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       <title>Today Allahabad High Court News | Latest Allahabad High Court News | Breaking Allahabad High Court News in English | Latest Allahabad High Court News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का Allahabad High Court समाचार:Today Allahabad High Court News ,Latest Allahabad High Court News,Aaj Ka Samachar ,Allahabad High Court समाचार ,Breaking Allahabad High Court News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
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        <lastBuildDate>May 6, 2026, 5:12 pm</lastBuildDate>
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            <title>UP Inkhabar</title>
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        </image><item><title>Masjid case: संभल मस्जिद मामले में सुनवाई पर लगी रोक, पोषणीयता को लेकर उठे सवाल</title><link>https://up.inkhabar.com/top-news/hearing-on-sambhal-masjid-case-stayed-questions-raised-about-sustainability/</link><pubDate>January 8, 2025, 7:46 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2025/01/76tr.webp</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>लखनऊ। संभल की शाही जामा मस्जिद मामले में आज बुधवार को मस्जिद कमेटी द्वारा दायर याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई होनी थी, जिस पर रोक लगा दी गई है। कोर्ट में 9 नवंबर को जस्टिस रोहित अग्रवाल की सिंगल बेंच दोपहर लगभग 12 बजे सुनवाई करता लेकिन ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ।&lt;/strong&gt; संभल की शाही जामा मस्जिद मामले में आज बुधवार को मस्जिद कमेटी द्वारा दायर याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई होनी थी, जिस पर रोक लगा दी गई है। कोर्ट में 9 नवंबर को जस्टिस रोहित अग्रवाल की सिंगल बेंच दोपहर लगभग 12 बजे सुनवाई करता लेकिन किसी वजह से अब सुनवाई नहीं होगी। शाही जामा मस्जिद की इंतजामिया कमेटी ने संभल के कोर्ट में दाखिल मुकदमे के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट में शनिवार को याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट ने 25 फरवरी तक सुनवाई पर रोक लगा दी है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;अंतिम फैसला आने तक रोक&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर मस्जिद कमेटी ने याचिका दायर की थी। याचिका के माध्यम से संभल की जिला अदालत में दाखिल मुकदमे की पोषणीयता को लेकर सवाल उठे है। उसकी सुनवाई रद्द किए जाने को लेकर गुहार लगाई गई है। इसके साथ ही अदालत का अंतिम फैसला आने तक मुकदमे की सुनवाई पर रोक लगाए जाने की मांग है। एडवोकेट कमिश्नर द्वारा 19 नवंबर को जारी किए सर्वे के आदेश को भी रद्द करने की मांग हुई।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सर्वे के काम को आधार बनाया&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;निचली अदालत के सर्वे आदेश की आगे की प्रक्रिया पर रोक लगाए जाने को लेकर भी मांग की गई है। याचिका में मुख्य रूप से एक ही दिन में सिविल सूट दाखिल किए जाने, उस पर तुरंत सुनवाई किए जाने और सर्व आदेश जारी होने के साथ ही सर्वे का काम भी शुरू किए जाने को आधार बनाया गया है। जिसमें कहा गया है कि सर्वे की वजह से एक पक्ष को भारी नुकसान हो रहा है। इस मामले में हिंदू पक्ष ने पहले ही कोर्ट में कैविएट दाखिल कर रखा है।कैविएट दाखिल होने की वजह से अदालत मुस्लिम पक्ष के साथ ही हिंदू पक्ष की दलीलों पर सुनवाई होगी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सिविल सूट पर आज होगी सुनवाई&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;मस्जिद कमेटी की याचिका में कुल 13 लोगों को पक्षकार बनाया गया है। संभल में विवादित जामा मस्जिद के एडवोकेट कमिश्नर की सर्वे रिपोर्ट जिला अदालत में दाखिल कर दी गई है। इलाहाबाद हाईकोर्ट से आने वाले फैसले से तय होगा कि चंदौसी की जिला अदालत में 19 नवंबर को दाखिल किए गए सिविल सूट की सुनवाई होगी या नहीं। इस पर इलाहाबाद हाईकोर्ट में आज सुनवाई होगी।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>हाईकोर्ट से सपा सांसद बर्क को बड़ा झटका, संभल हिंसा से जुड़ा है मामला</title><link>https://up.inkhabar.com/top-news/shock-to-sp-mp-burke-from-high-court-matter-related-to-sambal-violence/</link><pubDate>January 3, 2025, 7:13 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2025/01/download-30-300x206.png</image><category>क्राइम</category><excerpt>लखनऊ: संभल सांसद जियाउर्रहमान बर्क को कोर्ट से बड़ा झटका लगा है. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सपा सांसद बर्क के खिलाफ दर्ज केस रद्द करने से इनकार कर दिया है. कोर्ट ने कहा कि एफआईआर रद्द नहीं होगी और पुलिस जांच जारी रहेगी. हालांकि, हाई कोर्ट ने पुलिस को...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ:&lt;/strong&gt; संभल सांसद जियाउर्रहमान बर्क को कोर्ट से बड़ा झटका लगा है. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सपा सांसद बर्क के खिलाफ दर्ज केस रद्द करने से इनकार कर दिया है. कोर्ट ने कहा कि एफआईआर रद्द नहीं होगी और पुलिस जांच जारी रहेगी. हालांकि, हाई कोर्ट ने पुलिस को बर्क को गिरफ्तार न करने का निर्देश दिया है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सांसद बर्क को मिलेगी नोटिस&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के एक पुराने आदेश को लागू करने को कहा गया है. हाई कोर्ट ने कहा है कि सांसद बर्क के खिलाफ जिन धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है, उनमें 7 साल से कम की सजा का प्रावधान है. इस मामले में पुलिस सांसद बर्क को नोटिस जारी करेगी. पुलिस नोटिस जारी कर बर्क को पूछताछ के लिए बुला सकती है. ऐसे में सांसद बर्क को पुलिस जांच में सहयोग करना होगा.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;इलाहाबाद हाईकोर्ट दी थी चुनौती&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि सपा सांसद बर्क ने एफआईआर को इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी थी और इसे रद्द करने का अनुरोध किया था. न्यायमूर्ति राजीव गुप्ता और न्यायमूर्ति अज़हर हुसैन इदरीसी की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई की.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;दो नेताओं के खिलाफ FIR&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;यूपी के संभल स्थित जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान हिंसा भड़काने के आरोप में पुलिस ने सपा के सांसद बर्क और स्थानीय विधायक के बेटे सोहेल इकबाल के खिलाफ मामला दर्ज किया था. सांसद बर्क के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद अखिलेश यादव ने कहा था, &amp;#8220;यह घटना दुखद है. हमारे सांसद संभल में मौजूद नहीं थे, फिर भी उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. वह उस वक्त बेंगलुरु में थे.&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>अतुल सुसाइड मामले में पत्नी निकिता और उसका परिवार पहुंचा हाईकोर्ट, दाखिल की अर्जी</title><link>https://up.inkhabar.com/top-news/wife-nikita-and-her-family-reached-high-court-in-atul-suicide-case-filed-application/</link><pubDate>December 14, 2024, 7:27 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/12/download-52-300x169.png</image><category>क्राइम</category><excerpt>लखनऊ: अतुल सुभाष मोदी सुसाइड मामला पिछले कुछ दिनों से सुर्खियों में बने हुए हैं. अब इस घटना में आरोपी पत्नी निकिता सिंघानिया और ससुराल के अन्य सदस्यों ने इलाहाबाद हाई कोर्ट में अर्जी दाखिल की है. पत्नी समेत सभी आरोपियों ने हाईकोर्ट में अग्रिम ज...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ:&lt;/strong&gt; अतुल सुभाष मोदी सुसाइड मामला पिछले कुछ दिनों से सुर्खियों में बने हुए हैं. अब इस घटना में आरोपी पत्नी निकिता सिंघानिया और ससुराल के अन्य सदस्यों ने इलाहाबाद हाई कोर्ट में अर्जी दाखिल की है. पत्नी समेत सभी आरोपियों ने हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए अर्जी दाखिल की है. उन्होंने गिरफ्तारी से बचने के लिए अग्रिम जमानत याचिका दायर की है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;इनके नाम का अग्रिम जमानत याचिका दायर&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;पत्नी निकिता सिंघानिया के साथ-साथ सास निशा सिंघानिया, साले अनुराग सिंघानिया और सुशील सिंघानिया के लिए अग्रिम जमानत याचिका दायर की गई है। अग्रिम जमानत की अर्जी शुक्रवार यानी 13 दिसंबर को इलाहाबाद हाई कोर्ट की रजिस्ट्री में दाखिल की गई है. इस अग्रिम जमानत अर्जी पर मंगलवार या बुधवार को हाई कोर्ट में सुनवाई हो सकती है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;तत्काल सुनवाई को लेकर किया जा रहा अपील&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;हालांकि निकिता सिंघानिया का परिवार सोमवार को इस मामले को हाई कोर्ट में मेंशन कर तत्काल आधार पर सुनवाई की मांग करने की तैयारी कर रहा है. कोर्ट में मामले का उल्लेख कर अग्रिम जमानत अर्जी पर उसी दिन या यथाशीघ्र सुनवाई करने का अनुरोध किया जायेगा.आत्महत्या करने वाले अतुल सुभाष मोदी का परिवार सिंघानिया परिवार की इस अग्रिम जमानत अर्जी का विरोध कर सकता है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;परिवार की तरफ से कोई जानकारी नहीं&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;लेकिन अभी तक अतुल सुभाष के परिवार की ओर से हाई कोर्ट में दायर कैविएट के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है. सिंघानिया परिवार हाईकोर्ट में अपने बचाव के दौरान कई बड़े वकीलों का पैनल खड़ा करेगा. गौरतलब है कि शुक्रवार को कर्नाटक पुलिस ने मृतक अतुल सुभाष की पत्नी निकिता के भाई अनुराग सिंघानिया और मां निशा सिंघानिया को जांच अधिकारी के सामने पूछताछ के लिए नोटिस भेजा था.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;तीन दिन के भीतर पूछताछ के लिए हो पेश&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि दोनों को नोटिस जारी करने के तीन दिन के भीतर पूछताछ के लिए पेश होना है। इससे पहले अतुल के भाई की शिकायत के आधार पर कर्नाटक पुलिस ने निकिता की मां, भाई और चाचा के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। हालांकि, परिवार पिछले गुरुवार रात से ही फरार है.&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>यूपी में 27 हजार पदों पर शिक्षकों की भर्ती का रास्ता साफ, हाईकोर्ट का आदेश बरकरार</title><link>https://up.inkhabar.com/top-news/the-way-is-cleared-for-recruitment-of-teachers-on-27-thousand-posts-in-up-high-courts-order-remains-intact/</link><pubDate>December 8, 2024, 6:01 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/12/download-13-2-300x168.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>लखनऊ: उत्तर प्रदेश में शिक्षक भर्ती में खाली रह गई 27 हजार से ज्यादा सीटों का रास्ता साफ हो गया है। सुप्रीम कोर्ट ने बेसिक शिक्षा में सहायक शिक्षकों के 68,500 पदों पर भर्ती के मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ पीठ के आदेश को बरकरार रखा है. इ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ:&lt;/strong&gt; उत्तर प्रदेश में शिक्षक भर्ती में खाली रह गई 27 हजार से ज्यादा सीटों का रास्ता साफ हो गया है। सुप्रीम कोर्ट ने बेसिक शिक्षा में सहायक शिक्षकों के 68,500 पदों पर भर्ती के मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ पीठ के आदेश को बरकरार रखा है. इस मामले में हाई कोर्ट ने आदेश दिया था कि राज्य सरकार खाली सीटों को भरे.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सुप्रीम कोर्ट का खटखटाया था दरवाजा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;दरअसल, इस मामले में कुछ अभ्यर्थी कटऑफ अंक कम कर रिक्त पदों पर चयन की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट गए थे. लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी है. अब याचिका खारिज होने के बाद बेसिक शिक्षा विभाग की भर्ती प्रक्रिया हाईकोर्ट के आदेश के मुताबिक आगे बढ़ेगी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;ये है पूरा मामला&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;साल 2017 में सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में सहायक अध्यापक पद पर समायोजित हुए शिक्षामित्रों का समायोजन रद्द कर दिया था. कोर्ट के इस फैसले के बाद करीब 1.37 लाख शिक्षकों के पद खाली हो गये. इसके बाद यूपी सरकार ने दो चरणों में बहाली की.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;एक चरण में 68,500 और 69 हजार पदों पर शिक्षकों की भर्ती की गई. इसके बाद इसकी परीक्षा आयोजित की गई. जब इसका परिणाम घोषित किया गया तो अनारक्षित वर्ग के लिए कटऑफ 45 प्रतिशत निर्धारित की गई, जबकि ओबीसी और अन्य श्रेणियों के लिए कटऑफ 40 प्रतिशत निर्धारित की गई। लेकिन योग्य उम्मीदवार नहीं मिलने के कारण 27 हजार से ज्यादा पद खाली रह गये.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;क्या था हाईकोर्ट का फैसला&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;कुछ अभ्यर्थियों ने भर्ती परीक्षा में कॉपियां बदले जाने का आरोप लगाकर कटऑफ कम करने की मांग की थी. इसके लिए इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच में याचिका दायर की गई थी. तब हाई कोर्ट ने इस मामले की सीबीआई जांच के आदेश दिए थे. तब सरकार इस मामले में डबल बेंच में गयी थी.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;तब डबल बेंच ने आदेश दिया था कि सरकार खाली पदों को भरे. लेकिन कटऑफ अंक कम कर नियुक्ति की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट गए अभ्यर्थियों की याचिका वहां भी खारिज कर दी गई.&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>High Court: वाराणसी के विवादित मामले में आज सुनवाई, वजूखाने के सर्वेक्षण को लेकर दायर की थी याचिका</title><link>https://up.inkhabar.com/desh-pradesh/high-court-hearing-today-in-the-controversial-case-of-varanasi-a-petition-was-filed-regarding-the-survey-of-washroom/</link><pubDate>November 21, 2024, 7:43 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/11/COUR-300x169.webp</image><category>देश-प्रदेश</category><excerpt>लखनऊ। वाराणसी के विवादित ज्ञानवापी परिसर में स्थित वजूखाने का ASI सर्वेक्षण कराने की मांग को लेकर याचिका दायर की गई थी। दायर याचिका पर आज सुनवाई होनी है। इलाहाबाद हाईकोर्ट दोपहर 2 बजे इस मामले की सुनवाई करेगा। इस याचिका में आर्कियोलॉजिकल सर्वे ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ।&lt;/strong&gt; वाराणसी के विवादित ज्ञानवापी परिसर में स्थित वजूखाने का ASI सर्वेक्षण कराने की मांग को लेकर याचिका दायर की गई थी। दायर याचिका पर आज सुनवाई होनी है। इलाहाबाद हाईकोर्ट दोपहर 2 बजे इस मामले की सुनवाई करेगा। इस याचिका में आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया से बाकी हिस्सों की तरह वजूखाने का भी सर्वेक्षण कराए जाने की मांग की गई है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;मुस्लिम पक्ष ने मांग का किया विरोध&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;मुस्लिम पक्ष ने वजूखाने का सर्वेक्षण एएसआई से कराए जाने की मांग का विरोध किया है। मुस्लिम पक्ष की तरफ से दलील दी गई कि सुप्रीम कोर्ट ने इस पर रोक लगा रखी है। हिन्दू पक्ष ने याचिका में वजूखाने के सर्वेक्षण को विवादित परिसर का रिलिजियस कैरेक्टर निश्चित करने के लिए बेहद अहम बताया है। जिसमें कहा गया है कि शिवलिंग को छोड़कर वजूखाने के बाकी हिस्से का भी सर्वेक्षण कराया जाना चाहिए।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;शिवलिंग की कार्बन डेटिंग का आदेश&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;याचिकाकर्ता ने दलील दी है कि हाईकोर्ट ने पिछले साल शिवलिंग की कार्बन डेटिंग का आदेश दिया था। जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने प्रतिबंध लगा दिया था। उस याचिका में शिवलिंग का सर्वेक्षण कराए जाने को लेकर मांग की गई थी। वादिनी राखी सिंह की तरफ से इसको लेकर याचिका दायर की गई थी। जिसमें शिवलिंग के अलावा वजूखाने के बाकी हिस्से का सर्वेक्षण कराए जाने की मांग की गई। याचिकाकर्ता की तरफ से उनके अधिवक्ता सौरभ तिवारी ने अदालत में अपना पक्ष रखा।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;हिंदू पक्ष के तर्क को नकारा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इस मामले में न्यायाधीश रोहित रंजन अग्रवाल की सिंगल बेंच मामले की सुनवाई करेगी। इससे पहले ज्ञानवापी में वजूखाने में शिवलिंग जैसी संरचना मिली थी। हिन्दू पक्ष का दावा है कि ये शिवलिंग है। वहीं मुस्लिम पक्ष का कहना था कि यह फव्वारा है। मुस्लिम पक्ष ने इसे फव्वारा बताते हुए हिंदू पक्ष के तर्क को नकार दिया।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Bail: सपा नेता इरफान सोलंकी को मिली जमानत, हाईकोर्ट ने नहीं लगाई सजा पर रोक</title><link>https://up.inkhabar.com/states/bail-sp-leader-irfan-solanki-got-bail-high-court-did-not-stay-the-sentence/</link><pubDate>November 14, 2024, 9:24 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/11/SP-300x169.webp</image><category>राज्य</category><excerpt>लखनऊ। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कब्जे के लिए महिला का घर जाने के मामले में 7 साल की सजा काट रहे इरफान सोलंकी की जमानत मंजूर कर ली है। वहीं कोर्ट ने सजा पर रोक नहीं लगाई है। साथ ही सजा बढ़ाने की राज्य सरकार की अपीस 4 सप्ताह बाद सूचीबद्ध करने का निर्द...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ।&lt;/strong&gt; इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कब्जे के लिए महिला का घर जाने के मामले में 7 साल की सजा काट रहे इरफान सोलंकी की जमानत मंजूर कर ली है। वहीं कोर्ट ने सजा पर रोक नहीं लगाई है। साथ ही सजा बढ़ाने की राज्य सरकार की अपीस 4 सप्ताह बाद सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;खुली अदालत में फैसला सुनाया&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;यह आदेश जस्टिस राजीव गुप्ता और जस्टिस सुरेंद्र सिंह की खंडपीठ ने गुरुवार को खुली अदालत में सुनाया। खंडपीठ ने इरफान सोलंकी और राज्य सरकार की अपीलों पर लंबी सुनवाई के बाद 8 नवंबर को फैसला अपने पास सुरक्षित रख लिया था। मामले के तथ्यों के मुताबिक कानपुर की स्पेशल कोर्ट एमपी एमएलए ने जाजमऊ की डिफेंस कॉलोनी निवासी नजीर फातिमा ने घर जलाने के मामलेमें विधायक इरफान सोलंकी और उनके भाई रिजवान सोलंकी समेत 5 लोगों को सात जुलाई 2024 को सात साल की सजा सुनाई है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;स्पेशल कोर्ट में आदेश को चुनौती&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;हाईकोर्ट में अपील दाखिल कर स्पेशल कोर्ट के इस आदेश को चुनौती दी गई है। अपील में सजा रद्द करने और आखिरी फैसला आने तक जमानत देने व सजा पर रोक लगाने की मांगी की गई। वहीं राज्य सरकार ने सजा बढ़ाकर उम्रकैद करने की मांग से अपील दायर की। जाजामऊ की डिफेंस कॉलोनी की निवासी नजीर फातिमा ने घर जलाने के मामले में कानपुर की सीसामऊ विधानसभा के निवर्तमान विधायक इरफान सोलंकी और उनके भाई रिजवान सोलंकी पर मुकदमा दर्ज कराया था।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Fake Certificate: 20 हजार रूपए में बनाते थे नकली मैरिज सर्टिफिकेट, कोर्ट में हुआ खुलासा</title><link>https://up.inkhabar.com/crime/fake-certificate-used-to-make-fake-marriage-certificates-for-rs-20-thousand-revealed-in-court/</link><pubDate>November 6, 2024, 7:29 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/11/MARR-300x169.webp</image><category>क्राइम</category><excerpt>लखनऊ। यूपी के प्रयागराज में पुलिस ने ऐसी गैंग का पर्दाफाश किया है, जो सिर्फ 20 हजार रूपए में शादी का नकली सर्टिफिकेट बनाकर देती है। यह काम एक साइबर कैफे के जरिए किया जा रहा था। पुलिस को जब इस बारे में सूचना मिली तो, उन्होंने तुरंत इस साइबर कैफे...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ।&lt;/strong&gt; यूपी के प्रयागराज में पुलिस ने ऐसी गैंग का पर्दाफाश किया है, जो सिर्फ 20 हजार रूपए में शादी का नकली सर्टिफिकेट बनाकर देती है। यह काम एक साइबर कैफे के जरिए किया जा रहा था। पुलिस को जब इस बारे में सूचना मिली तो, उन्होंने तुरंत इस साइबर कैफे में छापेमारी की। पुलिस ने मामले में दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;साइबर कैफे पर छापा मारा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;उनके साइबर कैफे से 3 सीपीयू, 3 मॉनिटर, 3 बोर्ड और 2 प्रिंटर मिले हैं। साथ ही तीन फेक मैरिज सर्टिफिकेट भी पुलिस ने बरामद किए है। यह मामला प्रयागराज के कैंट इलाके का बताया जा रहा है। जहां अजय इंटरप्राइजेज नाम के साइबर कैफे फर्जी सर्टिफिकेट का काम किया जा रहा था। पुलिस को सूचना मिली कि यहां 20 हजार रुपये में फेक मैरिज सर्टिफिकेट बनाए जाते हैं। पुलिस ने जब छापेमारी की तो शेषमणि दुबे उर्फ राजा और अनिल प्रजापति नाम के व्यक्ति घटनास्थल पर मिले। दोनों से पुलिस ने जब सख्ती से पूछताछ की तो सारी कहानी उगल दी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;कोर्ट में सर्टिफिकेट का खुलासा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि काफी समय से ये लोग फर्जी मैरिज सर्टिफिकेट का काम कर रहे थे। पुलिस ने दोनों को हिरासत में लिया। साथ ही मौके से 3 सीपीयू, तीन की बोर्ड, 3 मॉनिटर और दो प्रिंटर बरामद किए । मामले का खुलासा तब हुआ जब इलाहाबाद हाईकोर्ट में कई शादीशुदा जोड़ों की तरफ से सुरक्षा की मांग को लेकर याचिका दायर की गई हैं। हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान पता चला कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर मैरिज सर्टिफिकेट बनाए जाने का काम किया जा रहा है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;उचित कार्रवाई करने के निर्देश&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;जो मैरिज सर्टिफिकेट बनाए जा रहे हैं, उन्हें नकली दस्तावेजों की मदद से तैयार किया जा रहा है। शादी करने वाले जोड़ों से मैरिज सर्टिफिकेट के नाम पर 20 हजार रुपये लिए जा रहे हैं। बिना जांच के ही फेक मैरिज सर्टिफिकेट लोगों को दिए जा रहे हैं। कई मामलों में तो फर्जी आधार कार्ड और बर्थ सर्टिफिकेट समेत नाबालिग लड़कियों के बालिग प्रमाण पत्र बनाए जाने की बात भी सामने आई थी। हाईकोर्ट ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रयागराज पुलिस अधिकारियों को जांच कर उचित कार्रवाई का निर्देश दिया था।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>ज्ञानवापी मामले पर बोले रामभद्राचार्य &amp;#8216;हम हाई कोर्ट जाएंगे, सुप्रीम कोर्ट जाएंगे, फैसला हमारे पक्ष…</title><link>https://up.inkhabar.com/top-news/rambhadracharya-said-on-gyanvapi-case-we-will-go-to-the-high-court-we-will-go-to-the-supreme-court-the-decision-will-be-in-our-favor/</link><pubDate>October 27, 2024, 7:05 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/10/j-300x169.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>लखनऊ: ज्ञानवापी मामले को लेकर हिंदू पक्ष की याचिका शुक्रवार को वाराणसी कोर्ट में खारिज कर दी गई. इस मामले पर जब जगद्गुरु रामभद्राचार्य से सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा, &amp;#8216;हम इसे लेकर हाई कोर्ट, सुप्रीम कोर्ट जाएंगे और कोर्ट हमारे पक्ष में ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ:&lt;/strong&gt; ज्ञानवापी मामले को लेकर हिंदू पक्ष की याचिका शुक्रवार को वाराणसी कोर्ट में खारिज कर दी गई. इस मामले पर जब जगद्गुरु रामभद्राचार्य से सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा, &amp;#8216;हम इसे लेकर हाई कोर्ट, सुप्रीम कोर्ट जाएंगे और कोर्ट हमारे पक्ष में फैसला देगा.&amp;#8217;&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;&amp;#8216;हम सुप्रीम कोर्ट का लेंगे सहारा&amp;#8221;&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;ज्ञानवापी मामले पर मीडिया से बात करते हुए रामभद्राचार्य ने कहा, &amp;#8216;हम हाईकोर्ट जाएंगे, फिर सुप्रीम कोर्ट जाएंगे. हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट हमारे अनुकूल फैसले देंगे. सनातन बोर्ड बनाने की मांग पर उन्होंने कहा कि हिंदू मंदिरों का अधिग्रहण नहीं किया जाना चाहिए. उसके लिए हम सरकार से अनुरोध करेंगे.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;हिंदू पक्ष द्वारा की गई याचिका खारिज&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;ज्ञानवापी मामले में वाराणसी कोर्ट ने शुक्रवार को हिंदू पक्ष की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें पूरे परिसर का एएसआई सर्वे कराने की मांग की गई थी. हिंदू पक्षकार विजय शंकर रस्तोगी ने अपनी याचिका में दलील देते हुए कहा था कि मस्जिद के मुख्य गुंबद के नीचे 100 फीट का शिवलिंग है, जिसका पेनिट्रेटिंग रडार से पुरातात्विक सर्वेक्षण करवाया जाएं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;वजूखाना का भी सर्वेक्षण जरुरी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;उन्होंने यह भी मांग की थी कि वजूखाना का भी सर्वेक्षण कराया जाए जो कि पिछले अध्ययन सर्वेक्षण में नहीं किया गया था. इसके अलावा बचे हुए बेसमेंट का भी सर्वे किया जाना चाहिए. हिंदू पक्ष के वकील विजय शंकर रस्तोगी ने कहा कि हम वकील के आदेश को इलाहाबाद हाई कोर्ट में चुनौती देंगे.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;ज्ञानवापी परिसर के सर्वे की मांग&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;उन्होंने कहा कि हम कोर्ट के आदेश की कॉपी का इंतजार कर रहे हैं. इसका पूरा रिसर्च करने के बाद हम उच्च न्यायालय जाएंगे। इससे पहले विजय शंकर रस्तोगी ने अपनी दलील में कोर्ट के सामने सफाई दी कि पिछला ASI सर्वे अधूरा था.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;जिस जगह पर शिवलिंग है वहां सर्वे नहीं हुआ&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;उन्होंने दावा किया कि जिस क्षेत्र में हिंदू पक्ष द्वारा शिवलिंग का दावा किया जा रहा है, वहां पिछली बार सर्वेक्षण नहीं किया गया था और इसलिए पूरे ज्ञानवापी परिसर का भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा सर्वेक्षण किए जाने की आवश्यकता है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>श्रीकृष्ण जन्मभूमि विवाद में हिंदू पक्ष की बड़ी जीत, अगली सुनवाई 6 नवंबर</title><link>https://up.inkhabar.com/top-news/big-victory-for-hindu-side-in-shri-krishna-janmabhoomi-dispute-next-hearing-on-6-november/</link><pubDate>October 23, 2024, 11:17 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/10/download-95-300x168.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>लखनऊ: मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह मस्जिद विवाद मामले में आज बुधवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. इस बीच शाही ईदगाह मस्जिद कमेटी की रिकॉल याचिका पर इलाहाबाद हाई कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया है. हाई कोर्ट के फैसले को हिंदू पक्ष...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ:&lt;/strong&gt; मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह मस्जिद विवाद मामले में आज बुधवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. इस बीच शाही ईदगाह मस्जिद कमेटी की रिकॉल याचिका पर इलाहाबाद हाई कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया है. हाई कोर्ट के फैसले को हिंदू पक्ष की बड़ी जीत बताया जा रहा है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;मस्जिद कमेटी की रिकॉल याचिका खारिज&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;मस्जिद कमेटी की रिकॉल याचिका को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है. कोर्ट के इस फैसले से हिंदू पक्ष की डेढ़ दर्जन याचिकाओं पर कोर्ट में एक साथ सुनवाई का रास्ता साफ हो गया है. हाई कोर्ट ने इस साल 11 जनवरी के अपने फैसले को बरकरार रखा था. जिसके बाद अब कोर्ट ने ये फैसला सुनाया है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;कोर्ट ने अपना पुराना फैसला बरकरार रखा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;शाही ईदगाह मस्जिद कमेटी ने हिंदू पक्ष की ओर से दायर याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई के फैसले के खिलाफ हाई कोर्ट में रिकॉल याचिका दायर की थी. रिकॉल याचिका पर कोर्ट द्वारा 11 जनवरी को दिए गए फैसले को चुनौती दी गई थी. अब एक बार फिर कोर्ट ने अपना पुराना फैसला बरकरार रखा है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;कोर्ट ने फैसले को सही ठहराया&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;कोर्ट ने एक बार फिर इसी साल 11 जनवरी को दिए अपने फैसले को सही ठहराया है. दरअसल, इस याचिका में मुस्लिम पक्ष की ओर से कहा गया था कि हिंदू पक्ष की याचिकाओं में असमानताएं हैं. इसी वजह से अलग से सुनवाई की मांग की जा रही है. इसलिए इन याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई नहीं की जानी चाहिए.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;अगली सुनवाई 6 नवंबर दोपहर 2 बजे&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;मुस्लिम पक्ष ने कहा कि सुनवाई की गुणवत्ता तय होने से पहले मामलों को क्लब नहीं किया जा सकता. जस्टिस मयंक कुमार जैन की एकलपीठ ने यह फैसला सुनाया है. बता दें कि इस मामले में सुनवाई पूरी होने के बाद कोर्ट ने 16 अक्टूबर को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. अब मामले की अगली सुनवाई 6 नवंबर को दोपहर 2 बजे शुरू होगी.&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Breaking: सुप्रीम कोर्ट में आजम खान की ट्रांसफर याचिका पर टली सुनवाई, भैंस-बकरी समेत अन्य आरोपों में दर्ज FIR</title><link>https://up.inkhabar.com/top-news/breaking-hearing-on-azam-khans-transfer-petition-postponed-in-supreme-court/</link><pubDate>October 21, 2024, 5:34 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/10/download-63-300x225.png</image><category>क्राइम</category><excerpt>लखनऊ: सपा नेता आजम खान (Azam Khan) की ओर से दायर ट्रांसफर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में आज सोमवार को सुनवाई टल गई है. आजम खान ने अपनी याचिका में उत्तर प्रदेश में लंबित सभी मामलों की सुनवाई राज्य के बाहर करने की मांग की है. उनका मानना ​​है कि यूपी...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ:&lt;/strong&gt; सपा नेता आजम खान (Azam Khan) की ओर से दायर ट्रांसफर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में आज सोमवार को सुनवाई टल गई है. आजम खान ने अपनी याचिका में उत्तर प्रदेश में लंबित सभी मामलों की सुनवाई राज्य के बाहर करने की मांग की है. उनका मानना ​​है कि यूपी में उनके खिलाफ इतने मामले दर्ज हैं कि उन्हें यहां निष्पक्ष न्याय मिलने की संभावना नहीं है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;इन मामलों में दर्ज हैं केस&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;गौरतलब है कि आजम खान के खिलाफ 2019 और 2020 में 90 से ज्यादा मामले दर्ज किए गए थे. (Azam Khan) इनमें से कम से कम 35 मामले अभी भी लंबित हैं. आजम खान के वकील के मुताबिक, इन मुकदमों में भैंस चोरी, बकरी चोरी, 5 हजार रुपये की लूट, बर्तन चोरी, पायल चोरी जैसे आरोप हैं.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सीतापुर जेल में बंद हैं आजम खान&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;आजम पर आरोप है कि अनाथालय में रहने वाले लोगों के घर तोड़ दिए गए और उनके घरों से भैंस, बकरियां और कई अन्य चीजें लूट ली गईं. सपा नेता को पिछले साल फर्जी जन्म प्रमाण पत्र मामले में दोषी ठहराया गया था और जेल भेज दिया गया था। (Azam Khan) वह फिलहाल सीतापुर जेल में हैं।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Hearing: मथुरा श्री कृष्ण जन्मभूमि विवाद को लेकर अहम सुनवाई, रिकॉल अर्जी पर हिंदू पक्ष देगा जवाब</title><link>https://up.inkhabar.com/top-news/hearing-important-hearing-regarding-mathura-shri-krishna-janmabhoomi-dispute-hindu-side-will-reply-on-recall-petition/</link><pubDate>September 23, 2024, 10:15 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/09/hea-1-300x169.webp</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>लखनऊ। मथुरा की श्री कृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह मस्जिद के बीच जारी जमीन विवाद के मुकदमे में इलाहाबाद हाईकोर्ट में आज बहुत जरूरी सुनवाई होनी है। आज की सुनवाई न्यायाधीश मयंक कुमार जैन की सिंगल पीठ में दोपहर के समय करेगी। मुस्लिम पक्ष द्वारा दायर...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ।&lt;/strong&gt; मथुरा की श्री कृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह मस्जिद के बीच जारी जमीन विवाद के मुकदमे में इलाहाबाद हाईकोर्ट में आज बहुत जरूरी सुनवाई होनी है। आज की सुनवाई न्यायाधीश मयंक कुमार जैन की सिंगल पीठ में दोपहर के समय करेगी। मुस्लिम पक्ष द्वारा दायर रिकॉल अर्जी पर सुनवाई होनी है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;रिकॉल अर्जी पर जवाब दाखिल&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;शाही ईदगाह मस्जिद कमेटी ने हिंदू पक्ष की ओर से दाखिल डेढ़ दर्जन याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई किए जाने के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी है। आज 23 सितंबर की सुनवाई में हिंदू पक्ष को शाही ईदगाह कमेटी की रिकॉल अर्जी पर अपना जवाब दाखिल करेगी। इसके साथ ही आज मथुरा के मंदिर मस्जिद विवाद का ट्रायल डे टु डे के आधार पर की जाने वाली मांग को लेकर भी सुनवाई होने की संभावना है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;रिकॉल अर्जी पर सुनवाई का फैसला&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;4 सितंबर को हुई सुनवाई में मुस्लिम पक्ष को इलाहाबाद हाईकोर्ट से राहत दी गई थी। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हिंदू पक्ष द्वारा दाखिल किए गए डेढ़ दर्जन मुकदमों का ट्रायल शुरू करने से पूर्व शाही ईदगाह मस्जिद कमेटी की रिकॉल अर्जी पर सुनवाई करने का फैसला करते हुए मंदिर पक्ष से जवाब तलाश कर रही थी। हाईकोर्ट का कहना था कि मथुरा के मंदिर मस्जिद विवाद में वह मुस्लिम पक्ष की रीकॉल अर्जी को समाधान करने के बाद ही सुनवाई करेगी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;ईदगाह मस्जिद के खिलाफ दायर अर्जी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;गौर करने वाली बात यह है कि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इसी साल जनवरी के महीने में मथुरा की श्री कृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह मस्जिद विवाद से जुड़ी हिंदू पक्ष की सभी 18 याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई करने का आदेश पारित किया था। शाही ईदगाह मस्जिद कमेटी ने इस आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट में रिकॉल अर्जी दायर की थी&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Azam Khan: खत्म होने का नाम नहीं ले रहा आजम खान का संकट, हाई कोर्ट से लगा तगड़ा झटका</title><link>https://up.inkhabar.com/crime/azam-khan-azam-khans-crisis-is-not-ending-gets-a-big-blow-from-the-high-court/</link><pubDate>September 21, 2024, 9:29 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/09/download-7-5-300x166.png</image><category>क्राइम</category><excerpt>लखनऊ: रामपुर की जौहर यूनिवर्सिटी में सफाई मशीन बरामदगी मामले में आजम खान (Azam Khan) को इलाहाबाद हाई कोर्ट से बड़ा झटका लगा है. हाईकोर्ट ने आजम खान की जमानत याचिका खारिज कर दी है. खरिज की गई जमानत याचिका इसके साथ ही कोर्ट ने आजम खान (Azam Khan)...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ:&lt;/strong&gt; रामपुर की जौहर यूनिवर्सिटी में सफाई मशीन बरामदगी मामले में आजम खान (Azam Khan) को इलाहाबाद हाई कोर्ट से बड़ा झटका लगा है. हाईकोर्ट ने आजम खान की जमानत याचिका खारिज कर दी है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;खरिज की गई जमानत याचिका&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इसके साथ ही कोर्ट ने आजम खान (Azam Khan) के बेटे अब्दुल्ला आजम और उनके सहयोगी अज़हर खान की जमानत अर्जी भी खारिज कर दी. यह फैसला जस्टिस समित गोपाल की एकल पीठ ने सुनाया है. 2 सितंबर को इस मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिसे अब सुनाया गया है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;ये है पूरा मामला&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;यह मामला 2022 का है जब रामपुर के कोतवाली थाने में सफाई मशीन चोरी का मामला दर्ज किया गया था. (Azam Khan) जांच के बाद पुलिस ने जौहर यूनिवर्सिटी से सफाई मशीन बरामद कर ली, जिसके बाद मामले ने तूल पकड़ लिया. इस मामले में आजम खान, उनके बेटे अब्दुल्ला आजम और सहयोगी अज़हर खान पर गंभीर आरोप लगे थे.&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>High Court: सपा नेता गायत्री प्रजापति की जमानत को लेकर हाईकोर्ट ने सुनाया फैसला, बेल की अर्जी खारिज</title><link>https://up.inkhabar.com/top-news/high-court-high-court-gave-its-verdict-regarding-the-bail-of-sp-leader-gayatri-prajapati-bail-application-rejected/</link><pubDate>September 20, 2024, 9:03 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/09/par-300x169.webp</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>लखनऊ। दुष्कर्म के मामले में आजीवन कारावास की सजा भुगत रहे सपा सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे गायत्री प्रसाद प्रजापति की जामनत को लेकर आज हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ फैसला सुनाएगी। प्रजापति ने मामले मे सत्र अदालत से उम्रकैद की सजा सुनाए जाने के बाद फैसले...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ।&lt;/strong&gt; दुष्कर्म के मामले में आजीवन कारावास की सजा भुगत रहे सपा सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे गायत्री प्रसाद प्रजापति की जामनत को लेकर आज हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ फैसला सुनाएगी। प्रजापति ने मामले मे सत्र अदालत से उम्रकैद की सजा सुनाए जाने के बाद फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील दायर की है। साथ ही जमानत पररिहा किए जाने की अर्जी भी दायर की। इस अर्जी पर 10 सितंबर को कोर्ट ने फैसला सुनाया सुरक्षित कर लिया था। जिसे आज सुनाया जाना है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;क्या है पूरा मामला?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि समाजवादी पार्टी में खनन मंत्री रहे गायत्री प्रसाद प्रजापति और 6 अन्य लोगों पर चित्रकूट की एक महिला ने अपनी नाबालिग बेटी के साथ गैंगरेप का आरोप लगाया था। महिला ने बताया कि वह मंत्री गायत्री प्रजापति से मिलने उनके घर पर पहुंची थी। जिसके बाद मंत्री और उनके साथियों ने उसकों नशीला पदार्थ दिया और उसकी नाबालिग बेटी के साथ गैंगरेप किया। शिकायत के बाद गायत्री प्रजापति की ओर से धमकी देने की बात कही गई थी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;जमानत की याचिका खारिज&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;पूर्व सपा मंत्री गायत्री प्रजापति को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बड़ा दिया है। दुष्कर्म के मामले में दायर जमानत को लेकर आज फैसला आया है। दुष्कर्म मामले में सुनवाई में कोर्ट ने गायत्री प्रजापति की बेल को खारिज कर दिया है। साल 2017 में इनके ऊपर दुष्कर्म का आरोप लगा था। लखनऊ बेंच की ओर से आज जस्टिस विवेक चौधरी और फैंज आलम ने मामले की सुनवाई की है। जिस पर फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने इनकी जमानत की याचिका को खारिज कर दिया है।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;कई आरोपों में दोषी&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति दुष्कर्म के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे हैं। गायत्री प्रजापति पर कई तरह के आरोप लागाए गए है। जिसमें दुष्कर्म के साथ आपराधिक साजिश और धमकी के आरोपों में दोषी मनाया था।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Sri Krishna birthplace: कृष्ण जन्मभूमि को लेकर विवाद, मुस्लिम पक्ष को लगा बड़ा झटका</title><link>https://up.inkhabar.com/top-news/sri-krishna-birthplace-controversy-over-krishna-birthplace-muslim-side-gets-a-big-blow/</link><pubDate>September 17, 2024, 9:49 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/09/download-6-7-300x225.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>लखनऊ: श्रीकृष्ण जन्मभूमि ईदगाह मामले में आज मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. हाई कोर्ट द्वारा हिंदू पक्ष के दावों को सुनवाई के योग्य मानने के बाद मुस्लिम पक्ष इस मामले में सुप्रीम कोर्ट पहुंचा. इधर, शाही ईदगाह कमेटी की करीब 1600 पेज की ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ&lt;/strong&gt;: श्रीकृष्ण जन्मभूमि ईदगाह मामले में आज मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. हाई कोर्ट द्वारा हिंदू पक्ष के दावों को सुनवाई के योग्य मानने के बाद मुस्लिम पक्ष इस मामले में सुप्रीम कोर्ट पहुंचा. इधर, शाही ईदगाह कमेटी की करीब 1600 पेज की याचिका पर कहा गया कि रिट का परीक्षण कराया जायेगा.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;मुस्लिम पक्ष ने खटखटाया दरवाजा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को श्रीकृष्ण जन्मभूमि ईदगाह मामले में हाई कोर्ट के आदेश पर कोई रोक नहीं लगाई। हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ मुस्लिम पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. अब इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट में 4 नवंबर को सुनवाई होगी. कहा कि रिट का परीक्षण किया जाएगा. हालांकि कोर्ट ने यह भी कहा कि यह रिट पहले इलाहाबाद हाई कोर्ट की डबल बेंच में दाखिल की जानी चाहिए थी. इसका भी परीक्षण किया जाएगा।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;मुस्लिम पक्ष की आपत्तियों को खारिज किया&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;1 अगस्त को इलाहाबाद हाई कोर्ट ने मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही मस्जिद ईदगाह विवाद को सुनवाई के लायक माना था. कोर्ट ने शाही ईदगाह मस्जिद की जमीन के मालिकाना हक को लेकर हिंदू पक्षकारों की ओर से दायर सभी 15 सिविल मुकदमों को सुनवाई योग्य मानते हुए मुस्लिम पक्ष की पांचों आपत्तियों को खारिज कर दिया. ईदगाह कमेटी ने कोर्ट के इस निर्णय को उच्च न्यायालय में चुनौती दी है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;अब 4 नवंबर को अगली सुनवाई&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;एक अपील दायर कर कहा गया है कि हाई कोर्ट ने हिंदू पक्ष के दावों को सुनवाई के लायक माना है, जो गलत है. मुस्लिम पक्ष की इस अर्जी पर मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी थी. श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास के अध्यक्ष अधिवक्ता महेंद्र प्रताप सिंह और पक्षकार आशुतोष पांडे के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को इस मामले में कोई स्टे नहीं दिया. बताया जा रहा है कि यह जांच होगी और अगली तारीख 4 नवंबर तय की गई है. सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस संजय कुमार ने कोर्ट नंबर 2 में इस मामले की सुनवाई की.&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>High Court: नवनियुक्त कर्मचारियों को कोर्ट से लगा बड़ा झटका, ना हाजिरी लगेगी और ना ही वेतन मिलेगा</title><link>https://up.inkhabar.com/states/high-court-newly-appointed-employees-get-a-big-blow-from-the-court-neither-will-they-be-required-to-attend-nor-will-they-get-salary/</link><pubDate>September 6, 2024, 2:47 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/09/COURT-1-300x169.webp</image><category>राज्य</category><excerpt>लखनऊ। कोऑपरेटिव भर्ती भ्रष्टाचार में सभी नवनियुक्त कर्मचारियों को अब उच्च न्यायालय से भी बड़ा झटका लगा है। 46 समितियों में बहाल किए गए 90 नए कर्मचारियों को हाई कोर्ट से कोई राहत नहीं मिल पाई है। जिससे आर का आदेश वैसे ही लागू रहेगा। ये कर्मचारी ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ।&lt;/strong&gt; कोऑपरेटिव भर्ती भ्रष्टाचार में सभी नवनियुक्त कर्मचारियों को अब उच्च न्यायालय से भी बड़ा झटका लगा है। 46 समितियों में बहाल किए गए 90 नए कर्मचारियों को हाई कोर्ट से कोई राहत नहीं मिल पाई है। जिससे आर का आदेश वैसे ही लागू रहेगा। ये कर्मचारी न तो अपनी हाजिरी लगा सकेंगे और ना ही इन्हें इनकी सैलरी मिलेगी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाया&lt;/strong&gt; &lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;एक तरह से देखा जाए तो इन सभी कर्मचारियों को समितियों से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है। सहारनपुर में पिछले साल ही नवंबर-दिसंबर के महीने में 46 कोऑपरेटिव समितियों में काम करने के लिए अस्थाई तौर पर लोगों की नियुक्ति की गई है। शिकायतों पर जांच की गई तो नियुक्तियां नियम के विरूद्ध पाई गई। समितियो को औपचारिक तौर पर नियुक्ति करने का अधिकार ही प्राप्त नहीं था।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;घोटाले के ऑडियो वायरल&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;यहीं नहीं इन अस्थाई नियुक्तियों में भी जमकर घोटाला होने के ऑडियो वायरल हुए तो मामले की पोल खुली। शासन ने मामले को गंभीर मानते हुए मामले की जांच कराई। जिसमें पूर्व एआर एसएन मिश्रा और 4 एडीसीओ और 4 एडीओ को उनके पद से हटा दिया गया है। वहीं एआर कोऑपरेटिव रविशंकर ने बढ़ते वेतन खर्च को ध्यान में रखते हुए इन कर्मियों के हाजिरी लगाने और वेतन आरहरण को रोक दिया गया है। इसमें 3 कर्मियों को हाईकोर्ट से स्टे मिल गया है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>High Court: इलाहाबाद हाईकोर्ट से सीसामऊ सीट के विधायक को लगा बड़ा झटका, सुनवाई को एक बार फिर टाला</title><link>https://up.inkhabar.com/politics/high-court-mla-from-sisamau-seat-got-a-big-blow-from-allahabad-high-court-hearing-postponed-once-again/</link><pubDate>August 27, 2024, 9:30 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/08/TGHJ-300x169.webp</image><category>राजनीति</category><excerpt>लखनऊ। कानपुर की सीसामऊ सीट से समाजवादी पार्टी के निवर्तमान विधायक इरफान सोलंकी को बड़ा झटका लगा है। इरफान सोलंकी की याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट में मंगलवार को होने वाली सुनवाई टाल दिया गया है। पिछली कई तारीखों से लगातार सुनवाई को टाला जा रहा है...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ।&lt;/strong&gt; कानपुर की सीसामऊ सीट से समाजवादी पार्टी के निवर्तमान विधायक इरफान सोलंकी को बड़ा झटका लगा है। इरफान सोलंकी की याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट में मंगलवार को होने वाली सुनवाई टाल दिया गया है। पिछली कई तारीखों से लगातार सुनवाई को टाला जा रहा है। हाईकोर्ट ने यूपी सरकार की गुजारिश पर मंगलवार को फिर एक बार से सुनवाई टल गई।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;अपील में सजा रद्द करने की मांग की&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;अब 18 सितंबर को इस मामले में सुनवाई होगी। इरफान सोलंकी ने 7 साल की सजा के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील दायर की है। उन्होंने अपनी अपील में सजा को रद्द किए जाने की गुहार लगाई गई है। इसके अतिरिक्त अदालत का फैसला आने तक सजा पर रोक लगाए जाने और जमानत दिए जाने की भी अपील की गई है। 7 साल की सजा होने के कारण इरफान सोलंकी की विधानसभा की सदस्यता रद्द हो चुकी है। सीसामऊ सीट पर जल्द ही उपचुनाव कराए जाने की तैयारी है। इरफान सोलंकी को अगर कोर्ट से राहत मिलती है और उनकी सजा पर रोक लगती है तो उनकी विधानसभा की सदस्यता एक बार फिर बहाल हो जाएगी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;रिजवान सोलंकी ने भी याचिका दाखिल की&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;विधानसभा की सदस्यता बहाल होने की सूरत में इस सीट पर उपचुनाव भी नहीं होगा। इरफान सोलंकी के साथ ही इस मामले में सजा पाने वाले उनके भाई रिजवान सोलंकी ने भी याचिका दायर कर रखी है। भाई रिजवान सोलंकी की याचिका में भी वही मांगे दोहराई गई हैं। जो इरफान सोलंकी की याचिका में है। इसी केस में एक अन्य आरोपी याकूब की तरफ से भी जमानत की अपील दायर की है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;7 जून को दोषी ठहराया&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इरफान सोलंकी, उनके भाई रिजवान सोलंकी और याकूब पर कानपुर की डिफेंस कॉलोनी की स्थानीय महिला नजीर फातिमा घर आगजनी करने के आरोप में शिकायत दर्ज की गई थी। कानपुर की स्पेशल एमपी एमएलए कोर्ट ने इसी साल 7 जून को सपा विधायक इरफान सोलंकी और उनके भाई रिजवान सोलंकी समेत 5 लोगों को आरोपी ठहराते हुए केस दर्ज किया था।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>शिक्षक भर्ती स्कैम में इलाहाबाद कोर्ट के फैसले पर राहुल गांधी ने कहा भाजपा सरकार युवाओं की दुश्मन…</title><link>https://up.inkhabar.com/top-news/on-allahabad-courts-decision-in-teacher-recruitment-scam-rahul-gandhi-said-that-bjp-government-is-the-enemy-of-the-youth/</link><pubDate>August 17, 2024, 10:39 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/08/download-5-3-300x174.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>लखनऊ : इलाहाबाद हाई कोर्ट ने यूपी में 69 हजार शिक्षकों की भर्ती की मेरिट लिस्ट को रद्द करने का आदेश दिया, जिसके बाद देशभर में राजनीति गरमा गई है. अब इस मामले पर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भाजपा सरकार पर सवाल उठाए हैं. 69,000 सहायक...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ &lt;/strong&gt;: इलाहाबाद हाई कोर्ट ने यूपी में 69 हजार शिक्षकों की भर्ती की मेरिट लिस्ट को रद्द करने का आदेश दिया, जिसके बाद देशभर में राजनीति गरमा गई है. अब इस मामले पर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भाजपा सरकार पर सवाल उठाए हैं.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;69,000 सहायक शिक्षक भर्ती पर कोर्ट का फैसला&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर ट्वीट कर लिखा, &amp;#8220;69,000 सहायक शिक्षकों की भर्ती पर इलाहाबाद हाईकोर्ट का फैसला आरक्षण व्यवस्था के साथ खिलवाड़ करने वाली भाजपा सरकार की साजिशों को करारा जवाब है। यह 5 वर्षों से सर्दी, गर्मी, बरसात में सड़कों पर निरंतर संघर्ष कर रहे अमित मौर्या जैसे हज़ारों युवाओं की ही नहीं, सामाजिक न्याय की लड़ाई लड़ने वाले हर योद्धा की जीत है।&amp;#8221;&lt;/p&gt;



&lt;figure class=&quot;wp-block-embed is-type-rich is-provider-twitter wp-block-embed-twitter&quot;&gt;&lt;div class=&quot;wp-block-embed__wrapper&quot;&gt;
&lt;blockquote class=&quot;twitter-tweet&quot; data-width=&quot;500&quot; data-dnt=&quot;true&quot;&gt;&lt;p lang=&quot;hi&quot; dir=&quot;ltr&quot;&gt;69,000 सहायक शिक्षकों की भर्ती पर इलाहाबाद हाईकोर्ट का फैसला आरक्षण व्यवस्था के साथ खिलवाड़ करने वाली भाजपा सरकार की साजिशों को करारा जवाब है।&lt;br&gt;&lt;br&gt;यह 5 वर्षों से सर्दी, गर्मी, बरसात में सड़कों पर निरंतर संघर्ष कर रहे अमित मौर्या जैसे हज़ारों युवाओं की ही नहीं, सामाजिक न्याय की लड़ाई… &lt;a href=&quot;https://t.co/BSC94izQhY&quot;&gt;https://t.co/BSC94izQhY&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Rahul Gandhi (@RahulGandhi) &lt;a href=&quot;https://twitter.com/RahulGandhi/status/1824736507082494322?ref_src=twsrc%5Etfw&quot;&gt;August 17, 2024&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt;&lt;script async src=&quot;https://platform.twitter.com/widgets.js&quot; charset=&quot;utf-8&quot;&gt;&lt;/script&gt;
&lt;/div&gt;&lt;/figure&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;अभ्यर्थियों का भविष्य अंधकार में धकेला&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;राहुल गांधी ने आगे लिखा, &amp;#8220;आरक्षण छीनने की भाजपाई ज़िद ने सैकड़ों निर्दोष अभ्यर्थियों का भविष्य अंधकार में धकेल दिया है। पांच साल ठोकरें खा कर बर्बाद होने के बाद जिनको नई सूची के ज़रिए नौकरी मिलेगी और जिनका नाम अब चयनित सूची से कट सकता है, दोनों की ही गुनहगार सिर्फ भाजपा है। ‘पढ़ाई’ करने वालों को ‘लड़ाई’ करने पर मजबूर करने वाली भाजपा सरकार सही मायने में युवाओं की दुश्मन है। &amp;#8220;&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;नई लिस्ट तैयार करने का निर्देश&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने सहायक अध्यापक भर्ती के तहत 69 हजार शिक्षकों की नियुक्ति के लिए जून 2020 में जारी चयन लिस्ट और 5 जनवरी 2022 की 6800 अभ्यर्थियों की चयन लिस्ट को नजरअंदाज करते हुए नई लिस्ट तैयार करने का निर्देश दिया है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Recruitment: यूपी में 69 हजार पदों की भर्ती रद्द, नई मेरिट लिस्ट जारी करने के लिए कोर्ट ने दिए निर्देश</title><link>https://up.inkhabar.com/states/recruitment-recruitment-of-69-thousand-posts-canceled-in-up-court-gave-instructions-to-release-new-merit-list/</link><pubDate>August 17, 2024, 2:37 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/08/qwe-300x169.webp</image><category>राज्य</category><excerpt>लखनऊ। यूपी में 69 हजार शिक्षक पदों की भर्ती को रद्द कर दिया गया है। 69 हजार शिक्षक भर्ती में इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने बड़ा फैसला सुनाया है। फैसला सुनाते हुए कहा है कि पूरी मेरिट लिस्ट को ही रद्द कर दिया। साथ ही कोर्ट ने सरकार को तीन म...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ।&lt;/strong&gt; यूपी में 69 हजार शिक्षक पदों की भर्ती को रद्द कर दिया गया है। 69 हजार शिक्षक भर्ती में इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने बड़ा फैसला सुनाया है। फैसला सुनाते हुए कहा है कि पूरी मेरिट लिस्ट को ही रद्द कर दिया। साथ ही कोर्ट ने सरकार को तीन महीने में नई मेरिट लिस्ट जारी करने का आदेश दिया है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;आरक्षण के नियमों का पालन&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;कोर्ट ने जारी किए जाने वाले रिजल्ट में आरक्षण के नियमों और बेसिक शिक्षा नियमावली का पालन करने का भी आदेश दिया है। हाई कोर्ट के आदेश के बाद नई चयन सूची बनने से पूर्व बीते चार सालों से सेवाएं दे रहे हजारों शिक्षकों को रिटायर किया जाएगा। जून 2020 को बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से 69 हजार सहायक शिक्षक भर्ती परीक्षा का रिजल्ट जारी किया गया था। इसमें सामान्य श्रेणी का कटऑफ 67.11 प्रतिशत और ओबीसी का कटऑफ 66.73 प्रतिशत था।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;बेंच के आदेश को संशोधित किया&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;न्यायाधीश ए.आर मसूदी और न्यायाधीश बृजराज सिंह की कोर्ट ने सिंगल बेंच के आदेश को संशोधत किया। सिंगल बेंच ने 8 मार्च 2023 को फैसला दिया था कि 69 हजार शिक्षक भर्ती 2020 की लिस्ट को रद्द किया था। साथ ही अपेक्स टैलेंट रिवॉर्ड एग्जाम को पात्रता परीक्षा नहीं माना था। हाई कोर्ट की डबल बेंच ने इस आदेश को संशोधित करते हुए आरक्षण नियमावली 1994 की धारा 3 (6) और बेसिक शिक्षा नियमावली 1981 का पालन करने के निर्देश दिए थे।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;नए सिरे से भर्ती के आदेश दिए&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;सामान्य सीट पर अगर आरक्षित वर्ग का कैंडिडेट सामान्य कैंडिडेट के बराबर मार्क्स लाता है, तो उसे सामान्य वर्ग में रखा जाएगा। बाकी को 27 फीसदी और 21 फीसदी सीटों को ओबीसी और एससी वर्ग में रखा जाएगा। सपा सरकार में 1.72 लाख शिक्षामित्रों को सहायक शिक्षक में समायोजित किया गया था, लेकिन हाई कोर्ट ने अखिलेश सरकार के इस फैसले को रद्द कर दिया था। इसके साथ ही नए सिरे से सहायक अध्यापकों की भर्ती का आदेश दिया था।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>इलाहाबाद हाईकोर्ट से राम भुआल निषाद को बड़ी राहत, मेनका गांधी की याचिका खारिज</title><link>https://up.inkhabar.com/politics/big-relief-to-ram-bhual-nishad-from-allahabad-high-court-maneka-gandhis-petition-rejected/</link><pubDate>August 16, 2024, 9:46 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/08/download-2-6-300x225.png</image><category>राजनीति</category><excerpt>लखनऊ : इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने बीजेपी की नेता मेनका गांधी की सुल्तानपुर से सपा के सांसद राम भुआल निषाद के निर्वाचन को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी। लखनऊ पीठ ने कहा कि याचिका ऐसे मामलों को दायर करने की वैधानिक अवधि 45 दिन का समय ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ &lt;/strong&gt;: इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने बीजेपी की नेता मेनका गांधी की सुल्तानपुर से सपा के सांसद राम भुआल निषाद के निर्वाचन को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी। लखनऊ पीठ ने कहा कि याचिका ऐसे मामलों को दायर करने की वैधानिक अवधि 45 दिन का समय अवधि के बाद दायर की गई थी, इसलिए याचिका पर गुण-दोष के आधार पर फैसला नहीं सुनाया जा सकता।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;चुनाव याचिका पर सुनाया फैसला&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;जस्टिस राजन राय की बेंच ने मेनका गांधी द्वारा दायर चुनाव याचिका पर फैसला सुनाया। बेंच ने याचिका की स्वीकार्यता को लेकर 5 अगस्त को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से मेनका की ओर से पेश हुए सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील सिद्धार्थ लूथरा ने 5 अगस्त को पीठ से कहा था कि याचिका पर गुण-दोष के आधार पर फैसला किया जाना चाहिए क्योंकि हाल ही में संपन्न लोकसभा चुनाव में सुल्तानपुर निर्वाचन क्षेत्र था। था। क्षेत्र था. सीट शामिल है. से निर्वाचित राम भुआल निषाद ने मतदाताओं को अपना पूरा आपराधिक इतिहास जानने के अधिकार से वंचित कर दिया.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;याचिका दायर करने में हुई देरी को माफ किया जाना चाहिए&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि लूथरा ने दलील दी थी कि याचिका दायर करने में हुई देरी को माफ किया जाना चाहिए. उन्होंने दलील दी थी कि निषाद के खिलाफ 12 आपराधिक मामले लंबित हैं, जबकि उन्होंने अपने हलफनामे में केवल 8 मामलों की जानकारी दी थी. मेनका गांधी के तर्क को खारिज करते हुए, बेंच ने कहा, “‘जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 81 सहपठित धारा 86 और सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश सात, नियम 11 (डी) के तहत समय बीत जाने के कारण यह चुनाव याचिका खारिज किए जाने योग्य है.&amp;#8217; मालूम हो कि लोकसभा चुनाव में निषाद ने सुल्तानपुर सीट से बीजेपी उम्मीदवार मेनका गांधी को 43,174 वोटों के अंतर से हराया था. मेनका ने पिछले महीने एक याचिका दायर की थी।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>High Court: जमानत याचिका के दौरान इलाहाबाद हाईकोर्ट की टिप्पणी-धार्मिक स्वतंत्रता का मतलब धर्म परिवर्तन नहीं</title><link>https://up.inkhabar.com/states/high-court-allahabad-high-courts-comment-during-bail-petition-religious-freedom-does-not-mean-religious-conversion/</link><pubDate>August 13, 2024, 7:48 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/08/rty-1-300x169.webp</image><category>राज्य</category><excerpt>लखनऊ। जबरन इस्लाम कबूल कराने और यौन शोषण करने के आरोपी अजीम को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। हाईकोर्ट ने आरोपी की जमानत याचिका को रद्द कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म परिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम, 2021 का उद्देश...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ।&lt;/strong&gt; जबरन इस्लाम कबूल कराने और यौन शोषण करने के आरोपी अजीम को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। हाईकोर्ट ने आरोपी की जमानत याचिका को रद्द कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म परिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम, 2021 का उद्देश्य सभी व्यक्तियों को धार्मिक स्वतंत्रता की गारंटी देना है। जो भारत की सामाजिक सद्भावना को दर्शाता है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;जमानत याचिका को किया रद्द&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;हाईकोर्ट ने आरोपी की जमानत याचिका को रद्द करते हुए कहा कि इस अधिनियम का उद्देश्य भारत में धर्मनिरपेक्षता की भावना को बरकरार रखना है। कोर्ट ने कहा कि संविधान प्रत्येक व्यक्ति को अपने धर्म को मानने का अधिकार देता है वो उसका पालन कर सकता है और संविधान उसका प्रचार करने का अधिकार भी देता है। लेकिन, यह व्यक्तिगत अधिकार धर्म परिवर्तन कराने के सामूहिक अधिकार में परिवर्तित नहीं होता। क्योंकि धार्मिक स्वतंत्रता, धर्म परिवर्तन करने वाले व्यक्ति और धर्मांतरित होने वाले व्यक्ति दोनों को समान रूप से प्राप्त होती है। हाईकोर्ट ने ये टिप्पणी अजीम को जमानत देने से इनकार करते हुए की।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;गंभीर धाराओं के साथ केस दर्ज&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;कोर्ट ने अजीम पर एक लड़की को जबरन इस्लाम कबूल कराने और उसका यौन शोषण करने का आरोप लगाया है। ये आरोप गंभीर है। आरोपी के खिलाफ धारा 323/ 504/506 आईपीसी और धारा 3/5(1) उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म परिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम, 2021 के तहत शिकायत दर्ज की गई है। इस मामले पर हाईकोर्ट में न्यायाधीश रोहित रंजन अग्रवाल की सिंगल बेंच में सुनवाई हुई। आरोपी याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट में अपनी जमानत अर्जी लगाई थी और दावा किया था कि उसे इस मामले में झूठा फंसाया गया है। उसने दावा किया कि शिकायत कराने वाली लड़की उसके साथ रिश्ते में थी। लड़की स्वेच्छा से अपना घर छोड़कर चली गई थी, लेकिन कोर्ट ने आरोपी पक्ष की इस दलील को स्वीकार नहीं किया। जिसके बाद कोर्ट ने आरोपी अजीम को जमानत याचिका को खारिज कर दिया।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Allahabad High Court: आज से शुरू होगी कृष्ण भूमि और मस्जिद विवाद का ट्रायल</title><link>https://up.inkhabar.com/national/allahabad-high-court-trial-of-krishna-bhoomi-and-mosque-dispute-will-begin-from-today/</link><pubDate>August 12, 2024, 6:46 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/08/4thy-300x169.webp</image><category>देश</category><excerpt>लखनऊ। मथुरा की श्री कृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह मस्जिद विवाद का ट्रायल इलाहाबाद हाईकोर्ट में सोमवार से शुरू होगा। मुकदमों का ट्रायल न्यायधीश मयंक कुमार जैन की सिंगल बेंच करेगी। सोमवार को पहले दिन मुकदमों के बाद बिंदु तय होंगे। हाईकोर्ट सोमवार ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ।&lt;/strong&gt; मथुरा की श्री कृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह मस्जिद विवाद का ट्रायल इलाहाबाद हाईकोर्ट में सोमवार से शुरू होगा। मुकदमों का ट्रायल न्यायधीश मयंक कुमार जैन की सिंगल बेंच करेगी। सोमवार को पहले दिन मुकदमों के बाद बिंदु तय होंगे। हाईकोर्ट सोमवार को सबसे पहले यह तय करेगा कि मुकदमों की सुनवाई किन-किन बिंदुओं पर की जानी चाहिए। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक अगस्त को दिए गए अपने अंतरिम फैसले में मुस्लिम पक्ष की आपत्तियों को रद्द कर दिया था और हिंदू पक्ष की सभी अठारह याचिकाओं को सुनवाई के लायक माना था।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;विवाद की सुनवाई प्रत्यक्ष&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;अयोध्या विवाद की तर्ज पर श्री कृष्ण जन्मभूमि विवाद की सुनवाई अब इलाहाबाद हाईकोर्ट में प्रत्यक्ष तौर पर होगी। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि याचिकाएं वक्फ एक्ट, लिमिटेशन एक्ट और स्पेसिफिक पजेशन रिलीफ एक्ट, प्लेसिस ऑफ वरशिप एक्ट से बाधित नहीं हैं। हिंदू पक्ष की ओर से दाखिल 18 याचिकाओं में मथुरा की शाही ईदगाह मस्जिद को श्री कृष्ण जन्म स्थान बताकर उसे हिंदुओं को सौंपने की मांग की गई है और विवादित परिसर में हिंदुओं को पूजा -अर्चना की अनुमति दिए जाने की मांग की गई है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सर्वेक्षण कराएं जाने की मांग&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इलाहाबाद राज्य न्यायालय में सोमवार को मथुरा के मंदिर मस्जिद विवाद के साथ ही आगरा की जामा मस्जिद का भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण से सर्वेक्षण कराने की मांग को लेकर दाखिल याचिका पर भी सुनवाई होगी। सोमवार की सुनवाई में अधिवक्ता महेंद्र प्रताप सिंह की ओर से दाखिल हलफनामे में शाही ईदगाह मस्जिद कमेटी को पक्षकार न बनाने की मांग की जाएगी।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Petition: केशव प्रसाद की बढ़ सकती है मुश्किलें, बैठक में दिए बयान को लेकर दायर की याचिका</title><link>https://up.inkhabar.com/politics/petition-keshav-prasads-troubles-may-increase-petition-filed-regarding-the-statement-given-in-the-meeting/</link><pubDate>August 7, 2024, 6:33 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/08/erhnm-300x169.webp</image><category>राजनीति</category><excerpt>लखनऊ। यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के हाल में दिए गए एक बयान को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। जिस पर आज कोर्ट में सुनवाई होगी। केशव मौर्य ने ये बयान पार्टी की बैठक के दौरान दिया था। जिसमें उन्होंने संगठन को सरकार से...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ।&lt;/strong&gt; यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के हाल में दिए गए एक बयान को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। जिस पर आज कोर्ट में सुनवाई होगी। केशव मौर्य ने ये बयान पार्टी की बैठक के दौरान दिया था। जिसमें उन्होंने संगठन को सरकार से बड़ा बताया था। उनके इस बयान पर कार्रवाई किए जाने की मांग को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। जिसको लेकर आज सुनवाई होनी है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सरकार से बड़ा संगठन&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;ये याचिका अधिवक्ता मंजेश कुमार यादव की तरफ से दाखिल की गई है। जिसमें उन्होंने याचिका में केशव मौर्य की उप मुख्यमंत्री पद पर नियुक्ति को लेकर भी सवाल खड़ा किया है। याचिका में कहा गया है कि केशव प्रसाद मौर्य ने संवैधानिक पद पर रहते हुए बीती 14 जुलाई को सार्वजनिक तौर पर एक बयान दिया था। जिसमें उन्होंने कहा कि सरकार से बड़ा पार्टी का संगठन होता है। कोर्ट में दायर याचिका में कहा गया है कि उनका यह बयान संवैधानिक पद की गरिमा और सरकार की पारदर्शिता व शुचिता पर सवाल खड़ा करता है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;7 अपराधिक मामले दर्ज&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इस बयान का न अब तक बीजेपी ने खंडन किया है और न ही राज्यपाल ने। इस मामले में चुनाव आयोग ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्ति की थी, इसलिए यह अपने आप में बेहद गंभीर मुद्दा है। अधिवक्ता मंजेश यादव की याचिका में केशव प्रसाद मौर्य के खिलाफ दर्ज क्रिमिनल मुकदमों का भी जिक्र किया गया है। याचिका में कहा गया है कि डिप्टी सीएम बनने से पहले केशव प्रसाद मौर्य के विरुद्ध सात आपराधिक मामले दर्ज किए गए थे। इतने मुकदमों के बाद भी केशव प्रसाद मौर्य की नियुक्ति संवैधानिक पद पर की गई है, जो गलत है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>UP Politics: सुल्तानपुर सांसद की रद्द हो सकती है सदस्यता? आज इलाहाबाद कोर्ट में सुनवाई, ये है पूरा मामला…</title><link>https://up.inkhabar.com/top-news/up-politics-sultanpur-mps-membership-may-be-cancelled-hearing-in-allahabad-court-today-this-is-the-whole-matter/</link><pubDate>August 5, 2024, 6:00 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/08/download-3-300x169.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>लखनऊ : आज सोमवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुल्तानपुर से बीजेपी सांसद मेनका गांधी की याचिका पर सुनवाई होगी। बता दें कि मेनका गांधी ने सुल्तानपुर संसदीय सीट का चुनाव रद्द करने के उपलक्ष्य में उच्च न्यायालय की लखनऊ बेंच में याचिका दायर की है। न्या...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ &lt;/strong&gt;: आज सोमवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुल्तानपुर से बीजेपी सांसद मेनका गांधी की याचिका पर सुनवाई होगी। बता दें कि मेनका गांधी ने सुल्तानपुर संसदीय सीट का चुनाव रद्द करने के उपलक्ष्य में उच्च न्यायालय की लखनऊ बेंच में याचिका दायर की है। न्यायाधीश रंजन रॉय की पीठासीन इस याचिका पर आज दोपहर सुनवाई करने वाली है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;इलाहाबाद उच्च न्यायालय में याचिका दायर&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि मेनका गांधी ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ बेंच में याचिका दायर की है। याचिका में भाजपा सांसद ने बताया कि सपा के उम्मीदवार और सांसद राम भुआल निषाद ने तथ्यों को छिपाकर लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम का उल्लंघन किया है। सपा नेता राम भुआल के ऊपर 12 मुकदमें दर्ज किए गए हैं। जबकि उनकी तरफ से सिर्फ 8 मामलों में जानकारी दी गई है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;भुआल ने कई मामलों में जमानत ली&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;मेनका गांधी ने अपने याचिका में कहा है कि सपा नेता भुआल ने कई मामलों में जमानत ली, अदालत की पेशी पर पेश भी हुए परंतु निर्वाचन आयोग में जानकारी छुपाते हुए केवल आठ मामले दर्ज होने की बात बताई। इस याचिका के दायर होने के बाद सुल्तानपुर संसदीय सीट से चुनाव लड़ने वाले सभी नौं उम्मीदवारों को नोटिस भेजा जा चुका है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;मेनका गांधी की तरफ से प्रशांत सिंह होंगे पेश&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;अदालत में मेनका गांधी की तरफ से वकील प्रशांत सिंह अटल पेश होंगे। मेनका गांधी ने अपनी याचिका में यह दावा किया है कि आपराधिक मामलों का खुलासा न करना एक भ्रष्ट आचरण को दिखाता है. Representation of People act 1951 की धारा 100 के तहत ऐसा करना भ्रष्ट आचरण की केटेगरी में आता है। इसी आधार पर सुल्तानपुर लोकसभा सीट से समाजवादी पार्टी सांसद का चुनाव निरस्त करने लायक है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सुल्तानपुर सीट 2024 चुनाव&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि 2024 के आम चुनाव में सपा से एमपी राम भुवाल निषाद ने सुल्तानपुर सीट से मेनका गांधी को 43174 वोटो से हराया। लोकसभा चुनाव में सुल्तानपुर संसदीय क्षेत्र में BJP, SP और BSP का त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिला था. हालांकि पिछले दो चुनाव में इस सीट पर बीजेपी की जीत हुई थी लेकिन इस साल भाजपा को इस सीट पर हार का सामना करना पड़ा है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Azam Khan: फर्जी बर्थ सर्टिफिकेट मामले आजम खान को हाईकोर्ट से राहत, सजा पर लगी रोक</title><link>https://up.inkhabar.com/top-news/azam-khan-azam-khan-gets-relief-from-high-court-in-fake-birth-certificate-case-stay-on-punishment/</link><pubDate>May 24, 2024, 10:44 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/05/5-13-300x169.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>लखनऊ। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री आजम खान (Azam Khan) को आज यानी शुक्रवार (24 मई) को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली। बता दें कि अदालत से आजम परिवार को फर्जी बर्थ सर्टिफिकेट मामले में राहत मिली है। साथ ही ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ।&lt;/strong&gt; समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री आजम खान (Azam Khan) को आज यानी शुक्रवार (24 मई) को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली। बता दें कि अदालत से आजम परिवार को फर्जी बर्थ सर्टिफिकेट मामले में राहत मिली है। साथ ही हाईकोर्ट ने आजम खान को मिली सात साल की सजा पर भी रोकने लगाने का फैसला किया है। हालांकि, आजम खान की पत्नी तंजीम फातिमा और बेटे अब्दुल्ला आजम को मिली सजाओं पर रोक नहीं लगाई है, लेकिन इनकी जमानत मंजूर कर ली गई है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;कोर्ट ने सात साल की सुनाई थी सजा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;दरअसल, रामपुर की एमपी एमएलए कोर्ट ने पिछले साल अक्टूबर में आजम खान, उनकी पत्नी तंजीम फातिमा और बेटे अब्दुल्ला आजम को सात साल की सजा सुनाई थी। साथ ही तीनों पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगा था। इस मामले में बीजेपी विधायक आकाश सक्सेना ने आजम परिवार के खिलाफ केस दर्ज करवाया था। इसके बाद मामला एमपी एमएलए कोर्ट में गया और तीनों को सजा मिली थी। जिसके बाद इस मामले को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई और इस पर सुनवाई हुई। जहां अदालत ने 14 मई को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;जानें पूरा मामला&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;गौरतलब है कि आजम खान (Azam Khan) और उनकी पत्नी तंजीम फातिमा ने 28 जून, 2012 को रामपुर नगरपालिका परिषद से अपने बेटे अब्दुल्ला आजम का बर्थ सर्टिफिकेट बनवाया था। वहीं 21 जनवरी, 2015 को लखनऊ नगर निगम से भी एक और बर्थ सर्टिफिकेट बनवाया। जहां आजम परिवार ने पहले बर्थ सर्टिफिकेट में अब्दुल्ला का जन्म स्थान रामपुर बताया, जबकि दूसरे में जिक्र किया गया कि उनके बेटे का जन्म लखनऊ के क्वीन मैरी हॉस्पिटल में दर्ज कराया।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;इसी मामले में आजम खान (Azam Khan) और उनके परिवार पर आरोप था कि उन्होंने दोनों बर्थ सर्टिफिकेट का इस्तेमाल अलग-अलग जगहों पर अलग-अलग कामों के लिए किया। पहले बर्थ सर्टिफिकेट में यानी रामपुर से बनवाए गए सर्टिफिकेट में बताया गया कि अब्दुल्ला आजम की जन्म तिथि 1 जनवरी, 1993 है, जबकि लखनऊ से बने सर्टिफिकेट में जन्मतिथि 30 सितंबर, 1990 बताई गई। ऐसे में आजम परिवार पर आरोप लगा कि फर्जी बर्थ सर्टिफिकेट के जरिए दो पासपोर्ट और दो पैन कार्ड भी बनवाए गए थे।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;वहीं, बीजेपी विधायक आकाश सक्सेना ने जनवरी, 2019 में आजम परिवार पर फर्जी बर्थ सर्टिफिकेट बनवाने के मामले में केस दर्ज करवाया था। इस केस में रामपुर पुलिस ने जांच पूरी की और फिर चार्जशीट दाखिल की। जिसके बाद आजम खान, उनकी पत्नी तंजीम फातिमा और बेटे अब्दुल्ला ने फरवरी, 2020 में रामपुर कोर्ट में सरेंडर कर दिया थी। इसके बाद तीनों को कोर्ट ने जेल भेजा। बीते साल रामपुर की एमपी एमएलए कोर्ट ने इस केस में तीनों को सात साल की सजा सुनाई थी।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Afzal Ansari News: बढ़ सकती हैं अफजाल अंसारी की मुश्किलें, लोकसभा चुनाव लड़ेंगे या नहीं इसका जल्द होगा फैसला</title><link>https://up.inkhabar.com/desh-pradesh/afzal-ansari-news-afzal-ansaris-problems-may-increase-decision-will-be-taken-soon-whether-he-will-contest-lok-sabha-elections-or-not/</link><pubDate>May 23, 2024, 2:13 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/05/12-9-300x225.png</image><category>देश-प्रदेश</category><excerpt>लखनऊ। गाजीपुर के सांसद और समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार अफजाल अंसारी (Afzal Ansari News) की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। दरअसल, आज गुरुवार (23 मई) को अफजाल अंसारी की याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट सुनवाई पूरी नहीं हो सकी। अब यह सुनवाई ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ।&lt;/strong&gt; गाजीपुर के सांसद और समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार अफजाल अंसारी (Afzal Ansari News) की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। दरअसल, आज गुरुवार (23 मई) को अफजाल अंसारी की याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट सुनवाई पूरी नहीं हो सकी। अब यह सुनवाई सोमवार ( 27 मई ) को दोपहर 2 बजे से शुरू होगी। आज की सुनवाई में यूपी सरकार और बीजेपी विधायक कृष्णानंद राय के परिवार की ओर से दलीलें पेश की गईं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;कोर्ट में अफजाल की सजा बढ़ाने की अपील&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;अब सोमवार को सभी पक्ष अपनी-अपनी अतिरिक्त दलीलें कोर्ट के सामने पेश करेंगे। आज की सुनवाई के दौरान यूपी सरकार और कृष्णानंद राय के परिवार की ओर से अफजाल अंसारी की सजा को 4 साल से बढ़ाकर 10 साल किए जाने की अपील की गई। ऐसे में लगातार सुनवाई चलने के कारण अफजाल अंसारी की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। बता दें कि अफजाल अंसारी चुनाव लड़ेंगे या नहीं इसका फैसला हाईकोर्ट पर टिका हुआ है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;क्या हैं अफजाल की दलीलें?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;वहीं बता दें कि अफजाल अंसारी (Afzal Ansari News) की तरफ से ये कहा गया है कि भाजपा विधायक कृष्णानंद राय के जिस मर्डर केस के आधार पर उनके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई की गई, उस केस में वह पहले ही बरी हो चुके हैं। ऐसे में अफजाल अंसारी की तरफ से ये दलील दी गई है कि अगर वह मूल मुकदमे में बरी हो गए हैं तो उन्हें उस आधार पर लगे गैंगस्टर केस में सजा नहीं दी जा सकती। उन्होंने इलाहाबाद हाईकोर्ट से सजा रद्द किए जाने की मांग की है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सजा रद्द नहीं हुई तो छोड़ना होगा पद&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;गौरतलब है कि जस्टिस संजय कुमार सिंह की सिंगल बेंच में इस मामले की सुनवाई जारी है। गाजीपुर की एमपी एमएलए स्पेशल कोर्ट ने 29 अप्रैल 2023 को अफजाल अंसारी को गैंगस्टर एक्ट के मामले में दोषी करार देकर 4 साल की सजा सुनाई थी। इस कारण अफजाल की लोकसभा की सदस्यता निरस्त हो गई थी और उन्हें जेल जाना पड़ा था। जबकि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अफजाल अंसारी की जमानत तो मंजूर कर ली थी लेकिन सजा पर रोक नहीं लगाई थी&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;दूसरी तरफ सुप्रीम कोर्ट ने अफजाल अंसारी की सजा पर रोक लगा दी थी और इलाहाबाद हाईकोर्ट को उनकी अपील 30 जून से पहले निस्तारित करने के लिए कहा। वहीं सुप्रीम कोर्ट से रोक लगने के बाद अफजाल अंसारी की लोकसभा सदस्यता बहाल हो गई थी। अब अगर हाईकोर्ट ने अफजाल की सजा रद्द नहीं की ऐसी स्थिति में चुनाव जीतने के बाद भी अफजाल अंसारी को अपना सांसद पद त्यागना होगा।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Shri Krishna Janmbhoomi: श्रीकृष्ण जन्मभूमि मामले में पोषणीयता को लेकर आज खत्म हो सकती हैं सभी पक्षों की दलीलें</title><link>https://up.inkhabar.com/top-news/shri-krishna-janmbhoomi-arguments-of-all-parties-regarding-maintainability-in-shri-krishna-janmbhoomi-case-may-end-today/</link><pubDate>May 15, 2024, 11:20 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/05/7-8-300x169.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>लखनऊ। आज एक बार फिर मथुरा के श्री कृष्ण जन्मभूमि (Shri Krishna Janmbhoomi) और शाही ईदगाह मस्जिद विवाद में इलाहाबाद हाईकोर्ट में दाखिल याचिकाओं की पोषणीयता पर सुनवाई की जाएगी। बता दें कि आज की ये सुनवाई जस्टिस मयंक कुमार जैन की सिंगल बेंच में ही...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ।&lt;/strong&gt; आज एक बार फिर मथुरा के श्री कृष्ण जन्मभूमि (Shri Krishna Janmbhoomi) और शाही ईदगाह मस्जिद विवाद में इलाहाबाद हाईकोर्ट में दाखिल याचिकाओं की पोषणीयता पर सुनवाई की जाएगी। बता दें कि आज की ये सुनवाई जस्टिस मयंक कुमार जैन की सिंगल बेंच में ही होगी। ऐसे में ये उम्मीद जताई जा रही है कि पोषणीयता के बिंदु पर चल रही सुनवाई आज पूरी हो सकती है। इसके बाद कोर्ट अपना जजमेंट रिजर्व कर सकती है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;हिंदू पक्ष पेश करेगा दलीलें&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;जानकारी के अनुसार, इस मामले में आज सबसे पहले हिंदू पक्ष बची हुई दलीलें पेश करेगा। वहीं हिंदू पक्ष की तरफ से अदालत में सिविल वाद को बताया जाएगा। साथ ही ये दलील दी जा रही है कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि की जमीन पर शाही ईदगाह मस्जिद का अवैध कब्जा चला आ रहा है। इस जमीन पर मस्जिद पक्ष का कोई विधिक अधिकार नहीं है और 1669 से लगातार यहां चली आ रही नमाज, हिन्दू श्रद्धालुओं की आस्था पर चोट है।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;दरअसल, हिंदू पक्ष की ये दलील है कि मंदिर तोड़कर उसी जगह पर शाही ईदगाह मस्जिद बनाईं गई थी। वक्फ बोर्ड ने बिना स्वामित्व के इसे वक्फ संपत्ति घोषित किया है। इसे लेकर अपनाई गई प्रक्रिया का कोई दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराया गया है। वहीं एएसआई ने इसे नजूल भूमि कहा है, इसलिए इसे वक्फ संपत्ति घोषित नहीं कर सकते। संपत्ति पर विरोधी पक्ष को कोई हक नहीं है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;हिंदू पक्ष कर रहा दावा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इसके अलावा हिंदू पक्ष का ये दावा है कि विवादित स्थल ऐतिहासिक धरोहर घोषित है, राष्ट्रीय महत्व की है, ऐसे में वाद भी राष्ट्रीय महत्व का होगा। संरक्षित क्षेत्र में किसी को केंद्र सरकार की अनुमति के बिना किसी तरह का निर्माण करने का अधिकार नहीं है। दो पक्षों में इससे पहले हुए समझौते का संपत्ति अधिकार से कोई सरोकार नहीं है। हिंदू पक्ष का कहना है कि समझौता संपत्ति के स्वामी के साथ नहीं किया गया है, इसलिए समझौते का कोई मतलब नहीं है। योगिनी माता मंदिर स्थल पर शाही ईदगाह मस्जिद बनाया गया है।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;इसके साथ ही कोर्ट में हिन्दू पक्ष ने कहा कि ये भवन वास्तव में मस्जिद नहीं है। 15 वीं सदी में मस्जिद का ऐसा स्ट्रक्चर नहीं होता था। ऐसे में हिंदू मंदिर (Shri Krishna Janmbhoomi) पर कब्जा कर के मस्जिद का रूप दिया गया है। बताया गया कि बज्रनाभ भगवान कृष्ण के प्रपौत्र ने इन मंदिर को बनवाया था। उन्होंने चार बीघा जमीन में केशव देव‌ मंदिर बनावाया था। पहले यहां परिक्रमा होती थी। लेकिन मंदिर ध्वस्त किया गया। विष्णु पुराण कहता है कृष्ण के जाने के बाद कलियुग की शुरूआत हुई।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;अयोध्या विवाद के तर्ज पर हो रही सुनवाई&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;गौरतलब है कि इलाहाबाद हाईकोर्ट अयोध्या विवाद की तर्ज पर मथुरा मामले में सीधे तौर पर सुनवाई कर रहा है। इस दौरान हिंदू पक्ष की ओर से दाखिल की गई 18 याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई की जा रही है। मुस्लिम पक्ष ने इन याचिकाओं की पोषणीयता पर सवाल उठाते हुए इन्हें खारिज किए जाने की अपील की। फिलहाल, अदालत में मुकदमों की पोषणीयता पर बहस जारी है। मुस्लिम पक्ष ने ऑर्डर 7 रूल 11 के तहत याचिकाओं की पोषणीयता पर सवाल उठाते हुए इन्हें खारिज किए करने की मांग की है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Dhananjay Singh: धनंजय सिंह को कोर्ट से मिली राहत, फिर भी नहीं लड़ पाएंगे चुनाव</title><link>https://up.inkhabar.com/top-news/dhananjay-singh-dhananjay-singh-got-relief-from-the-court-still-will-not-be-able-to-contest-elections/</link><pubDate>April 27, 2024, 8:49 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/04/download-9-2-300x225.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>लखनऊ: जौनपुर के बाहुबली पूर्व सांसद धनंजय सिंह को इलाहाबाद हाईकोर्ट से तत्कालीन राहत मिली है। हालांकि कोर्ट ने उनके सात साल की सजा पर रोक लगाने से मना कर दिया है। कोर्ट ने धनंजय सिंह की जमानत दाखिल करने की अर्जी को मंजूरी देते हुए थोड़ी राहत जरू...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ:&lt;/strong&gt; जौनपुर के बाहुबली पूर्व सांसद धनंजय सिंह को इलाहाबाद हाईकोर्ट से तत्कालीन राहत मिली है। हालांकि कोर्ट ने उनके सात साल की सजा पर रोक लगाने से मना कर दिया है। कोर्ट ने धनंजय सिंह की जमानत दाखिल करने की अर्जी को मंजूरी देते हुए थोड़ी राहत जरूर दी है। हालांकि सात साल की सजा पर रोक लगाने से इंकार कर दिया है। इस वजह से उत्तर प्रदेश आमचुनाव में वो चुनाव नहीं लड़ पाएंगे। बता दें कि कोर्ट ने क्रिमिनल अपील पर बहस पूरी होने के बाद 25 अप्रैल को फैसला रिज़र्व किया था।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;आज धनंजय सिंह दूसरे जेल में हुए सिफ्ट&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि जौनपुर के पूर्व बाहुबली सांसद धनंजय सिंह को बरेली जेल में शिफ्ट किया जा रहा है. पहले उन्हें जौनपुर जेल में रखा गया था। हालांकि आज उन्हें एंबुलेंस के जरिए बरेली ले जाया गया है। इस मामले में प्रशासन की तरफ से कोई जानकारी सामने नहीं आई है। हालांकि यह चर्चा काफी दिनों से हो रही थी कि उन्हें जल्द से जल्द हाई सिक्योरिटी जेल में शिफ्ट किया जाएगा। ऐसे में आज शनिवार को उन्हें हाई सिक्योरिटी जेल बरेली में शिफ्ट किया गया है. वहीं जौनपुर से बरेली पहुंचने में 7से 8 घंटे का समय लगेगा।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;पत्नी को मिला लोकसभा चुनाव के लिए टिकट&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इलाहाबाद हाईकोर्ट में धनंजय सिंह ने अपने सजा पर रोक लगाने को लेकर याचिका दायर किया था। हालांकि कोर्ट आज फैसला सुनाते हुए कहा कि धनंजय सिंह को फौरी राहत दी जा रही है। लेकिन सात साल की सजा पर रोक लगाने से मना कर दिया है। हाईकोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान धनंजय के वकीलों ने कहा था कि उनका मुवक्किल सियासी साजिश का शिकार हुआ है. पीपुल्स रिप्रेजेंटेशन एक्ट के जरिए 2 साल से अधिक की सजा पाने वाला व्यक्ति चुनाव नहीं लड़ सकता है. धनंजय सिंह ने फिलहाल जौनपुर सीट पर अपनी पत्नी श्रीकला रेड्डी को BSP से टिकट दिलाया है. धनंजय सिंह के वकील एसपी सिंह का कहना है कि सजा पर रोक के लिए सुप्रीम कोर्ट जाएंगे.&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Dhananjay Singh: पूर्व सांसद धनंजय सिंह की बदली गई जेल, मिली थी सात साल की सजा</title><link>https://up.inkhabar.com/top-news/dhananjay-singh-former-mp-dhananjay-singhs-jail-changed-he-was-sentenced-to-seven-years/</link><pubDate>April 27, 2024, 5:53 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/04/download-4-3-300x169.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>लखनऊ: देश भर में लोकसभा चुनाव का माहौल हैं। ऐसे में उत्तर प्रदेश में हो रहे आमचुनाव के बीच जेल में बंद जौनपुर के पूर्व सासंद धनंजय सिंह को लेकर बड़ी जानकारी सामने आई है। आज शनिवार को धनंजय सिंह जौनपुर जेल से बरेली जेल शिफ्ट किए गए हैं। हालांकि य...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ:&lt;/strong&gt; देश भर में लोकसभा चुनाव का माहौल हैं। ऐसे में उत्तर प्रदेश में हो रहे आमचुनाव के बीच जेल में बंद जौनपुर के पूर्व सासंद धनंजय सिंह को लेकर बड़ी जानकारी सामने आई है। आज शनिवार को धनंजय सिंह जौनपुर जेल से बरेली जेल शिफ्ट किए गए हैं। हालांकि यह कदम प्रशासन क्यों ली इसको लेकर अभी कोई खुलासा नहीं हुआ है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;प्रशासन ने नहीं दी कोई जानकारी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि जौनपुर के पूर्व बाहुबली सांसद धनंजय सिंह को बरेली जेल में शिफ्ट किया जा रहा है. पहले उन्हें जौनपुर जेल में रखा गया था। हालांकि आज उन्हें एंबुलेंस के जरिए बरेली ले जाया गया है। इस मामले में प्रशासन की तरफ से कोई जानकारी सामने नहीं आई है। हालांकि यह चर्चा काफी दिनों से हो रही थी कि उन्हें जल्द से जल्द हाई सिक्योरिटी जेल में शिफ्ट किया जाएगा। ऐसे में आज शनिवार को उन्हें हाई सिक्योरिटी जेल बरेली में शिफ्ट किया गया है. वहीं जौनपुर से बरेली पहुंचने में 7से 8 घंटे का समय लगेगा।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सजा में राहत को लेकर दाखिल की थी याचिका&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;आज शनिवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट धनंजय सिंह की याचिका पर फैसला सुना सकती है। बता दें कि पिछले महीने में धनंजय सिंह ने मिली 7 साल की सजा के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। दाखिल की गई याचिका के जरिए उन्होंने कोर्ट से राहत और जमानत को लेकर अपील की है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;आज कोर्ट सुनाएगी अपना फैसला&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;हालांकि इस मामले में बीते 25 अप्रैल को सुनवाई पूरी हो गई है। जिसके बाद कोर्ट ने अपना जजमेंट रिजर्व किया. आज 27 अप्रैल को कोर्ट इस मामले में फ़ैसला सुनाने वाली है। खास बात यह है कि अगर कोर्ट धनंजय सिंह को राहत दे देती है तो वह लोकसभा का चुनाव लड़ सकते हैं।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Allahabad High Court का बड़ा फैसला, तलाक नहीं होने पर पहली पत्नी को पेंशन मिलने का अधिकार</title><link>https://up.inkhabar.com/top-news/big-decision-of-allahabad-high-court-first-wife-has-right-to-get-pension-if-there-is-no-divorce/</link><pubDate>January 12, 2024, 6:24 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/01/download-2024-01-12T115353.305-300x169.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>लखनऊ। इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने पति-पत्नी से जुड़े एक विवाद मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। जिसमें कोर्ट ने कहा है कि अगर तलाक नहीं हुआ है तो पहली पत्नी को ही पेंशन का लाभ मिलने का अधिकार है। कोर्ट ने कहा कि गुजारा भत्ते पर समझौ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ।&lt;/strong&gt; इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने पति-पत्नी से जुड़े एक विवाद मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। जिसमें कोर्ट ने कहा है कि अगर तलाक नहीं हुआ है तो पहली पत्नी को ही पेंशन का लाभ मिलने का अधिकार है। कोर्ट ने कहा कि गुजारा भत्ते पर समझौता होने से ये नहीं कह सकते कि पहली पत्नी का पति की मौत के बाद सेवानिवृत्ति परिलाभों पर अधिकार नहीं है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;याची की याचिका ख़ारिज&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;कोर्ट  (Allahabad High Court) ने अपने फैसले में कहा कि पति से अलग रहने के बाद भी सेवा पंजिका में पहली पत्नी नामित है। दोनों के बीच तलाक नहीं होने की वजह से वह पत्नी है। ऐसे में पति की मौत के बाद पारिवारिक पेंशन आदि पाने की हकदार पत्नी ही है। इस संबंध में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पत्नी की तरह साथ रहने वाली याची को राहत देने से इंकार कर दिया।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;जानिए क्या है विवाद&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि याची ने इलाहाबाद हाईकोर्टमें याचिका दाखिल की थी कि उसके पति भोजराज 30 जून 2021 को सेवानिवृत्त हुए थे। इसके 4 महीने बाद ही उनकी मौत हो गई। वह लंबे समय से उनके साथ पत्नी के रूप में रहती थी। पहली पत्नी घर छोड़कर चली गई थी। पहली पत्नी ने गुजारे को लेकर कोई दावा नहीं किया था। इस तरह से उसने पति के सेवानिवृति परिलाभों पर अपना दावा नहीं किया। लेकिन कोर्ट ने इस मामले में कहा कि पहली पत्नी को फिर भी पति के सेवानिवृति परिलाभ पाने का अधिकार है।&lt;/p&gt;
</content></item></channel></rss>