनवाई होनी है। इलाहाबाद हाईकोर्ट दोपहर 2 बजे इस मामले की सुनवाई करेगा। इस याचिका में आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया से बाकी हिस्सों की तरह वजूखाने का भी सर्वेक्षण कराए जाने की मांग की गई है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;मुस्लिम पक्ष ने मांग का किया विरोध&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;मुस्लिम पक्ष ने वजूखाने का सर्वेक्षण एएसआई से कराए जाने की मांग का विरोध किया है। मुस्लिम पक्ष की तरफ से दलील दी गई कि सुप्रीम कोर्ट ने इस पर रोक लगा रखी है। हिन्दू पक्ष ने याचिका में वजूखाने के सर्वेक्षण को विवादित परिसर का रिलिजियस कैरेक्टर निश्चित करने के लिए बेहद अहम बताया है। जिसमें कहा गया है कि शिवलिंग को छोड़कर वजूखाने के बाकी हिस्से का भी सर्वेक्षण कराया जाना चाहिए।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;शिवलिंग की कार्बन डेटिंग का आदेश&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;याचिकाकर्ता ने दलील दी है कि हाईकोर्ट ने पिछले साल शिवलिंग की कार्बन डेटिंग का आदेश दिया था। जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने प्रतिबंध लगा दिया था। उस याचिका में शिवलिंग का सर्वेक्षण कराए जाने को लेकर मांग की गई थी। वादिनी राखी सिंह की तरफ से इसको लेकर याचिका दायर की गई थी। जिसमें शिवलिंग के अलावा वजूखाने के बाकी हिस्से का सर्वेक्षण कराए जाने की मांग की गई। याचिकाकर्ता की तरफ से उनके अधिवक्ता सौरभ तिवारी ने अदालत में अपना पक्ष रखा।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;हिंदू पक्ष के तर्क को नकारा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इस मामले में न्यायाधीश रोहित रंजन अग्रवाल की सिंगल बेंच मामले की सुनवाई करेगी। इससे पहले ज्ञानवापी में वजूखाने में शिवलिंग जैसी संरचना मिली थी। हिन्दू पक्ष का दावा है कि ये शिवलिंग है। वहीं मुस्लिम पक्ष का कहना था कि यह फव्वारा है। मुस्लिम पक्ष ने इसे फव्वारा बताते हुए हिंदू पक्ष के तर्क को नकार दिया।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>ज्ञानवापी परिसर के ASI सर्वे के समय में हुआ बदलाव, जाने क्या है वजह</title><link>https://up.inkhabar.com/top-news/changes-in-the-time-of-asi-survey-of-gyanvapi-campus-know-what-is-the-reason/</link><pubDate>August 7, 2023, 4:35 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/07/download-92-300x169.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>लखनऊ। ज्ञानवापी परिसर के सर्वे के तीसरे दिन तीनों गुंबदों का सर्वे किया गया, जिसमें इन गुंबदों की गोलाकार छत मिली है, जिस पर कई तरह के डिजाइन हैं और यहां 20 से अधिक आले मिले हैं. सुबह 10 बजे से कार्रवाई होगी शुरू आपको बता दें कि वाराणसी के ज्ञा...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ। &lt;/strong&gt;ज्ञानवापी परिसर के सर्वे के तीसरे दिन तीनों गुंबदों का सर्वे किया गया, जिसमें इन गुंबदों की गोलाकार छत मिली है, जिस पर कई तरह के डिजाइन हैं और यहां 20 से अधिक आले मिले हैं.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सुबह 10 बजे से कार्रवाई होगी शुरू&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;आपको बता दें कि वाराणसी के ज्ञानवापी परिसर में एएसआई का शोध तेजी से आगे बढ़ रहा है। सर्वे का आज चौथा दिन है, लेकिन एएसआई की टीम ज्ञानवापी परिसर में सुबह 10 बजे से सर्वे का काम शुरू करेगी. मतदान के समय में बदलाव सावन सोमवार को देखते हुए किया गया है, सावन सोमवार को बाबा के दरबार में बड़ी संख्या में भक्त आएंगे, भक्तों की संख्या को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है. रविवार को ज्ञानवेप की संरचना को पूरी तरह से समझने के लिए सैटेलाइट के जरिए इसकी 3डी मैपिंग की गई। सभी तीन ज्ञानवाप गुंबदों का मानचित्रण किया गया है। रविवार को सुबह आठ बजे से शाम पांच बजे तक जांच कार्य जारी रहा. सर्वे के दौरान ज्ञानवाप में एएसआई के 58 सदस्य मौजूद थे, जिनमें 8 हिंदू पक्ष से और 3 मुस्लिम पक्ष से थे. जिला अदालत के आदेश के मुताबिक जांच टीम को 2 सितंबर तक अपनी रिपोर्ट देनी होगी.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;20 से अधिक मिले आले&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;रविवार को ज्ञानवापी के गुबंदों का सर्वे किया गया. विभिन्न डिजाइनों के इन कई गुंबदों की गोलाकार छत को खोजने के लिए एक जांच की गई। मंदिरों में दिखाई देने वाली 20 से अधिक ताखें दीवारों में पाई गईं। इन ताखों की संरचना और उनके आसपास के प्रतीकों का पता लगाया गया और 3डी मैपिंग की गई। हिंदू वकील विष्णु शंकर जैन ने कहा कि गुंबदों का वैज्ञानिक परीक्षण किया गया है। तहखानों की सफ़ाई की गई। समूह यहां फोटोग्राफी और मानचित्रण में लगा हुआ है। वहीं व्यास जी के तहखाने की भी जांच की गई. उन्होंने कहा कि जांच में अभी और समय लग सकता है.&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>उत्तर प्रदेश: ज्ञानवापी में आदि विश्वेश्वर की पूजा को लेकर आज सुनवाई, अदालत के फैसले का इंतजार</title><link>https://up.inkhabar.com/states/uttar-pradesh-hearing-today-regarding-the-worship-of-adi-vishweshwar-in-gyanvapi-waiting-for-the-courts-decision/</link><pubDate>August 5, 2023, 3:28 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/08/ज्ञानवापी-मामला-300x169.png</image><category>राज्य</category><excerpt>लखनऊ। ज्ञानवापी परिसर में आदि विश्वेश्वर की पूजा के लिए मामले को लेकर शनिवार को सिविल जज सीनियर डिवीजन शिखा यादव की अदालत में होगी। सावन में अधिमास के कारण पूजा की अनुमति जरुरी बताई गई है. पूजा मामले में आज सुनवाई आपको बता दें कि ज्ञानवापी में ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ। &lt;/strong&gt;ज्ञानवापी परिसर में आदि विश्वेश्वर की पूजा के लिए मामले को लेकर शनिवार को सिविल जज सीनियर डिवीजन शिखा यादव की अदालत में होगी। सावन में अधिमास के कारण पूजा की अनुमति जरुरी बताई गई है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;पूजा मामले में आज सुनवाई&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;आपको बता दें कि ज्ञानवापी में आदि विश्वेश्वर की पूजा करने के मामले में शनिवार यानी आज सुनवाई होगी। जानकारी के अनुसार यह वाद ज्योतिष पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के शिष्य व आदि विश्वेश्वर डोली रथ यात्रा के राष्ट्रीय प्रभारी शैलेन्द्र योगिराज सरकार की ओर से दाखिल किया गया है. बता दें, इसमें स्टेट ऑफ उत्तर प्रदेश और अन्य को पक्षकार बनाया गया है. सावन में अधिमास की वजह से पूजा की अनुमति को आवश्यक बताया गया है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;वाद में क्या कहा गया ?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;अधिवक्ता के माध्यम से वाद में कहा गया कि हिन्दू धर्म के लोग सावन के अधिमास में मिट्टी का पार्थिव शिवलिंग बनाकर पूजा करते हैं. उसमे कहा गया कि ज्ञानवापी परिसर में साक्षात शिवलिंग प्रकट हुआ है. शिवलिंग की पूजा जरूरी है. ज्ञानवापी परिसर में प्रकट हुए आदि विश्वेश्वर की पूजा-अर्चना का अधिकार दिया जाना चाहिए।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;डॉ द्विवेदी ने पूजा की कही थी बात&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;वादी के अधिवक्ता डॉ, एसके द्विवेदी ने बुधवार को कहा था कि अधिमास में पूजा-अर्चना का अधिकार मिलाना चाहिए। वहीं शासकीय अधिवक्ता महेंद्र पांडेय ने सरकार की ओर से इसका विरोध किया था. जिसके बाद कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद पक्षकारों को नोटिस देने की समय सीमा में छूट देने के अनुरोध को स्वीकार किया था, साथ ही वाद को मूलवाद के रूप में पंजीकृत कर सुनवाई के लिए 5 अगस्त की तिथि तय की थी.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;आपत्ति दाखिल करेगा कमेटी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;शुक्रवार को जिला जज डॉ अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत में ज्ञानवापी परिसर को सुरक्षित और अंजुमन इंतेजामिया मस्जिद कमेटी के पदाधिकारियों के प्रवेश प्रतिबंधित करने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई हुई थी. इसी बीच अंजुमन इंतेजामिया मस्जिद कमेटी ने आपत्ति दाखिल करने के लिए समय मांगा। जिसके बाद अदालत ने मामले की सुनवाई के लिए 9 अगस्त तिथि तय कर दी.&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>उत्तर प्रदेश: वाराणसी में हाई अलर्ट, ज्ञानवापी में ASI द्वारा सर्वे जारी</title><link>https://up.inkhabar.com/states/uttar-pradesh-high-alert-in-varanasi-survey-continues-by-asi-in-gyanvapi/</link><pubDate>August 4, 2023, 4:19 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/08/download-16-300x169.png</image><category>राज्य</category><excerpt>लखनऊ। वाराणसी के ज्ञानवापी स्थित सील वजूखाने को छोड़कर आज सुबह 7 बजे से एससआई की टीम सर्वे कर रही है. जानकारी के अनुसार ज्ञानवापी में एसएसआई की टीम बिना मशीनों के प्रयोग से ही पूरे परिसर का नक्शा शीट पर उतारा. वहीं, मुस्लिम पक्ष की यचिका पर आज ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ। &lt;/strong&gt;वाराणसी के ज्ञानवापी स्थित सील वजूखाने को छोड़कर आज सुबह 7 बजे से एससआई की टीम सर्वे कर रही है. जानकारी के अनुसार ज्ञानवापी में एसएसआई की टीम बिना मशीनों के प्रयोग से ही पूरे परिसर का नक्शा शीट पर उतारा. वहीं, मुस्लिम पक्ष की यचिका पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;ASI की टीम ज्ञानवापी में&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;आपको बता दें, वाराणसी के ज्ञानवापी स्थित सील वजूखाने को छोड़कर अन्य क्षेत्रों का सर्वे भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की टीम आज सर्वे कर रही है. जानकारी के अनुसार एसएसआई की 64 टीम में से 34 लोग आज ज्ञानवापी परिसर में सर्वे कर रहे हैं. कड़ी सुरक्षा के बीच परिसर का वैज्ञानिक सर्वेक्षण किया जा रहा है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;पूरे परिसर का उतारा नक्शा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;वाराणसी के ज्ञानवापी परिसर का का सर्वे जारी है. एसएसआई टीम ने पूरे परिसर का नक्शा शीट पर उतार लिया है. हिंदू पक्षकर सीता ने कहा कि सर्वे से सच्चाई सामने आएगी। वहीं हिंदू पक्ष के वकील सुभाष नंदन ने कहा कि सर्वे पर हमें विश्वास है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;गोदौलिया से चौक तक बैरिकेडिंग&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;सुरक्षा की दृष्टि से गोदौलिया से चौक तक जगह-जगह बैरिकेडिंग लगाई गई है. दर्शनार्थिओं को केवल दोनों तरफ से दर्शन के लिए बैरिकेडिंग से जाने की अनुमति है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;गुरुवार को हुई जांच&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;हाई कोर्ट के आदेश के बाद ही जिला और पुलिस प्रशासन ने गुरुवार को एसएसआई के सहयोग और सुरक्षा की जरुरी तैयारियां पूरी कर ली हैं. जिले की पुलिस और प्रशासनिक महकमा हाई अलर्ट पर है. वहीं सोशल मीडिया की निगरानी की जा रही है. जिलाधिकारी एस राजलिंगम ने कहा कि अदालत के आदेश का पालन कराया जाएगा। एएसआई टीम का सर्वे में हर तरह का सहयोग दिया जाएगा।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;पुलिस ने लिया सुरक्षा का जायजा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;एसएसआई ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के बाद जिले की पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से संपर्क किया। एसएसआई की टीम वाराणसी में मौजूद है. इस टीम में राजधानी लखनऊ, आगरा, दिल्ली, प्रयागराज पटना समेत कई शहरों के विशेषज्ञ को शामिल किया गया है.&lt;br&gt;पुलिस आयुक्त ने इसी मामले में गुरुवार को ज्ञानवापी परिसर की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा भी लिया। करीब तीन घंटे तक पुलिस आयुक्त ने सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता रखने की रणनीति बनाई।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;10 दिन रुका रहा सर्वे का काम&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;24 जुलाई की सुबह एसएसआई की 43 सदस्यीय टीम के साथ ज्ञानवापी में लगभग साढ़े पांच घंटे तक सर्वे किया था। दोपहर 12:30 बजे सर्वे ऊपर रोक लगाने सम्बंधित सुप्रीम कोर्ट का आदेश आया. उस दिन से आज तक 10 सुप्रीम कोर्ट और फिर इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश से ज्ञानवापी में सर्वे का काम रुका रहा.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;4 अगस्त तक रिपोर्ट देने को कहा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;जिला जज डॉ. अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत ने ज्ञानवापी की मौजूदा संरचना को नुकसान पहुंचाए बिना एसएसआई को 4 अगस्त तक रिपोर्ट देने को कहा था. रिपोर्ट में एसएसआई को ये बताना था कि क्या मंदिर को ध्वस्त कर उसके ढांचा के ऊपर मस्जिद बनाई गई है? मगर मामला सुप्रीम और हाईकोर्ट में जा पहुंचा। अब हाईकोर्ट ने सर्वे पर मुहर लगा दी है. मामले की सुनवाई शुक्रवार को भी जिला जज की अदालत में होनी है.&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>उत्तर प्रदेश: ज्ञानवापी परिसर में एएसआई सर्वे जारी</title><link>https://up.inkhabar.com/states/uttar-pradesh-asi-survey-continues-in-gyanvapi-campus/</link><pubDate>July 24, 2023, 2:31 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/07/download-92-300x169.png</image><category>राज्य</category><excerpt>लखनऊ। उत्तर प्रदेश में ज्ञानवापी परिसर मामले को लेकर सर्वे जारी है. इस बीच मुस्लिम पक्ष SC से जल्द सुनवाई की मांग करेगा। 24 जुलाई यानी आज सुबह 10:30 बजे CJI के बेंच के सामने मुस्लिम पक्ष सुनवाई की मांग रखेगा। जानकारी के अनुसार ज्ञानवापी परिसर क...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ।&lt;/strong&gt; उत्तर प्रदेश में ज्ञानवापी परिसर मामले को लेकर सर्वे जारी है. इस बीच मुस्लिम पक्ष SC से जल्द सुनवाई की मांग करेगा। 24 जुलाई यानी आज सुबह 10:30 बजे CJI के बेंच के सामने मुस्लिम पक्ष सुनवाई की मांग रखेगा। जानकारी के अनुसार ज्ञानवापी परिसर के ASI सर्वे के आदेश पर रोक लगाने की मांग की जाएगी। बता दें, वाराणसी कोर्ट ने 21 जुलाई को ASI सर्वे का दिया था साथ ही याचिका में इलाहबाद हाई कोर्ट के फैसले को भी चुनौती दी गई. हाई कोर्ट के इस फैसले को मुस्लिम पक्ष ने चुनौती दी है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;ASI सर्वे हुआ शुरू&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;आपको बता दें कि यूपी के वाराणसी की ज्ञानवापी मज्जिद परिसर का ASI सर्वे शुरू हो गया है. ASI की टीम ने सुबह 7 बजे ज्ञानवापी परिसर पहुंचकर प्रतिक्रिया शुरू कर दी है. ASI को 4 अगस्त तक सर्वे की रिपोर्ट वाराणसी की जिला अदालत को सौंपनी है. जिला जज एके विश्वेश ने शुक्रवार को मस्जिद परिसर का वैज्ञानिक सर्वे करने का आदेश दिया था. वहीं दूसरी तरफ मुस्लिम पक्ष ने इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;ASI की 32 टीम मौजूद&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इस वक्त अर्कोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया की टीम सभी उपकरणों के साथ वाराणसी पहुंच चुकी है. ASI की टीम में 32 सदस्य हैं. इसके अलावा 4 वकील भी मौजूद हैं. यानी सभी पक्षों के एक-एक वकील ज्ञानवापी परिसर में मौजूद हैं.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;क्या थी घटना ?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;दरअसल 2021 अगस्त में पांच महिलाओं ने वाराणसी के सिविल जज के सामने एक वाद दायर किया था. इसमें उन्होंने ज्ञानवापी मज्जिद के पास में बने श्रृंगार गौरी मंदिर में रोजाना पूजा और दर्शन करने की अनुमति देने की मांगी थी.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;शिवलिंग मिलने का दावा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;जानकारी के मुताबिक महिलाओं की याचिका पर जज रवि कुमार दिवाकर ने मस्जिद परिसर का अधिवक्ता सर्वे करने का आदेश दिया था. दावा किया गया था कि मस्जिद के वजूखाने में शिवलिंग है. जबकि, मुस्लिम पक्ष का कहना था कि वो शिवलिंग नहीं, बल्कि फव्वारा है जो हर मस्जिद में मौजूद होता है. मुस्लिम पक्ष के इस बयान के बावजूद हिन्दू पक्ष ने विवादित स्थल को सील कराने की मांग की थी. जिसके बाद कोर्ट ने इसे सील करने का आदेश दिया था. सुप्रीम कोर्ट के आदेश देने के बाद मुस्लिम पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था.&lt;/p&gt;
</content></item></channel></rss>