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       <title>Today Dussehra 2024 News | Latest Dussehra 2024 News | Breaking Dussehra 2024 News in English | Latest Dussehra 2024 News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का Dussehra 2024 समाचार:Today Dussehra 2024 News ,Latest Dussehra 2024 News,Aaj Ka Samachar ,Dussehra 2024 समाचार ,Breaking Dussehra 2024 News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
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        <copyright>UP Inkhabar</copyright>
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        </image><item><title>Dussehra: एक ऐसा मंदिर जहां रावण के मरने पर नहीं बल्कि पैदा होने पर मनाया जाता है जश्न</title><link>https://up.inkhabar.com/festival/dussehra-a-temple-where-ravana-is-celebrated-not-on-his-death-but-on-his-birth/</link><pubDate>October 12, 2024, 8:21 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/10/rav.webp</image><category>त्योहार</category><excerpt>लखनऊ। हर साल शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को दशहरा का पर्व मनाया जाता है। इसे विजयादशमी के नाम से भी जाना जाता है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन प्रभु राम ने रावण का वध किया था। इस अवसर पर राम जी की विधि-विधान से पूजा की जाती है। साथ ही राम जी [&amp;hellip...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ।&lt;/strong&gt; हर साल शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को दशहरा का पर्व मनाया जाता है। इसे विजयादशमी के नाम से भी जाना जाता है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन प्रभु राम ने रावण का वध किया था। इस अवसर पर राम जी की विधि-विधान से पूजा की जाती है। साथ ही राम जी को प्रिय चीजों का भोग लगाया जाता है। दशहरा का पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;जाने मंदिर के बारे में&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इस दिन शुभ मुहूर्त में देशभर में रावण दहन किया जाता है, लेकिन देश में एक ऐसा अनोखा मंदिर भी है, जहां दशहरा के दिन रावण की विधि-विधान से पूजा की जाती है। इतना ही नहीं रावण का जलाभिषेक भी किया जाता है। आइए जानते है ऐसे मंदिर के बारे में&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;रावण का जन्मदिन मनाते है&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;यूपी के कानपुर शहर में एक दशानन नाम का मंदिर है। ऐसा कहा जाता है कि इस मंदिर का निर्माण साल 1868 में महाराज गुरु प्रसाद ने करवाया था। दशहरा के दिन रावण का जलाभिषेक कर खास श्रृंगार किया जाता है। इसके बाद शुभ मुहूर्त में रावण की विधि-विधान से पूजा की जाती है। साथ ही इस दिन यहां पर रावण का जन्मदिन उत्साह के साथ मनाया जाता है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;नीलकंठ के दर्शन से सभी दोष दूर&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;धार्मिक मान्यता है कि जब कोई श्रद्धालु रावण की पूजा करता है और उनके दर्शन के लिए इस मंदिर में आता है तो उसकी हर मनोकामना पूरी होती है। दशहरे के दिन इस मंदिर में भक्तों की भीड़ लगी होती हैं। यह मंदिर सालभर बंद रहता है और दशहरा के दिन ही मंदिर के द्वार खोले जाते हैं। मान्यता हैं कि दशहरे के दिन दशानन मंदिर में लंकापति रावण की आरती के दौरान नीलकंठ के दर्शन श्रद्धालुओं को होते हैं तो सभी ग्रहों के दोष दूर हो जाते है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Weapons: दशहरे के मौके पर RSS करता है हथियारों की पूजा, जाने वजह</title><link>https://up.inkhabar.com/festival/weapons-rss-worships-weapons-on-the-occasion-of-dussehra-know-the-reason/</link><pubDate>October 12, 2024, 7:37 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/10/moh-300x169.webp</image><category>त्योहार</category><excerpt>लखनऊ। आज विजयादशमी कार्यक्रम पूरे देश में धूमधाम से मनाया जा रहा है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) संघ मुख्‍यालय नागपुर में इस कार्यक्रम को लेकर खास तैयारियां की जाती है। हर संघ सदस्‍य के लिए दशहरे का दिन कई मायनों से खास होता है, क्‍योंकि विजय...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ। &lt;/strong&gt;आज विजयादशमी कार्यक्रम पूरे देश में धूमधाम से मनाया जा रहा है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) संघ मुख्‍यालय नागपुर में इस कार्यक्रम को लेकर खास तैयारियां की जाती है। हर संघ सदस्‍य के लिए दशहरे का दिन कई मायनों से खास होता है, क्‍योंकि विजयादशमी के दिन ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्‍थापना हुई थी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;दशमी के मौके पर शास्त्रों की पूजा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;संघ की स्‍थापना 1925 में दशहरा के दिन हुई थी। दशमी के मौके पर शस्त्रों की पूजा की जाती है। इस दौरान संघ के सदस्य पूरे विधि-विधान से शस्त्रों की पूजा करते हैं। दशहरे के मौके पर 9 दिनों की उपासना के बाद 10वें दिन विजय कामना के साथ हथियारों की पूजा की जाती है। विजयादशमी पर शक्ति रुपा मां दुर्गा, काली की पूजा के साथ शस्त्रों की पूजा हिंदू धर्म में लंबे समय की जा रही है। RSS हर साल हथियारों की विधि विधान से पूजा करता है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;शस्त्रों को धारण करने की सलाह&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;संघ का उद्देश्य भारतीय संस्कृति और नागरिक समाज के मूल्यों को बनाए रखना, समाज सेवा और सुधार के कार्य करना, RSS की सबसे छोटी इकाई शाखा होती है। जहां स्वयंसेवक प्रतिदिन इकट्ठे होकर शारीरिक प्रशिक्षण और धार्मिक अनुष्ठान करते हैं। बता दें कि सनातन धर्म के देवी-देवताओं की ओर से धारण किए गए शस्त्रों का जिक्र करते हुए एकता के साथ ही अस्त्र-शस्त्र धारण करने की सलाह दी जाती है।&lt;/p&gt;
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