<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?>
<rss version="2.0"
    xmlns:ag="http://purl.org/rss/1.0/modules/aggregation/"  
    xmlns:annotate="http://purl.org/rss/1.0/modules/annotate/" 
    xmlns:app="http://www.w3.org/2007/app"
    xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
    xmlns:company="http://purl.org/rss/1.0/modules/company"
    xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
    xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
    xmlns:dcterms="http://purl.org/dc/terms/"
    xmlns:email="http://purl.org/rss/1.0/modules/email/"
    xmlns:ev="http://purl.org/rss/1.0/modules/event/"
    xmlns:rdf="http://www.w3.org/1999/02/22-rdf-syntax-ns#"
    xmlns:rdfs="http://www.w3.org/2000/01/rdf-schema#"
    xmlns:ref="http://purl.org/rss/1.0/modules/reference/"
    xmlns:taxo="http://purl.org/rss/1.0/modules/taxonomy/"
    xmlns:atom10="http://www.w3.org/2005/Atom">
    <channel>
       <title>Today Gyanvapi Case News | Latest Gyanvapi Case News | Breaking Gyanvapi Case News in English | Latest Gyanvapi Case News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का Gyanvapi Case समाचार:Today Gyanvapi Case News ,Latest Gyanvapi Case News,Aaj Ka Samachar ,Gyanvapi Case समाचार ,Breaking Gyanvapi Case News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
        <link>https://up.inkhabar.com/tag/gyanvapi-case</link>
        <lastBuildDate>April 5, 2026, 6:52 pm</lastBuildDate>
        <copyright>UP Inkhabar</copyright>
        <generator>UP Inkhabar</generator>
        <language>hi</language>
        <image>
            <url>https://up.inkhabar.com/wp-content/themes/inkhabar/images/inkhbar-logo.png</url>
            <title>UP Inkhabar</title>
            <link>https://up.inkhabar.com/</link>
            <description>Feed provided by UP Inkhabar.</description>
        </image><item><title>High Court: वाराणसी के विवादित मामले में आज सुनवाई, वजूखाने के सर्वेक्षण को लेकर दायर की थी याचिका</title><link>https://up.inkhabar.com/desh-pradesh/high-court-hearing-today-in-the-controversial-case-of-varanasi-a-petition-was-filed-regarding-the-survey-of-washroom/</link><pubDate>November 21, 2024, 7:43 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/11/COUR.webp</image><category>देश-प्रदेश</category><excerpt>लखनऊ। वाराणसी के विवादित ज्ञानवापी परिसर में स्थित वजूखाने का ASI सर्वेक्षण कराने की मांग को लेकर याचिका दायर की गई थी। दायर याचिका पर आज सुनवाई होनी है। इलाहाबाद हाईकोर्ट दोपहर 2 बजे इस मामले की सुनवाई करेगा। इस याचिका में आर्कियोलॉजिकल सर्वे ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ।&lt;/strong&gt; वाराणसी के विवादित ज्ञानवापी परिसर में स्थित वजूखाने का ASI सर्वेक्षण कराने की मांग को लेकर याचिका दायर की गई थी। दायर याचिका पर आज सुनवाई होनी है। इलाहाबाद हाईकोर्ट दोपहर 2 बजे इस मामले की सुनवाई करेगा। इस याचिका में आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया से बाकी हिस्सों की तरह वजूखाने का भी सर्वेक्षण कराए जाने की मांग की गई है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;मुस्लिम पक्ष ने मांग का किया विरोध&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;मुस्लिम पक्ष ने वजूखाने का सर्वेक्षण एएसआई से कराए जाने की मांग का विरोध किया है। मुस्लिम पक्ष की तरफ से दलील दी गई कि सुप्रीम कोर्ट ने इस पर रोक लगा रखी है। हिन्दू पक्ष ने याचिका में वजूखाने के सर्वेक्षण को विवादित परिसर का रिलिजियस कैरेक्टर निश्चित करने के लिए बेहद अहम बताया है। जिसमें कहा गया है कि शिवलिंग को छोड़कर वजूखाने के बाकी हिस्से का भी सर्वेक्षण कराया जाना चाहिए।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;शिवलिंग की कार्बन डेटिंग का आदेश&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;याचिकाकर्ता ने दलील दी है कि हाईकोर्ट ने पिछले साल शिवलिंग की कार्बन डेटिंग का आदेश दिया था। जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने प्रतिबंध लगा दिया था। उस याचिका में शिवलिंग का सर्वेक्षण कराए जाने को लेकर मांग की गई थी। वादिनी राखी सिंह की तरफ से इसको लेकर याचिका दायर की गई थी। जिसमें शिवलिंग के अलावा वजूखाने के बाकी हिस्से का सर्वेक्षण कराए जाने की मांग की गई। याचिकाकर्ता की तरफ से उनके अधिवक्ता सौरभ तिवारी ने अदालत में अपना पक्ष रखा।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;हिंदू पक्ष के तर्क को नकारा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इस मामले में न्यायाधीश रोहित रंजन अग्रवाल की सिंगल बेंच मामले की सुनवाई करेगी। इससे पहले ज्ञानवापी में वजूखाने में शिवलिंग जैसी संरचना मिली थी। हिन्दू पक्ष का दावा है कि ये शिवलिंग है। वहीं मुस्लिम पक्ष का कहना था कि यह फव्वारा है। मुस्लिम पक्ष ने इसे फव्वारा बताते हुए हिंदू पक्ष के तर्क को नकार दिया।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>ज्ञानवापी मामले पर बोले रामभद्राचार्य &amp;#8216;हम हाई कोर्ट जाएंगे, सुप्रीम कोर्ट जाएंगे, फैसला हमारे पक्ष…</title><link>https://up.inkhabar.com/top-news/rambhadracharya-said-on-gyanvapi-case-we-will-go-to-the-high-court-we-will-go-to-the-supreme-court-the-decision-will-be-in-our-favor/</link><pubDate>October 27, 2024, 7:05 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/10/j-300x169.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>लखनऊ: ज्ञानवापी मामले को लेकर हिंदू पक्ष की याचिका शुक्रवार को वाराणसी कोर्ट में खारिज कर दी गई. इस मामले पर जब जगद्गुरु रामभद्राचार्य से सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा, &amp;#8216;हम इसे लेकर हाई कोर्ट, सुप्रीम कोर्ट जाएंगे और कोर्ट हमारे पक्ष में ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ:&lt;/strong&gt; ज्ञानवापी मामले को लेकर हिंदू पक्ष की याचिका शुक्रवार को वाराणसी कोर्ट में खारिज कर दी गई. इस मामले पर जब जगद्गुरु रामभद्राचार्य से सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा, &amp;#8216;हम इसे लेकर हाई कोर्ट, सुप्रीम कोर्ट जाएंगे और कोर्ट हमारे पक्ष में फैसला देगा.&amp;#8217;&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;&amp;#8216;हम सुप्रीम कोर्ट का लेंगे सहारा&amp;#8221;&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;ज्ञानवापी मामले पर मीडिया से बात करते हुए रामभद्राचार्य ने कहा, &amp;#8216;हम हाईकोर्ट जाएंगे, फिर सुप्रीम कोर्ट जाएंगे. हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट हमारे अनुकूल फैसले देंगे. सनातन बोर्ड बनाने की मांग पर उन्होंने कहा कि हिंदू मंदिरों का अधिग्रहण नहीं किया जाना चाहिए. उसके लिए हम सरकार से अनुरोध करेंगे.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;हिंदू पक्ष द्वारा की गई याचिका खारिज&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;ज्ञानवापी मामले में वाराणसी कोर्ट ने शुक्रवार को हिंदू पक्ष की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें पूरे परिसर का एएसआई सर्वे कराने की मांग की गई थी. हिंदू पक्षकार विजय शंकर रस्तोगी ने अपनी याचिका में दलील देते हुए कहा था कि मस्जिद के मुख्य गुंबद के नीचे 100 फीट का शिवलिंग है, जिसका पेनिट्रेटिंग रडार से पुरातात्विक सर्वेक्षण करवाया जाएं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;वजूखाना का भी सर्वेक्षण जरुरी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;उन्होंने यह भी मांग की थी कि वजूखाना का भी सर्वेक्षण कराया जाए जो कि पिछले अध्ययन सर्वेक्षण में नहीं किया गया था. इसके अलावा बचे हुए बेसमेंट का भी सर्वे किया जाना चाहिए. हिंदू पक्ष के वकील विजय शंकर रस्तोगी ने कहा कि हम वकील के आदेश को इलाहाबाद हाई कोर्ट में चुनौती देंगे.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;ज्ञानवापी परिसर के सर्वे की मांग&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;उन्होंने कहा कि हम कोर्ट के आदेश की कॉपी का इंतजार कर रहे हैं. इसका पूरा रिसर्च करने के बाद हम उच्च न्यायालय जाएंगे। इससे पहले विजय शंकर रस्तोगी ने अपनी दलील में कोर्ट के सामने सफाई दी कि पिछला ASI सर्वे अधूरा था.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;जिस जगह पर शिवलिंग है वहां सर्वे नहीं हुआ&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;उन्होंने दावा किया कि जिस क्षेत्र में हिंदू पक्ष द्वारा शिवलिंग का दावा किया जा रहा है, वहां पिछली बार सर्वेक्षण नहीं किया गया था और इसलिए पूरे ज्ञानवापी परिसर का भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा सर्वेक्षण किए जाने की आवश्यकता है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Lok Sabha Exit Poll 2024: NDA चुनाव जीता तो किस दिन नरेंद्र मोदी लेंगे प्रधानमंत्री पद की शपथ?</title><link>https://up.inkhabar.com/top-news/lok-sabha-exit-poll-2024-bjp-excited-by-exit-poll-results-rudrabhishek-being-conducted-in-mahamrityunjaya-temple/</link><pubDate>June 3, 2024, 2:39 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/06/2-1-300x169.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>लखनऊ। लोकसभा चुनाव के चुनाव संपन्न हो चुके हैं और अब कल यानी 4 जून को परिणाम जारी किए जाएंगे। लेकिन इससे पहले जारी हुए एग्जिट पोल (Lok Sabha Exit Poll 2024) के नतीजे जारी हुए जिसके अनुसार एनडीए को प्रचंड बहुमत मिलते दिख रही है। इसे लेकर बीजेपी ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ।&lt;/strong&gt; लोकसभा चुनाव के चुनाव संपन्न हो चुके हैं और अब कल यानी 4 जून को परिणाम जारी किए जाएंगे। लेकिन इससे पहले जारी हुए एग्जिट पोल (Lok Sabha Exit Poll 2024) के नतीजे जारी हुए जिसके अनुसार एनडीए को प्रचंड बहुमत मिलते दिख रही है। इसे लेकर बीजेपी में भारी उत्साह दिखाई दे रहा है। जबकि विपक्ष एग्जिट पोल के नतीजे लेकर अलग दावा कर रही है। कांग्रेस का कहना है कि इंडिया गठबंधन इस बार 295 सीटों पर जीत हासिल करने जा रही है।&lt;/p&gt;

&lt;div id=&quot;LB24_LIVE_CONTENT&quot; data-eid=&quot;3594941741571063305&quot;&gt;&lt;/div&gt;
&lt;script src=&quot;https://v.24liveblog.com/24.js&quot;&gt;&lt;/script&gt;

&lt;p&gt;वहीं आज सोमवार (3 जून) को काशी में ज्ञानवापी मामले से जुड़े वादी और अधिवक्ताओं द्वारा प्राचीन महामृत्युंजय मंदिर में रुद्राभिषेक और भगवान शंकर के भव्य पूजन का आयोजन किया जाएगा, जिसका प्रमुख उद्देश्य है कि NDA को 400 से अधिक सीटों पर जीत हासिल हो।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;रुद्राभिषेक का आयोजन&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;जानकारी के मुताबिक, आज सोमवार को वाराणसी के प्राचीन महामृत्युंजय मंदिर में सुबह 7:30 बजे से रुद्राभिषेक का आयोजन हुआ है। इसमें प्रमुख तौर पर ज्ञानवापी मामले के वादी गण और अधिवक्ता शामिल हैं। रुद्राभिषेक के बाद बाबा का विधि विधान से पूजन किया जाएगा। इसका प्रमुख उद्देश्य है कि एनडीए को आगामी लोकसभा चुनाव में 400 से अधिक सीट पर जीत हासिल हो। वहीं आयोजकों ने यह भी स्पष्ट किया कि हमारा संकल्प है कि एनडीए को 400 से अधिक सीट पर जीत हासिल हो, जिसके बाद काशी के ज्ञानवापी, मथुरा और POK जैसे गंभीर विषयों का जल्द से जल्द समाधान हो सके।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;एग्जिट पोल के नतीजे को लेकर बोली कांग्रेस&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;जबकि दूसरी तरफ एग्जिट पोल (Lok Sabha Exit Poll 2024) के नतीजे जारी होने के बाद वाराणसी से कांग्रेस प्रत्याशी अजय राय ने कहा, 4 जून को आने वाला परिणाम असली होगा। हमने जमीन पर जनता से बात की है। जनता बेरोजगारी महंगाई और भ्रष्टाचार से पूरी तरह परेशान है। उन्होंने कहा कि हमें पूरा भरोसा है की हमें जनता का आशीर्वाद मिलने जा रहा है और इंडिया गठबंधन के पक्ष में जनादेश होगा। वहीं भाजपा नेताओं का कहना है कि पार्टी ने पहले ही कहा था कि हम आगामी लोकसभा चुनाव में 400 से अधिक सीट जीतने जा रहे हैं।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Gyanvapi Case Verdict: ज्ञानवापी मामले पर बोले आचार्य सत्येंद्र दास, हाईकोर्ट पूजा नहीं रोक सकता</title><link>https://up.inkhabar.com/states/gyanvapi-case-verdict-acharya-satyendra-das-said-on-gyanvapi-case-high-court-cannot-stop-puja/</link><pubDate>February 26, 2024, 5:50 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/02/download-2024-02-26T112003.407-300x169.png</image><category>राज्य</category><excerpt>लखनऊ। यूपी के वाराणसी स्थित ज्ञानवापी परिसर में व्यास जी के तहखाने में पूजा होने या न होने को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है। जस्टिस रोहित रंजन अग्रवाल की सिंगल बेंच ने हिंदुओं को व्यास जी तहखाने में पूजा करने की अनुमति दे दी...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ। &lt;/strong&gt;यूपी के वाराणसी स्थित ज्ञानवापी परिसर में व्यास जी के तहखाने में पूजा होने या न होने को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है। जस्टिस रोहित रंजन अग्रवाल की सिंगल बेंच ने हिंदुओं को व्यास जी तहखाने में पूजा करने की अनुमति दे दी है। बता दें कि मुस्लिम पक्ष की तरफ से अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी ने वाराणसी जिला जज के पूजा शुरू कराने के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। वहीं हाईकोर्ट के इस फैसले पर राम जन्मभूमि के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने प्रतिक्रिया दी है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;हिंदू पक्ष के पास उचित सबूत&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;मीडिया से बात करते हुए राम जन्मभूमि के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने कहा कि सर्वेक्षण के बाद ही वाराणसी जिला अदालत ने आदेश दिया था कि पूजा होनी चाहिए। हाईकोर्ट इसे नहीं रोक सकता क्योंकि रोकने का कोई आधार नहीं है। यह मंदिर था और वहां पूजा होती थी। मामला सुप्रीम कोर्ट तक जा सकता है। जिस तरह राम जन्मभूमि का फैसला आया था, उसी तरह ज्ञानवापी का फैसला भी आएगा क्योंकि हिंदू पक्ष के पास उचित सबूत हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;31 साल बाद आया ऐतिहासिक फैसला&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि 1 फरवरी को 31 साल बाद ज्ञानवापी परिसर में पूजा-अर्चना शुरू हुई। तड़के ही लोग बड़ी संख्या में ज्ञानवापी के व्यास तहखाने में पूजा करने के लिए पहुंचे। 31 जनवरी को वाराणसी जिला कोर्ट के जज डॉ. अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए हिंदुओं को व्यासजी के तहखाने में पूजा करने का अधिकार दिया। पिछले 31 सालों यानी कि 1993 से तहखाने में पूजा-पाठ बंद था।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Gyanvapi Case Verdict: मस्जिद कमेटी SC जाएगी तो फिर…जानें ज्ञानवापी मामले में क्या बोले हिंदू पक्ष के वकील</title><link>https://up.inkhabar.com/states/gyanvapi-case-verdict-if-the-mosque-committee-goes-to-sc-then-know-what-the-hindu-sides-lawyer-said-in-the-gyanvapi-case/</link><pubDate>February 26, 2024, 5:40 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/01/download-2024-01-31T142233.341-300x169.png</image><category>राज्य</category><excerpt>लखनऊ। यूपी के वाराणसी स्थित ज्ञानवापी परिसर में व्यास जी के तहखाने में पूजा होने या न होने को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है। जस्टिस रोहित रंजन अग्रवाल की सिंगल बेंच ने हिंदुओं को व्यास जी तहखाने में पूजा करने की अनुमति दे दी...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ।&lt;/strong&gt; यूपी के वाराणसी स्थित ज्ञानवापी परिसर में व्यास जी के तहखाने में पूजा होने या न होने को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है। जस्टिस रोहित रंजन अग्रवाल की सिंगल बेंच ने हिंदुओं को व्यास जी तहखाने में पूजा करने की अनुमति दे दी है। बता दें कि मुस्लिम पक्ष की तरफ से अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी ने वाराणसी जिला जज के पूजा शुरू कराने के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। अब अगर अंजुमन इंतजामिया सुप्रीम कोर्ट जाती है तो ऐसे में हिंदू पक्ष क्या करेगी, इस लेकर वकील विष्णु शंकर जैन ने जवाब दिया है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;क्या बोले विष्णु शंकर जैन&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;ज्ञानवापी मामले में मीडिया से बात करते हुए हिंदू पक्ष के वकील विष्णु शंकर जैन ने कहा कि आज, इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने अंजुमन इंतजामिया के आदेश की पहली अपील को खारिज कर दिया है जो 17 और 31 जनवरी के आदेश के खिलाफ निर्देशित की गई थी। आदेश का प्रभाव यह है कि ज्ञानवापी परिसर के &amp;#8216;व्यास तहखाना&amp;#8217; में चल रही पूजा जारी रहेगी। अगर अंजुमन इंतजामिया सुप्रीम कोर्ट आती है तो हम सुप्रीम कोर्ट में अपनी कैविएट दाखिल करेंगे।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;31 साल बाद आया ऐतिहासिक फैसला&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि 1 फरवरी को 31 साल बाद ज्ञानवापी परिसर में पूजा-अर्चना शुरू हुई। तड़के ही लोग बड़ी संख्या में ज्ञानवापी के व्यास तहखाने में पूजा करने के लिए पहुंचे। बुधवार को वाराणसी जिला कोर्ट के जज डॉ. अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए हिंदुओं को व्यासजी के तहखाने में पूजा करने का अधिकार दिया। पिछले 31 सालों यानी कि 1993 से तहखाने में पूजा-पाठ बंद था।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Gyanvapi Case Verdict: इलाहाबाद हाईकोर्ट से मुस्लिम पक्ष को झटका, जारी रहेगी व्यास जी तहखाने में पूजा</title><link>https://up.inkhabar.com/top-news/gyanvapi-case-verdict-shock-to-muslim-side-from-allahabad-high-court-worship-will-continue-in-vyas-jis-basement/</link><pubDate>February 26, 2024, 5:23 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/02/download-2024-02-07T141803.162-300x169.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>लखनऊ। यूपी के वाराणसी स्थित ज्ञानवापी परिसर में व्यास जी के तहखाने में पूजा होने या न होने को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है। जस्टिस रोहित रंजन अग्रवाल की सिंगल बेंच ने हिंदुओं को व्यास जी तहखाने में पूजा करने की अनुमति दे दी...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ। &lt;/strong&gt;यूपी के वाराणसी स्थित ज्ञानवापी परिसर में व्यास जी के तहखाने में पूजा होने या न होने को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है। जस्टिस रोहित रंजन अग्रवाल की सिंगल बेंच ने हिंदुओं को व्यास जी तहखाने में पूजा करने की अनुमति दे दी है। बता दें कि मुस्लिम पक्ष की तरफ से अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी ने वाराणसी जिला जज के पूजा शुरू कराने के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;मुस्लिम पक्ष को झटका&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;अब इस मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वाराणसी जिला जज के 31 जनवरी के पूजा शुरू कराए जाने के आदेश को सही करार दिया है। हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद से व्यास जी तहखाने में पूजा जारी रहेगी। वहीं हाईकोर्ट से अर्जी खारिज से मुस्लिम पक्ष को बड़ा झटका लगा है। मालूम हो इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 15 फरवरी को दोनों पक्षों की लंबी बहस के बाद फैसला सुरक्षित कर लिया था।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;31 साल बाद आया ऐतिहासिक फैसला&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि 1 फरवरी को 31 साल बाद ज्ञानवापी परिसर में पूजा-अर्चना शुरू हुई। तड़के ही लोग बड़ी संख्या में ज्ञानवापी के व्यास तहखाने में पूजा करने के लिए पहुंचे। बुधवार को वाराणसी जिला कोर्ट के जज डॉ. अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए हिंदुओं को व्यासजी के तहखाने में पूजा करने का अधिकार दिया। पिछले 31 सालों यानी कि 1993 से तहखाने में पूजा-पाठ बंद था।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Gyanvapi Case: ताल गृह कहा जाएगा व्यासजी का तहखाना, ट्रस्ट के अध्यक्ष ने रखा नाम</title><link>https://up.inkhabar.com/states/gyanvapi-case-the-pond-will-be-called-vyasjis-basement-the-president-of-the-trust-named-it/</link><pubDate>February 2, 2024, 9:12 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/01/download-2024-01-31T161933.319-300x169.png</image><category>राज्य</category><excerpt>लखनऊ। वाराणसी जिला अदालत ने ज्ञानवापी परिसर में स्थिति व्यास जी के तहखाने में हिंदुओं को पूजा पाठ करने का अधिकार दिया है। इसके बाद से वहां पर पूजा-पाठ शुरू कर दिया गया है। इसी बीच काशी विश्वनाथ ट्रस्ट के अध्यक्ष डॉ. नागेंद्र पांडे ने व्यासजी तह...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ। &lt;/strong&gt;वाराणसी जिला अदालत ने ज्ञानवापी परिसर में स्थिति व्यास जी के तहखाने में हिंदुओं को पूजा पाठ करने का अधिकार दिया है। इसके बाद से वहां पर पूजा-पाठ शुरू कर दिया गया है। इसी बीच काशी विश्वनाथ ट्रस्ट के अध्यक्ष डॉ. नागेंद्र पांडे ने व्यासजी तहखाने का नया नाम दिया है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;ताल गृह कहा जाएगा व्यासजी का तहखाना&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;डॉ. नागेंद्र पांडे ने कहा कि किसी का भी नामकरण तभी किया जाता है जब उसे पुकारना हो। मुख्य मंदिर के नीचे के भाग को भूतल कहा जाता है। मुझे लगता है कि इसे(व्यास जी का तहखाना) भूतल कहने के बजाय &amp;#8216;ताल गृह&amp;#8217; या &amp;#8216;ताल घर&amp;#8217; कहा जाना चाहिए, यह बहुत अच्छा नाम है। ये शब्द शुद्ध है और उसका अर्थ भी शुद्ध है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;31 साल बाद आया ऐतिहासिक फैसला&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि 1 फरवरी को 31 साल बाद ज्ञानवापी परिसर में पूजा-अर्चना शुरू हुई। तड़के ही लोग बड़ी संख्या में ज्ञानवापी के व्यास तहखाने में पूजा करने के लिए पहुंचे। बुधवार को वाराणसी जिला कोर्ट के जज डॉ. अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए हिंदुओं को व्यासजी के तहखाने में पूजा करने का अधिकार दिया। पिछले 31 सालों यानी कि 1993 से तहखाने में पूजा-पाठ बंद था। इधर कुछ युवकों ने रात में ज्ञानवापी की तरफ जाने वाले मार्ग पर साइन बोर्ड को ज्ञानवापी मंदिर मार्ग लिख दिया है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>ज्ञानवापी तहखाने में 31 साल बाद हुई पूजा, देर रात हुआ शंखनाद, देखिए तस्वीरें</title><link>https://up.inkhabar.com/states/worship-took-place-in-gyanvapi-basement-after-31-years-conch-shell-was-blown-late-at-night-see-pictures/</link><pubDate>February 1, 2024, 6:07 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/02/download-2024-02-01T113632.621-300x169.png</image><category>राज्य</category><excerpt>लखनऊ। वाराणसी जिला अदालत ने ज्ञानवापी परिसर में स्थिति व्यास जी के तहखाने में हिंदुओं को पूजा पाठ करने का अधिकार दिया। जिसके बाद बुधवार देर रात कमिश्नर ने बैरिकेडिंग हटाकर यहां पर पूजा कराई। 1 फरवरी को 31 साल बाद ज्ञानवापी परिसर में पूजा-अर्चना...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ। &lt;/strong&gt;वाराणसी जिला अदालत ने ज्ञानवापी परिसर में स्थिति व्यास जी के तहखाने में हिंदुओं को पूजा पाठ करने का अधिकार दिया। जिसके बाद बुधवार देर रात कमिश्नर ने बैरिकेडिंग हटाकर यहां पर पूजा कराई। 1 फरवरी को 31 साल बाद ज्ञानवापी परिसर में पूजा-अर्चना शुरू हुई। तड़के ही लोग बड़ी संख्या में ज्ञानवापी के व्यास तहखाने में पूजा करने के लिए पहुंचे हुए हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;पूजा को लेकर उमड़ी भीड़&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इस मामले को लेकर डीएम ने कहा कि जिला कोर्ट के आदेश का अनुपालन किया गया है। विश्वनाथ मंदिर के मुख्य पुजारी ओम प्रकाश मिश्रा व राम लला की प्राण-प्रतिष्ठा का शुभ मुहूर्त निकालने वाले गणेश्वर द्रविड़ ने व्यास जी तहखाने में पूजा-पाठ कराई है। तहखाने में पूजा-पाठ का अधिकार काशी विश्वनाथ ट्रस्ट को सौंप दिया गया है। वहीं लोगों की भीड़ को देखते हुए कड़े प्रशासनिक सुरक्षा के घेरे में पूजा कराई जा रही है।&lt;/p&gt;



&lt;figure class=&quot;wp-block-image size-full&quot;&gt;&lt;img loading=&quot;lazy&quot; decoding=&quot;async&quot; width=&quot;790&quot; height=&quot;444&quot; src=&quot;https://up.inkhabar.com/wp-content/uploads/2024/02/download-2024-02-01T112639.299.png&quot; alt=&quot;&quot; class=&quot;wp-image-10164&quot; srcset=&quot;https://up.inkhabar.com/wp-content/uploads/2024/02/download-2024-02-01T112639.299.png 790w, https://up.inkhabar.com/wp-content/uploads/2024/02/download-2024-02-01T112639.299-300x169.png 300w, https://up.inkhabar.com/wp-content/uploads/2024/02/download-2024-02-01T112639.299-768x432.png 768w, https://up.inkhabar.com/wp-content/uploads/2024/02/download-2024-02-01T112639.299-150x84.png 150w, https://up.inkhabar.com/wp-content/uploads/2024/02/download-2024-02-01T112639.299-696x391.png 696w&quot; sizes=&quot;auto, (max-width: 790px) 100vw, 790px&quot; /&gt;&lt;/figure&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;बदला गया साइन बोर्ड&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इधर कुछ युवकों ने रात में ज्ञानवापी की तरफ जाने वाले मार्ग पर साइन बोर्ड को ज्ञानवापी मंदिर मार्ग लिख दिया है। जिसकी तस्वीरें भी वायरल हो रही है। बता दें कि बुधवार को वाराणसी जिला कोर्ट के जज डॉ. अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए हिंदुओं को व्यासजी के तहखाने में पूजा करने का अधिकार दिया। पिछले 31 सालों यानी कि 1993 से तहखाने में पूजा-पाठ बंद था।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Gyanvapi Case: ज्ञानवापी केस में ऐतिहासिक फैसला, हिंदुओं को मिला पूजा करने का अधिकार</title><link>https://up.inkhabar.com/top-news/gyanvapi-case-historic-decision-in-gyanvapi-case-hindus-got-the-right-to-worship/</link><pubDate>January 31, 2024, 10:49 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/01/download-2024-01-31T161933.319-300x169.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>लखनऊ। ज्ञानवापी केस में बुधवार को वाराणसी जिला कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। हिंदुओं को व्यासजी के तहखाने में पूजा करने का अधिकार मिल गया है। बता दें कि पिछले 31 सालों यानी कि 1993 से तहखाने में पूजा-पाठ बंद था। हालांकि अब वाराणसी कोर्ट ने...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ।&lt;/strong&gt; ज्ञानवापी केस में बुधवार को वाराणसी जिला कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। हिंदुओं को व्यासजी के तहखाने में पूजा करने का अधिकार मिल गया है। बता दें कि पिछले 31 सालों यानी कि 1993 से तहखाने में पूजा-पाठ बंद था। हालांकि अब वाराणसी कोर्ट ने डीएम को आदेश दिया है कि 7 दिन के अंदर पुजारी नियुक्त करने को कहा है। अगले हफ्ते से तहखाने में पूजा-पाठ शुरू हो जायेगा। कोर्ट के फैसले से हिंदू पक्ष में ख़ुशी का माहौल है। जिला जज डॉ. अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत में दोनों पक्ष की तरफ से मंगलवार को बहस पूरी कर हिंदुओं को पूजा करने की अनुमति दे दी।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>दोनों पक्षों को सौंपी गई ज्ञानवापी सर्वे की रिपोर्ट, हिंदू पक्ष का दावा, बड़े मंदिर होने के मिले प्रमाण</title><link>https://up.inkhabar.com/top-news/gyanvapi-survey-report-submitted-to-both-the-parties-hindu-side-claims-evidence-found-of-big-temple/</link><pubDate>January 25, 2024, 4:59 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/12/download-2023-12-19T113232.297-300x169.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>लखनऊ। ज्ञानवापी परिसर की एएसआई सर्वे रिपोर्ट गुरुवार रात सार्वजनिक कर दी गई। 839 पेज की रिपोर्ट हिंदू-मुस्लिम दोनों पक्ष को सौंप दी गई है। हिंदू पक्ष के वकील विष्णु शंकर जैन ने इसे लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की। जहां उन्होंने दावा किया है कि सर्वे र...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ&lt;/strong&gt;। ज्ञानवापी परिसर की एएसआई सर्वे रिपोर्ट गुरुवार रात सार्वजनिक कर दी गई। 839 पेज की रिपोर्ट हिंदू-मुस्लिम दोनों पक्ष को सौंप दी गई है। हिंदू पक्ष के वकील विष्णु शंकर जैन ने इसे लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की। जहां उन्होंने दावा किया है कि सर्वे रिपोर्ट में मंदिर होने के 32 सबूत मिले हैं। वहीं दीवारों पर कन्नड़, तेलुगु, देवनागरी और ग्रंथा भाषाओं में लेखनी का सबूत मिला है। उन्होंने अपने दावों में ये भी कहा कि यहां पर गणेश और हनुमान जी की खंडित मूर्तियां मिली है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Gyanvapi Case: ज्ञानवापी मामले में आज फिर टली सुनवाई, अब कल आएगा फैसला</title><link>https://up.inkhabar.com/states/gyanvapi-case-hearing-postponed-again-today-in-gyanvapi-case-now-decision-will-come-tomorrow/</link><pubDate>January 5, 2024, 10:57 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/01/download-2024-01-03T110214.175-300x169.png</image><category>राज्य</category><excerpt>लखनऊ। ज्ञानवापी परिसर (Gyanvapi Case) की सर्वे रिपोर्ट सार्वजनिक होगी या नहीं इस पर आज भी फैसला नहीं आया। अब इस मामले में कल यानी 6 जनवरी को फैसला सुनाया जायेगा। दरअसल न्यायिक कार्य की व्यस्तता की वजह से आज इस मामले में फैसला नहीं आ पाया। अब कल...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ।&lt;/strong&gt; ज्ञानवापी परिसर (Gyanvapi Case) की सर्वे रिपोर्ट सार्वजनिक होगी या नहीं इस पर आज भी फैसला नहीं आया। अब इस मामले में कल यानी 6 जनवरी को फैसला सुनाया जायेगा। दरअसल न्यायिक कार्य की व्यस्तता की वजह से आज इस मामले में फैसला नहीं आ पाया। अब कल रिपोर्ट पर फैसला सुनाया जायेगा। वहीं गुरुवार को जिला जज मालवीय जयंती कार्यक्रम में शिरकत करने गए थे। इस वजह से आज फैसला नहीं आ पाया था।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;मीडिया कवरेज पर रोक की मांग&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि एएसआई ने जिला जज डॉ. अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत में दो सील बंद लिफाफों में ज्ञानवापी परिसर (Gyanvapi Case) की सर्वे रिपोर्ट दाखिल की थी। हिंदू पक्ष ने सर्वे रिपोर्ट सार्वजानिक करने की मांग की है जबकि मुस्लिम पक्ष ने इसका विरोध किया है। जुमन इंतेजामिया मस्जिद कमेटी ने जिला जज की अदालत में आपत्ति दाखिल करते हुए अनुरोध किया है कि शपथ पत्र लेने के बाद ही सर्वे सौंपी जाए। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि सर्वे की रिपोर्ट लीक नहीं होगी। इसके अलावा मीडिया कवरेज पर भी रोक लगाया जाये।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;24 जुलाई से शुरू हुआ था सर्वे&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;जिला जज की अदालत ने आदेश पर ज्ञानवापी में 24 जुलाई से एएसआई सर्वे शुरू किया गया था। सर्वे होने, रिपोर्ट तैयार करने और उसे अदालत में दाखिल करने में 153 दिन लगा। ASI ने सर्वे रिपोर्ट के साथ-साथ जिलाधिकारी को सुपुर्द किए गए साक्ष्य की सूची भी अदालत में दाखिल की है। इसके अलावा एक प्रार्थना पत्र सौंपा गया है, जिसमें इस बात का उल्लेख है कि ASI ने सर्वे का काम कैसे किया है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Gyanvapi Case: ASI को आज दाखिल करनी है ज्ञानवापी सर्वे रिपोर्ट</title><link>https://up.inkhabar.com/states/gyanvapi-case-asi-to-file-gyanvapi-survey-report-today/</link><pubDate>December 11, 2023, 5:26 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/11/download-2023-11-28T120307.638-300x169.png</image><category>राज्य</category><excerpt>लखनऊ। ज्ञानवापी मस्जिद मामले में आज का दिन अहम होने वाला है। दरअसल ASI टीम आज कोर्ट में जिला जज को सर्वे का रिपोर्ट सौंपेगी। वजूखाने को छोड़कर संपूर्ण परिसर का सर्वे का किया गया है। इससे पहले बीते 30 नवंबर को अदालत ने रिपोर्ट दाखिल करने के लिए ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ।&lt;/strong&gt; ज्ञानवापी मस्जिद मामले में आज का दिन अहम होने वाला है। दरअसल ASI टीम आज कोर्ट में जिला जज को सर्वे का रिपोर्ट सौंपेगी। वजूखाने को छोड़कर संपूर्ण परिसर का सर्वे का किया गया है। इससे पहले बीते 30 नवंबर को अदालत ने रिपोर्ट दाखिल करने के लिए तीसरी बार 10 दिन का अतिरिक्त समय दिया था। साथ ही ये भी कहा था कि उम्मीद है कि एएसआई अब आगे समय बढ़ाने की मांग नहीं करेगा।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;इस वजह से हुई देरी&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण को 17 नवंबर तक रिपोर्ट देना था लेकिन उसकी तरफ से प्रार्थना पत्र देकर 15 दिनों का अतिरिक्त मांगा गया। एएसआई ने प्रार्थना पत्र में कहा कि ज्ञानवापी में हुए सर्वे की रिपोर्ट अभी तैयार नहीं हुई है। सर्वे में इस्तेमाल किए गए अत्याधुनिक ग्राउंड पेनिट्रेटिंग रडार यानी जीपीआर तकनीक के आंकड़ों को रिपोर्ट में शामिल करने में समय लग रहा।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;मस्जिद पक्ष ने जताई थी आपत्ति&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;वहीं इस मामले में मस्जिद पक्ष ने आपत्ति जताते हुए कहा था कि एएसआई को पहले ही रिपोर्ट देने के लिए पर्याप्त समय मिल चुका है इसलिए और वक्त देना ठीक नहीं है। न्यायालय के आदेश पर एएसआई की टीम ने पूरे ज्ञानवापी परिसर का वैज्ञानिक विधि से सर्वे किया हालांकि सुप्रीम कोर्ट द्वारा सील किये गए वजू खाने को छोड़ दिया गया। बता दें कि इससे पहले एएसआई ने आर्कियोलॉजिस्ट सर्वे, फोटोग्राफर व अन्य तकनीकी विशेषज्ञों के उपलब्ध डेटा का विश्‍लेषण करके रिपोर्ट तैयार कर उसे दाखिल करने के लिए 15 दिन का समय मांगा था।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Gyanvapi Case: सर्वे रिपोर्ट पेश करने के लिए ASI ने फिर मांगा 3 हफ्ते का समय</title><link>https://up.inkhabar.com/states/gyanvapi-case-asi-again-asks-for-3-weeks-time-to-submit-survey-report/</link><pubDate>November 28, 2023, 9:51 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/11/download-2023-11-28T120307.638-300x169.png</image><category>राज्य</category><excerpt>लखनऊ। ज्ञानवापी मस्जिद परिसर की वैज्ञानिक सर्वेक्षण रिपोर्ट आज यानी 28 नवंबर को वाराणसी के जिला न्यायालय में पेश होनी थी। हालांकि एक बार फिर से एएसआई की टीम ने सर्वे रिपोर्ट को पेश करने के लिए तीन हफ्ते का समय मांगा है। मालूम हो कि 100 दिनों के...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ।&lt;/strong&gt; ज्ञानवापी मस्जिद परिसर की वैज्ञानिक सर्वेक्षण रिपोर्ट आज यानी 28 नवंबर को वाराणसी के जिला न्यायालय में पेश होनी थी। हालांकि एक बार फिर से एएसआई की टीम ने सर्वे रिपोर्ट को पेश करने के लिए तीन हफ्ते का समय मांगा है। मालूम हो कि 100 दिनों के सर्वेक्षण रिपोर्ट की समय सीमा आज समाप्त हो रही है। अदालत द्वारा रिपोर्ट दाखिल करने की जो समय-सीमा तय की थी उसकी मियाद पूरी हो गई। पिछली सुनवाई के दौरान एएसआई को दस दिनों का और समय दिया गया था।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;इस वजह से हुई देरी&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण को 17 नवंबर तक रिपोर्ट देना था लेकिन उसकी तरफ से प्रार्थना पत्र देकर 15 दिनों का अतिरिक्त मांगा गया। एएसआई ने प्रार्थना पत्र में कहा कि ज्ञानवापी में हुए सर्वे की रिपोर्ट अभी तैयार नहीं हुई है। सर्वे में इस्तेमाल किए गए अत्याधुनिक ग्राउंड पेनिट्रेटिंग रडार यानी जीपीआर तकनीक के आंकड़ों को रिपोर्ट में शामिल करने में समय लग रहा।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;मस्जिद पक्ष ने जताई थी आपत्ति&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;वहीं इस मामले में मस्जिद पक्ष ने आपत्ति जताते हुए कहा था कि एएसआई को पहले ही रिपोर्ट देने के लिए पर्याप्त समय मिल चुका है इसलिए और वक्त देना ठीक नहीं है। न्यायालय के आदेश पर एएसआई की टीम ने पूरे ज्ञानवापी परिसर का वैज्ञानिक विधि से सर्वे किया हालांकि सुप्रीम कोर्ट द्वारा सील किये गए वुज़ू खाने को छोड़ दिया गया। बता दें कि इससे पहले एएसआई ने आर्कियोलॉजिस्ट सर्वे, फोटोग्राफर व अन्य तकनीकी विशेषज्ञों के उपलब्ध डेटा का विश्‍लेषण करके रिपोर्ट तैयार कर उसे दाखिल करने के लिए 15 दिन का समय मांगा था।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>ज्ञानवापी परिसर के ASI सर्वे के समय में हुआ बदलाव, जाने क्या है वजह</title><link>https://up.inkhabar.com/top-news/changes-in-the-time-of-asi-survey-of-gyanvapi-campus-know-what-is-the-reason/</link><pubDate>August 7, 2023, 4:35 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/07/download-92-300x169.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>लखनऊ। ज्ञानवापी परिसर के सर्वे के तीसरे दिन तीनों गुंबदों का सर्वे किया गया, जिसमें इन गुंबदों की गोलाकार छत मिली है, जिस पर कई तरह के डिजाइन हैं और यहां 20 से अधिक आले मिले हैं. सुबह 10 बजे से कार्रवाई होगी शुरू आपको बता दें कि वाराणसी के ज्ञा...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ। &lt;/strong&gt;ज्ञानवापी परिसर के सर्वे के तीसरे दिन तीनों गुंबदों का सर्वे किया गया, जिसमें इन गुंबदों की गोलाकार छत मिली है, जिस पर कई तरह के डिजाइन हैं और यहां 20 से अधिक आले मिले हैं.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सुबह 10 बजे से कार्रवाई होगी शुरू&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;आपको बता दें कि वाराणसी के ज्ञानवापी परिसर में एएसआई का शोध तेजी से आगे बढ़ रहा है। सर्वे का आज चौथा दिन है, लेकिन एएसआई की टीम ज्ञानवापी परिसर में सुबह 10 बजे से सर्वे का काम शुरू करेगी. मतदान के समय में बदलाव सावन सोमवार को देखते हुए किया गया है, सावन सोमवार को बाबा के दरबार में बड़ी संख्या में भक्त आएंगे, भक्तों की संख्या को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है. रविवार को ज्ञानवेप की संरचना को पूरी तरह से समझने के लिए सैटेलाइट के जरिए इसकी 3डी मैपिंग की गई। सभी तीन ज्ञानवाप गुंबदों का मानचित्रण किया गया है। रविवार को सुबह आठ बजे से शाम पांच बजे तक जांच कार्य जारी रहा. सर्वे के दौरान ज्ञानवाप में एएसआई के 58 सदस्य मौजूद थे, जिनमें 8 हिंदू पक्ष से और 3 मुस्लिम पक्ष से थे. जिला अदालत के आदेश के मुताबिक जांच टीम को 2 सितंबर तक अपनी रिपोर्ट देनी होगी.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;20 से अधिक मिले आले&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;रविवार को ज्ञानवापी के गुबंदों का सर्वे किया गया. विभिन्न डिजाइनों के इन कई गुंबदों की गोलाकार छत को खोजने के लिए एक जांच की गई। मंदिरों में दिखाई देने वाली 20 से अधिक ताखें दीवारों में पाई गईं। इन ताखों की संरचना और उनके आसपास के प्रतीकों का पता लगाया गया और 3डी मैपिंग की गई। हिंदू वकील विष्णु शंकर जैन ने कहा कि गुंबदों का वैज्ञानिक परीक्षण किया गया है। तहखानों की सफ़ाई की गई। समूह यहां फोटोग्राफी और मानचित्रण में लगा हुआ है। वहीं व्यास जी के तहखाने की भी जांच की गई. उन्होंने कहा कि जांच में अभी और समय लग सकता है.&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>आज ज्ञानवापी सर्वे का तीसरा दिन, दीवार पर मूर्ति मिलने का दावा</title><link>https://up.inkhabar.com/states/today-is-the-third-day-of-gyanvapi-survey-claims-to-have-found-idol-on-the-wall/</link><pubDate>August 6, 2023, 5:22 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/07/download-92-300x169.png</image><category>राज्य</category><excerpt>लखनऊ। उत्तर प्रदेश के वाराणसी में ज्ञानवापी मस्जिद परिसर का सर्वे लगातार जारी है. आज सर्वे का तीसरा दिन है. सर्वे के लिए 42 लोगों की टीम ज्ञानवापी परिसर में पहुंच चुकी है. जानकारी के अनुसार यह टीम 4 अलग -अलग हिस्सों में बंटकर सर्वे करेंगी। बताय...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ। &lt;/strong&gt;उत्तर प्रदेश के वाराणसी में ज्ञानवापी मस्जिद परिसर का सर्वे लगातार जारी है. आज सर्वे का तीसरा दिन है. सर्वे के लिए 42 लोगों की टीम ज्ञानवापी परिसर में पहुंच चुकी है. जानकारी के अनुसार यह टीम 4 अलग -अलग हिस्सों में बंटकर सर्वे करेंगी। बताया जा रहा है कि आज का सर्वे बाकी के दिनों से अलग होगा।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;आज ज्ञानवापी सर्वे का तीसरा दिन&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;आपको बता दें कि वाराणसी की ज्ञानवापी मस्जिद में एएसआई का सर्वे जारी है. आज एएसआई टीम मशीनों का इस्तेमाल करने वाली है और यही वजह है कि आज का सर्वे काफी अलग होने वाला है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सर्वे में मुस्लिम पक्ष के शामिल होने की उम्मीद&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें, सर्वे में मुस्लिम पक्ष के शामिल रहने की संभावना है वो इसलिए क्योंकि शनिवार के सर्वे में भी मुस्लिम पक्ष शामिल हुआ था. जबकि शुक्रवार को सर्वे के पहले दिन मुस्लिम पक्ष की ओर से कोई भी सामने नहीं आया था.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सीता साहू ने मूर्ति मिलने का किया था दावा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;कल सर्वे के बाद हिंदू पक्ष की ओर से याचिका दायर करने वाली महिला सीता साहू ने एक मूर्ति मिलने का दावा किया है. सीता साहू की मानें तो मूर्ति किसकी है, यह जांच की जा रही है. साहू ने कहा है कि मूर्ति में जो आकृति है, वह आधी पशु और आधी मानव की है. दावा किया जा रहा है कि सर्वे के डर से मुस्लिम पक्ष ने कुछ मूर्तियां इसमें छिपा दी हैं. हिंदू पक्ष चाहता है कि मलबा हटाया जाए.बताया जा रहा है कि हिंदू पक्ष की तरफ से आज सिर्फ वकीलों को ही अंदर जाने की इजाजत दी गई है.महिला याचिकाकर्ता ज्ञानवापी परिसर नहीं जाएंगी. वहीं, मुस्लिम पक्ष की तरफ से आज सिर्फ एक वकील रहेंगे. हिंदू पक्ष के सोहन लाल का दावा है कि अगर तहखाना खुला तो कई बड़े प्रमाण मिल सकते हैं, जबकि रेखा पाठक ने भी सीता साहू की बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि पश्चिमी दीवार पर आधा मानव और आधा पशु वाली आकृति मिली है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;किस तरह का होगा सर्वे&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;शनिवार को ASI के सर्वे का दूसरा दिन था जांच करीब 7 घंटे तक चला. इस दिन स्वस्तिक, त्रिशूल जैसे चिन्हो की वीडियोग्राफी कराई गई. वहीं मंगलवार को बिना खुदाई के जमीन के नीचे सर्वे को अंजाम देने के लिए ग्राउंड पेनेट्रेटिंग रडार का उपयोग किया जाएगा।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>ज्ञानवापी परिसर का ASI सर्वे जारी, कमांडो के हवाले किया गया गेट नंबर 4</title><link>https://up.inkhabar.com/states/asi-survey-of-gyanvapi-campus-continues-gate-number-4-handed-over-to-commandos/</link><pubDate>August 5, 2023, 8:29 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/08/ज्ञानवापी-मामला-300x169.png</image><category>राज्य</category><excerpt>लखनऊ। ज्ञानवापी परिसर में ASI सर्वे का आज दूसरा दिन है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की टीम आज सुबह करीब आठ बजे ज्ञानवापी पहुंची और सर्वे का काम शुरू किया। दूसरे दिन मुस्लिम पक्ष के लोग भी मौजूद हैं। आज एएसआई की 61 सदस्यीय टीम के 53 सदस्य परिसर मे...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ। &lt;/strong&gt;ज्ञानवापी परिसर में ASI सर्वे का आज दूसरा दिन है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की टीम आज सुबह करीब आठ बजे ज्ञानवापी पहुंची और सर्वे का काम शुरू किया। दूसरे दिन मुस्लिम पक्ष के लोग भी मौजूद हैं। आज एएसआई की 61 सदस्यीय टीम के 53 सदस्य परिसर में मौजूद हैं। बताया जा रहा है कि ASI की टीम आज सीढ़ी लेकर ज्ञानवापी गयी है। वहीं कमिश्नरेट ख़ास सतर्कता बरत रही है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;कमांडो के हवाले किया गया गेट नंबर चार&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;ज्ञानवापी, काशी विश्वनाथ, बुलानाला, मैदागिन, गोदौलिया चौराहा समेत शहर के संवेदनशील इलाकों में पुलिस एक्टिव मोड में है। ज्ञानवापी सर्वे के हर मूवमेंट पर पुलिस आयुक्त मुथा अशोक जैन और डीएम एस. राजलिंगम की पैनी नजर है। काशी विश्वनाथ धाम के गेट नंबर 4 की जिम्मेदारी ट्रू पैरा कमांडो को दी गयी है। मंदिर परिसर के एक किमी के दायरे में कमांडो गस्त कर रहे हैं। केवल पैदल यात्रियों को मंदिर की तरफ जाने दिया जा रहा है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;सर्वेक्षण से मुस्लिम पक्ष संतुष्ट&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इसी बीच मुस्लिम पक्ष के वकील मुमताज अहमद ने ASI सर्वे पर कहा है कि हम परिसर के वैज्ञानिक सर्वेक्षण से संतुष्ट है। कल तक हम इसमें भाग नहीं ले रहे थे लेकिन आज शामिल हुए हैं और ASI टीम की सहायता भी कर रहे हैं&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>उत्तर प्रदेश: वाराणसी में हाई अलर्ट, ज्ञानवापी में ASI द्वारा सर्वे जारी</title><link>https://up.inkhabar.com/states/uttar-pradesh-high-alert-in-varanasi-survey-continues-by-asi-in-gyanvapi/</link><pubDate>August 4, 2023, 4:19 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/08/download-16-300x169.png</image><category>राज्य</category><excerpt>लखनऊ। वाराणसी के ज्ञानवापी स्थित सील वजूखाने को छोड़कर आज सुबह 7 बजे से एससआई की टीम सर्वे कर रही है. जानकारी के अनुसार ज्ञानवापी में एसएसआई की टीम बिना मशीनों के प्रयोग से ही पूरे परिसर का नक्शा शीट पर उतारा. वहीं, मुस्लिम पक्ष की यचिका पर आज ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ। &lt;/strong&gt;वाराणसी के ज्ञानवापी स्थित सील वजूखाने को छोड़कर आज सुबह 7 बजे से एससआई की टीम सर्वे कर रही है. जानकारी के अनुसार ज्ञानवापी में एसएसआई की टीम बिना मशीनों के प्रयोग से ही पूरे परिसर का नक्शा शीट पर उतारा. वहीं, मुस्लिम पक्ष की यचिका पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;ASI की टीम ज्ञानवापी में&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;आपको बता दें, वाराणसी के ज्ञानवापी स्थित सील वजूखाने को छोड़कर अन्य क्षेत्रों का सर्वे भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की टीम आज सर्वे कर रही है. जानकारी के अनुसार एसएसआई की 64 टीम में से 34 लोग आज ज्ञानवापी परिसर में सर्वे कर रहे हैं. कड़ी सुरक्षा के बीच परिसर का वैज्ञानिक सर्वेक्षण किया जा रहा है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;पूरे परिसर का उतारा नक्शा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;वाराणसी के ज्ञानवापी परिसर का का सर्वे जारी है. एसएसआई टीम ने पूरे परिसर का नक्शा शीट पर उतार लिया है. हिंदू पक्षकर सीता ने कहा कि सर्वे से सच्चाई सामने आएगी। वहीं हिंदू पक्ष के वकील सुभाष नंदन ने कहा कि सर्वे पर हमें विश्वास है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;गोदौलिया से चौक तक बैरिकेडिंग&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;सुरक्षा की दृष्टि से गोदौलिया से चौक तक जगह-जगह बैरिकेडिंग लगाई गई है. दर्शनार्थिओं को केवल दोनों तरफ से दर्शन के लिए बैरिकेडिंग से जाने की अनुमति है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;गुरुवार को हुई जांच&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;हाई कोर्ट के आदेश के बाद ही जिला और पुलिस प्रशासन ने गुरुवार को एसएसआई के सहयोग और सुरक्षा की जरुरी तैयारियां पूरी कर ली हैं. जिले की पुलिस और प्रशासनिक महकमा हाई अलर्ट पर है. वहीं सोशल मीडिया की निगरानी की जा रही है. जिलाधिकारी एस राजलिंगम ने कहा कि अदालत के आदेश का पालन कराया जाएगा। एएसआई टीम का सर्वे में हर तरह का सहयोग दिया जाएगा।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;पुलिस ने लिया सुरक्षा का जायजा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;एसएसआई ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के बाद जिले की पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से संपर्क किया। एसएसआई की टीम वाराणसी में मौजूद है. इस टीम में राजधानी लखनऊ, आगरा, दिल्ली, प्रयागराज पटना समेत कई शहरों के विशेषज्ञ को शामिल किया गया है.&lt;br&gt;पुलिस आयुक्त ने इसी मामले में गुरुवार को ज्ञानवापी परिसर की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा भी लिया। करीब तीन घंटे तक पुलिस आयुक्त ने सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता रखने की रणनीति बनाई।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;10 दिन रुका रहा सर्वे का काम&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;24 जुलाई की सुबह एसएसआई की 43 सदस्यीय टीम के साथ ज्ञानवापी में लगभग साढ़े पांच घंटे तक सर्वे किया था। दोपहर 12:30 बजे सर्वे ऊपर रोक लगाने सम्बंधित सुप्रीम कोर्ट का आदेश आया. उस दिन से आज तक 10 सुप्रीम कोर्ट और फिर इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश से ज्ञानवापी में सर्वे का काम रुका रहा.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;4 अगस्त तक रिपोर्ट देने को कहा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;जिला जज डॉ. अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत ने ज्ञानवापी की मौजूदा संरचना को नुकसान पहुंचाए बिना एसएसआई को 4 अगस्त तक रिपोर्ट देने को कहा था. रिपोर्ट में एसएसआई को ये बताना था कि क्या मंदिर को ध्वस्त कर उसके ढांचा के ऊपर मस्जिद बनाई गई है? मगर मामला सुप्रीम और हाईकोर्ट में जा पहुंचा। अब हाईकोर्ट ने सर्वे पर मुहर लगा दी है. मामले की सुनवाई शुक्रवार को भी जिला जज की अदालत में होनी है.&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Gyanvapi Case: कल से शुरू हो जायेगा ज्ञानवापी परिसर का ASI सर्वे</title><link>https://up.inkhabar.com/states/gyanvapi-case-asi-survey-of-gyanvapi-campus-will-start-from-tomorrow/</link><pubDate>August 3, 2023, 9:31 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/08/download-2023-08-03T134159.716-300x169.png</image><category>राज्य</category><excerpt>लखनऊ। ज्ञानवापी सर्वे मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मुस्लिम पक्ष की याचिका खारिज कर दी है। साथ ही कोर्ट ने ज्ञानवापी परिसर के सर्वे पर लगी रोक भी हटा दी है। वहीं इस मामले से जुड़ी बड़ी खबर सामने आयी है। बताया जा रहा है कि ASI सर्वे का काम कल से ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ। &lt;/strong&gt;ज्ञानवापी सर्वे मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मुस्लिम पक्ष की याचिका खारिज कर दी है। साथ ही कोर्ट ने ज्ञानवापी परिसर के सर्वे पर लगी रोक भी हटा दी है। वहीं इस मामले से जुड़ी बड़ी खबर सामने आयी है। बताया जा रहा है कि ASI सर्वे का काम कल से शुरू हो जायेगा। वाराणसी के जिलाधिकारी ने जानकारी देते हुए कहा सर्वे का काम कल से शुरू हो जायेगा।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;सर्वे जरुरी&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि 21 जुलाई को वाराणसी जिला जज ने ज्ञानवापी के एएसआई सर्वे करने का आदेश दिया था। जिसके बाद मुस्लिम पक्ष ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट और फिर हाईकोर्ट में फैसले को चुनौती दी थी। वहीं अब इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मुस्लिम पक्ष की याचिका को ख़ारिज करते हुए कहा है कि न्यायहित में ASI सर्वे जरुरी है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;शृंगार गौरी मामले में जनहित याचिका दायर&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;वहीं दूसरी तरफ ज्ञानवापी मामले में इलाहाबाद उच्च न्यायलय में बुधवार को एक नयी जनहित याचिका दायर की गयी। जिसमें शृंगार गौरी की नियमित पूजा की अनुमति मांगी गयी है। इस याचिका में हिंदुओं के प्रतीक चिह्नों को संरक्षित करने और गैर हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगाने की अपील की गयी है। जनहित याचिका में कहा गया है कि जब तक ज्ञानवापी शृंगार गौरी मामले में फैसला नहीं आ जाता है तब तक गैर हिंदुओं का प्रवेश वर्जित किया जाये।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Gyanvapi Case: इलाहाबाद HC के फैसले पर बोले केशव प्रसाद मौर्य, &amp;#8216;मंदिर तोड़ने का सच आयेगा सामने&amp;#8217;</title><link>https://up.inkhabar.com/states/gyanvapi-case-keshav-prasad-maurya-said-on-the-decision-of-allahabad-hc-the-truth-of-breaking-the-temple-will-come-out/</link><pubDate>August 3, 2023, 7:12 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/08/download-2023-08-03T124216.401-300x169.png</image><category>राज्य</category><excerpt>लखनऊ। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 3 अगस्त यानी कि आज भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण यानी कि ASI को वाराणसी में ज्ञानवापी मस्जिद परिसर का सर्वेक्षण करने की अनुमति दी है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वाराणसी जिला कोर्ट का फैसला बरकरार रखते हुए सर्वे जल्द शुरू करने क...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ।&lt;/strong&gt; इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 3 अगस्त यानी कि आज भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण यानी कि ASI को वाराणसी में ज्ञानवापी मस्जिद परिसर का सर्वेक्षण करने की अनुमति दी है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वाराणसी जिला कोर्ट का फैसला बरकरार रखते हुए सर्वे जल्द शुरू करने को कहा है। वहीं इस मामले में यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य का बयान सामने आया है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;मंदिर तोड़ने का सच आयेगा सामने&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;HC के फैसले पर डिप्टी सीएम केशव मौर्य ने कहा है कि हाईकोर्ट के फैसले का स्वागत है। ASI सर्वे में सच्चाई सबके सामने आयेगी। उम्मीद है सर्वे से सच सामने आयेगा। इस सर्वे से मंदिर तोड़ने का सच भी सामने आयेगा।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;सर्वे जरुरी&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि 21 जुलाई को वाराणसी जिला जज ने ज्ञानवापी के एएसआई सर्वे करने का आदेश दिया था। जिसके बाद मुस्लिम पक्ष ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट और फिर हाईकोर्ट में फैसले को चुनौती दी थी। वहीं अब इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मुस्लिम पक्ष की याचिका को ख़ारिज करते हुए कहा है कि न्यायहित में ASI सर्वे जरुरी है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;शृंगार गौरी मामले में जनहित याचिका दायर&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;वहीं दूसरी तरफ ज्ञानवापी मामले में इलाहाबाद उच्च न्यायलय में बुधवार को एक नयी जनहित याचिका दायर की गयी। जिसमें शृंगार गौरी की नियमित पूजा की अनुमति मांगी गयी है। इस याचिका में हिंदुओं के प्रतीक चिह्नों को संरक्षित करने और गैर हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगाने की अपील की गयी है। जनहित याचिका में कहा गया है कि जब तक ज्ञानवापी शृंगार गौरी मामले में फैसला नहीं आ जाता है तब तक गैर हिंदुओं का प्रवेश वर्जित किया जाये।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Gyanvapi Case: इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जायेगा मुस्लिम पक्ष</title><link>https://up.inkhabar.com/states/gyanvapi-case-muslim-side-will-go-to-supreme-court-against-allahabad-high-courts-decision/</link><pubDate>August 3, 2023, 6:07 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/07/download-2023-07-25T142617.927-300x169.png</image><category>राज्य</category><excerpt>लखनऊ। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 3 अगस्त यानी कि आज भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण यानी कि ASI को वाराणसी में ज्ञानवापी मस्जिद परिसर का सर्वेक्षण करने की अनुमति दी है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वाराणसी जिला कोर्ट का फैसला बरकरार रखते हुए सर्वे जल्द शुरू करने क...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ। &lt;/strong&gt;इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 3 अगस्त यानी कि आज भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण यानी कि ASI को वाराणसी में ज्ञानवापी मस्जिद परिसर का सर्वेक्षण करने की अनुमति दी है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वाराणसी जिला कोर्ट का फैसला बरकरार रखते हुए सर्वे जल्द शुरू करने को कहा है। वहीं इस मामले में अब मुस्लिम पक्ष सुप्रीम कोर्ट का रुख करेगा। इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले को मुस्लिम पक्ष SC में चुनौती देगा।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;सर्वे जरुरी&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि 21 जुलाई को वाराणसी जिला जज ने ज्ञानवापी के एएसआई सर्वे करने का आदेश दिया था। जिसके बाद मुस्लिम पक्ष ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट और फिर हाईकोर्ट में फैसले को चुनौती दी थी। वहीं अब इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मुस्लिम पक्ष की याचिका को ख़ारिज करते हुए कहा है कि न्यायहित में ASI सर्वे जरुरी है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;शृंगार गौरी मामले में जनहित याचिका दायर&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;वहीं दूसरी तरफ ज्ञानवापी मामले में इलाहाबाद उच्च न्यायलय में बुधवार को एक नयी जनहित याचिका दायर की गयी। जिसमें शृंगार गौरी की नियमित पूजा की अनुमति मांगी गयी है। इस याचिका में हिंदुओं के प्रतीक चिह्नों को संरक्षित करने और गैर हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगाने की अपील की गयी है। जनहित याचिका में कहा गया है कि जब तक ज्ञानवापी शृंगार गौरी मामले में फैसला नहीं आ जाता है तब तक गैर हिंदुओं का प्रवेश वर्जित किया जाये।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>ज्ञानवापी मामले पर ASI सर्वे को लेकर कल आयेगा इलाहाबाद हाईकोर्ट का फैसला</title><link>https://up.inkhabar.com/states/allahabad-high-courts-decision-will-come-tomorrow-regarding-asi-survey-on-gyanvapi-case/</link><pubDate>August 2, 2023, 6:35 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/07/download-2023-07-25T142617.927-300x169.png</image><category>राज्य</category><excerpt>लखनऊ। ज्ञानवापी मामले में एएसआई सर्वेक्षण को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई पूरी हो गयी है। अदालत ने इसपर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। कल यानी 3 अगस्त को अदालत अपना फैसला सुनायेगी। कल दोपहर 2 बजे के बाद इलाहाबाद HC का फैसला आयेगा। बता दें...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ।&lt;/strong&gt; ज्ञानवापी मामले में एएसआई सर्वेक्षण को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई पूरी हो गयी है। अदालत ने इसपर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। कल यानी 3 अगस्त को अदालत अपना फैसला सुनायेगी। कल दोपहर 2 बजे के बाद इलाहाबाद HC का फैसला आयेगा। बता दें कि इससे पहले 27 जुलाई को सुनवाई पूरी हो चुकी है। मस्जिद की इंतजामिया कमेटी ने वाराणसी जिला जज के फैसले को चुनौती देते हुए याचिका दायर की है। दरअसल वाराणसी जिला जज की तरफ से एएसआई सर्वे का आदेश दिया गया है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;मूल ढांचे को कोई नुकसान नहीं&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इससे पहले सुनवाई के दौरान CJ प्रीतिंकर दिवाकर ने ASI के वैज्ञानिकों को कोर्ट में तलब किया था। ASI की तरफ से वैज्ञानिक आलोक त्रिपाठी कोर्ट में पेश हुए। वहां उन्होंने कोर्ट में बताया कि जीपीआर और फोटोग्राफी विधि से कैसे सर्वेक्षण किया जायेगा। इसके अलावा उन्होंने कोर्ट में जानकरी दी कि वैज्ञानिक सर्वेक्षण से मूल ढांचे को कोई क्षति नहीं पहुंचेगा।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;मस्जिद को नहीं होगा नुकसान&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;आलोक त्रिपाठी ने कोर्ट को बताया कि जीपीआर सर्वे किया जायेगा , खुदाई नहीं होगी। सर्वे में ईमारत को खरोंच भी नहीं आयेगी। हिंदू पक्ष की तरफ से यह दलील दी जा रही है कि राम जन्मभूमि में भी ऐसा सर्वे हुआ था, वहां पर तो कोई नुकसान नहीं हुआ था।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>धार्मिक मुद्दों पर डिबेट का बायकॉट करेगी सपा, अखिलेश ने नेताओं को दी हिदायत</title><link>https://up.inkhabar.com/politics/sp-will-boycott-debates-on-religious-issues-akhilesh-instructs-leaders/</link><pubDate>August 1, 2023, 1:14 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/07/download-2023-07-20T120303.761-1-300x169.png</image><category>राजनीति</category><excerpt>लखनऊ। समाजवादी पार्टी के मुखिया और यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने अपनी पार्टी के प्रवक्ताओं को कहा है कि धार्मिक मुद्दों पर डिबेट में वो लोग हिस्सा न ले। उन्होंने सभी को धार्मिक मसलों पर हो रही डिबेट से दूर रहने की हिदायत दी है। अखिलेश यादव ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ।&lt;/strong&gt; समाजवादी पार्टी के मुखिया और यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने अपनी पार्टी के प्रवक्ताओं को कहा है कि धार्मिक मुद्दों पर डिबेट में वो लोग हिस्सा न ले। उन्होंने सभी को धार्मिक मसलों पर हो रही डिबेट से दूर रहने की हिदायत दी है। अखिलेश यादव का कहना है कि जिन मुद्दों से धार्मिक भावनाएं भड़क सकती है, उससे समाजवादी पार्टी दूर रहेगी। इस तरह के मसलों पर होने वाली बहस को सपा के प्रवक्ता बॉयकॉट करेंगे।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;बीजेपी का झूठ सामने लाना लक्ष्य&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;वहीं साल में अयोध्या में राम मंदिर के उद्घाटन पर समाजवादी पार्टी का क्या स्टैंड होगा इसपर सपा प्रमुख बाद में निर्णय लेंगे। अखिलेश यादव का कहना है कि सपा बीजेपी के पिच पर जाकर नहीं खेलेगी। उनका मुख्य लक्ष्य बीजेपी के झूठ और कमियों को जनता के सामने रखना है। इसी उद्देश्य के साथ लोकसभा चुनाव की तैयारी की जायेगी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;सपा ने बुलाई थी बैठक&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि वाराणसी के ज्ञानवापी मस्जिद पर सीएम योगी के बयान को लेकर सपा की तरफ से मीटिंग बुलाई गयी थी। इस बैठक में मीडिया पैनलिस्ट और प्रवक्ताओं को बुलाया गया था। सुबह 11 बजे शुरू हुई मीटिंग दोपहर दो बजे तक चली। इसमें सोशल मीडिया के कुछ जानकारों, रिटायर्ड IAS अफसरों और बुद्धिजीवियों को बुलाया गया था।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>ज्ञानवापी को मस्जिद कहना जायज नहीं… सीएम योगी का बड़ा बयान, मुस्लिम पक्ष को गलती सुधारने को कहा</title><link>https://up.inkhabar.com/top-news/it-is-not-justified-to-call-gyanvapi-a-mosque-cm-yogis-big-statement-asked-the-muslim-side-to-rectify-the-mistake/</link><pubDate>July 31, 2023, 6:34 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/07/download-2023-07-31T120357.379-300x169.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>लखनऊ। यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने आज ज्ञानवापी को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा है कि ज्ञानवापी को मस्जिद कहना जायज नहीं है। अगर आप इसे मस्जिद कहते है तो विवाद होंगे ही। इसके अलावा इस मसले को सुलझाने के लिए उन्होंने मुस...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ। &lt;/strong&gt;यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने आज ज्ञानवापी को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा है कि ज्ञानवापी को मस्जिद कहना जायज नहीं है। अगर आप इसे मस्जिद कहते है तो विवाद होंगे ही। इसके अलावा इस मसले को सुलझाने के लिए उन्होंने मुस्लिम समुदाय को आगे आने को कहा है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;चिल्ला-चिल्ला कर गवाही दे रहा साक्ष्य&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि एक समाचार चैनल को दिए इंटरव्यू में सीएम योगी ने ज्ञानवापी पर अपना रुख स्पष्ट किया है। उन्होंने कहा कि ज्ञानवापी की दीवारें चिल्ला-चिल्ला कर साक्ष्य की गवाही दे रही है। ज्ञानवापी में त्रिशूल और देव प्रतिमाओं का होना सच बता रही है। अगर हम इसे मस्जिद कहते है तो फिर विवाद होगा।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;ऐतिहासिक गलती हुई है&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;सीएम योगी ने आगे कहा कि मस्जिद में देव प्रतिमाओं और त्रिशूल को हमने तो नहीं रखा है। ये मुस्लिम समाज की ओर से आना चाहिए कि ऐतिहासिक गलती हुई है और इस गलती को सुधारने के लिए मुस्लिम समाज की तरफ से प्रस्ताव आना चाहिए।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Gyanvapi Case: ज्ञानवापी मामले में ASI सर्वे पर रोक बढ़ी, 3 अगस्त को आयेगा फैसला</title><link>https://up.inkhabar.com/top-news/gyanvapi-case-asi-survey-extended-in-gyanvapi-case-decision-will-come-on-august-3/</link><pubDate>July 27, 2023, 11:42 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/07/download-2023-07-25T142617.927-300x169.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>लखनऊ। ज्ञानवापी मामले में एएसआई सर्वेक्षण को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट में गुरुवार को सुनवाई पूरी हो गयी है। कोर्ट ने मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। 3 अगस्त को अदालत अपना फैसला सुनायेगी। बुधवार को हुए सुनवाई में एएसआई वैज्ञानिकों ने कोर...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ।&lt;/strong&gt; ज्ञानवापी मामले में एएसआई सर्वेक्षण को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट में गुरुवार को सुनवाई पूरी हो गयी है। कोर्ट ने मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। 3 अगस्त को अदालत अपना फैसला सुनायेगी। बुधवार को हुए सुनवाई में एएसआई वैज्ञानिकों ने कोर्ट में हलफनामा देकर कहा कि सर्वे से मस्जिद को कोई नुकसान नहीं पहुंचेगा। जिसके बाद मुस्लिम पक्ष की तरफ से आज हलफनामे का जवाब दाखिल किया गया।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;मूल ढांचे को कोई नुकसान नहीं&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;CJ प्रीतिंकर दिवाकर ने कल अंजुमन इंतजामिया कमेटी की याचिका पर सुनवाई करते हुए ASI के वैज्ञानिकों को 4:30 बजे तलब किया था। ASI की तरफ से वैज्ञानिक आलोक त्रिपाठी कोर्ट में पेश हुए। वहां उन्होंने कोर्ट में बताया कि जीपीआर और फोटोग्राफी विधि से कैसे सर्वेक्षण किया जायेगा। इसके अलावा उन्होंने कोर्ट में जानकरी दी कि वैज्ञानिक सर्वेक्षण से मूल ढांचे को कोई क्षति नहीं पहुंचेगा।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;मस्जिद को नहीं होगा नुकसान&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;आलोक त्रिपाठी ने कोर्ट को बताया कि जीपीआर सर्वे किया जायेगा , खुदाई नहीं होगी। सर्वे में ईमारत को खरोंच भी नहीं आयेगी। हिंदू पक्ष की तरफ से यह दलील दी जा रही है कि राम जन्मभूमि में भी ऐसा सर्वे हुआ था, वहां पर तो कोई नुकसान नहीं हुआ था।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Gyanvapi Case: ज्ञानवापी मामले में सर्वे को लेकर सुनवाई शुरू, आज आ सकता है फैसला</title><link>https://up.inkhabar.com/states/gyanvapi-case-hearing-begins-regarding-survey-in-gyanvapi-case-decision-may-come-today/</link><pubDate>July 27, 2023, 10:35 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/07/download-2023-07-25T142617.927-300x169.png</image><category>राज्य</category><excerpt>लखनऊ। ज्ञानवापी मामले में एएसआई सर्वेक्षण को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई शुरू हो गया है। बताया जा रहा है कि इस मामले में आज फैसला आ सकता है। बुधवार को हुए सुनवाई में एएसआई वैज्ञानिकों ने कोर्ट में हलफनामा देकर कहा कि सर्वे से मस्जिद को को...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ। &lt;/strong&gt;ज्ञानवापी मामले में एएसआई सर्वेक्षण को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई शुरू हो गया है। बताया जा रहा है कि इस मामले में आज फैसला आ सकता है। बुधवार को हुए सुनवाई में एएसआई वैज्ञानिकों ने कोर्ट में हलफनामा देकर कहा कि सर्वे से मस्जिद को कोई नुकसान नहीं पहुंचेगा। सुनवाई में दोनों पक्षों के वकीलों ने बहस की।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;मूल ढांचे को कोई नुकसान नहीं&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;CJ प्रीतिंकर दिवाकर ने कल अंजुमन इंतजामिया कमेटी की याचिका पर सुनवाई करते हुए ASI के वैज्ञानिकों को 4:30 बजे तलब किया था। ASI की तरफ से वैज्ञानिक आलोक त्रिपाठी कोर्ट में पेश हुए। वहां उन्होंने कोर्ट में बताया कि जीपीआर और फोटोग्राफी विधि से कैसे सर्वेक्षण किया जायेगा। इसके अलावा उन्होंने कोर्ट में जानकरी दी कि वैज्ञानिक सर्वेक्षण से मूल ढांचे को कोई क्षति नहीं पहुंचेगा।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;मस्जिद को नहीं होगा नुकसान&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;आलोक त्रिपाठी ने कोर्ट को बताया कि जीपीआर सर्वे किया जायेगा , खुदाई नहीं होगी। सर्वे में ईमारत को खरोंच भी नहीं आयेगी। हिंदू पक्ष की तरफ से यह दलील दी जा रही है कि राम जन्मभूमि में भी ऐसा सर्वे हुआ था, वहां पर तो कोई नुकसान नहीं हुआ था।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>ज्ञानवापी मामले में सर्वे को लेकर आज आ सकता है कोर्ट का फैसला</title><link>https://up.inkhabar.com/top-news/courts-decision-may-come-today-regarding-survey-in-gyanvapi-case/</link><pubDate>July 27, 2023, 5:52 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/07/download-2023-07-25T142617.927-300x169.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>लखनऊ। ज्ञानवापी मामले में एएसआई सर्वेक्षण को लेकर आज इलाहाबाद हाईकोर्ट का फैसला आ सकता है। कोर्ट में सर्वे को लेकर आज दोपहर में फिर से सुनवाई होगी। बुधवार को हुए सुनवाई में एएसआई वैज्ञानिकों ने कोर्ट में हलफनामा देकर कहा कि सर्वे से मस्जिद को क...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ।&lt;/strong&gt; ज्ञानवापी मामले में एएसआई सर्वेक्षण को लेकर आज इलाहाबाद हाईकोर्ट का फैसला आ सकता है। कोर्ट में सर्वे को लेकर आज दोपहर में फिर से सुनवाई होगी। बुधवार को हुए सुनवाई में एएसआई वैज्ञानिकों ने कोर्ट में हलफनामा देकर कहा कि सर्वे से मस्जिद को कोई नुकसान नहीं पहुंचेगा।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;मूल ढांचे को कोई नुकसान नहीं&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;CJ प्रीतिंकर दिवाकर ने कल अंजुमन इंतजामिया कमेटी की याचिका पर सुनवाई करते हुए ASI के वैज्ञानिकों को 4:30 बजे तलब किया था। ASI की तरफ से वैज्ञानिक आलोक त्रिपाठी कोर्ट में पेश हुए। वहां उन्होंने कोर्ट में बताया कि जीपीआर और फोटोग्राफी विधि से कैसे सर्वेक्षण किया जायेगा। इसके अलावा उन्होंने कोर्ट में जानकरी दी कि वैज्ञानिक सर्वेक्षण से मूल ढांचे को कोई क्षति नहीं पहुंचेगा।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;कोर्ट ने ASI से पूछा ये सवाल&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इस बीच HC ने ASI ये यह भी पूछा कि सर्वे कितना हो चुका है? इसे कब तक में पूरा कर लिया जायेगा? जिस पर ASI ने कहा कि अगर अनुमति मिली तो 31 जुलाई तक सर्वे पूरा कर लिया जायेगा। इससे पहले मस्जिद पक्ष की तरफ से कहा गया कि इस सर्वे से संरचना को क्षति पहुंच सकती है जबकि मंदिर पक्ष का कहना है कि सर्वे के बाद ही मंदिर के स्ट्रक्चर का सही से पता चलेगा।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;इस वजह से सर्वे की मांग&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;सुनवाई के दौरान मुस्लिम पक्ष की तरफ से कहा गया है कि वादियों के पास कोई सबूत नहीं है। साक्ष्य जुटाने के लिए हिंदू पक्ष सर्वे चाहता है। बिना साक्ष्य के उन्होंने वाद दायर किया है। वहीं जब मुस्लिम पक्ष के वकील नकवी ने कोर्ट में वाराणसी कोर्ट द्वारा दिए आदेश को पढ़ा तो चीफ जस्टिस ने सवाल किया कि अपनी शिकायत के संबंध में दलील दीजिए और यह सर्वे अवैध क्यों है इस बारे में बताइये।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;हिंदू पक्ष की दलील&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इसके अलावा चीफ जस्टिस ने हिंदू पक्ष के वकील से पूछा है कि खुदाई करवाना जरूरी है क्या? इस सवाल का जवाब देते हुए हिंदू पक्ष के वकील ने कहा कि खुदाई जरूरी है लेकिन मस्जिद के अंदर नहीं। हिंदू पक्ष की तरफ से यह दलील दी जा रही है कि राम जन्मभूमि में भी ऐसा सर्वे हुआ था, वहां पर तो कोई नुकसान नहीं हुआ था।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Gyanvapi Case: सर्वे करने वाले ASI वैज्ञानिकों को HC ने किया तलब, 4.30 बजे तक सुनवाई स्थगित</title><link>https://up.inkhabar.com/states/gyanvapi-case-hc-summons-asi-scientists-who-conducted-the-survey-hearing-adjourned-till-4-30-pm/</link><pubDate>July 26, 2023, 8:57 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/07/download-2023-07-25T142617.927-300x169.png</image><category>राज्य</category><excerpt>लखनऊ। ज्ञानवापी परिसर में हो रहे ASI सर्वेक्षण मामले में कोर्ट ने 4.30 बजे तक सुनवाई स्थगित कर दी है। साथ ही कोर्ट ने वैज्ञानिक सर्वेक्षण से स्थापित ढांचे को कोई नुकसान हो ये जानने के लिए ASI के साइंटिस्ट को 4.30 बजे तलब किया है। दरअसल सुनवाई क...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ। &lt;/strong&gt;ज्ञानवापी परिसर में हो रहे ASI सर्वेक्षण मामले में कोर्ट ने 4.30 बजे तक सुनवाई स्थगित कर दी है। साथ ही कोर्ट ने वैज्ञानिक सर्वेक्षण से स्थापित ढांचे को कोई नुकसान हो ये जानने के लिए ASI के साइंटिस्ट को 4.30 बजे तलब किया है। दरअसल सुनवाई के दौरान मस्जिद पक्ष की तरफ से कहा गया है कि इस सर्वे से संरचना को क्षति पहुंच सकती है जबकि मंदिर पक्ष का कहना है कि सर्वे के बाद ही मंदिर के स्ट्रक्चर का सही से पता चलेगा।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Gyanvapi Case: ASI सर्वे पर CJ ने कहा- परिसर की ड्रिलिंग नहीं होनी चाहिए</title><link>https://up.inkhabar.com/states/gyanvapi-case-cj-said-on-asi-survey-there-should-be-no-drilling-of-the-premises/</link><pubDate>July 26, 2023, 8:18 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/07/download-2023-07-25T142617.927-300x169.png</image><category>राज्य</category><excerpt>लखनऊ। ज्ञानवापी परिसर के ASI सर्वे मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई हो रही है। सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस ने कहा कि कोई भी ड्रिलिंग नहीं होनी चाहिए। ASI के एक्सपर्ट को 4 बजे कोर्ट में बुलाने का निर्देश दिया गया है। वहीं हिंदू पक्ष के वकील...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ।&lt;/strong&gt; ज्ञानवापी परिसर के ASI सर्वे मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई हो रही है। सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस ने कहा कि कोई भी ड्रिलिंग नहीं होनी चाहिए। ASI के एक्सपर्ट को 4 बजे कोर्ट में बुलाने का निर्देश दिया गया है। वहीं हिंदू पक्ष के वकील विष्णुशंकर जैन ने कोर्ट में कहा कि परिसर में कोई ड्रिलिंग नहीं होगी। इसका जवाब देते हुए CJ ने कहा कि मैं तकनीकी दक्ष व्यक्ति नहीं हूं। ऐस में किसी ऐसे व्यक्ति को बुलाइए जो डेमो को देख सके। अब लंच बाद दोपहर 2 बजे मामले में सुनवाई होगी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;बिल्डिंग के प्लास्टर को टच नहीं करेगी ASI&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;वहीं चीफ जस्टिस ने मुस्लिम पक्ष के वकील फरमान नकवी से कहा कि ASI बिल्डिंग के प्लास्टर तक को नहीं टच करेगी। जबकि एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ने कोर्ट को बताया कि कोई भी निर्माण को नहीं हटाएंगे। ले आउट तैयार कर विवादित परिसर की जांच की जायेगी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;इस वजह से सर्वे की मांग&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;सुनवाई के दौरान मुस्लिम पक्ष की तरफ से कहा गया है कि वादियों के पास कोई सबूत नहीं है। साक्ष्य जुटाने के लिए हिंदू पक्ष सर्वे चाहता है। बिना साक्ष्य के उन्होंने वाद दायर किया है। वहीं जब मुस्लिम पक्ष के वकील नकवी ने कोर्ट में वाराणसी कोर्ट द्वारा दिए आदेश को पढ़ा तो चीफ जस्टिस ने सवाल किया कि अपनी शिकायत के संबंध में दलील दीजिए और यह सर्वे अवैध क्यों है इस बारे में बताइये।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;हिंदू पक्ष की दलील&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इसके अलावा चीफ जस्टिस ने हिंदू पक्ष के वकील से पूछा है कि खुदाई करवाना जरूरी है क्या? इस सवाल का जवाब देते हुए हिंदू पक्ष के वकील ने कहा कि खुदाई जरूरी है लेकिन मस्जिद के अंदर नहीं। हिंदू पक्ष की तरफ से यह दलील दी जा रही है कि राम जन्मभूमि में भी ऐसा सर्वे हुआ था, वहां पर तो कोई नुकसान नहीं हुआ था।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Gyanvapi Case : ASI सर्वे पर सुनवाई जारी, चीफ जस्टिस ने हिंदू पक्ष से पूछा- खुदाई जरूरी है क्या?</title><link>https://up.inkhabar.com/states/gyanvapi-case-hearing-continues-on-asi-survey-chief-justice-asked-the-hindu-side-is-digging-necessary/</link><pubDate>July 26, 2023, 6:05 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/07/download-92-300x169.png</image><category>राज्य</category><excerpt>लखनऊ। ज्ञानवापी परिसर के ASI सर्वे मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई शुरू हो गयी है। वरिष्ठ अधिवक्ता एसएफए नकवी मुस्लिम पक्ष की ओर से बहस कर रहे हैं। कोर्ट में मुस्लिम पक्ष के वकील और राज्य सरकार के महाधिवक्ता भी मौजूद हैं। इस वजह से सर्वे...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ।&lt;/strong&gt; ज्ञानवापी परिसर के ASI सर्वे मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई शुरू हो गयी है। वरिष्ठ अधिवक्ता एसएफए नकवी मुस्लिम पक्ष की ओर से बहस कर रहे हैं। कोर्ट में मुस्लिम पक्ष के वकील और राज्य सरकार के महाधिवक्ता भी मौजूद हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;इस वजह से सर्वे की मांग&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;सुनवाई के दौरान मुस्लिम पक्ष की तरफ से कहा गया है कि वादियों के पास कोई सबूत नहीं है। साक्ष्य जुटाने के लिए हिंदू पक्ष सर्वे चाहता है। बिना साक्ष्य के उन्होंने वाद दायर किया है। वहीं जब मुस्लिम पक्ष के वकील नकवी ने कोर्ट में वाराणसी कोर्ट द्वारा दिए आदेश को पढ़ा तो चीफ जस्टिस ने सवाल किया कि अपनी शिकायत के संबंध में दलील दीजिए और यह सर्वे अवैध क्यों है इस बारे में बताइये।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;हिंदू पक्ष की दलील&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इसके अलावा चीफ जस्टिस ने हिंदू पक्ष के वकील से पूछा है कि खुदाई करवाना जरूरी है क्या? इस सवाल का जवाब देते हुए हिंदू पक्ष के वकील ने कहा कि खुदाई जरूरी है लेकिन मस्जिद के अंदर नहीं। हिंदू पक्ष की तरफ से यह दलील दी जा रही है कि राम जन्मभूमि में भी ऐसा सर्वे हुआ था, वहां पर तो कोई नुकसान नहीं हुआ था।&lt;/p&gt;
</content></item></channel></rss>