<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?>
<rss version="2.0"
    xmlns:ag="http://purl.org/rss/1.0/modules/aggregation/"  
    xmlns:annotate="http://purl.org/rss/1.0/modules/annotate/" 
    xmlns:app="http://www.w3.org/2007/app"
    xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
    xmlns:company="http://purl.org/rss/1.0/modules/company"
    xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
    xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
    xmlns:dcterms="http://purl.org/dc/terms/"
    xmlns:email="http://purl.org/rss/1.0/modules/email/"
    xmlns:ev="http://purl.org/rss/1.0/modules/event/"
    xmlns:rdf="http://www.w3.org/1999/02/22-rdf-syntax-ns#"
    xmlns:rdfs="http://www.w3.org/2000/01/rdf-schema#"
    xmlns:ref="http://purl.org/rss/1.0/modules/reference/"
    xmlns:taxo="http://purl.org/rss/1.0/modules/taxonomy/"
    xmlns:atom10="http://www.w3.org/2005/Atom">
    <channel>
       <title>Today भूकंप News | Latest भूकंप News | Breaking भूकंप News in English | Latest भूकंप News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का भूकंप समाचार:Today भूकंप News ,Latest भूकंप News,Aaj Ka Samachar ,भूकंप समाचार ,Breaking भूकंप News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
        <link>https://up.inkhabar.com/tag/%e0%a4%ad%e0%a5%82%e0%a4%95%e0%a4%82%e0%a4%aa</link>
        <lastBuildDate>May 5, 2026, 12:34 am</lastBuildDate>
        <copyright>UP Inkhabar</copyright>
        <generator>UP Inkhabar</generator>
        <language>hi</language>
        <image>
            <url>https://up.inkhabar.com/wp-content/themes/inkhabar/images/inkhbar-logo.png</url>
            <title>UP Inkhabar</title>
            <link>https://up.inkhabar.com/</link>
            <description>Feed provided by UP Inkhabar.</description>
        </image><item><title>Earthquake: यूपी के कई जिलों में भूकंप, काफी देर तक महसूस हुए झटके</title><link>https://up.inkhabar.com/top-news/earthquake-earthquake-in-many-districts-of-up-tremors-felt-for-a-long-time/</link><pubDate>November 6, 2023, 12:39 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/11/download-2023-11-06T180847.485.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>लखनऊ। प्रदेश में सोमवार को एक बार फिर से भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। पिछले तीन दिनों में यह तीसरी बार है जब भूकंप के झटके महसूस हुए हैं। इस बार भी भूकंप का केंद्र नेपाल था। साथ ही इसकी तीव्रता 5.6 बताई गई है। इन जिलों में भूकंप के झटके भूकं...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ।&lt;/strong&gt; प्रदेश में सोमवार को एक बार फिर से भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। पिछले तीन दिनों में यह तीसरी बार है जब भूकंप के झटके महसूस हुए हैं। इस बार भी भूकंप का केंद्र नेपाल था। साथ ही इसकी तीव्रता 5.6 बताई गई है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;इन जिलों में भूकंप के झटके&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;भूकंप के झटके दिल्ली-एनसीआर तक महसूस किये गए। झटके महसूस होते ही लोग अपने घरों से बाहर निकल आये। उत्तर प्रदेश के बहराइच, श्रावस्ती, देवरिया, बस्ती, सिद्धार्थनगर। महराजगंज और गोरखपुर में भी भूकंप के झटके आए हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;नेपाल में मचाई थी तबाही&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि इससे पहले शुक्रवार यानी 3 नवंबर को रात में भूकंप आया था। इसका केंद्र भी पड़ोसी देश नेपाल था। नेपाल के जजरकोट और रुकुम पश्चिम स्टूडियो में शुक्रवार को 11:47 बजे 6.4 तीव्रता का भूकंप आया था। इसमें 150 से अधिक लोगों की मौत हो गई जबकि 140 अन्य लोग घायल भी हुए।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;इस वजह से आता है भूकंप&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;दरअसल पृथ्वी के अंदर सात प्लेट्स मौजूद हैं और यह लगातार घूमती रहती है। जहां पर यह प्लेट्स ज्यादा टकराती हैं उसे जोन फॉल्ट लाइन कहते हैं। बार-बार टकराने की वजह से प्लेट्स के कोने मुड़ते रहते हैं। जब इस पर ज्यादा दबाव बनता है तो प्लेट्स टूटने लगती हैं। इसके बाद नीचे की ऊर्जा बाहर आने का रास्ता ढूंढती हैं और इससे डिस्टर्बेंस होता है। इस वजह से भूकंप आता है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Ayodhya Earthquake: अयोध्या में आज फिर महसूस हुए भूकंप के झटके, दहशत में लोग</title><link>https://up.inkhabar.com/top-news/ayodhya-earthquake-earthquake-tremors-felt-again-in-ayodhya-today-people-in-panic/</link><pubDate>November 5, 2023, 7:09 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/11/download-6-300x225.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>लखनऊ। अयोध्या से रविवार की रात 1 बजे धरती हिलने की ख़बर सामने आ रही है। बता दें कि रविवार रात अयोध्या एक बार फिर से हिला है। गौरतलव है कि इस घटना से जानमाल को नुकसान नहीं हुई है। ख़बर मिली है कि वहां के लोगों को भूकंप के हल्के झटके महसूस हुए। नेश...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ।&lt;/strong&gt; अयोध्या से रविवार की रात 1 बजे धरती हिलने की ख़बर सामने आ रही है। बता दें कि रविवार रात अयोध्या एक बार फिर से हिला है। गौरतलव है कि इस घटना से जानमाल को नुकसान नहीं हुई है। ख़बर मिली है कि वहां के लोगों को भूकंप के हल्के झटके महसूस हुए। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के मुताबिक बताया गया है कि रिक्टर स्केल पर इस भूकंप की तीव्रता 3.6 आंकी गई है। अयोध्या से 215 किमी उत्तर में भूकंप का केंद्र 10 किमी की गहराई पर था. वहीं इसके साथ देर रात अफगानिस्तान के फैजाबाद में भी 4.5 तीव्रता का भूकंप आया. यूपी समेत देश के कई हिस्सों में शुक्रवार की देर रात धरती हिली थी. जान बचाने के लिए लोग घरों से बाहर निकल गए थे।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;फिर हिली धरती&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;भूकंप के झटके के कारण उत्तर भारत में धरती हिली है। दहशत से लोग अभी उबरे भी नहीं थे कि अयोध्या में एक बार फिर भूकंप के झटके महसूस किए गए. बता दें कि नेपाल में शुक्रवार की देर रात आए 6.4 तीव्रता के भूकंप से तबाही मची है. भूकंप के कारण नेपाल में मरने वालों की संख्या बढ़कर 157 हो गई है. हालंकि बचाव और राहत के लिए एजेंसियां जुटी हुई हैं. मकानों के मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए एजेंसियां की ऑपरेशन जारी है. शनिवार से कर्मचारी राहत और बचाव में लगे हुए है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;नेपाल में सबसे अधिक नुकसान&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बात करें शुक्रवार आए भूकंप की तो इसमें सबसे अधिक नेपाल प्रभावित हुआ है। यहां चिकित्सा कर्मियों की टीम पहुंच चुकी है. अनुमान है कि इस भूकंप से नेपाल की अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान हुआ है. वहीं भारत ने मुसीबत की घड़ी में पड़ोसी धर्म निभाया है. बता दें कि नेपाल में हुए भूकंप से नुकसान के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख जताते हुए मदद की पेशकश की है. दूसरी तरफ 10 करोड़ नेपाली रुपये की सहायता देने के लिए चीन ने भी राहत राशि का एलान किया है. बताया जा रहा है कि अभी नेपाल को भूकंप की हालात से उबरने में कुछ महीनों का समय लगेगा. वहीं हिमालयी क्षेत्र में बसे देश में कई महीनों से जमीन हिलने की ख़बर सामने आ रही है.&lt;/p&gt;
</content></item></channel></rss>