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       <title>Today इलाहाबाद हाईकोर्ट News | Latest इलाहाबाद हाईकोर्ट News | Breaking इलाहाबाद हाईकोर्ट News in English | Latest इलाहाबाद हाईकोर्ट News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का इलाहाबाद हाईकोर्ट समाचार:Today इलाहाबाद हाईकोर्ट News ,Latest इलाहाबाद हाईकोर्ट News,Aaj Ka Samachar ,इलाहाबाद हाईकोर्ट समाचार ,Breaking इलाहाबाद हाईकोर्ट News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
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            <title>UP Inkhabar</title>
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        </image><item><title>Bail: सपा नेता इरफान सोलंकी को मिली जमानत, हाईकोर्ट ने नहीं लगाई सजा पर रोक</title><link>https://up.inkhabar.com/states/bail-sp-leader-irfan-solanki-got-bail-high-court-did-not-stay-the-sentence/</link><pubDate>November 14, 2024, 9:24 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/11/SP.webp</image><category>राज्य</category><excerpt>लखनऊ। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कब्जे के लिए महिला का घर जाने के मामले में 7 साल की सजा काट रहे इरफान सोलंकी की जमानत मंजूर कर ली है। वहीं कोर्ट ने सजा पर रोक नहीं लगाई है। साथ ही सजा बढ़ाने की राज्य सरकार की अपीस 4 सप्ताह बाद सूचीबद्ध करने का निर्द...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ।&lt;/strong&gt; इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कब्जे के लिए महिला का घर जाने के मामले में 7 साल की सजा काट रहे इरफान सोलंकी की जमानत मंजूर कर ली है। वहीं कोर्ट ने सजा पर रोक नहीं लगाई है। साथ ही सजा बढ़ाने की राज्य सरकार की अपीस 4 सप्ताह बाद सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;खुली अदालत में फैसला सुनाया&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;यह आदेश जस्टिस राजीव गुप्ता और जस्टिस सुरेंद्र सिंह की खंडपीठ ने गुरुवार को खुली अदालत में सुनाया। खंडपीठ ने इरफान सोलंकी और राज्य सरकार की अपीलों पर लंबी सुनवाई के बाद 8 नवंबर को फैसला अपने पास सुरक्षित रख लिया था। मामले के तथ्यों के मुताबिक कानपुर की स्पेशल कोर्ट एमपी एमएलए ने जाजमऊ की डिफेंस कॉलोनी निवासी नजीर फातिमा ने घर जलाने के मामलेमें विधायक इरफान सोलंकी और उनके भाई रिजवान सोलंकी समेत 5 लोगों को सात जुलाई 2024 को सात साल की सजा सुनाई है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;स्पेशल कोर्ट में आदेश को चुनौती&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;हाईकोर्ट में अपील दाखिल कर स्पेशल कोर्ट के इस आदेश को चुनौती दी गई है। अपील में सजा रद्द करने और आखिरी फैसला आने तक जमानत देने व सजा पर रोक लगाने की मांगी की गई। वहीं राज्य सरकार ने सजा बढ़ाकर उम्रकैद करने की मांग से अपील दायर की। जाजामऊ की डिफेंस कॉलोनी की निवासी नजीर फातिमा ने घर जलाने के मामले में कानपुर की सीसामऊ विधानसभा के निवर्तमान विधायक इरफान सोलंकी और उनके भाई रिजवान सोलंकी पर मुकदमा दर्ज कराया था।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Fake Certificate: 20 हजार रूपए में बनाते थे नकली मैरिज सर्टिफिकेट, कोर्ट में हुआ खुलासा</title><link>https://up.inkhabar.com/crime/fake-certificate-used-to-make-fake-marriage-certificates-for-rs-20-thousand-revealed-in-court/</link><pubDate>November 6, 2024, 7:29 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/11/MARR-300x169.webp</image><category>क्राइम</category><excerpt>लखनऊ। यूपी के प्रयागराज में पुलिस ने ऐसी गैंग का पर्दाफाश किया है, जो सिर्फ 20 हजार रूपए में शादी का नकली सर्टिफिकेट बनाकर देती है। यह काम एक साइबर कैफे के जरिए किया जा रहा था। पुलिस को जब इस बारे में सूचना मिली तो, उन्होंने तुरंत इस साइबर कैफे...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ।&lt;/strong&gt; यूपी के प्रयागराज में पुलिस ने ऐसी गैंग का पर्दाफाश किया है, जो सिर्फ 20 हजार रूपए में शादी का नकली सर्टिफिकेट बनाकर देती है। यह काम एक साइबर कैफे के जरिए किया जा रहा था। पुलिस को जब इस बारे में सूचना मिली तो, उन्होंने तुरंत इस साइबर कैफे में छापेमारी की। पुलिस ने मामले में दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;साइबर कैफे पर छापा मारा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;उनके साइबर कैफे से 3 सीपीयू, 3 मॉनिटर, 3 बोर्ड और 2 प्रिंटर मिले हैं। साथ ही तीन फेक मैरिज सर्टिफिकेट भी पुलिस ने बरामद किए है। यह मामला प्रयागराज के कैंट इलाके का बताया जा रहा है। जहां अजय इंटरप्राइजेज नाम के साइबर कैफे फर्जी सर्टिफिकेट का काम किया जा रहा था। पुलिस को सूचना मिली कि यहां 20 हजार रुपये में फेक मैरिज सर्टिफिकेट बनाए जाते हैं। पुलिस ने जब छापेमारी की तो शेषमणि दुबे उर्फ राजा और अनिल प्रजापति नाम के व्यक्ति घटनास्थल पर मिले। दोनों से पुलिस ने जब सख्ती से पूछताछ की तो सारी कहानी उगल दी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;कोर्ट में सर्टिफिकेट का खुलासा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि काफी समय से ये लोग फर्जी मैरिज सर्टिफिकेट का काम कर रहे थे। पुलिस ने दोनों को हिरासत में लिया। साथ ही मौके से 3 सीपीयू, तीन की बोर्ड, 3 मॉनिटर और दो प्रिंटर बरामद किए । मामले का खुलासा तब हुआ जब इलाहाबाद हाईकोर्ट में कई शादीशुदा जोड़ों की तरफ से सुरक्षा की मांग को लेकर याचिका दायर की गई हैं। हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान पता चला कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर मैरिज सर्टिफिकेट बनाए जाने का काम किया जा रहा है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;उचित कार्रवाई करने के निर्देश&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;जो मैरिज सर्टिफिकेट बनाए जा रहे हैं, उन्हें नकली दस्तावेजों की मदद से तैयार किया जा रहा है। शादी करने वाले जोड़ों से मैरिज सर्टिफिकेट के नाम पर 20 हजार रुपये लिए जा रहे हैं। बिना जांच के ही फेक मैरिज सर्टिफिकेट लोगों को दिए जा रहे हैं। कई मामलों में तो फर्जी आधार कार्ड और बर्थ सर्टिफिकेट समेत नाबालिग लड़कियों के बालिग प्रमाण पत्र बनाए जाने की बात भी सामने आई थी। हाईकोर्ट ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रयागराज पुलिस अधिकारियों को जांच कर उचित कार्रवाई का निर्देश दिया था।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>High Court: इलाहाबाद हाईकोर्ट से सीसामऊ सीट के विधायक को लगा बड़ा झटका, सुनवाई को एक बार फिर टाला</title><link>https://up.inkhabar.com/politics/high-court-mla-from-sisamau-seat-got-a-big-blow-from-allahabad-high-court-hearing-postponed-once-again/</link><pubDate>August 27, 2024, 9:30 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/08/TGHJ-300x169.webp</image><category>राजनीति</category><excerpt>लखनऊ। कानपुर की सीसामऊ सीट से समाजवादी पार्टी के निवर्तमान विधायक इरफान सोलंकी को बड़ा झटका लगा है। इरफान सोलंकी की याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट में मंगलवार को होने वाली सुनवाई टाल दिया गया है। पिछली कई तारीखों से लगातार सुनवाई को टाला जा रहा है...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ।&lt;/strong&gt; कानपुर की सीसामऊ सीट से समाजवादी पार्टी के निवर्तमान विधायक इरफान सोलंकी को बड़ा झटका लगा है। इरफान सोलंकी की याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट में मंगलवार को होने वाली सुनवाई टाल दिया गया है। पिछली कई तारीखों से लगातार सुनवाई को टाला जा रहा है। हाईकोर्ट ने यूपी सरकार की गुजारिश पर मंगलवार को फिर एक बार से सुनवाई टल गई।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;अपील में सजा रद्द करने की मांग की&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;अब 18 सितंबर को इस मामले में सुनवाई होगी। इरफान सोलंकी ने 7 साल की सजा के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील दायर की है। उन्होंने अपनी अपील में सजा को रद्द किए जाने की गुहार लगाई गई है। इसके अतिरिक्त अदालत का फैसला आने तक सजा पर रोक लगाए जाने और जमानत दिए जाने की भी अपील की गई है। 7 साल की सजा होने के कारण इरफान सोलंकी की विधानसभा की सदस्यता रद्द हो चुकी है। सीसामऊ सीट पर जल्द ही उपचुनाव कराए जाने की तैयारी है। इरफान सोलंकी को अगर कोर्ट से राहत मिलती है और उनकी सजा पर रोक लगती है तो उनकी विधानसभा की सदस्यता एक बार फिर बहाल हो जाएगी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;रिजवान सोलंकी ने भी याचिका दाखिल की&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;विधानसभा की सदस्यता बहाल होने की सूरत में इस सीट पर उपचुनाव भी नहीं होगा। इरफान सोलंकी के साथ ही इस मामले में सजा पाने वाले उनके भाई रिजवान सोलंकी ने भी याचिका दायर कर रखी है। भाई रिजवान सोलंकी की याचिका में भी वही मांगे दोहराई गई हैं। जो इरफान सोलंकी की याचिका में है। इसी केस में एक अन्य आरोपी याकूब की तरफ से भी जमानत की अपील दायर की है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;7 जून को दोषी ठहराया&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इरफान सोलंकी, उनके भाई रिजवान सोलंकी और याकूब पर कानपुर की डिफेंस कॉलोनी की स्थानीय महिला नजीर फातिमा घर आगजनी करने के आरोप में शिकायत दर्ज की गई थी। कानपुर की स्पेशल एमपी एमएलए कोर्ट ने इसी साल 7 जून को सपा विधायक इरफान सोलंकी और उनके भाई रिजवान सोलंकी समेत 5 लोगों को आरोपी ठहराते हुए केस दर्ज किया था।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>High Court: जमानत याचिका के दौरान इलाहाबाद हाईकोर्ट की टिप्पणी-धार्मिक स्वतंत्रता का मतलब धर्म परिवर्तन नहीं</title><link>https://up.inkhabar.com/states/high-court-allahabad-high-courts-comment-during-bail-petition-religious-freedom-does-not-mean-religious-conversion/</link><pubDate>August 13, 2024, 7:48 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/08/rty-1-300x169.webp</image><category>राज्य</category><excerpt>लखनऊ। जबरन इस्लाम कबूल कराने और यौन शोषण करने के आरोपी अजीम को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। हाईकोर्ट ने आरोपी की जमानत याचिका को रद्द कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म परिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम, 2021 का उद्देश...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ।&lt;/strong&gt; जबरन इस्लाम कबूल कराने और यौन शोषण करने के आरोपी अजीम को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। हाईकोर्ट ने आरोपी की जमानत याचिका को रद्द कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म परिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम, 2021 का उद्देश्य सभी व्यक्तियों को धार्मिक स्वतंत्रता की गारंटी देना है। जो भारत की सामाजिक सद्भावना को दर्शाता है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;जमानत याचिका को किया रद्द&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;हाईकोर्ट ने आरोपी की जमानत याचिका को रद्द करते हुए कहा कि इस अधिनियम का उद्देश्य भारत में धर्मनिरपेक्षता की भावना को बरकरार रखना है। कोर्ट ने कहा कि संविधान प्रत्येक व्यक्ति को अपने धर्म को मानने का अधिकार देता है वो उसका पालन कर सकता है और संविधान उसका प्रचार करने का अधिकार भी देता है। लेकिन, यह व्यक्तिगत अधिकार धर्म परिवर्तन कराने के सामूहिक अधिकार में परिवर्तित नहीं होता। क्योंकि धार्मिक स्वतंत्रता, धर्म परिवर्तन करने वाले व्यक्ति और धर्मांतरित होने वाले व्यक्ति दोनों को समान रूप से प्राप्त होती है। हाईकोर्ट ने ये टिप्पणी अजीम को जमानत देने से इनकार करते हुए की।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;गंभीर धाराओं के साथ केस दर्ज&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;कोर्ट ने अजीम पर एक लड़की को जबरन इस्लाम कबूल कराने और उसका यौन शोषण करने का आरोप लगाया है। ये आरोप गंभीर है। आरोपी के खिलाफ धारा 323/ 504/506 आईपीसी और धारा 3/5(1) उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म परिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम, 2021 के तहत शिकायत दर्ज की गई है। इस मामले पर हाईकोर्ट में न्यायाधीश रोहित रंजन अग्रवाल की सिंगल बेंच में सुनवाई हुई। आरोपी याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट में अपनी जमानत अर्जी लगाई थी और दावा किया था कि उसे इस मामले में झूठा फंसाया गया है। उसने दावा किया कि शिकायत कराने वाली लड़की उसके साथ रिश्ते में थी। लड़की स्वेच्छा से अपना घर छोड़कर चली गई थी, लेकिन कोर्ट ने आरोपी पक्ष की इस दलील को स्वीकार नहीं किया। जिसके बाद कोर्ट ने आरोपी अजीम को जमानत याचिका को खारिज कर दिया।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Allahabad High Court: आज से शुरू होगी कृष्ण भूमि और मस्जिद विवाद का ट्रायल</title><link>https://up.inkhabar.com/national/allahabad-high-court-trial-of-krishna-bhoomi-and-mosque-dispute-will-begin-from-today/</link><pubDate>August 12, 2024, 6:46 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/08/4thy-300x169.webp</image><category>देश</category><excerpt>लखनऊ। मथुरा की श्री कृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह मस्जिद विवाद का ट्रायल इलाहाबाद हाईकोर्ट में सोमवार से शुरू होगा। मुकदमों का ट्रायल न्यायधीश मयंक कुमार जैन की सिंगल बेंच करेगी। सोमवार को पहले दिन मुकदमों के बाद बिंदु तय होंगे। हाईकोर्ट सोमवार ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ।&lt;/strong&gt; मथुरा की श्री कृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह मस्जिद विवाद का ट्रायल इलाहाबाद हाईकोर्ट में सोमवार से शुरू होगा। मुकदमों का ट्रायल न्यायधीश मयंक कुमार जैन की सिंगल बेंच करेगी। सोमवार को पहले दिन मुकदमों के बाद बिंदु तय होंगे। हाईकोर्ट सोमवार को सबसे पहले यह तय करेगा कि मुकदमों की सुनवाई किन-किन बिंदुओं पर की जानी चाहिए। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक अगस्त को दिए गए अपने अंतरिम फैसले में मुस्लिम पक्ष की आपत्तियों को रद्द कर दिया था और हिंदू पक्ष की सभी अठारह याचिकाओं को सुनवाई के लायक माना था।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;विवाद की सुनवाई प्रत्यक्ष&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;अयोध्या विवाद की तर्ज पर श्री कृष्ण जन्मभूमि विवाद की सुनवाई अब इलाहाबाद हाईकोर्ट में प्रत्यक्ष तौर पर होगी। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि याचिकाएं वक्फ एक्ट, लिमिटेशन एक्ट और स्पेसिफिक पजेशन रिलीफ एक्ट, प्लेसिस ऑफ वरशिप एक्ट से बाधित नहीं हैं। हिंदू पक्ष की ओर से दाखिल 18 याचिकाओं में मथुरा की शाही ईदगाह मस्जिद को श्री कृष्ण जन्म स्थान बताकर उसे हिंदुओं को सौंपने की मांग की गई है और विवादित परिसर में हिंदुओं को पूजा -अर्चना की अनुमति दिए जाने की मांग की गई है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सर्वेक्षण कराएं जाने की मांग&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इलाहाबाद राज्य न्यायालय में सोमवार को मथुरा के मंदिर मस्जिद विवाद के साथ ही आगरा की जामा मस्जिद का भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण से सर्वेक्षण कराने की मांग को लेकर दाखिल याचिका पर भी सुनवाई होगी। सोमवार की सुनवाई में अधिवक्ता महेंद्र प्रताप सिंह की ओर से दाखिल हलफनामे में शाही ईदगाह मस्जिद कमेटी को पक्षकार न बनाने की मांग की जाएगी।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Petition: केशव प्रसाद की बढ़ सकती है मुश्किलें, बैठक में दिए बयान को लेकर दायर की याचिका</title><link>https://up.inkhabar.com/politics/petition-keshav-prasads-troubles-may-increase-petition-filed-regarding-the-statement-given-in-the-meeting/</link><pubDate>August 7, 2024, 6:33 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/08/erhnm-300x169.webp</image><category>राजनीति</category><excerpt>लखनऊ। यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के हाल में दिए गए एक बयान को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। जिस पर आज कोर्ट में सुनवाई होगी। केशव मौर्य ने ये बयान पार्टी की बैठक के दौरान दिया था। जिसमें उन्होंने संगठन को सरकार से...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ।&lt;/strong&gt; यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के हाल में दिए गए एक बयान को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। जिस पर आज कोर्ट में सुनवाई होगी। केशव मौर्य ने ये बयान पार्टी की बैठक के दौरान दिया था। जिसमें उन्होंने संगठन को सरकार से बड़ा बताया था। उनके इस बयान पर कार्रवाई किए जाने की मांग को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। जिसको लेकर आज सुनवाई होनी है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सरकार से बड़ा संगठन&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;ये याचिका अधिवक्ता मंजेश कुमार यादव की तरफ से दाखिल की गई है। जिसमें उन्होंने याचिका में केशव मौर्य की उप मुख्यमंत्री पद पर नियुक्ति को लेकर भी सवाल खड़ा किया है। याचिका में कहा गया है कि केशव प्रसाद मौर्य ने संवैधानिक पद पर रहते हुए बीती 14 जुलाई को सार्वजनिक तौर पर एक बयान दिया था। जिसमें उन्होंने कहा कि सरकार से बड़ा पार्टी का संगठन होता है। कोर्ट में दायर याचिका में कहा गया है कि उनका यह बयान संवैधानिक पद की गरिमा और सरकार की पारदर्शिता व शुचिता पर सवाल खड़ा करता है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;7 अपराधिक मामले दर्ज&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इस बयान का न अब तक बीजेपी ने खंडन किया है और न ही राज्यपाल ने। इस मामले में चुनाव आयोग ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्ति की थी, इसलिए यह अपने आप में बेहद गंभीर मुद्दा है। अधिवक्ता मंजेश यादव की याचिका में केशव प्रसाद मौर्य के खिलाफ दर्ज क्रिमिनल मुकदमों का भी जिक्र किया गया है। याचिका में कहा गया है कि डिप्टी सीएम बनने से पहले केशव प्रसाद मौर्य के विरुद्ध सात आपराधिक मामले दर्ज किए गए थे। इतने मुकदमों के बाद भी केशव प्रसाद मौर्य की नियुक्ति संवैधानिक पद पर की गई है, जो गलत है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Afzal Ansari: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अफजाल अंसारी को दी बड़ी राहत, संसद सदस्यता रहेगी बरकरार</title><link>https://up.inkhabar.com/top-news/afzal-ansari-allahabad-high-court-gives-big-relief-to-afzal-ansari-parliament-membership-will-remain-intact/</link><pubDate>July 29, 2024, 10:38 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/07/download-8-7-300x169.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>लखनऊ : माफिया मुख्तार के भाई और गाजीपुर के एमपी अफजाल अंसारी को इलाहाबाद कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपराध मामले में आरोपी अफजल को दी गई 4 साल की सजा को रद्द कर दिया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गाजीपुर कोर्ट के फैसले को पलट दि...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ &lt;/strong&gt;: माफिया मुख्तार के भाई और गाजीपुर के एमपी अफजाल अंसारी को इलाहाबाद कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपराध मामले में आरोपी अफजल को दी गई 4 साल की सजा को रद्द कर दिया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गाजीपुर कोर्ट के फैसले को पलट दिया है। सजा रद्द होने से अफजल अंसारी की संसद की सदस्यता समाप्त नहीं होगी। हाईकोर्ट के आज सोमवार के फैसले से उनकी संसद की सदस्यता पर कोई असर नहीं पड़ेगा। जस्टिस संजय कुमार की सिंगल बेंच ने यह फैसला सुनाया। इस मामले में पूरी सुनवाई के बाद कोर्ट ने 4 जुलाई को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;29 अप्रैल 2023 में सुनाई गई थी सजा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;अफजल अंसारी को गैंगस्टर मामले में पिछले साल 29 अप्रैल 2023 को 4 साल की सज़ा सुनाई गई थी। 4 साल की सज़ा के कारण अफ़ज़ल को जेल जाना पड़ा और उसे सांसद पद से हटा दिया गया। हालंकि, सुप्रीम कोर्ट द्वारा सज़ा पर रोक लगाए जाने के कारण अफ़ज़ल की संसद की सदस्यता बहाल कर दी गई थी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सपा नेता आईपी सिंह ने ट्वीट कर कही ये बात&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;अफजल को कोर्ट से राहत मिलने पर सपा के दिग्गज नेता आईपी सिंह ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने ट्वीट पर लिखा, &amp;#8220;सत्यमेव जयते। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने समाजवादी पार्टी के सांसद श्री अफजाल अंसारी को हाईकोर्ट ने बड़ी राहत दी है। गैंगस्टर मामले में अफजाल अंसारी को बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट ने गाजीपुर एमपी एमएलए कोर्ट के फ़ैसले को रद्द किया। गाजीपुर एमपी एमएलए कोर्ट ने 4 साल की अफजाल जी को सजा सुनाई थी।&lt;/p&gt;



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&lt;blockquote class=&quot;twitter-tweet&quot; data-width=&quot;500&quot; data-dnt=&quot;true&quot;&gt;&lt;p lang=&quot;hi&quot; dir=&quot;ltr&quot;&gt;सत्यमेव जयते।&lt;br&gt;&lt;br&gt;इलाहाबाद हाईकोर्ट ने समाजवादी पार्टी के&lt;br&gt;सांसद श्री अफजाल अंसारी को हाईकोर्ट ने बड़ी राहत दी है।&lt;br&gt;&lt;br&gt;गैंगस्टर मामले में अफजाल अंसारी को बड़ी राहत मिली है।&lt;br&gt;&lt;br&gt;हाईकोर्ट ने गाजीपुर एमपी एमएलए कोर्ट के फ़ैसले को रद्द किया।&lt;br&gt;&lt;br&gt;गाजीपुर एमपी एमएलए कोर्ट ने 4 साल की अफजाल जी को… &lt;a href=&quot;https://t.co/RN3YBaSYDy&quot;&gt;pic.twitter.com/RN3YBaSYDy&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; I.P. Singh (@IPSinghSp) &lt;a href=&quot;https://twitter.com/IPSinghSp/status/1817862080680329345?ref_src=twsrc%5Etfw&quot;&gt;July 29, 2024&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt;&lt;script async src=&quot;https://platform.twitter.com/widgets.js&quot; charset=&quot;utf-8&quot;&gt;&lt;/script&gt;
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&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;इलाहाबाद उच्च न्यायालय में चुनौती&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;अफजाल अंसारी ने गाजीपुर कोर्ट के फैसले को इलाहाबाद उच्च न्यायालय में चुनौती दी। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने अफ़ज़ल को ज़मानत दे दी, लेकिन सज़ा पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने अफ़ज़ल की सज़ा पर रोक लगा दी और इलाहाबाद उच्च न्यायालय से 30 जून तक उसकी अपील पर अपना फ़ैसला देने को कहा था।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt; 4 साल की सजा को रद्द करने की मांग&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;अफजल के वकील ने 4 साल की सजा को रद्द करने की मांग की थी, जिसके लिए हाईकोर्ट में अपील दायर की गई थी। अफजल के वकील की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल चौधरी और अधिवक्ता उपेंद्र उपाध्याय ने असांरी की तरफ से दलीलें हाईकोर्ट में पेश किए। अफजल के वकील ने कहा था कि गाजीपुर के एमपी के खिलाफ भाजपा के पूर्व MLA कृष्णानंद राय मर्डर केस के आधार पर गैंगस्टर की कार्रवाई की गई थी.&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>भाजपा के रेपिस्ट विधायक पर आज आ सकता है फैसला, 25 साल की सजा रद्द करने की डाली है याचिका</title><link>https://up.inkhabar.com/crime/decision-on-bjps-rapist-mla-may-come-today-petition-filed-to-cancel-25-year-sentence/</link><pubDate>March 4, 2024, 6:49 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/03/download-2024-03-04T121926.424-300x169.png</image><category>क्राइम</category><excerpt>लखनऊ। रेप केस में दोषी पाए गए भाजपा के पूर्व विधायक रामदुलार गोंड ने 25 साल की सजा रद्द करने को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका डाली है। जिस पर आज फैसला सुनाया जा सकता है। दरअसल रेप केस में दोषी रामदुलार गोंड को सोनभद्र की MP-MLA कोर्ट ने 25 ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ। &lt;/strong&gt;रेप केस में दोषी पाए गए भाजपा के पूर्व विधायक रामदुलार गोंड ने 25 साल की सजा रद्द करने को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका डाली है। जिस पर आज फैसला सुनाया जा सकता है। दरअसल रेप केस में दोषी रामदुलार गोंड को सोनभद्र की MP-MLA कोर्ट ने 25 साल की सजा सुनाई थी। उन्होंने सजा को रद्द करने और जमानत पर रिहा करने को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका डाली है। इसपर आज फैसला आ सकता है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;जानिए मामला&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;मामला 4 नवंबर 2014 का है। म्योरपुर थाना में पीड़िता के पिता ने रामदुलार गोंड पर प्रधान पति रहते रेप का मुकदमा दर्ज करवाया था। साथ ही रामदुलार गोंड पर पीड़िता का फर्जी स्कूल सर्टिफिकेट भी बनवाने का आरोप लगा है। आरोपी विधायक ने पॉक्सो एक्ट से बचने के लिए पीड़िता का जन्मतिथि बढ़ाया था। पीड़िता के स्कूल सर्टिफिकेट में छेड़छाड़ कर उसे बालिग बता दिया गया।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;15 दिसंबर को सुनाई गई थी सजा&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इस मामले में MP-MLA कोर्ट के जस्टिस एहसानुल्लाह खान ने विधायक को दोषी करार देते हुए 15 दिसंबर 2023 को 25 साल की सजा सुनाई और 10 लाख का जुर्माना भी लगाया। कोर्ट ने रामदुलार गोंड को 12 दिसंबर 2023 को दोषी करार दिया था और 15 दिसंबर 2023 को सजा का ऐलान किया था। दुद्धी सीट से विधायक रहे गोंड को पॉक्सो एक्ट की धारा 376 और धारा 201 के दोषी माना गया था।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ज्ञानवापी तहखाने में पूजा पर रोक लगाने से किया इंकार</title><link>https://up.inkhabar.com/top-news/allahabad-high-court-refuses-to-ban-worship-in-gyanvapi-basement/</link><pubDate>February 2, 2024, 11:16 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/02/download-2024-02-02T110118.133-300x169.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>लखनऊ। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ज्ञानवापी तहखाने में पूजा पर रोक लगाने से इंकार कर दिया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मुस्लिम पक्ष की याचिका पर सुनवाई किया। इस दौरान कोर्ट ने कहा कि ज्ञानवापी के व्यास तहखाने में पूजा-पाठ जारी रहेगा। साथ ही कोर्ट ने एडवोक...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ।&lt;/strong&gt; इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ज्ञानवापी तहखाने में पूजा पर रोक लगाने से इंकार कर दिया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मुस्लिम पक्ष की याचिका पर सुनवाई किया। इस दौरान कोर्ट ने कहा कि ज्ञानवापी के व्यास तहखाने में पूजा-पाठ जारी रहेगा। साथ ही कोर्ट ने एडवोकेट जनरल को लॉ एंड ऑर्डर मेंटेन रखने का आदेश दिया है। इस मामले में अगली सुनवाई 6 फरवरी को होगी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;1700 नमाजी पहुंचे मस्जिद&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इससे पहले गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने व्यास तहखाने में पूजा-पाठ रोकने से जुड़ी याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार करते हुए मुस्लिम पक्ष को हाईकोर्ट जाने को कहा था। मुस्लिम पक्ष ने कोर्ट को बताया कि वाराणसी जिला अदालत ने 7 दिन में पूजा कराने का निर्देश दिया था लेकिन डीएम ने सिर्फ 7 घंटे में पूजा की प्रक्रिया शुरू करा दी थी। इस वजह से वहां पर अफरा तफरी मच गई। इससे पहले मुस्लिम पक्ष ने पूजा-पाठ शुरू होने पर नाराजगी जताई और शुक्रवार को वाराणसी बंद का आह्वान किया। इस लेकर वाराणसी पुलिस अलर्ट मोड पर रही। शुक्रवार को 1700 लोग नमाज पढ़ने पहुंचे जबकि पहले 300 के करीब पहुंचते थे।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;31 साल बाद आया ऐतिहासिक फैसला&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि 1 फरवरी को 31 साल बाद ज्ञानवापी परिसर में पूजा-अर्चना शुरू हुई। तड़के ही लोग बड़ी संख्या में ज्ञानवापी के व्यास तहखाने में पूजा करने के लिए पहुंचे। बुधवार को वाराणसी जिला कोर्ट के जज डॉ. अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए हिंदुओं को व्यासजी के तहखाने में पूजा करने का अधिकार दिया। पिछले 31 सालों यानी कि 1993 से तहखाने में पूजा-पाठ बंद था।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, कोर्ट परिसर में हथियार ले जाने पर रोक</title><link>https://up.inkhabar.com/states/big-decision-of-allahabad-high-court-ban-on-carrying-weapons-in-court-premises/</link><pubDate>December 22, 2023, 8:00 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/12/download-2023-12-22T132929.166-300x169.png</image><category>राज्य</category><excerpt>लखनऊ। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। दरअसल हाईकोर्ट ने पूरे प्रदेश में वकीलों/वादियों को कोर्ट परिसर में हथियार ले जाने पर रोक लगा दी है। हाईकोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा कि कोर्ट परिसर के अंदर वकील समेत कोई भी व्यक्ति अब ह...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ।&lt;/strong&gt; इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। दरअसल हाईकोर्ट ने पूरे प्रदेश में वकीलों/वादियों को कोर्ट परिसर में हथियार ले जाने पर रोक लगा दी है। हाईकोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा कि कोर्ट परिसर के अंदर वकील समेत कोई भी व्यक्ति अब हथियार लेकर अंदर नहीं आ सकता। कोर्ट ने कहा कि कोर्ट परिसर में हथियार रखने का अधिकार सिर्फ सुरक्षाकर्मियों को है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;सार्वजनिक सुरक्षा को खतरा&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;मालूम हो कि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ये माना है कि जब सार्वजनिक शांति या सार्वजनिक सुरक्षा को खतरा हो तो शस्त्र अधिनियम, 1959 की धारा 17(3)(बी) के तहत लाइसेंसिंग प्राधिकारी के लिए लाइसेंस रद्द करना या सस्पेंड करना अनिवार्य है। साथ ही हाईकोर्ट ने पूरे उत्तर प्रदेश में वकीलों/वादियों को कोर्ट परिसर के अंदर हथियार ले जाने पर रोक लगा दी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;शस्त्र लाइसेंस होगा रद्द&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;कोर्ट के मुताबिक वकीलों/वादियों को अदालत परिसर के अंदर हथियार ले जाने की अनुमति नहीं दी जा सकती है क्योंकि इससे अदालत परिसर के अंदर सार्वजनिक शांति या सार्वजनिक सुरक्षा को खतरा होगा। साथ ही यह न्याय प्रशासन पर प्रतिकूल प्रभाव डालेगा। अदालत परिसर में ड्यूटी पर तैनात सशस्त्र बलों के अलावा किसी अन्य व्यक्ति को अंदर हथियार ले जाते हुए पाए जाने पर उसका शस्त्र लाइसेंस रद्द कर दिया जायेगा।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>ज्ञानवापी केस में मुस्लिम पक्ष को झटका, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ख़ारिज की 5 याचिकाएं</title><link>https://up.inkhabar.com/states/shock-to-muslim-side-in-gyanvapi-case-allahabad-high-court-rejects-5-petitions/</link><pubDate>December 19, 2023, 6:03 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/12/download-2023-12-19T113232.297-300x169.png</image><category>राज्य</category><excerpt>लखनऊ। ज्ञानवापी मामले को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट के निर्णय से मुस्लिम पक्ष को झटका लगा है। दरअसल कोर्ट ने मुस्लिम पक्ष की 5 याचिकाएं खारिज कर दी है। जिसमें से 2 याचिकाएं हिंदू पक्ष के सिविल वाद की यानी केस सुनने योग्य है या नहीं इस पर दायर की गई...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ।&lt;/strong&gt; ज्ञानवापी मामले को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट के निर्णय से मुस्लिम पक्ष को झटका लगा है। दरअसल कोर्ट ने मुस्लिम पक्ष की 5 याचिकाएं खारिज कर दी है। जिसमें से 2 याचिकाएं हिंदू पक्ष के सिविल वाद की यानी केस सुनने योग्य है या नहीं इस पर दायर की गई थी। वहीं तीन याचिकाएं ASI सर्वे आदेश के खिलाफ दायर हुई थी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;हिंदू पक्ष के हक़ में फैसला&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हिंदू पक्ष की सभी पांच याचिकाओं को सुनने योग्य माना है और आदेश दिया है कि अगले 6 महीने में इसकी सुनवाई पूरी की जाए। इसके अलावा हाईकोर्ट ने 1991 में दाखिल सिविल वाद के ट्रायल को भी मंजूरी दे दी है। सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड और अंजुमन इंतजामियां मस्जिद की तरफ से दाखिल याचिका पर इलाहाबाद HC की न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल की खंडपीठ सुनवाई कर रही थी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;फैसले को मिली थी चुनौती&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;मालूम हो कि मस्जिद पक्ष ने वाराणसी की जिला अदालत में 1991 में दाखिल सिविल वाद की पोषणीयता यानी सुनने योग्य है या नहीं और ज्ञानवापी परिसर के ASI सर्वे की मांग को चुनौती दी थी। इस दौरान मुस्लिम पक्ष ने कोर्ट के सामने प्लेसेज ऑफ वर्शिप एक्ट 1991 का जिक्र किया और कहा था कि इस कानून के तहत ज्ञानवापी परिसर में कोई भी क़ानूनी कार्यवाही नहीं हो सकती। इस पर कोर्ट ने कहा है कि ज्ञानवापी मस्जिद मामले में यह कानून आड़े नहीं आता है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;ये है विवाद&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;काशी विश्वनाथ मंदिर और ज्ञानवापी मस्जिद विवाद में हिंदू पक्ष का कहना है कि 1669 में मुग़ल शासक औरंगजेब में काशी विश्वनाथ मंदिर को तोड़कर ज्ञानवापी मस्जिद बनाई थी। इसे लेकर वो 1670 से लड़ाई लड़ रहे हैं लेकिन मुस्लिम पक्ष के मुताबिक यहां पर शुरू से ही ज्ञानवापी मस्जिद बनी हुई थी।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Banke Bihari Temple: बांके बिहारी मंदिर कॉरिडोर को हाईकोर्ट ने दी हरी झण्डी, सरकारी पैसे से होगा निर्माण</title><link>https://up.inkhabar.com/top-news/banke-bihari-temple-high-court-gives-green-signal-to-banke-bihari-temple-corridor-construction-will-be-done-with-government-money/</link><pubDate>November 21, 2023, 6:39 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/11/2-4-300x169.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>लखनऊ। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मथुरा के वृंदावन में स्थित बांके बिहारी मंदिर के चारों ओर एक कॉरिडोर बनाने को मंजूरी दे दी है। बता दें कि हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार की योजना को मंजूरी देते हुए यह फैसला सुनाया है। हालांकि, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बा...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ।&lt;/strong&gt; इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मथुरा के वृंदावन में स्थित बांके बिहारी मंदिर के चारों ओर एक कॉरिडोर बनाने को मंजूरी दे दी है। बता दें कि हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार की योजना को मंजूरी देते हुए यह फैसला सुनाया है। हालांकि, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बांके बिहारी मंदिर के बैंक खाते में जमा धन का कॉरिडोर बनाने में उपयोग की अनुमति नहीं दी है। इस दौरान इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि सरकार अपनी प्रस्तावित योजना के साथ आगे बढ़े लेकिन यह भी सुनिश्चित करे कि दर्शनार्थियों को दर्शन में कोई समस्या न हो।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सरकार को अपने खर्च पर बनाना होगा कॉरिडोर&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;यही नहीं हाईकोर्ट ने सरकार को कॉरिडोर बनाने में बाधा बन रहे अतिक्रमण को हटाने की भी अनुमति दी है। फिलहाल सरकार को अपने खर्चे पर ही कॉरिडोर का निर्माण कराना होगा। बता दें कि वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर में बने कॉरिडोर की तर्ज पर ही बांके बिहारी मंदिर का कॉरिडोर बनाया जाएगा। जिसे लेकर 8 नवंबर को सुनवाई पूरी होने के बाद हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रखा था। वहीं इस मामले की अगली सुनवाई 31 जनवरी 2024 को होगी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;मंदिर के पुजारी कर रहे विरोध&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इस दौरान याची अनंत शर्मा, मधुमंगल दास और अन्य की ओर से जनहित याचिका दाखिल की गई है। मंदिर के पुजारियों ने कॉरिडोर निर्माण को गैर जरूरी बताया और चढ़ावे व चंदे की रकम देने से साफ मना कर दिया था। इस मामले में चीफ जस्टिस प्रीतिंकर दिवाकर और जस्टिस आशुतोष श्रीवास्तव की डिवीजन बेंच ने यह फैसला सुनाया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपने फैसले में सरकार को कॉरिडोर बनाने की जा मंजूरी दे दी है, लेकिन मंदिर से जुड़े हुए चढ़ावे व चंदे की रकम का इस्तेमाल पर रोक लगा दी है। फिलहाल बांके बिहारी मंदिर कॉरिडोर को लेकर पुजारियों द्वारा विरोध किया जा रहा है। वहीं सरकार इस कॉरिडोर को श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बनाना चाहती है। जबकि, कोर्ट के फैसले से नाखुश याचियों ने हाईकोर्ट के इस फैसले का विरोध करते हुए एक सप्ताह के भीतर ही सुप्रीम कोर्ट मेंं याचिका दायर करने का फैसला किया है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Gyanvapi Case: इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जायेगा मुस्लिम पक्ष</title><link>https://up.inkhabar.com/states/gyanvapi-case-muslim-side-will-go-to-supreme-court-against-allahabad-high-courts-decision/</link><pubDate>August 3, 2023, 6:07 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/07/download-2023-07-25T142617.927-300x169.png</image><category>राज्य</category><excerpt>लखनऊ। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 3 अगस्त यानी कि आज भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण यानी कि ASI को वाराणसी में ज्ञानवापी मस्जिद परिसर का सर्वेक्षण करने की अनुमति दी है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वाराणसी जिला कोर्ट का फैसला बरकरार रखते हुए सर्वे जल्द शुरू करने क...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ। &lt;/strong&gt;इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 3 अगस्त यानी कि आज भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण यानी कि ASI को वाराणसी में ज्ञानवापी मस्जिद परिसर का सर्वेक्षण करने की अनुमति दी है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वाराणसी जिला कोर्ट का फैसला बरकरार रखते हुए सर्वे जल्द शुरू करने को कहा है। वहीं इस मामले में अब मुस्लिम पक्ष सुप्रीम कोर्ट का रुख करेगा। इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले को मुस्लिम पक्ष SC में चुनौती देगा।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;सर्वे जरुरी&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि 21 जुलाई को वाराणसी जिला जज ने ज्ञानवापी के एएसआई सर्वे करने का आदेश दिया था। जिसके बाद मुस्लिम पक्ष ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट और फिर हाईकोर्ट में फैसले को चुनौती दी थी। वहीं अब इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मुस्लिम पक्ष की याचिका को ख़ारिज करते हुए कहा है कि न्यायहित में ASI सर्वे जरुरी है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;शृंगार गौरी मामले में जनहित याचिका दायर&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;वहीं दूसरी तरफ ज्ञानवापी मामले में इलाहाबाद उच्च न्यायलय में बुधवार को एक नयी जनहित याचिका दायर की गयी। जिसमें शृंगार गौरी की नियमित पूजा की अनुमति मांगी गयी है। इस याचिका में हिंदुओं के प्रतीक चिह्नों को संरक्षित करने और गैर हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगाने की अपील की गयी है। जनहित याचिका में कहा गया है कि जब तक ज्ञानवापी शृंगार गौरी मामले में फैसला नहीं आ जाता है तब तक गैर हिंदुओं का प्रवेश वर्जित किया जाये।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Gyanvapi Case: इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंचा मुस्लिम पक्ष, आदेश पर रोक लगाने के लिए रिवीजन पिटीशन दाखिल</title><link>https://up.inkhabar.com/states/gyanvapi-case-muslim-side-reached-allahabad-high-court-filed-revision-petition-to-stay-the-order/</link><pubDate>July 25, 2023, 8:50 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/07/download-92-300x169.png</image><category>राज्य</category><excerpt>लखनऊ। उत्तर प्रदेश में ज्ञानवापी परिसर का सर्वे रोक दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने सर्वे को 26 जुलाई यानी बुधवार शाम 5 बजे तक के लिए रोक दिया है। SC के फैसले से हिंदू पक्ष को झटका लगा है जबकि मुस्लिम पक्ष को हाई कोर्ट जाने के लिए कहा गया है। वही...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ।&lt;/strong&gt; उत्तर प्रदेश में ज्ञानवापी परिसर का सर्वे रोक दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने सर्वे को 26 जुलाई यानी बुधवार शाम 5 बजे तक के लिए रोक दिया है। SC के फैसले से हिंदू पक्ष को झटका लगा है जबकि मुस्लिम पक्ष को हाई कोर्ट जाने के लिए कहा गया है। वहीं अब इस मामले में मुस्लिम पक्ष ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में वाराणसी जिला जज के आदेश को चुनौती दी है। मुस्लिम पक्ष ने इलाहाबाद HC में रिवीजन पिटीशन दाखिल करवाई है। थोड़ी देर में इस मामले में सुनवाई हो सकती है। उधर, मामले को लेकर हिंदू पक्ष ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में कैविएट याचिका दाखिल की है। उन्होंने कैविएट दाखिल करके कहा है कि हाईकोर्ट पहले हिंदू पक्ष को सुने।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;SC ने ये कहा&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि मस्जिद कमेटी इन 2 दिनों के अंदर वाराणसी कोर्ट के फैसले के खिलाफ HC जा सकती है। उच्चतम न्यायालय ने ज्ञानवापी सर्वे केस में ASI को 26 जुलाई तक सर्वे न करने का निर्देश दिया है। जिसके बाद सर्वे का काम 26 जुलाई शाम 5 बजे तक के लिए रोक दिया गया है। गौरतलब है कि वाराणसी की जिला अदालत ने मस्जिद में ASI सर्वे करने का फैसला सुनाया था।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>प्राइवेट स्कूलों को &amp;#8216;सुप्रीम&amp;#8217; राहत, फीस वापस करने के आदेश पर लगाई रोक</title><link>https://up.inkhabar.com/states/supreme-relief-to-private-schools-stay-on-order-to-refund-fees/</link><pubDate>May 4, 2023, 11:57 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/05/download-2023-05-04T172305.527-300x169.png</image><category>राज्य</category><excerpt>लखनऊ। नोएडा सहित यूपी के सभी प्राइवेट स्कूलों को सुप्रीम कोर्ट की तरफ से बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने कोविड के समय प्राइवेट स्कूलों द्वारा ली गई फीस में से 15% वापस करने के आदेश पर रोक लगा दी है। बता दें कि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कोविड के स...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ।&lt;/strong&gt; नोएडा सहित यूपी के सभी प्राइवेट स्कूलों को सुप्रीम कोर्ट की तरफ से बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने कोविड के समय प्राइवेट स्कूलों द्वारा ली गई फीस में से 15% वापस करने के आदेश पर रोक लगा दी है। बता दें कि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कोविड के समय प्राइवेट स्कूलों द्वारा ली गई फीस में से 15 फीसदी वापस करने के निर्देश दिए थे।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;जानिए क्या था मामला&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ लोटस वैली इंटरनेशनल स्कूल ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। जिसमें कहा गया था कि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बिना उनका पक्ष जाने आदेश दे दिया। बता दें कि इलाहाबाद HC ने आदेश जारी कर कहा था कि वर्ष 2020-21 में राज्य के सभी स्कूलों में ली गई कुल फीस का 15 फीसदी जोड़कर आगे के सेशन में व्यवस्थित किया जाए।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;ये था HC का निर्देश&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इसके अलावा कोर्ट की तरफ से यह भी निर्देश दिया गया था कि जिन बच्चों ने स्कूल छोड़ दिया है। उन्हें वर्ष 2020-21 में वसूले गए शुल्क का 15 फीसदी वापस लौटाना होगा। इलाहाबाद HC का कहना था कि कोविड के समय जब स्कूल पहले जैसी सुविधा नहीं दे रहे हैं तो पहले की तरह फीस वसूली भी नहीं कर सकते। वहीं अब इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सभी प्राइवेट स्कूलों को राहत दी है।&lt;/p&gt;
</content></item></channel></rss>