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       <title>Today यूपी सरकार News | Latest यूपी सरकार News | Breaking यूपी सरकार News in English | Latest यूपी सरकार News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का यूपी सरकार समाचार:Today यूपी सरकार News ,Latest यूपी सरकार News,Aaj Ka Samachar ,यूपी सरकार समाचार ,Breaking यूपी सरकार News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
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            <title>UP Inkhabar</title>
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        </image><item><title>Deducted: 39000 हजार कर्मचारियों के संपत्ति ब्यौरा न देने पर काटा जाएगा वेतन</title><link>https://up.inkhabar.com/states/deducted-salary-of-39000-employees-will-be-deducted-for-not-providing-property-details/</link><pubDate>October 1, 2024, 8:05 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/10/िमर.webp</image><category>राज्य</category><excerpt>लखनऊ। यूपी सरकार की तरफ से राज्य कर्मचारियों और अधिकारियों के संपत्ति का ब्यौरा मांगा था। जिसे पोर्टल पर अपलोड करने के लिए 30 सितंबर तक का समय दिया गया है। वहीं यूपी मे लगभग 39000 कर्मचारियों ने अपनी संपत्ति का ब्यौरा नहीं दिया गया है। ऐसे में ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ।&lt;/strong&gt; यूपी सरकार की तरफ से राज्य कर्मचारियों और अधिकारियों के संपत्ति का ब्यौरा मांगा था। जिसे पोर्टल पर अपलोड करने के लिए 30 सितंबर तक का समय दिया गया है। वहीं यूपी मे लगभग 39000 कर्मचारियों ने अपनी संपत्ति का ब्यौरा नहीं दिया गया है। ऐसे में इन कर्मचारियों को इस महीने की सैलरी नहीं दी जाएगी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;90 विभागों ने दिया ब्यौरा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;सरकार ने 30 सितंबर तक प्रदेश के सभी 90 विभागों के कर्मचारियों को संपत्ति की जानकारी मानव संपदा पोर्टल पर अपलोड करने का आदेश दिया था। 827583 कर्मचारियों में केवल 7 लाख 88 हजार 506 कर्मचारियों ने ही संपत्ति का ब्योौरा अपलोड किया है। वहीं 39077 कर्मचारियों ने संपत्ति का ब्यौरा नहीं दिया गया है। राज्य सरकार की ओर से साझा की गई जानकारी के मुताबिक यूपी पुलिस के 99.65 प्रतिशत कर्मचारियों ने अपनी संपत्ति का ब्यौरा दिया गया है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;99 प्रतिशत से दी जानकारी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;वहीं कृषि विभाग के भी 99 प्रतिशत कर्मचारी ने भी संपत्ति की जानकारी दें दी है। आकंड़ो के मुताबिक प्रदेश में कुल 846640 राज्य कर्मचारी है। इनमें से 7 लाख 88 हजार 506 कर्मचारियों ने ही मानव संपदा पोर्चल पर चल-अचल संपत्ति की डिटेल्स दी थी। जिन विभागों से संपत्ति का ब्यौरा मांगा गया था। उनमें टेक्सटाइल, ऊर्जा, सैनिक, खेल, कृषि, महिला कल्याण विभाग, बेसिक शिक्षा, उच्च शिक्षा, औद्योगिक विकास, चिकित्सा स्वास्थ्य और राजस्व विभाग शामिल है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>आज नहीं दिया प्रॉपर्टी का ब्‍योरा तो रुक जाएगी तनख्वाह, 99 फीसदी पुलिसकर्मियों ने दिया हिसाब</title><link>https://up.inkhabar.com/top-news/if-property-details-are-not-given-today-salary-will-be-stopped-99-percent-policemen-gave-details/</link><pubDate>September 30, 2024, 12:47 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/09/download-10-9-300x225.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>लखनऊ: योगी आदित्यनाथ सरकार की सख्ती के चलते यूपी पुलिस के 99 फीसदी पुलिसकर्मियों (कांस्टेबल से लेकर एएसपी स्तर तक) ने अपनी संपत्ति का ब्योरा दे दिया है. मुख्य सचिव के आदेश पर सभी कर्मचारियों से उनकी संपत्ति का ब्योरा मांगा गया है. ब्योरा देने क...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ:&lt;/strong&gt; योगी आदित्यनाथ सरकार की सख्ती के चलते यूपी पुलिस के 99 फीसदी पुलिसकर्मियों (कांस्टेबल से लेकर एएसपी स्तर तक) ने अपनी संपत्ति का ब्योरा दे दिया है. मुख्य सचिव के आदेश पर सभी कर्मचारियों से उनकी संपत्ति का ब्योरा मांगा गया है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;ब्योरा देने का आज अंतिम दिन&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि विवरण जमा करने की आज आखिरी तारीख है. जो लोग आज भी मौका चूकेंगे उनकी सैलरी रुक सकती है। पहले इसकी आखिरी तारीख 31 अगस्त थी जिसे बाद में बढ़ाकर 30 सितंबर कर दिया गया था.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;3 लाख 15 हजार पुलिसकर्मियों ने दिया ब्योरा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;यूपी पुलिस में सिपाही से लेकर एएसपी स्तर तक करीब तीन लाख 17 हजार पुलिसकर्मी हैं. इनमें से 3 लाख 15 हजार पुलिसकर्मियों ने ब्योरा दिया है. कुछ पुलिसकर्मी लंबे समय से अनुपस्थित चल रहे हैं। पुलिसकर्मियों द्वारा संपत्ति का ब्योरा देने के मामले में एडीजी तकनीकी सेवाएं नवीन अरोड़ा को नोडल अधिकारी बनाया गया था.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;आज कुछ पोलिसवाले दे सकते है संपत्ति का ब्योरा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;दूसरी तरफ, दावा किया जा रहा है कि 30 सितंबर को कुछ पुलिसकर्मियों की संपत्ति का ब्योरा जमा कर दिया जाएगा. मुख्य सचिव के आदेश के तहत संपत्ति का ब्योरा नहीं देने वाले पुलिसकर्मियों का वेतन रोक दिया जाएगा. तारीख बढ़ने तक कई पुलिसकर्मियों का वेतन भी रोक दिया गया.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;संपत्ति का विवरण न देने पर रुकेगा वेतन&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि UPPCL में कर्मचारियों की चल अचल संपत्ति के विवरण को लेकर निर्देश दिया गया है। UPPCL के 7572 कर्मचारियों ने अभी तक संपत्ति का विवरण नहीं दिया है। पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम में 1674 कर्मियों का विवरण अपलोड हो चुका है। वहीं मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के 3033 कर्मियों का विवरण नहीं दिया। दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के 981 कर्मियों का विवरण नहीं मिला।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;संपत्ति का ब्योरा अपलोड करने का निर्देश&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;वहीं पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम के 1669 कर्मियों का विवरण नहीं आया। केस्को कानपुर के 45 कर्मियों का संपत्ति विवरण लंबित है। UPPCL मुख्यालय के 170 कर्मियों ने विवरण नहीं दिया है। UPPCL इस मामले को लेकर एमडी पंकज कुमार ने सख्त निर्देश जारी किए हैं, जारी की गई आदेश के अनुसार आपको विवरण पोर्टल पर संपत्ति का ब्योरा अपलोड करना है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Aparna Yadav: बीजेपी ने दी अपर्णा यादव को बड़ी जिम्मेदारी, चर्चा में ये फैसला</title><link>https://up.inkhabar.com/top-news/aparna-yadav-bjp-gave-big-responsibility-to-aparna-yadav-this-decision-in-discussion/</link><pubDate>September 4, 2024, 5:00 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/09/download-1-1-300x169.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>लखनऊ: जनवरी 2022 में सपा से इस्तीफा देकर बीजेपी में शामिल हुईं मुलायम सिंह यादव की छोटी बहू रानी अपर्णा को पार्टी की तरफ से एक अहम जिम्मेदारी मिली है. अपर्णा यादव को यूपी की योगी सरकार ने प्रदेश की महिला आयोग का उपाध्यक्ष नियुक्त किया है. उनके ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ&lt;/strong&gt;: जनवरी 2022 में सपा से इस्तीफा देकर बीजेपी में शामिल हुईं मुलायम सिंह यादव की छोटी बहू रानी अपर्णा को पार्टी की तरफ से एक अहम जिम्मेदारी मिली है. अपर्णा यादव को यूपी की योगी सरकार ने प्रदेश की महिला आयोग का उपाध्यक्ष नियुक्त किया है. उनके साथ चारू चौधरी को भी उपाध्यक्ष बनाया गया है. योगी सरकार ने आगरा की बबीता चौहान को प्रदेश महिला आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया है. ऐसे में अपर्णा यादव को मिले इस पद की खूब चर्चा हो रही है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;प्रोफेसर कालोनी की रहने वाली हैं बबीता चौहान&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;यूपी महिला आयोग की अध्यक्ष नियुक्त की गयीं आगरा के हरिपर्वत की प्रोफेसर कालोनी निवासी बबीता चौहान बीजेपी महिला मोर्चा की यूपी इकाई की उपाध्‍यक्ष के पद पर है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;अपर्णा बनीं चर्चा की पात्र&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि महिला आयोग में इन नई जिम्मेदारियों में सबसे ज्यादा चर्चा अपर्णा यादव को लेकर हो रही है. अपर्णा यादव सपा के संस्थापक मुलायम सिंह यादव की बहू हैं. यूपी विधानसभा चुनाव 2022 से पहले उसी वर्ष जनवरी में अपर्णा सपा छोड़कर बीजेपी में शामिल हुई थीं. दो साल से अधिक वक्त बीत जाने के बाद आखिरकार बीजेपी ने अपर्णा यादव को यूपी सरकार में कोई पद दिया है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;हमेशा चर्चा में बनी रही अपर्णा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इस दौरान लगातार केवल यही चर्चाएं होती रहीं कि क्या अपर्णा को भाजपा किसी चुनाव में मुलायम सिंह यादव के परिवार के किसी सदस्य के विरोध में लड़ाएगी. हालांकि तमाम उपचुनाव और चुनाव इस बीच हुए पर पार्टी ने ऐसा कुछ नहीं किया।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;जानें कौन हैं चारु चौधरी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि चारु चौधरी गोरखपुर की पूर्व महापौर अंजू चौधरी की बहू हैं. अंजू चौधरी भी यूपी महिला आयोग की उपाध्‍यक्ष की जिम्मेदारी निभा चुकी हैं. महिला कल्‍याण विभाग की चीफ सचिव लीना जौहरी की तरफ से जारी अधिसूचना में बताया गया है कि राज्यपाल ने यूपी महिला आयोग के अध्यक्ष पद पर आगरा के हरीपर्वत इलाके की निवासी बबीता चौहान को अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी है वहीं विक्रमादित्य मार्ग, लखनऊ निवासी अपर्णा यादव के साथ गोरखपुर निवासी चारु चौधरी को एक साल के लिए उपाध्‍यक्ष पद की जिम्मेदारी दी है. प्रदेश सरकार इनका कार्यकाल समय के साथ बढ़ा भी सकती है.&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>UP News: योगी सरकार में कर्मचारियों को बड़ा झटका, लाखों कर्मचारियों की सैलरी संकट में</title><link>https://up.inkhabar.com/top-news/up-news-big-blow-to-employees-in-yogi-government-salary-of-lakhs-of-employees-in-crisis/</link><pubDate>September 3, 2024, 5:30 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/09/download-300x168.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>लखनऊ: यूपी की योगी सरकार में कर्मचारियों को बड़ा ठेंस पंहुचा है. योगी सरकार ने प्रदेश के 2.44 लाख सरकारी कर्मचारियों की सैलरी पर लगाम लगा दी है. बीते दिनों सभी कर्मचारियों को अपनी संपत्ति की विवरण 31 अगस्त तक देने के लिए बोला गया था लेकिन अभी त...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ&lt;/strong&gt;: यूपी की योगी सरकार में कर्मचारियों को बड़ा ठेंस पंहुचा है. योगी सरकार ने प्रदेश के 2.44 लाख सरकारी कर्मचारियों की सैलरी पर लगाम लगा दी है. बीते दिनों सभी कर्मचारियों को अपनी संपत्ति की विवरण 31 अगस्त तक देने के लिए बोला गया था लेकिन अभी तक इन कर्मचारियों की तरफ से डिटेल नहीं दिए जाने पर सरकार ने यह कार्रवाई की है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;31 अगस्त तक जमा करने का था समय&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;कुछ दिन पहले ही मुख्य सचिव की तरफ से 31 अगस्त तक सभी सरकारी कर्मचारियों को संपत्ति की डिटेल साझा करने के लिए कहा गया था. सरकारी कर्मचारियों को चल और अचल संपत्ति दोनों का डिटेल देने के आदेश दिए गए थे. यह डिटेल कर्मचारियों को मानव संपदा पोर्टल पर उपलोड करना था. लेकिन इसके बाद भी मात्र 71 प्रतिशत कर्मचारियों ने ही अपने चल और अचल संपत्ति का डिटेल मानव संपदा पोर्टल पर उपलोड किया था. जिसके बाद यह कार्रवाई की गई।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;इन विभागों के कर्मचारी का पैसा रुका&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;अपनी संपत्ति का डिटेल अपलोड नहीं करने वालों में सबसे अधिक शिक्षा विभाग और स्वास्थ्य विभाग के स्टाफ हैं. इसके बाद राजस्व विभाग के अधिकांश कर्मचारियों ने अपनी संपत्ति का डिटेल नहीं अपलोड किया है. अब मुख्य सचिव की तरफ से जिन्होंने अपना डिटेल नहीं दिया है उनके सैलेरी रोकने के आदेश दिए गए हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सपा की तरफ से प्रतिक्रिया&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;सरकार के इस निर्णय पर समाजवादी पार्टी की तरफ से प्रतिक्रिया सामने आई है. सपा के सोशल मीडिया साइट एक्स पर पोस्ट कर लिखा, &amp;#8216;कथित ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी के जनक के राज में कर्मचारियों की सेलरी तक रोक दी जा रही है.&amp;#8217; गौरतलब है कि बीते 17 अगस्त को ही शासन की तरफ से यह आदेश दिया गया था.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;इतने कर्मचारियों ने दिया संपत्ति का डिटेल&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इसके बाद भी योगी सरकार के 8,46,640 सरकारी कर्मचारियों में से मात्र 6,02,075 कर्मचारियों ने ही अपनी चल और अचल संपत्ति का डिटेल साइट पर अपलोड किया है. संपत्ति का डिटेल देने में ऊर्जा, खेल, कृषि, टेक्सटाइल, सैनिक कल्याण और महिला कल्याण विभाग के कर्मचारी सबसे अग्रसर हैं. जबकि शिक्षा विभाग के कर्मचारी अपनी संपत्ति का डिटेल नहीं देने में सबसे पहले आया है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Transfer: यूपी में 13 आईएएस का तबादला, प्रतीक्षा कर रहे अधिकारियों को मिला मौका</title><link>https://up.inkhabar.com/states/transfer-13-ias-transferred-in-up-waiting-officers-got-a-chance/</link><pubDate>August 22, 2024, 7:51 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/08/YHKL-300x169.webp</image><category>राज्य</category><excerpt>लखनऊ। यूपी की योगी सरकार ने बुधवार की रात 13 आईएएस अधिकारियों के ट्रांसफर किए गए हैं। इस बार इंतजार कर रहे के. विजयेंद्र पांडियन और मिनिष्ती एस को बड़ी जिम्मेदारियां सौंपी गई है। जहां के.विजयेंद्र पांडियन को आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग आयुक्त एवं...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ।&lt;/strong&gt; यूपी की योगी सरकार ने बुधवार की रात 13 आईएएस अधिकारियों के ट्रांसफर किए गए हैं। इस बार इंतजार कर रहे के. विजयेंद्र पांडियन और मिनिष्ती एस को बड़ी जिम्मेदारियां सौंपी गई है। जहां के.विजयेंद्र पांडियन को आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग आयुक्त एवं निदेशक, हथकरघा एवं वस्त्र उद्योग, राज्य वस्त्र निगम लिमिटेड, प्रबंध निदेशक, स्टेट स्पिनिंग कंपनी लिमिटेड और प्रबंध निदेशक, यूपी वित्त निगम लिमिटेड की जिम्मेदारियां सौंपी गई है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;मिनिष्मती बहनी वित्त विभाग की सचिव&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;वहीं मिनिष्मती एस को वित्त विभाग का सचिव की जिम्मेदारी दी गई है। राज्य सरकार ने ग्रेटर नोएडा की अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग को राज्य शासन की नियुक्ति एवं कार्मिक विभाग का खास सचिव बनाया गया है। इसके अतिरिक्त आगरा विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष और संभागीय खाद्य नियंत्रक, अनिता यादव को इंतजार में रखा गया है। आगरा विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी एम. अरून्मोली को दी गई है। जो अभी के समय में गोंडा की मुख्य विकास अधिकारी है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;कुंभ की खास कार्यधिकारी आकांक्षा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;यूपी सरकार ने कुम्भ मेला प्राधिकरण के खास कार्यधिकारी की जिम्मेदारी आकांक्षा राणा को सौंपी गई है। वहीं इस समय अलीगढ़ की मुख्य विकास अधिकारी और अलीगढ़ एवं संभागीय खाद्य नियंत्रक की का कार्यभार संभाल रही है। बहराइच की मुख्य विकास अधिकारी राम्या आर को उत्तर प्रदेश शासन के अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग का खास सचिव बनाया गया है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Nazul Land: नजूल भूमि विधेयक का भाजपा के विधायक ने किया विरोध, अपनी सरकार पर उठाए सवाल</title><link>https://up.inkhabar.com/politics/nazul-land-bjp-mla-opposed-the-nazul-land-bill-raised-questions-on-his-own-government/</link><pubDate>August 1, 2024, 11:20 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/08/SY6HF-300x169.webp</image><category>राजनीति</category><excerpt>लखनऊ। यूपी विधानसभा में नजल भूमि विधेयक के पास होते ही समाजवादी पार्टी के विधायकों ने जमकर विरोध किया। इस विधेयक के विरोध में स्वयं भाजपा विधायक सिद्धार्थनाथ सिंह और कुंडा विधायक राजा भैया भी आए। सभी ने इस विधेयक के विरोध नें संशोधन की मांग की ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ।&lt;/strong&gt; यूपी विधानसभा में नजल भूमि विधेयक के पास होते ही समाजवादी पार्टी के विधायकों ने जमकर विरोध किया। इस विधेयक के विरोध में स्वयं भाजपा विधायक सिद्धार्थनाथ सिंह और कुंडा विधायक राजा भैया भी आए। सभी ने इस विधेयक के विरोध नें संशोधन की मांग की है। संशोधन की मांग करते हुए इसे प्रवर समिति को भेजने के लिए कहा है। कुंडा विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैय्या ने कहा कि इस विधेयक के नतीजे गंभीर होंगे।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;लोगों होंगे बेघर&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;उदाहरण देते हुए बताया कि हाईकोर्ट इलाहाबाद भी नजल भूमि पर है। विधेयक किसी के हित में नहीं है। इससे गरीब लोग बेघर हो जाएंगे। फ्रीहोल्ड के लिए जिनकी किश्ते जमा हो गई है। ऐसे लोगों का सौदा हो गया है, तो जमीन वापस दें। लोग विरोध व्यक्त करने के लिए सड़कों पर आ जाएंगे। सरकार इस विधेयक पर फिर से विचार करें। इसे प्रवर समिति को भेजे। वहीं विधेयक को लेकर बीजेपी के विधायक सिद्धार्थनाथ सिंह ने अपनी ही सरकार पर सवाल उठाए है। उन्होंने अधिनियम के बारे में कहा कि जो लोग पीढ़ियों से लीज नजूल की जमीन पर रह रहे हैं। लीज पूरा होने पर उनके नवीनीकरण और लोग फ्री होल्ड के लिए किश्तें दे रहे हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;नवीनीकरण का सुझाव&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;लीज को नवीनीकरण करने की सलाह दी। उन्होंने विधेयक को व्यवहारिक बनाने की बात कही है। बीजेपी विधायक हर्षवर्धन वाजपेयी ने प्रयागराज इलाके में लीज की जमीन पर रहे हजारों परिवारों का उदाहरण दिया। सिद्धार्थनाथ सिंह ने विधेयक को न्यायसंगत नहीं बताया है। हजारों परिवारों के घर छीन जाएंगे। संपत्ति का अधिकार साफ और स्पष्ट होना चाहिए। गरीबों के पास नजूल की जमीन को फ्रीहोल्ड कराने का अधिकार होना चाहिए। मेंहदावल से निषाद पार्टी के विधायक अनिल कुमार त्रिपाठी ने कहा कि साल 1996 के तत्कालीन सीएम कल्याण सिंह ने राजस्व के लिए नजूल भूमि को फ्रीहोल्ड करने की व्यवस्था की थी।&lt;/p&gt;
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