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       <title>Today उत्तराखंड News | Latest उत्तराखंड News | Breaking उत्तराखंड News in English | Latest उत्तराखंड News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का उत्तराखंड समाचार:Today उत्तराखंड News ,Latest उत्तराखंड News,Aaj Ka Samachar ,उत्तराखंड समाचार ,Breaking उत्तराखंड News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
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        </image><item><title>Maa Surkanda Devi Temple: माँ सुरकंडा देवी के दरबार में होते हैं चारों धाम के दर्शन, जानें यहां पहुंचने का तरीका</title><link>https://up.inkhabar.com/desh-pradesh/maa-surkanda-devi-temple-darshan-of-all-the-four-dhams-takes-place-in-the-court-of-maa-surkanda-devi-know-how-to-reach-here/</link><pubDate>May 9, 2024, 12:59 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/05/11-2.png</image><category>देश-प्रदेश</category><excerpt>लखनऊ। आपने ऐसे कई मंदिरों के बारे में सुना होगा जो किसी न किसी कारण बहुत ही विख्यात हैं। लेकिन आज हम आपको जिस मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं उसके बारे में ये कहा जाता है कि उस वहां जाने से लोगों के पाप धुल जाते हैं। साथ ही मंदिर में दर्शन [...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ।&lt;/strong&gt; आपने ऐसे कई मंदिरों के बारे में सुना होगा जो किसी न किसी कारण बहुत ही विख्यात हैं। लेकिन आज हम आपको जिस मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं उसके बारे में ये कहा जाता है कि उस वहां जाने से लोगों के पाप धुल जाते हैं। साथ ही मंदिर में दर्शन करने से भक्तों को उनका मनचाहे वरदान की प्राप्ति होती है। दरअसल, हम बात कर रहे हैं सुरकंडा देवी मंदिर (Maa Surkanda Devi Temple) की जो कि देवभूमि यानी की उत्तराखंड में स्थित है।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;यहां सिद्धपीठ मंदिर माँ दुर्गा को समर्पित किया गया है जो नौ देवी के रूपों में से एक हैं। माँ दुर्गा का यह प्रसिद्ध सिद्धपीठ सुरकंडा देवी मंदिर (Maa Surkanda Devi Temple) उत्तराखंड के टिहरी जनपद में जौनुपर पट्टी के सुरकुट पर्वत पर विराजित है। सुरकंडा देवी का मंदिर टिहरी गढ़वाल के मशहूर पर्यटक स्थल धनौल्टी से सिर्फ 8 किलो मीटर की दूरी पर स्थित है। आइये जानते हैं इस मंदिर की खासियत और यहां तक पहुंचने का रास्ता।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;जानें मंदिर की खासियत&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;दरअसल, सुरकंडा मां का मंदिर उत्तरखंड में बेहद लोकप्रिय है। इसकी सबसे खास बात यह है कि इस मंदिर में आप चारों धाम के दर्शन कर सकते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि यहां से बदरीनाथ, केदारनाथ, तुंगनाथ और नीलकंठ सहित कई खूबसूरत पर्वत श्रृखलाओं के दर्शन होते हैं। सुरकंडा मां माता का यह मंदिर समुद्र से तकरीबन 3 हजार मीटर ऊंचाई पर बना हुआ है, इसी कारण यहां से बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमनोत्री चारों धामों की पहाड़ियां नजर आती हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;किस मौसम में जाना चाहिए?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;वैसे तो आप साल के बारह महीने में कभी भी जाकर सुरकंडा मां के मंदिर में दर्शन कर सकते हैं। लेकिन पहाड़ी पर स्थित होने के कारण साल के ज़्यादातर समय यह मंदिर कोहरे से ढका होता है। इसके बावजूद भी नए साल के अवसर पर बड़ी संख्या में भक्त मंदिर में दर्शन करने पहुंचते हैं। ऐसे में अगर आप ठंड के मौसम में नहीं आना चाहते तो मई से अगस्त तक का मौसम यहां आने के लिए बेहद अच्छा होता है। यहां पर भक्तों और यात्रियों के ठहरने के लिए धर्मशाला की सुविधा उपलब्ध है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सुरकंडा मंदिर पहुंचने का रास्ता&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;सड़क मार्ग&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;अगर आप सड़क मार्ग से मां सुरकंडा के मंदिर जाने की योजना बना रहे हैं तो आप इसके लिए अपने प्राइवेट कैब या कार से भी जा सकते हैं।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;रेलमार्ग&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;सुरकंडा मंदिर का सबसे नजदीक रेलवे स्टेशन ऋषिकेश, हरिद्वार और देहरादून है। आप यहां से बस या टैक्सी कर मंदिर तक पहुंच सकते हैं।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;वायु मार्ग&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;अगर आप वायु मार्ग से सुरकंडा मंदिर (Maa Surkanda Devi Temple) जाने की सोच रहे हैं तो यहां पहुंचने के लिए सबसे नजदीकी हवाई अड्डा देहरादून में स्थित जौलीग्राट है। यहां से आपको बस या टैक्सी आसानी से मिल जाएगी।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Tunnel Rescue: टनल से बाहर निकले मजदूरों ने पीएम मोदी को बताई ये बातें, देखे वीडियो</title><link>https://up.inkhabar.com/states/tunnel-rescue-the-workers-who-came-out-of-the-tunnel-told-these-things-to-pm-modi-watch-video/</link><pubDate>November 29, 2023, 8:41 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/11/download-2023-11-29T141000.096-300x169.png</image><category>राज्य</category><excerpt>लखनऊ। उत्तरकाशी के सिलक्यारा टनल में फंसे 41 मजदूरों को मंगलवार को टनल से बाहर निकाला गया। ये सभी मजदूर 12 नवंबर को दिवाली के दिन से ही निर्माणाधीन सुरंग में फंसे हुए थे। लेकिन 400 घंटे से ज्यादा चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सकुशल बाहर आ चुके हैं...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ। &lt;/strong&gt;उत्तरकाशी के सिलक्यारा टनल में फंसे 41 मजदूरों को मंगलवार को टनल से बाहर निकाला गया। ये सभी मजदूर 12 नवंबर को दिवाली के दिन से ही निर्माणाधीन सुरंग में फंसे हुए थे। लेकिन 400 घंटे से ज्यादा चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सकुशल बाहर आ चुके हैं। इस सुरंग में प्रदेश के 8 मजदूर फंसे हुए थे। वहीं इस टनल से बचाये गए सभी मजदूरों से पीएम मोदी ने फ़ोन पर बातचीत की। बातचीत के दौरान पीएम ने उनसे हालचाल जाना और रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए सभी एजेंसियों और सुरक्षाकर्मियों की तारीफ की।&lt;/p&gt;



&lt;figure class=&quot;wp-block-embed is-type-video is-provider-youtube wp-block-embed-youtube wp-embed-aspect-16-9 wp-has-aspect-ratio&quot;&gt;&lt;div class=&quot;wp-block-embed__wrapper&quot;&gt;
&lt;iframe loading=&quot;lazy&quot; title=&quot;Uttarkashi Tunnel Rescue: PM मोदी ने 41 श्रमिकों को सुरंग से सकुशल बाहर निकलने पर दी बधाई&quot; width=&quot;500&quot; height=&quot;281&quot; src=&quot;https://www.youtube.com/embed/9BuC86ng4_4?feature=oembed&quot; frameborder=&quot;0&quot; allow=&quot;accelerometer; autoplay; clipboard-write; encrypted-media; gyroscope; picture-in-picture; web-share&quot; referrerpolicy=&quot;strict-origin-when-cross-origin&quot; allowfullscreen&gt;&lt;/iframe&gt;
&lt;/div&gt;&lt;/figure&gt;
</content></item><item><title>Tunnel Rescue: 17 दिनों बाद श्रमिकों के घर मनाई गई दिवाली, जमकर हुई आतिशबाजी</title><link>https://up.inkhabar.com/states/tunnel-rescue-diwali-celebrated-at-workers-homes-after-17-days-massive-fireworks/</link><pubDate>November 29, 2023, 6:11 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/11/download-2023-11-29T113614.651-300x169.png</image><category>राज्य</category><excerpt>लखनऊ। उत्तरकाशी के सिलक्यारा टनल में फंसे 41 मजदूरों को अथक प्रयास से मंगलवार को टनल से बाहर निकाला गया। ये सभी मजदूर 12 नवंबर को दिवाली के दिन से ही निर्माणाधीन सुरंग में फंसे हुए थे। लेकिन 400 घंटे से ज्यादा चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सकुशल ब...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ।&lt;/strong&gt; उत्तरकाशी के सिलक्यारा टनल में फंसे 41 मजदूरों को अथक प्रयास से मंगलवार को टनल से बाहर निकाला गया। ये सभी मजदूर 12 नवंबर को दिवाली के दिन से ही निर्माणाधीन सुरंग में फंसे हुए थे। लेकिन 400 घंटे से ज्यादा चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सकुशल बाहर आ चुके हैं। इस सुरंग में प्रदेश के 8 मजदूर फंसे हुए थे। उनके बाहर निकलने पर परिवार और गांव में ख़ुशी का माहौल है। सब ख़ुशी में दिवाली मना रहे हैं, जमकर आतिशबाजी हो रही है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;फंसे थे ये 8 मजदूर&lt;/h2&gt;



&lt;ul class=&quot;wp-block-list&quot;&gt;
&lt;li&gt;अखिलेश कुमार&lt;/li&gt;



&lt;li&gt;अंकित कुमार&lt;/li&gt;



&lt;li&gt;राम मिलन&lt;/li&gt;



&lt;li&gt;सत्यदेव&lt;/li&gt;



&lt;li&gt;संतोष कुमार&lt;/li&gt;



&lt;li&gt;जय प्रकाश&lt;/li&gt;



&lt;li&gt;राम सुन्दर&lt;/li&gt;



&lt;li&gt;मंजीत कुमार&lt;/li&gt;



&lt;li&gt;&lt;/li&gt;
&lt;/ul&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;सरकार और बचावकर्मियों को धन्यवाद&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;श्रावस्ती जिले के रहने वाले संतोष की मां ने भावुक होते हुए कहा कि हमने आज दिवाली मनाई है। हम केंद्र सरकार और बचावकर्मियों को इसके लिए धन्यवाद देते हैं। सुरंग से बचाए गए श्रावस्ती के ही एक मजदूर राम मिलन के बेटे संदीप कुमार ने कहा कि हम लोग बहुत खुश है। उनसे बात हुई है। लखीमपुर खीरी में मजदूर मंजीत की मां ने कहा कि हमारा एक ही बेटा है। 17 दिन हमने कैसे गुजारे हैं वो भगवान ही जानते हैं। आज जाकर हमारे अंधेरे घर में उजाला हुआ है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;सीएम योगी ने किया अभिनंदन&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने सफल रेस्क्यू के लिए उत्तराखण्ड सरकार का अभिनंदन किया है। उन्होंने एक्स पर लिखा कि उत्तराखण्ड स्थित सिलक्यारा टनल में फंसे सभी श्रमिकों को सकुशल बाहर निकालने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और सीएम पुष्कर धामी के नेतृत्व में संचालित रेस्क्यू ऑपरेशन की सफलता पर सभी को बधाई एवं उत्तराखण्ड सरकार का अभिनंदन। श्रमिक भाइयों की प्राण रक्षा में अपना अमूल्य योगदान देने वाले हर व्यक्ति का धन्यवाद।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Uttarakashi Tunnel Accident: सामने आया उत्तरकाशी टनल में फंसे मजदूरों का पहला वीडियो</title><link>https://up.inkhabar.com/top-news/uttarakashi-tunnel-accident-first-video-of-workers-trapped-in-uttarkashi-tunnel-surfaced/</link><pubDate>November 21, 2023, 6:34 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/11/1-1-300x168.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>Uttarakashi Tunnel: उत्तरकाशी में इस समय एक बड़ा रेसक्यू ऑपरेशन चल रहा है। बता दें कि उत्तरकाशी की सिलक्यारा टनल में फंसे 41 मजदूरों का पहला वीडियो मंगलवार को सामने आया है, जिसमें टनल में फंसे हुए मजदूर दिखाई दे रहे हैं। इसके लिए सुरंग के अंदर ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Uttarakashi Tunnel:&lt;/strong&gt; उत्तरकाशी में इस समय एक बड़ा रेसक्यू ऑपरेशन चल रहा है। बता दें कि उत्तरकाशी की सिलक्यारा टनल में फंसे 41 मजदूरों का पहला वीडियो मंगलवार को सामने आया है, जिसमें टनल में फंसे हुए मजदूर दिखाई दे रहे हैं। इसके लिए सुरंग के अंदर मलबे में से एक छह इंच चौड़ी पाइपलाइन डाली गई, जिसके द्वारा मजदूरों के लिए खाने में खिचड़ी और पानी भेजा गया। जिसके बाद इसी पाइप की मदद से एक कैमरा अंदर भेजा गया, जिससे यह वीडियो सामने आ सका। इस वीडियो के जरिए यह देखा जा सकता है कि ये मजदूर पिछले दस दिनों से किस हालात में हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;वॉकी-टॉकी के जरिए मजदूरों से बात&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;दरअसल, सोमवार को रेस्क्यू ऑपरेशन की टीम ने सुरंग के अंदर एक छह इंच का पाइप डाला, जिसके जरिए मजदूरों तक खाने का सामान पहुंचाया गया। इसके बाद मजदूरों कि हाल जानने के लिए उसी पाइप लाइन की सहायता से एक एंडोस्कोपिक फ्लेक्सी कैमरा भी भेजा गया। इस कैमरे के द्वारा सारे मजदूरों को देखा जा सका। यही नहीं रेस्कयू टीम ने वॉकी-टॉकी के जरिए फंसे हुए मजदूरों से बातचीत की और उनका हौसला भी बढ़ाया। इस सामने आए वीडियो में देखा जा सकता है कि सारे मजदूर एकसाथ खड़े हुए हैं। इस दौरान रेस्क्यू टीम ने कहा कि हम आपको यहां से देख सकते हैं। इसके अलावा उन्हें यह कहा गया कि वो कैमरे में लगे माइक के पास जाकर बात करें। फिलहाल राहत की बात यह है कि सभी मजदूर सुरक्षित हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;मोबाइल और चार्जर भी भेजा जाएगा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि आज सुरंग में फंसे मजदूरों के रेस्क्यू ऑपरेशन का दसवां दिन है। सोमवार को मजदूरों को खाने के लिए खिचड़ी और दाल समेत कई खाद्य सामग्रियां भेजी गई थी। इस दौरान कुक रवि रॉय ने कहा कि एक व्यक्ति के हिसाब 750 ग्राम खाना तैयार है। इसके अलावा खिचड़ी के साथ संतरे-सेब और नींबू का रस भी मजदूरों के पास भेजा गया। अब इस पाइप लाइन के जरिए मोबाइल और चार्जर भेजा जाएगा। दूसरे तरफ एनडीआरएफ, एसडीआरएफ समेत तमाम एजेंसियों के साथ रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। सुरंग के ऊपर बनी पहाड़ी के ऊपरी हिस्से में वर्टिकल ड्रिलिंग के जरिए मशीन से रास्ता बनाने का प्रयास किया जा रहा है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>बंद हुए केदारनाथ धाम के कपाट, अब ओंकारेश्वर मंदिर में दर्शन देंगे बाबा</title><link>https://up.inkhabar.com/states/kedarnath-dham-doors-closed-now-baba-will-give-darshan-in-omkareshwar-temple/</link><pubDate>November 15, 2023, 10:52 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/11/9-300x225.png</image><category>देश-प्रदेश</category><excerpt>Kedarnath Dham Door Closed: आज उत्तराखंड के चार धामों में से एक और भगवान महादेव के 11वें ज्योतिर्लिंग स्वरूप भगवान केदारनाथ के कपाट बंद किए गए। बता दें कि आज सुबह 8:30 बजे कपाट बंद होने का मुहूर्त था। जिसके बाद केदारनाथ धाम के कपाट शीतकाल के का...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Kedarnath Dham Door Closed:&lt;/strong&gt; आज उत्तराखंड के चार धामों में से एक और भगवान महादेव के 11वें ज्योतिर्लिंग स्वरूप भगवान केदारनाथ के कपाट बंद किए गए। बता दें कि आज सुबह 8:30 बजे कपाट बंद होने का मुहूर्त था। जिसके बाद केदारनाथ धाम के कपाट शीतकाल के कारण बंद किए गए। अब बाबा केदारनाथ 6 माह की अवधि के दौरान ओंकारेश्वर मंदिर में विराजमान रहेंगे। इस दौरान भगवान केदारनाथ की पंचमुखी डोली ने बुधवार सुबह केदारनाथ धाम से अपने शीतकालीन स्थल के लिए प्रस्थान किया। यही नहीं केदारनाथ की डोली के साथ देश-विदेश से आए हजारों श्रद्धालु भगवान केदारनाथ के दर्शन के लिए पहुंचे। वहीं भगवान केदारनाथ के कपाट तीन पहर की पूजा के बाद बंद कर दिए गए।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;बाबा के जयकारे से गूंजी केदारपुरी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बताया जा रहा है कि भगवान केदारनाथ की पंचमुखी डोली विभिन्न पड़ावों से दर्शन देते हुए शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ पहुंची। यहां शीतकाल तक भगवान विराजमान रहेंगे। वहीं इस मौके पर आर्मी की बैंड की धुन के साथ बाबा के जयकार से पूरी केदारपुरी गूंज गई। वहीं आंकड़ों के अनुसार इस साल भगवान केदारनाथ के दर्शन के लिए 20 लाख से भी ज्यादा श्रद्धालुओं ने बाबा के दर पर माथा टेका। आश्चर्य की बात यह है कि साल दर साल यह संख्या बढ़ रही है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;कई अधिकारिगण भी रहे मौजूद&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;वहीं जब बाबा केदारनाथ अपने शीतकाल स्थल के लिए रवाना हुए तो इस मौके पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु उनके दर्शन करने के लिए पहुंचे थे। यही नहीं बाबा के दर्शन के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे जो, बाबा की जयकारों के साथ-साथ भजन कीर्तन भी कर रहे थे। इस दौरान यहां श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति अध्यक्ष अजेंद्र अजय, तीर्थपुरोहित समाज के पदाधिकारी, सीईओ योगेंद्र सिंह और प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;15 नवंबर से बंद होंगे यमुनोत्री के कपाट&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इसके अलावा बताया जा रहा है कि 15 नवंबर से यमुनोत्री के कपाट भी शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। इस दौरान कपाट बंदी को लेकर मंदिर समिति की ओर से सभी प्रकार कि तैयारियां कर ली गई हैं।&lt;/p&gt;
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