<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?>
<rss version="2.0"
    xmlns:ag="http://purl.org/rss/1.0/modules/aggregation/"  
    xmlns:annotate="http://purl.org/rss/1.0/modules/annotate/" 
    xmlns:app="http://www.w3.org/2007/app"
    xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
    xmlns:company="http://purl.org/rss/1.0/modules/company"
    xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
    xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
    xmlns:dcterms="http://purl.org/dc/terms/"
    xmlns:email="http://purl.org/rss/1.0/modules/email/"
    xmlns:ev="http://purl.org/rss/1.0/modules/event/"
    xmlns:rdf="http://www.w3.org/1999/02/22-rdf-syntax-ns#"
    xmlns:rdfs="http://www.w3.org/2000/01/rdf-schema#"
    xmlns:ref="http://purl.org/rss/1.0/modules/reference/"
    xmlns:taxo="http://purl.org/rss/1.0/modules/taxonomy/"
    xmlns:atom10="http://www.w3.org/2005/Atom">
    <channel>
       <title>Today All India Muslim Personal Law Board News | Latest All India Muslim Personal Law Board News | Breaking All India Muslim Personal Law Board News in English | Latest All India Muslim Personal Law Board News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का All India Muslim Personal Law Board समाचार:Today All India Muslim Personal Law Board News ,Latest All India Muslim Personal Law Board News,Aaj Ka Samachar ,All India Muslim Personal Law Board समाचार ,Breaking All India Muslim Personal Law Board News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
        <link>https://up.inkhabar.com/tag/all-india-muslim-personal-law-board</link>
        <lastBuildDate>April 19, 2026, 12:50 pm</lastBuildDate>
        <copyright>UP Inkhabar</copyright>
        <generator>UP Inkhabar</generator>
        <language>hi</language>
        <image>
            <url>https://up.inkhabar.com/wp-content/themes/inkhabar/images/inkhbar-logo.png</url>
            <title>UP Inkhabar</title>
            <link>https://up.inkhabar.com/</link>
            <description>Feed provided by UP Inkhabar.</description>
        </image><item><title>ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने मदरसा एक्ट को लेकर SC के फैसले को बताया ऐतिहासिक</title><link>https://up.inkhabar.com/states/all-india-muslim-personal-law-board-calls-scs-decision-regarding-madrassa-act-historic/</link><pubDate>April 5, 2024, 9:34 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/04/download-2024-04-05T150422.167.png</image><category>राज्य</category><excerpt>लखनऊ। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को &amp;#8216;यूपी बोर्ड ऑफ मदरसा एजुकेशन एक्ट 2004&amp;#8217; को असंवैधानिक करार देने वाले इलाहाबाद HC के 22 मार्च के फैसले पर रोक लगा दी। कोर्ट ने कहा कि इलाहाबाद HC के इस फैसले से 17 लाख छात्रों पर असर पड़ेगा। साथ ही ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ।&lt;/strong&gt; सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को &amp;#8216;यूपी बोर्ड ऑफ मदरसा एजुकेशन एक्ट 2004&amp;#8217; को असंवैधानिक करार देने वाले इलाहाबाद HC के 22 मार्च के फैसले पर रोक लगा दी। कोर्ट ने कहा कि इलाहाबाद HC के इस फैसले से 17 लाख छात्रों पर असर पड़ेगा। साथ ही SC ने यूपी सरकार को इस मामले में जवाब देने का निर्देश दिया। वहीं सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले पर ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने प्रतिक्रिया दी है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;सुप्रीम कोर्ट का फैसला ऐतिहासिक&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड यानी AIMPLB के सदस्य मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि हम इस फैसले का स्वागत करते हैं। यूपी में लगभग 17 लाख छात्र मदरसा बोर्ड के तहत शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं, इसमें हजारों शिक्षक और अन्य कर्मचारी शामिल हैं। उनके भविष्य पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न लग गया था। आज सुप्रीम कोर्ट द्वारा इस पर रोक लगाने के बाद लोगों में खुशी है। सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला ऐतिहासिक है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;इलाहाबाद HC ने बताया था असंवैधानिक&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि 22 मार्च को उत्तर प्रदेश की इलाहाबाद HC की लखनऊ बेंच ने ‘यूपी बोर्ड ऑफ मदरसा एजुकेशन एक्ट 2004’ को असंवैधानिक करार दिया था। हाई कोर्ट ने इस एक्ट को धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांत का उल्लंघन बताया। साथ ही उत्तर प्रदेश सरकार को एक स्कीम लाने का निर्देश दिया, जिसके द्वारा मदरसों में पढ़ रहे छात्रों को औपचारिक शिक्षा प्रणाली में सम्मलित किया जा सके। अंशुमान सिंह राठौड़ की याचिका पर जस्टिस विवेक चौधरी और जस्टिस सुभाष विद्यार्थी की खंडपीठ ने यह फैसला सुनाया था।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Halal Product Ban: AIMPLB ने हलाल प्रोडक्ट बैन पर दी कड़ी प्रतिक्रिया, सरकार को बताया इस्लामों फोबिया से ग्रसित</title><link>https://up.inkhabar.com/top-news/halal-product-ban-aimplb-gave-strong-reaction-on-halal-product-ban-told-the-government-suffering-from-islamophobia/</link><pubDate>November 20, 2023, 11:47 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/11/10-2-300x225.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>लखनऊ। उत्तर प्रदेश मे हलाल उत्पादों में सरकार ने बैन की कार्यवाई की थी। जिसके बाद से कानपुर में फ़ूड डिपार्टमेंट काफी एक्टिव नज़र आ रहा है। बताया जा रहा है कि फ़ूड डिपार्टमेंट ने कानपुर के जेड स्क्वायर मॉल में बने नामचीन कम्पनी के स्टोर में छापेम...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ।&lt;/strong&gt; उत्तर प्रदेश मे हलाल उत्पादों में सरकार ने बैन की कार्यवाई की थी। जिसके बाद से कानपुर में फ़ूड डिपार्टमेंट काफी एक्टिव नज़र आ रहा है। बताया जा रहा है कि फ़ूड डिपार्टमेंट ने कानपुर के जेड स्क्वायर मॉल में बने नामचीन कम्पनी के स्टोर में छापेमारी की कार्यवाई की है। वहीं ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड, हलाल सर्टिफिकेट पर लगी पाबंदी का विरोध करने की तैयारी में है। इस बीच AIMPLB के संस्थापक सदस्य मोहम्मद सुलेमान ने कहा कि हलाल प्रोडक्ट पर लगा बैन मौलिक अधिकारों के खिलाफ है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;हलाल प्रोडक्ट पर बैन लगाने का विरोध&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इस दौरान AIMPLB के संस्थापक सदस्य मोहम्मद सुलेमान ने कहा कि सरकार ने इस्लामोफोबिया के चलते हलाल प्रोडक्ट्स पर बैन लगाया है। उन्होंने हलाल प्रोडक्ट पर बैन लगाने की कार्रवाई को राजनीति से प्रेरित बताया। उन्होंने कहा, सरकार के इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी जाएगी। हलाला प्रोडक्ट पर बैन के बाद अब ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड हाईकोर्ट में अपील दायर करेगा। सुलेमान ने यह भी कहा की देश में प्रोडक्ट में हलाल लिखने पर बैन लगाया गया है, लेकिन निर्यात करने वालों को लिखे जाने की छूट है। ऐसे में टेरर फंडिंग की बात की जाए तो प्रोडक्ट को निर्यात करने वाले इसमें फायदा उठा सकते हैं, लेकिन जो चीज देश के अंदर बिकती हैं, उनमें हलाल लिखे जाने पर बैन लगाना बहुत बेपरवाह फैसला है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;हलाल लिखे जाने से किसी तरह नुकसान नहीं- सुलेमान&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;यही नहीं मोहम्मद सुलेमान ने आगे कहा कि विदेश में संविधान के मुताबिक सभी को यह आजादी है कि उसे क्या खाना है और क्या पहनना है। इसके बाद भी इस तरह के फैसले और खाने-पीने के समान पर इस तरह से एक विषय बनाकर प्रतिबंध लगाना सही नहीं है। उन्होंने कहा कि किसी प्रोडक्ट पर हलाल लिखे जाने से प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार को किसी भी तरह का कोई नुकसान नहीं होता। इसके बाद भी इस तरह का प्रोपेगेंडा बनाकर बेवजह हलाल लिखे जाने का मुद्दा खड़ा किया जा रहा है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;&amp;#8216;सरकार इस्लामों फोबिया से ग्रसित है&amp;#8217;&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इसके अलावा मोहम्मद सुलेमान ने कहा कि इस तरह से किसी प्रोडक्ट पर बैन लगाना सही नहीं है। सरकार के पास इसके लिए कानूनी रास्ता है कि उसके खिलाफ मुकदमा किया जाए ना की बैन लगाएं। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार इस तरह से एक खास विचारधारा के विपरीत काम करने का काम कर रही है। लगता है कि सरकार इस्लामों फोबिया से ग्रसित है। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का लीगल पैनल इस मामले पर चर्चा करेगा, यही नहीं अगर जरूरत पड़ी तो कोर्ट में भी जाएंगे।&lt;/p&gt;
</content></item></channel></rss>