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       <title>Today दशहरा News | Latest दशहरा News | Breaking दशहरा News in English | Latest दशहरा News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का दशहरा समाचार:Today दशहरा News ,Latest दशहरा News,Aaj Ka Samachar ,दशहरा समाचार ,Breaking दशहरा News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
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        </image><item><title>Weapons: दशहरे के मौके पर RSS करता है हथियारों की पूजा, जाने वजह</title><link>https://up.inkhabar.com/festival/weapons-rss-worships-weapons-on-the-occasion-of-dussehra-know-the-reason/</link><pubDate>October 12, 2024, 7:37 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/10/moh.webp</image><category>त्योहार</category><excerpt>लखनऊ। आज विजयादशमी कार्यक्रम पूरे देश में धूमधाम से मनाया जा रहा है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) संघ मुख्‍यालय नागपुर में इस कार्यक्रम को लेकर खास तैयारियां की जाती है। हर संघ सदस्‍य के लिए दशहरे का दिन कई मायनों से खास होता है, क्‍योंकि विजय...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ। &lt;/strong&gt;आज विजयादशमी कार्यक्रम पूरे देश में धूमधाम से मनाया जा रहा है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) संघ मुख्‍यालय नागपुर में इस कार्यक्रम को लेकर खास तैयारियां की जाती है। हर संघ सदस्‍य के लिए दशहरे का दिन कई मायनों से खास होता है, क्‍योंकि विजयादशमी के दिन ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्‍थापना हुई थी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;दशमी के मौके पर शास्त्रों की पूजा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;संघ की स्‍थापना 1925 में दशहरा के दिन हुई थी। दशमी के मौके पर शस्त्रों की पूजा की जाती है। इस दौरान संघ के सदस्य पूरे विधि-विधान से शस्त्रों की पूजा करते हैं। दशहरे के मौके पर 9 दिनों की उपासना के बाद 10वें दिन विजय कामना के साथ हथियारों की पूजा की जाती है। विजयादशमी पर शक्ति रुपा मां दुर्गा, काली की पूजा के साथ शस्त्रों की पूजा हिंदू धर्म में लंबे समय की जा रही है। RSS हर साल हथियारों की विधि विधान से पूजा करता है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;शस्त्रों को धारण करने की सलाह&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;संघ का उद्देश्य भारतीय संस्कृति और नागरिक समाज के मूल्यों को बनाए रखना, समाज सेवा और सुधार के कार्य करना, RSS की सबसे छोटी इकाई शाखा होती है। जहां स्वयंसेवक प्रतिदिन इकट्ठे होकर शारीरिक प्रशिक्षण और धार्मिक अनुष्ठान करते हैं। बता दें कि सनातन धर्म के देवी-देवताओं की ओर से धारण किए गए शस्त्रों का जिक्र करते हुए एकता के साथ ही अस्त्र-शस्त्र धारण करने की सलाह दी जाती है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Dussehra: दशमी के मौके पर जाने रावण दहन का शुभ मुहूर्त और महत्व</title><link>https://up.inkhabar.com/festival/dussehra-know-the-auspicious-time-and-importance-of-ravana-dahan-on-the-occasion-of-dashami/</link><pubDate>October 11, 2024, 12:32 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/10/IJHBG-300x169.webp</image><category>त्योहार</category><excerpt>लखनऊ। दशहरा, जिसे विजयादशमी भी कहा जाता है, भारत में एक प्रमुख त्यौहार है। यह त्योहार बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है और मुख्य रूप से भगवान राम द्वारा रावण के वध का उत्सव माना जाता है। इस दिन देशभर में रावण दहन की परंपरा निभाई जाती है, जहां...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ।&lt;/strong&gt; दशहरा, जिसे विजयादशमी भी कहा जाता है, भारत में एक प्रमुख त्यौहार है। यह त्योहार बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है और मुख्य रूप से भगवान राम द्वारा रावण के वध का उत्सव माना जाता है। इस दिन देशभर में रावण दहन की परंपरा निभाई जाती है, जहां रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतलों का दहन किया जाता है। रावण दहन को लेकर सभी के मन में एक सवाल रहता है कि सही मुहूर्त क्या है और इसका महत्व क्या है? आइए जानते हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;रावण दहन का मुहूर्त&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;दशहरा 2024 में 11 अक्टूबर को मनाया जा रहा है। इस दिन रावण दहन के लिए शुभ समय शाम 5:30 बजे से लेकर रात 7:00 बजे तक रहेगा। रावण दहन का मुहूर्त समय पंचांग और तिथि के अनुसार निकाला जाता है। इसे विजय मुहूर्त कहा जाता है, क्योंकि इसी समय भगवान राम ने रावण का वध कर धरती को उसके आतंक से मुक्त किया था। इस मुहूर्त में किया गया रावण दहन शुभ माना जाता है और इसे अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक माना जाता है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;रावण दहन का महत्व&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;रावण दहन न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है। यह बुराई के प्रतीकों का नाश और सत्य, न्याय, और अच्छाई की जीत को दर्शाता है। रावण को अहंकार, अधर्म और अनैतिकता का प्रतीक माना जाता है, और उसके पुतले को जलाकर हमें यह संदेश मिलता है कि चाहे कितनी भी शक्तिशाली बुराई क्यों न हो, अंत में सत्य और धर्म की ही विजय होती है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;धार्मिक महत्व&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;दशहरे का धार्मिक महत्व रामायण से जुड़ा है, जिसमें भगवान राम ने अपनी पत्नी सीता को रावण के चंगुल से मुक्त कराने के लिए लंका जाकर रावण का वध किया था। भगवान राम को धर्म और सत्य का प्रतीक माना जाता है, जबकि रावण अहंकार और अधर्म का। इस दिन रावण का पुतला जलाकर हम भगवान राम की विजय को याद करते हैं और अपने जीवन में उनके आदर्शों को अपनाने का संकल्प लेते हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;रावण दहन केवल धार्मिक उत्सव नहीं है, बल्कि यह समाज में बुराई और अधर्म के खिलाफ खड़े होने का प्रतीक है। इसे हर साल बड़े धूमधाम से मनाया जाता है और लोग एकत्र होकर इसका आनंद लेते हैं। यह सामाजिक मेलजोल और एकता का प्रतीक भी है।&lt;/p&gt;
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