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       <title>Today आचार्य सत्येंद्र दास News | Latest आचार्य सत्येंद्र दास News | Breaking आचार्य सत्येंद्र दास News in English | Latest आचार्य सत्येंद्र दास News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का आचार्य सत्येंद्र दास समाचार:Today आचार्य सत्येंद्र दास News ,Latest आचार्य सत्येंद्र दास News,Aaj Ka Samachar ,आचार्य सत्येंद्र दास समाचार ,Breaking आचार्य सत्येंद्र दास News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
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        </image><item><title>Gyanvapi Case Verdict: ज्ञानवापी मामले पर बोले आचार्य सत्येंद्र दास, हाईकोर्ट पूजा नहीं रोक सकता</title><link>https://up.inkhabar.com/states/gyanvapi-case-verdict-acharya-satyendra-das-said-on-gyanvapi-case-high-court-cannot-stop-puja/</link><pubDate>February 26, 2024, 5:50 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/02/download-2024-02-26T112003.407.png</image><category>राज्य</category><excerpt>लखनऊ। यूपी के वाराणसी स्थित ज्ञानवापी परिसर में व्यास जी के तहखाने में पूजा होने या न होने को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है। जस्टिस रोहित रंजन अग्रवाल की सिंगल बेंच ने हिंदुओं को व्यास जी तहखाने में पूजा करने की अनुमति दे दी...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ। &lt;/strong&gt;यूपी के वाराणसी स्थित ज्ञानवापी परिसर में व्यास जी के तहखाने में पूजा होने या न होने को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है। जस्टिस रोहित रंजन अग्रवाल की सिंगल बेंच ने हिंदुओं को व्यास जी तहखाने में पूजा करने की अनुमति दे दी है। बता दें कि मुस्लिम पक्ष की तरफ से अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी ने वाराणसी जिला जज के पूजा शुरू कराने के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। वहीं हाईकोर्ट के इस फैसले पर राम जन्मभूमि के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने प्रतिक्रिया दी है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;हिंदू पक्ष के पास उचित सबूत&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;मीडिया से बात करते हुए राम जन्मभूमि के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने कहा कि सर्वेक्षण के बाद ही वाराणसी जिला अदालत ने आदेश दिया था कि पूजा होनी चाहिए। हाईकोर्ट इसे नहीं रोक सकता क्योंकि रोकने का कोई आधार नहीं है। यह मंदिर था और वहां पूजा होती थी। मामला सुप्रीम कोर्ट तक जा सकता है। जिस तरह राम जन्मभूमि का फैसला आया था, उसी तरह ज्ञानवापी का फैसला भी आएगा क्योंकि हिंदू पक्ष के पास उचित सबूत हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;31 साल बाद आया ऐतिहासिक फैसला&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि 1 फरवरी को 31 साल बाद ज्ञानवापी परिसर में पूजा-अर्चना शुरू हुई। तड़के ही लोग बड़ी संख्या में ज्ञानवापी के व्यास तहखाने में पूजा करने के लिए पहुंचे। 31 जनवरी को वाराणसी जिला कोर्ट के जज डॉ. अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए हिंदुओं को व्यासजी के तहखाने में पूजा करने का अधिकार दिया। पिछले 31 सालों यानी कि 1993 से तहखाने में पूजा-पाठ बंद था।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>बंगाल में यूपी के साधुओं की पिटाई पर आचार्य सत्येंद्र दास की तीखी प्रतिक्रिया, ममता को बताया मुमताज खान</title><link>https://up.inkhabar.com/desh-pradesh/acharya-satyendra-dass-sharp-reaction-on-the-beating-of-sadhus-of-up-in-bengal-mumtaz-khan-told-mamata/</link><pubDate>January 13, 2024, 8:54 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/01/download-2024-01-08T181032.327-300x169.png</image><category>देश-प्रदेश</category><excerpt>लखनऊ। पश्चिम बंगाल में तीन साधुओं को पीटने का वीडियो आया है। इसके बाद से हंगामा बरपा हुआ है। बीजेपी इस घटना को लेकर ममता सरकार पर हमलवार है। दरअसल उत्तर प्रदेश के ये तीनों साधु गंगासागर मेले जा रहे थे तभी भीड़ ने इन्हें अपहरणकर्ता समझकर बेरहमी स...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ। &lt;/strong&gt;पश्चिम बंगाल में तीन साधुओं को पीटने का वीडियो आया है। इसके बाद से हंगामा बरपा हुआ है। बीजेपी इस घटना को लेकर ममता सरकार पर हमलवार है। दरअसल उत्तर प्रदेश के ये तीनों साधु गंगासागर मेले जा रहे थे तभी भीड़ ने इन्हें अपहरणकर्ता समझकर बेरहमी से पीट दिया। राम जन्मभूमि मंदिर के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने इस मुद्दे को लेकर बंगाल की सीएम ममता बनर्जी पर निशाना साधा है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;ममता बनीं मुमताज खान&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;आचार्य सत्येंद्र दास ने भी बंगाल की सीएम पर हमला करते हुए उन्हें ममता नहीं बल्कि मुमताज खान बताया। उन्हने इस घटना को लेकर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि किसी ने उनका सही में नाम मुमताज खान बताया है। ममता अब मुमताज खान बन गई हैं। उनकी दृष्टि सिर्फ मुसलामानों की तरफ है। सत्येंद्र दास ने कहा कि हिंदू जब रामनवमी का जुलूस निकालते हैं तो उनके ऊपर हमला होता है। दुर्गा पूजा का अनुष्ठान और पंडाल लगता है तो उसका विरोध किया जाता है। ये सब वहां पर इसलिए होता है क्योंकि ममता बनर्जी मुख्यमंत्री है। साधुओं पर हमला वहां की सरकार की देन है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;जानिए मामला&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि बंगाल में उत्तर प्रदेश के तीन साधुओं को बेरहमी से पीटा गया है। घटना गुरुवार शाम की है। पुरुलिया ज़िले में गंगासागर जा रहे साधुओं ने किशोर लड़कियों से रास्ते के बारे में पूछा था। जिसके बाद वो चिल्लाने लगी। ये देखकर स्थानीय लोगों ने साधुओं को पकड़ लिया और उनके साथ मारपीट की। उन्होंने उनकी गाड़ी भी तोड़ दी। पुलिस ने किसी तरह तीनों साधुओं को भीड़ से बचाया। बाद में पुलिस ने तीनों को दूसरी गाड़ी की व्यवस्था करके गंगासागर मेला भेजा।&lt;/p&gt;
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